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कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण 15 जनवरी से 15 मार्च तक बंद, जानिए कारण

सीहोर  प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि भारी भीड़ के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुबेरेश्वर धाम में 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। आपात स्थिति के लिए मिनी आईसीयू और एम्बुलेंस की तैनाती भी की जाएगी। 15 जनवरी से 15 मार्च तक नहीं बांटे जाएंगे रुद्राक्ष बैठक में फैसला लिया गया कि कुबेरेश्वर धाम में अगले दो महीनों तक रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंहए आईजी अभय सिंह, कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के साथ कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लाखों लोगों के आने की संभावना अधिकारियों ने कहा कि रुद्राक्ष महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और समिति को मिलकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करनी होंगी। किसी भी तरह की लापरवाही भक्तों की सुरक्षा में बड़ी बाधा बन सकती है। अतः सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। बैठक में एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित सुविधाओं, सेवाओं और पूरी कार्ययोजना का खाका भी पेश किया गया। बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स तैनात करने के निर्देश बैठक में आयोजन समिति को निर्देश दिए गए कि वे पर्याप्त पार्किंग, रास्तों पर दिशा सूचक बोर्ड, भोजन का उचित प्रबंध और बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित करें। मुख्य सड़कों और हाईवे पर जाम से बचने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने, पार्किंग क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटने और वहां से कथा स्थल तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया ताकि अव्यवस्था न फैले। जगह-जगह बोर्ड लगाने के निर्देश प्रशासन ने भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पीने के पानी, साफ-सफाई और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के कड़े निर्देश दिए हैं। मोबाइल नेटवर्क, सूचना प्रसारण सिस्टम और एलईडी स्क्रीन को दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को कथा सुनने और जरूरी जानकारी पाने में कोई दिक्कत न हो। यही नहीं रुद्राक्ष वितरण बंद रहने की जानकारी प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाकर और मीडिया के जरिए पहुंचाई जाए ताकि लोग परेशान न हों। एम्बुलेंस, डॉक्टर और उपचार केंद्र लगाने के निर्देश आयोजन स्थल पर पर्याप्त एम्बुलेंस, डॉक्टर और जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार केंद्र लगाने के निर्देश दिए गए। इमरजेंसी से निपटने के लिए मिनी आईसीयू तैयार रखने और मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।अधिकारियों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ कथा स्थल, पंडाल प्रवेश और निकास द्वारों का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, भोजनशाला और कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया गया। जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए।

कुबेरेश्वरधाम में मकर संक्रांति पर विशेष आयोजन, 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं से बनेगा शिव भोग

सीहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम पर मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी गहन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो प्रकृति, कृषि और आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में बांधता है। कुबेरेश्वरधाम में इस दिन भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है, जो सूर्य के उत्तरायण होने की इस शुभ बेला में भगवान शिव की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित करती है। 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं का विशेष भोग मकर संक्रांति के अवसर पर इस वर्ष कुबेरेश्वरधाम में लगभग 5100 तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। तिल और गुड़ का विशेष महत्व इस पर्व से जुड़ा हुआ है, जो स्वास्थ्य, मधुरता और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। आधुनिक भोजनशाला में इन लड्डुओं के निर्माण की तैयारियां पूरे विधि-विधान और शुद्धता के साथ की जा रही हैं। भोग अर्पित होने के पश्चात इन्हें श्रद्धालुओं में प्रसादी के रूप में वितरित किया जाएगा, जिससे हर भक्त इस पावन पुण्य का सहभागी बन सके। हजारों श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रसादी व्यवस्था धाम पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्तर पर भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई है। तिल-गुड़ के लड्डुओं के साथ-साथ खिचड़ी, नुक्ती, मिठाई और नमकीन भी वितरित की जाएगी। मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यही कारण है कि इस पर्व पर खिचड़ी का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। कुबेरेश्वरधाम में यह परंपरा पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से निभाई जाती है। सेवा कार्यों में जुटे मंदिर पदाधिकारी मंगलवार को मंदिर व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा सहित अन्य सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। व्यवस्थाओं की निगरानी स्वयं समिति के वरिष्ठ सदस्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। सेवा को ही साधना मानकर कार्य कर रहे स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बनता है। पूरा वातावरण “सेवा ही शिव है” की भावना से ओतप्रोत दिखाई देता है। मकर संक्रांति का सांस्कृतिक महत्व विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि मकर संक्रांति देशभर में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और नई फसल की कटाई का प्रतीक है। यही कारण है कि यह त्योहार केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश देता है। कुबेरेश्वरधाम पर इस दिन आस्था के साथ-साथ लोक परंपराओं का भी सुंदर संगम देखने को मिलता है। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों की रूपरेखा मकर संक्रांति के आयोजन के साथ ही विठलेश सेवा समिति द्वारा आगामी रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार किया। कुबेरेश्वरधाम निरंतर धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां मनाए जाने वाले पर्व न केवल श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति जगाते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  

कुबरेश्वर धाम के पास डर्टी वीडियो मामले में प्रदीप मिश्रा का बयान, ‘धाम आएं, होटल में न रुकें

सीहोर  मध्य प्रदेश  के प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम के पास बने एक होटल में वायरल हुए डर्टी वीडियो मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना पर अब कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कथा के दौरान उन्होंने कहा –  “कुबरेश्वर धाम आए हैं, तो किसी होटल में मत जाइए। बाबा कांबेश्वर भंडारी का द्वार खुला है। यहां पार्किंग फ्री, सोने की जगह फ्री, ओढ़ने-बिछाने को सब मिलेगा, खाना भी फ्री मिलेगा। जैसे बेटियां मायके जाती हैं, वैसे ही धाम आएं—बस होटल में न रुकें। राजस्थान से आए कपल का वीडियो बनाकर वायरल किया गया मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान से आए एक कपल ने कुबरेश्वर धाम क्षेत्र के होटल डमरू वाला के कमरे में ठहराव किया था। तभी पास के होटल उपासना पैलेस के एक कर्मचारी ने सामने की खिड़की से कपल का अश्लील वीडियो बना लिया। बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने के बाद उसने इसे अपने दोस्तों को भेज दिया, जिसके बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ केस जब होटल डमरू वाला के मैनेजर को यह वीडियो मिला तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने: चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है आरोपी कर्मचारी वीडियो बनाने वाला बताया जा रहा है पुलिस अब पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है स्थानीय स्तर पर बढ़ी सुरक्षा चर्चा इस घटना के बाद कुबरेश्वर धाम क्षेत्र में होटल सुरक्षा, प्राइवेसी और निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। निजता भंग करने का मामला दर्ज मीडिया में मामला उछलने के बाद पुलिस अब सक्रिय हुई है। मंडी थाना पुलिस ने होटल उपासना पैलेस के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निजता भंग करने, अश्लील सामग्री प्रसारित करने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुबेरेश्वर धाम जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक क्षेत्र में इस तरह की घटना ने पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। होटल में रुकते समय इन बातों का ध्यान रखें      कमरे की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा बंद रखें।     अजनबियों से सावधान रहें, खासकर होटल कर्मचारियों से।     अपने सामान और निजी वस्त्रों को सुरक्षित जगह पर रखें।     अगर कोई संदिग्ध गतिविधि देखी जाए तो तुरंत होटल प्रबंधन या पुलिस से संपर्क करें।     अपने कमरे में कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरणों का ध्यान रखें। यह घटना धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है? इस तरह की घटना ने सिर्फ धार्मिक स्थल की इज्जत को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि सुरक्षा और पर्यटन पर भी सवाल उठा दिए हैं। कुबेरेश्वर धाम, जो एक बहुत ही प्रमुख धार्मिक जगह है। वहां इस तरह की घटना के बाद अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग सोचने लगे हैं कि अगर यहां ऐसा हो सकता है, तो कहीं और क्या होगा? दोस्तों से शेयर किया दंपती का वीडियो सुमित पैरवाल ने वीडियो बनाकर उसे वाट्सएप के जरिए अपने दोस्तों के साथ शेयर किया था। इस वीडियो के प्रसार के बाद होटल प्रबंधक कृष्णपाल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सुमित पैरवाल के साथ-साथ अंकित जाटव और विनोद मालवीय के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इन तीनों को हिरासत में लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ अश्लीलता फैलाने, निजता भंग करने और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में एक और आरोपित कमलेश उर्फ कनक कौशल की तलाश जारी है।

चार नवंबर को कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सजेगा हरि-हर मिलन महोत्सव

सीहोर सीहोर के निकट चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम परिसर में इस वर्ष 4 नवंबर को हरि-हर मिलन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन अत्यंत भव्य रूप में संपन्न होगा। निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में इन दिनों तैयारियों का दौर तेजी पर है। मंच साज-सज्जा, प्रसादी व्यवस्था और भक्तों के ठहरने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हर वर्ग के श्रद्धालु भाग लेते हैं। सुबह से ही बाबा कुबेरेश्वर महादेव की आरती, अभिषेक और भोग लगाने के बाद नि:शुल्क भंडारा आरंभ हो जाता है। भक्तों की भीड़ में उमंग और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर कार्तिक मास में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दीपदान करने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। दीप ज्वलन और दान को इस पवित्र महीने में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इन दिनों चारों ओर जलते दीपक और हरि-हर के जयघोष से मंदिर परिसर अलौकिक आभा से भर उठता है। इस वर्ष भी गुरुदेव के आदेश अनुसार 29 अक्टूबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन हर बार भक्तों के लिए सेवा और समर्पण की प्रेरणा लेकर आता है। भोग प्रसादी के रूप में हजारों श्रद्धालु खाद्यान्न वितरण में सहभागी बनते हैं। यह परंपरा गांव-गांव में संस्कारों का विस्तार करती है। चार नवंबर को होने वाला हरि-हर मिलन उस क्षण का प्रतीक है, जब भगवान विष्णु और भगवान शंकर का आध्यात्मिक मिलन दर्शाया जाता है। यह दृश्य भक्तों को जीवन में एकता, प्रेम और सहअस्तित्व का संदेश देता है। मंदिर के प्रांगण में गूंजते शंखनाद और भजन इस मिलन को दिव्यता के चरम पर पहुंचाते हैं। महोत्सव के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालु यहां अपने परिवार सहित उपस्थित रहेंगे। निरंतर चलने वाले भंडारे, कथा वाचन, मंत्र उच्चारण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। कुबेरेश्वर धाम एक बार फिर जीवंत साक्षी बनेगा उस दिव्य अनुभूति का, जो केवल आस्था से संभव है। 

कुबेरेश्वर धाम हादसे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने मांगा जवाब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सीहोर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ में हुई श्रद्धालुओं की मौत पर मानव अधिकारी आयोग के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रही कुसुम महदेले ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर हमला बोला है। उन्होंने मामले को लेकर सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट किया है।  सीहोर में तीन दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के विधायक सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। एक ओर जहां सरकार ने इस घटनाक्रम पर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा पर कड़ी टिप्पणी की है। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। जानें कुबेरेश्वर धाम का क्या है पूरा मामला…     बुधवार (6 अगस्त) को पंडित प्रदीप मिश्रा के जरिए सीहोर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया।     मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। खबर है कि श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की प्रतिक्रिया पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि इस तरह के आयोजनों से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं और इनसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। महदेले ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के उपाय बढ़ाने चाहिए। कुबेरेश्वर धाम की घटना पर उठ रहे सवाल भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी महदेले के विचार का समर्थन किया और कहा कि धर्म में आडंबर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का उद्देश्य लोगों को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, न कि इस तरह के हंगामों को बढ़ावा देना। पंडित प्रदीप मिश्रा पर हो कार्रवाई पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने ट्वीट कर पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की नसीहत दी है। उन्होंने लिखा- कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद होना चाहिए। सरकार को पंडित प्रदीप मिश्रा पर कार्रवाई करना चाहिए। लोगों को धर्म के प्रति उन्मादी ना बनाएं। उन्होंने सवाल उठाया है कि तुम्हारे रुद्राक्ष बांटने से पुण्य मिल रहा है या हत्याएं हो रही है? कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार सीहोर में कुबरेश्वर धाम पर हुई अव्यवस्था और मौतों पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। कहा- बड़ा आयोजन होता है सरकार जिम्मेदारी की रहती है। कुबेरेश्वर धाम को लेकर व्यवस्था सरकार को करना चाहिए थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्लान तैयार होना था। हादसे का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन है। सरकार को इस घटना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और हादसे ना हो इसको लेकर कदम भी उठाना चाहिए। मंगलवार को भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की हुई मौत मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई थी। उनकी पहचान बुधवार को हुई है। मृतकों के नाम..     जसवंती बेन (उम्र 56 वर्ष) पति चंदू भा, निवासी, ओम नगर राजकोट गुजरात     संगीता गुप्ता (उम्र 48 वर्ष) पति मनोज गुप्ता, निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश बुधवार को इन श्रद्धालुओं की हुई मौत     चतुर सिंह (उम्र 50 वर्ष) पिता भूरा पांचवल, निवासी गुजरात – बताया जा रहा है कि चतुर सिंह की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के पीछे स्थित आनंद होटल के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। वे खड़े-खड़े गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई।     ईश्वर सिंह (उम्र 65 वर्ष) पिता मवासीराम यादव, निवासी, रोहतक हरियाणा – बताया जा रहा है कि ईश्वर सिंह की शाम करीब 4 बजे कुबेरेश्वर धाम में तबीयत बिगड़ गई। वे अचानक चक्कर आने से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।     दिलीप सिंह (उम्र 57 वर्ष) निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ – दिलीप सिंह को बुधवार शाम करीब सवा 7 बजे कुबरेश्वर धाम से जिला अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। गुरुवार को एक श्रद्धालु की गई जान गुरुवार सुबह एक डेड बॉडी जिला अस्पताल लाई गई। सूत्रों के मुताबिक, मृतक का नाम उपेंद्र गुप्ता (22) पिता प्रेम गुप्ता वर्ष निवासी बड़ा टोला, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश है। उपेंद्र को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक के कारण मौत होना बताया गया। ये श्रद्धालु हुए घायल     सुनीता, निवासी हरियाणा – सुनीता नाम की एक महिला कावड़ ले जाते समय भोपाल-इंदौर हाईवे पर गिरने से घायल हो गई।     पूजा सैनी, निवासी मथुरा – कुबेरेश्वर धाम में मथुरा से आई पूजा सैनी नाम की महिला भी गिरने से जख्मी हो गई।     मनीषा, निवासी नागपुर – नागपुर की मनीषा भी अचानक धाम में पास बेहोश हो गई। इन्हें अस्पताल लाया गया है। कुबेरेश्वर धाम की घटना को शॉर्ट में समझें     पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई।     कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप … Read more

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा, शिवकृपा से जीवन में सुख प्राप्त होता है, सभी भगवान एक समान, प्रशासन और पुलिस ने की पूरी तैयारी, तैनात हैं अधिकारी

सीहोर  संपूर्ण ज्योर्तिलिंगों के मध्य देश भर के श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र कुबेरेश्वरधाम है, यहां पर कंकर-कंकर में शंकर है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं भगवान शंकर करते है। पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर एक मात्र पंडाल लगाया था, लेकिन वर्तमान में 10 से अधिक पंडाल और डोम के बाद भी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की कमी नहीं है, यह बड़े-बड़े पंडाल छोटे पड़ गए है। यह सब बाबा का आशीर्वाद और आपका शिव पर किया विश्वास का परिणाम है। उक्त विचार कुबेरेश्वरधाम पर जारी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पांचवें दिवस कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे। धाम के व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत सुबह से ही हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा दी जा रही है और दोपहर एक बजे से ढाई बजे तक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। वहीं पूर्णिमा के पावन अवसर पर 30 क्विंटल से अधिक नुक्ति का वितरण भोजन प्रसादी के साथ किया जाएगा। बुधवार को शिवमहापुराण कथा की शुरुआत पंडित मिश्रा ने हर-हर महादेव, घर-घर महादेव, जन-जन महादेव के उद्घोष से की। लाखों भक्तों के सैलाब को देख कहा शिवकृपा आती है तब हमें जीवन का कोई न कोई सुख प्राप्त होता है। शिव की कृपा उदारता आप और हम पर हुई है। सभी भगवान एक समान हैं, उनमें कोई भेद नहीं है यह एक सामान्य धार्मिक भावना है जो विभिन्न देवी-देवताओं को एक ही परमेश्वर के विभिन्न रूपों के रूप में देखती है। इसका मतलब है कि सभी भगवान, चाहे वे किसी भी नाम या रूप में पूजे जाते हों, एक ही सर्वोच्च शक्ति के विभिन्न पहलू हैं। प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि काशी के हर पत्थर में भगवान शिव का वास है। यह काशी की धार्मिक और आध्यात्मिक महिमा को दर्शाता है। दिवोदास, काशी के एक राजा थे जिन्होंने देवताओं को काशी से निकाल दिया था और स्वयं काशी का शासन संभाला था। राजा दिवोदास के बारे में विस्तार से जारी दी। कुबेरेश्वर धाम में भीड़ बढ़ी तो बदलेगा रास्ता कुबेरेश्वर धाम में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ सकती है। अगर भीड़ बढ़ी तो भोपाल-देवास कॉरीडोर पर रास्ता बदलेगा। कलेक्टर बालागुरु के. ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने पूरी तैयारी की हुई है, यदि अचानक भीड़ बढ़ती है तो उसे डायवर्ड कर या मार्ग को रोक कर समाधान किया जाएगा। फिलहाल भक्तों की संख्या कम ही है। फिर भी वहां प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तैनात हैं। कुबेरेश्वर धाम कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का मुख्य स्थान है। पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर एक मात्र पंडाल लगाया था, लेकिन अभी 10 से अधिक पंडाल और डोम लगाया गया है।

गुरु पूर्णिमा पर 50 हजार श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, कुबेरेश्वर धाम के लिए बदले गए रूट

सीहोर   सीहोर में कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा के दिन 10 जुलाई को यहां 50 हजार से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। अभी यहां शिवमहापुराण कथा चल रही है। चौथे दिन मंगलवार को करीब 25 हजार श्रद्धालु ने शिवमहापुराण की कथा का आनंद उठाया। गुरु पूर्णिमा के दिन भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन और पुलिस की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कथा स्थल पर पुलिस कंट्रोल रूम बनाया। बनाया गया प्लान ए और प्लान बी ट्रैफिक इंचार्ज ब्रजमोहन धाकड़ ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन के लिए पुलिस ने दो प्लान बनाए हैं। हैवी वाहन भोपाल-इंदौर से डायवर्ट किए जाएंगे। यह सभी ब्यावरा होकर निकलेंगे। अब लोकल के लिए प्लान ए, यदि भीड़ कम रही तो हाइवे चालू रहेगा। प्लान बी, यदि भीड़ ज्यादा हुई तो भोपाल से आने वाले वाहन रिसोर्ट चौराहे से होकर इछावर रोड भाऊखेड़ी होते हुए अमलाहा निकलेगा। इंदौर की तरफ से आने वाले वाहन भी इसी रूट से निकलेंगे। पुलिस ने यह भी व्यवस्था रखी है कि ट्रैफिक ज्यादा नहीं हुआ तो हाइवे को वन-वे भी किया जा सकता है। 10 एकड़ क्षेत्र में ठहरने, कथा और भोजन की व्यवस्था महोत्सव के लिए 10 एकड़ क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने, कथा श्रवण और भोजन के लिए वाटरप्रूफ पंडाल बनाए गए हैं, जो धूप और बारिश से बचाव करेंगे। विट्ठलेश सेवा समिति के व्यवस्थापक समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा और मनोज दीक्षित निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे हैं। हजारों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जानकारी के अनुसार, कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार से शुरू हो रहे छह दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है। लाइव प्रसारण होगा, श्रद्धालु गुरु दीक्षा लेंगे कथावाचक पंडित मिश्रा के मार्गदर्शन में होने वाले इस आयोजन का प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे करोड़ों श्रद्धालु गुरु महिमा और ईश्वरीय आस्था के बारे में जान सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु गुरु दीक्षा भी प्राप्त करेंगे। केवल सनातन धर्म, बाकी सब मजहब शिवमहापुराण कथा के दौरान  कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म हमें एक नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने का मार्ग दिखाता है, जो न केवल व्यक्तिगत कल्याण के लिए, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए भी आवश्यक है। सनातन धर्म से लगाव होना चाहिए। पूरे विश्व में धर्म है तो केवल सनातन धर्म है, बाकी सब मजहब है। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा कहती है कि लगाव और विश्वास हमारे जीवन को सार्थक करता है। आपका लगाव किससे है और आपका विश्वास किस पर है, यह आप सुनिश्चित करते है। अगर आपका विश्वास भगवान शिव पर अटूट है तो आपकी संपूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण होगी। हमें हमारे धर्म से लगाव होना चाहिए। सनातन धर्म के अनुसार, जीवन का उद्देश्य आत्मा और परमात्मा को समझना है। यह धर्म, परिवार और समाज के सभी चार पहलुओं को व्यक्ति के आध्यात्मिक पथ के महत्वपूर्ण भागों के रूप में मान्यता देता है। कथा के दौरान करीब 18 किलोमीटर दंडवत कर आने वाले श्रद्धालुओं का मंच पर बुलाकर सम्मान किया गया।