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इंदौर पुलिस का निर्देश: संक्रांति पर बिना मांझा पतंग उड़ाने की अपील

इंदौर  इंदौर में चीनी मांझे की वजह से तीन लोगों की जान जा चुकी है। परेशान पुलिस और प्रशासन ने अब एक अजीब फरमान निकाल दिया है जिससे संक्रांति के पहले व्यापारी और पतंग उड़ाने वाले दोनों अजीब स्थिति में आ गए हैं। फरमान यह है कि आप पतंग तो बेच सकते हैं पर मांझा नहीं बेचना है। शहर के प्रमुख बाजारों में पतंग तो है पर मांझा नहीं है। मांझे की चरखी तो है पर उसमें मांझा नहीं है। इन सबके बीच व्यापारियों का कहना है कि एक दिन की कमाई से ही पूरा घर चलता है पर यह आदेश सालभर की कमाई बर्बाद कर देगा।  क्या है आदेश पुलिस ने प्रमुख पतंग बाजारों में पोस्टर और बैनर लगवाए हैं। इन पर लिखा है कि यहां पर किसी भी तरह का मांझा या धागा नहीं मिलेगा। सिर्फ पतंग ही उपलब्ध है। दुकानदारों को यह आदेश हर दुकान पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ में पुलिस थानों के नंबरों के बैनर और पोस्टर भी लगाए गए हैं। इन पर लिखा है कि कोई भी दुकानदार यदि चाइनीज मांझा बेचते हुए दिखे तो आप तुरंत सूचना दें। आपका नाम गोपनीय रखा जाएगा।  क्यों आया यह फरमान पुलिस और व्यापारियों ने बताया कि कुछ बाजारों में लगातार चाइनीज मांझे के बिकने की जानकारी मिल रही थी। पुलिस के छापे में भी कई बाजारों में चाइनीज मांझे मिले। इसके बाद पुलिस ने इन सभी बाजारों में हर दुकान पर मांझे के बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया।  व्यापारी बोले, धंधा चौपट हो गया व्यापारियों ने कहा कि सालभर का धंधा एक ही दिन में होता है। हम इंदौर से पूरे मप्र में पतंग और धागा भेजते हैं। अचानक से आए इस आदेश ने हमारा धंधा ही चौपट कर दिया है। इसकी वजह से हम बड़ा नुकसान होगा।  कुछ बाजारों में बेचने की अनुमति  पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर के कुछ बाजारों में मांझा बेचने की अनुमति दी गई है। यहां पर पूरे समय पुलिसकर्मी मौजद हैं। उनकी देखरेख में ही मांझा बेचने की अनुमति दी गई है। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने यह निर्णय लिया है।  एक महीने में तीन की जान गई, कई घायल इंदौर में एक महीने के दौरान ही चाइनीज मांझे से तीन लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार पक्षियों के मरने की भी सूचना मिल रही है। इन सब वजहों से चाइनीज मांझे के उपयोग पर सजा तय की गई है।  बेचने और उपयोग करने वाले दोनों पर पुलिस कार्ऱवाई होगी कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि चाइनीज मांझा बेचने और उपयोग करने वाले दोनों ही लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। इंदौर हाईकोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि दोनों पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।    

मकर संक्रांति पर जयपुर में पतंग बिक्री से ₹18 करोड़ का कारोबार

जयपुर. मकर संक्रांति को लेकर बाजार में पतंगों की खरीद-फरोख्त परवान पर है। देर रात तक बाजार में पतंग-मांझा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। पतंग व्यापारियों की मानें तो इस बार डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक पतंगों की बिक्री होने की उम्मीद है। साथ ही मांझा-डोर की चरखी भारी मात्रा में बिकने की भी उम्मीद है। पतंग मार्केट में 18 करोड़ से अधिक के कारोबार होने के अनुमान से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। जयपुर शहर के हांडीपुरा, जगन्नाथशाह का रास्ता, किशनपोल बाजार, चांदपोल बाजार व हल्दियों का रास्ता में पतंगों की 300 से अधिक दुकानें है। जहां सुबह से देर रात तक पतंग और मांझा-डोर के साथ चरखी की खरीदारी हो रही है। मकर संक्रांति के नजदीक आने के साथ ही ग्राहकों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है। पिछले तीन दिन से ग्राहकी एक साथ बढ़ी है। बाजार में इस बार छोटी पतंगों से लेकर 4 फीट की पतंगें बिक रही हैं। परंपरागत चांददारा, गिलासदारा जैसी कई डिजायन की अद्धा, मझौली व पोणी पतंगें अधिक बिक रही हैं। इसके साथ ही पन्नी की लटकन, झालर जैसी फैंसी पतंगें भी ग्राहक खरीद रहे हैं। बीकानेर से फर्रूखाबाद तक के व्यापारी स्थानीय व्यापारियों के साथ बरेली, मुरादाबाद, लखनऊ, फर्रूखाबाद के साथ बीकानेर, सीकर सहित प्रदेश के कई शहरों से कारोबारियों ने यहां आकर पतंगों की दुकानें लगाई है। बीकानेर से आए पतंग व्यापारी असलम खान ने बताया कि वे दो माह पहले ही दुकान लगाने के लिए जयपुर आए हैं। दिसंबर तक होलसेल कारोबार हुआ, अब रिटेल में पतंगें बेच रहे हैं। छुट्टियों ने बढ़ाई रौनक इस बार स्कूलों की छुट्टियां आने और रविवार व शनिवार का अवकाश होने से शहर में मकर संक्रांति से पहले ही खूब पतंगें उड़ रही है। इससे बच्चों और युवाओं का उत्साह है, वहीं बाजार में भी रौनक दिखाई दे रही है। कळपने के सामान की दुकानों में भीड़ मकर संक्रांति पर दान-पुण्य के साथ 14-14 वस्तुएं कळपने का विशेष महत्व है, इसे लेकर बाजार में कळपने के सामानों की दुकानों पर भीड नजर आ रही है। दुकानदारों ने संक्रांति को लेकर 14-14 वस्तुओं के पैकेट बना रखे हैं, जो बाजार में 30 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक बिक रहे हैं। प्लास्टिक के आयटम, सर्दी के ऊनी कपड़े, सुहाग व शृंगार की वस्तुएं अधिक बिक रही हैं। विशिंग लैम्प-पटाखों की बिक्री भी बढ़ी मकर संक्रांति पर विशिंग लैम्प व पटाखों की बिक्री खूब हो रही है। व्यापारियों की मानें तो संक्रांति तक एक करोड़ रुपए से अधिक के विशिंग लैम्प बिकने की उम्मीद है। 600 से 1500 रुपए रोज कमा रहे कारीगर पतंग व मांझा तैयार करने वाले कारीगर इन दिनों 600 से 1500 रुपए रोज कमा रहे हैं। एक पतंग 10 से 15 कारीगरों के हाथों में होकर निकलने के बाद तैयार होती है। इसमें महिलाओं भी पतंग बनाने में सहयोग करती है। वहीं एक कारीगर एक दिन में 12 रील मांझा तैयार कर देता है। इन पतंग बाजारों में भीड़ 1- जगन्नाथशाह का रास्ता (हांडीपुरा)। 2- किशनपोल बाजार। 3- चांदपोल बाजार। 4- हल्दियों का रास्ता। एक नजर… 1- 1500 से अधिक दुकानें है शहर में पतंगों की, 250 से अधिक होलसेल की दुकानें। 2- 2 से 150 रुपए तक की एक पतंग बिक रही बाजार में। 3- 250 से 2000 रुपए तक बिक रहा 3 रील की एक मांझा चरखी। 4- 20 फीसदी महंगी हो गई पतंगें पिछले साल के मुकाबले। (बड़ी दुकानों पर प्रति दुकान एक से डेढ़ लाख तक पतंगें बिक रही)। डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक बिक जाएगी पतंगें जयपुर में पतंगों का मार्केट बढ़ता जा रहा है। इस बार डेढ़ करोड़ से अधिक पतंगें बिक जाएगी। पतंग और मांझे का 18 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। पिछले साल के मुकाबले इस बार ग्राहकी 30 फीसदी बढ़ी है। – संजय गोयल, अध्यक्ष, जयपुर पतंग उद्योग

बिजली लाइनों से दूर पतंग उड़ाने की अपील, सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश

पतंगें बिजली लाइनों से दूर उड़ाने की अपील भोपाल  नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर आने वाले मकर संक्रांति के त्यौहार में बिजली कंपनी ने पतंगबाजी को बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पोल से दूर रखने की अपील की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया कि पतंगों और उनके धागों के कारण बिजली की लाइनों में फॉल्ट हो सकता है, जिससे न केवल विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि हादसे का भी खतरा बना रहता है। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि पतंगों में इस्तेमाल होने वाले धागे और बांस की कीमची, दोनों ही बिजली की लाइनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि पतंगबाजी करते समय सावधानी बरतें और लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पोल से दूर पतंग उड़ाएं, ताकि मकर संक्रांति का त्यौहार सुरक्षित और उल्लासपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि बिजली के तारों या पोल में फंसी पतंग को निकालने का प्रयास न करें। इसके अलावा, गिल्ली डंडे का खेल भी बिजली की लाइनों और डीपी से दूर खेलने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और विद्युत आपूर्ति में कोई बाधा न उत्पन्न हो।