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खाप पंचायत का बड़ा फैसला, भिवानी में अंतरजातीय विवाह को मिली हरी झंडी

भिवानी. झाझड़िया खाप पंचायत ने अंतरजातीय विवाह का निर्णय लिया है। इसके अलावा हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव की मांग करते हुए साथ ही यह भी मांग उठाई है कि कोर्ट मैरिज में माता पिता की सहमति जरूरी हो। नेहरू पार्क में हुई पंचायत की अध्यक्षता खाप के राष्ट्रीय प्रधान राय सिंह झाझड़िया की रही। पंचायत में छह अहम निर्णय लिया गए। वक्ताओं ने कहा पंचायत समाज में सार्थक बदलाव पर काम करेगी। भाईचारा मजबूत करने के लिए मुहिम चलाई जाएगी। पंचायत में हुए निर्णय के बारे में खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष राय सिंह झाझड़िया ने कहा खाप अंतरजीतीय विवाह को मंजूरी देती है। कोर्ट मैरिज होती है तो उसमें माता पिता की सहमति जरूरी हो। हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव की मांग हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव किया जाए। इसके अलावा विकसित भारत जीरामजी योजना का रुपया किसानों ओर मजदूरों को दिया जाए। इस योजना का रुपया गलत हाथों में जा रहा है इस पर रोक लगाई जाए। पंचायत में यह प्रस्ताव किया गया कि पेट्रोल डीजल के एक माह में चार बार रेट बढ़ाए गए हैं इनको तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। सौनाली फौगाट और शिक्षिका मनीषा मौत मामले में सीबीआई जांच की रिपोर्ट सामने लाई जाए। देरी होने से लोगों का भरोसा टूट रहा है। सीबीआई जांच जल्द लोगों के सामने नहीं लाई जाती तो लोग बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और इसके लिए प्रशाासन स्वयं जिम्मेदार होगा। पंचायत में पर्यावरण संरक्षण को लेकर निर्णय लिया गया किया ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। बरगद, नीम, पीपल, त्रिवेणी हर गांंव में लगाए जाएंगे। पंचायत में खाप के राजस्थान प्रधान रामस्वरूप तारानगर, हरियाणा प्रधान प्रीत भैरवी, उप प्रधान सतबीर बारवास, भिवानी के प्रधान बनवारीलाल, प्रताप सिंह नंबरदार, सरपंच जयवीर सिंह, ईश्वर सिंह घिकाड़ा, अमरसिंह, राजेश पहाड़ी, फौजी जयसिंह, सूबेदार रामसिंह, पटवारी रामेहर सिंह, विजय पिलानी अधिवक्ता, सरपंच सतबीर रोहिला, सुरेश कोच, सरपंच धर्मबीर, युवा प्रधान संदीप बरालू आदि मौजूद रहे।

किशोरों के लिए सख्त फैसले: बागपत खाप पंचायत ने स्मार्टफोन और हाफ‑पैंट पर रोक लगाई

बागपत यूपी के बागपत जिले की खाप पंचायत ने किशोरों के लिए स्मार्टफोन और लड़कों‑लड़कियों दोनों के लिए हाफ‑पैंट पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। पंचायत ने इसे पश्चिमी प्रभावऔर सांस्कृतिक मूल्यों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। साथ ही, पंचायत ने शादियों के लिए भी नई गाइडलाइन लागू की हैं। पंचायत की गाइडलाइन के मुताबिक विवाह समारोह केवल गांव या घर में आयोजित होंगे, मैरिज हॉल में नहीं। इसके अलावा अतिथि सूची सीमित होगी और खर्च नियंत्रित रखा जाएगा। अब शादी के निमंत्रण व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाएंगे। वहीं, 18 से 20 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए स्मार्टफोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए हाफ‑पैंट पर रोक होगी। पंचायत का कहना है कि यह कदम पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने और अवांछित प्रथाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। लड़कियों को मोबाइल देने से पड़ सकती हैं गलत आदतें खाप सदस्य चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा, "समाज का निर्णय सर्वोपरि है। राजस्थान में लिए गए फैसले की हम भी सराहना करते हैं। बच्चों को परिवार और बुजुर्गों के साथ बैठकर उचित शिक्षा और सामाजिक मार्गदर्शन मिलना चाहिए। 18-20 साल के लड़कों को फोन की ज़रूरत नहीं है। इस फैसले को बढ़ावा देने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।" वहीं, दगड़ खाप के चौधरी ओमपाल सिंह ने कहा, "लड़कियों को मोबाइल देने से गलत आदतें पड़ सकती हैं। यही नियम लड़कों पर भी लागू होगा। फोन केवल घर में ही रखा जाना चाहिए।" पूरे प्रदेश में फैसला लागू करने चलेगा अभियान स्थानीय निवासी नरेश पाल ने कहा, “यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। स्कूल में मोबाइल अलग है, घर पर इसे नियंत्रित करना जरूरी है। यह फैसला समय पर और उचित है।” पंचायत ने यह निर्णय पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने और अन्य खापों के साथ समन्वय कर राज्यव्यापी अभियान चलाने का भी फैसला किया है। इस कदम के माध्यम से पंचायत पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक अनुशासन को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।