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जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।  

नए सर्किल रेट से यूपी के इस जिले में जमीनें होंगी महंगी, जानें कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें

बदायूं जमीन खरीदने और बेचने वाले सावधान हो जाएं। अगले सप्ताह से नए सर्किल रेट लागू हो रहे हैं। उसके अनुसार जिले की जमीन 15 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। कुछ इलाकों में 18 प्रतिशत तक जमीनों के रेट बढ़ाए गए हैं। इससे उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो नए सर्किल रेट के अनुसार अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं और जो लोग खरीदने के विचार में है, उन्हें 15 प्रतिशत ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। जिला प्रशासन की ओर से पिछले छह माह से जिले की जमीनों का सर्वे चल रहा था। उसके अनुसार जून में नए सर्किल रेट लागू होने थे लेकिन इससे पहले जिन किसानों या जमीन मालिकों की जमीन अधिग्रहण हो चुकी थी। उनका भुगतान भी पूरा नहीं हो पाया था। उनकी जमीनें पुराने सर्किल रेट के अनुसार अधिग्रहण की गईं थीं और उसी के हिसाब से उनका भुगतान हो रहा था। भुगतान न होने की वजह से जिले में नए सर्किल रेट लागू नहीं हो सके थे लेकिन अब उप निबंधक कार्यालय और जिला प्रशासन ने नए सर्किल रेट लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से जिले में नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। जिले भर की जमीनों के 15 से 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ाए गए हैं। अधिकतर जमीनों के 15 प्रतिशत तक ही मूल्य बढ़े हैं जबकि जहां सबसे ज्यादा महंगी जमीन है, वहां पर 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ा दिए गए हैं। इसका फायदा उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा होगा, जो किसी कारण बस अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं। अब उन्हें नए सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का पैसा मिलेगा लेकिन अब उन लोगों के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी जो लोग जमीन खरीदने का विचार बना रहे हैं। उन्हें अब नए सर्किल रेट के अनुसार जमीनों का भुगतान करना पड़ेगा। शहर के आसपास इलाके के लोगों को सबसे ज्यादा होगा लाभ इस समय शहर के आसपास इलाके में ही सबसे ज्यादा जमीन की खरीद फरोक्त हो रही है। शहर के तमाम व्यापारी बाईपास पर जाकर जमीनें तलाश रहे हैं, जिससे उनका कोई ठिकाना बन सके। इसके अलावा मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे, आंवला, बरेली, उझानी, उसहैत, अलापुर मार्गों पर जमीनें तलाशी जा रही हैं। नए सर्किल रेट के लागू होने से इन इलाकों में जमीनें महंगी हो जाएंगी। या फिर जिन इलाकों में सबसे ज्यादा प्लाटिंग चल रही है। वहां के लोगों को लाभ होगा। उन्हें नए सर्किट रेट के अनुसार ही भुगतान प्राप्त होगा।