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मध्य प्रदेश में ओवररेटिंग और कर चोरी पर शिकंजा, शराब की हर बोतल पर लगेगा स्मार्ट होलोग्राम

भोपाल  मध्य प्रदेश में शराब के कारोबार को माफिया के चंगुल और अनियमितताओं से मुक्त करने के लिए आबकारी नीति में डिजिटल का समावेश कर ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली को अनिवार्य कर रहे है। इसके तहत शराब की हर बोतल पर एक ऐसा स्मार्ट यूनिक होलोग्राम लगाया जाएगा, जिससे बोतल की डिस्टिलरी से निकलने से लेकर ग्राहक के हाथ में पहुंचने तक की पूरी यात्रा को ट्रैक (Liqour Bottle Tracking) किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से न केवल नकली शराब और कर चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि सालों से जारी 'ओवररेटिंग' के खेल को भी खत्म किया जा सकेगा। हालांकि क्यूआर कोड और ट्रैकिंग सिस्टम की बातें पिछले साल भी हुई थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर सिस्टम वैसा ही पुराना और मैनुअल बना रहा, जिसका फायदा उठाकर ठेकेदार मनमानी करते रहे। डिस्टिलरी से दुकान तक काम करेगा सिस्टम नई व्यवस्था के तहत वितरण, भंडारण और बिरी की पूरी प्रक्रिया को एक ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। हर बोतल पर लगा होलोग्राम (Smart Hologram), क्यूआर कोड स्कैन करते ही विभाग के सर्वर पर डेटा फ्लैश होगा कि शराब किस डिस्टिलरी में बनी, किस वेयरहाउस से सप्लाई हुई. और किस दुकान से किस समय बेची गई। 18 हजार करोड़ के राजस्व पर नजर प्रदेश में वर्तमान में करीब 3,500 शराब दुकानें संचालित हैं। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 18,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि ऑनलाइन ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सफल रही, तो राजस्व में भारी उछाल आएगा और लीकेज पूरी तरह बंद हो जाएगा। इनका पालन सख्ती से नहीं आबकारी विभाग का पिछला रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी कहता है। वर्ष 2025-26 की नीति में हर दुकान पर पॉइंट ऑफ सेल मशीन अनिवार्य की गई थी ताकि हर बोतल का बिल कटे और डिजिटल रिकॉर्ड रहे। लेकिन एक साल बाद भी यह नियम कागजों से बाहर नहीं निकल सका।  अवैध बिक्री पर लगेगी रोक आबकारी विभाग का फोकस अब पूरी तरह पारदर्शिता पर है। नई व्यवस्था में हर बोतल पर यूनिक होलोग्राम रहेगा, जिससे उसकी पूरी मूवमेंट ट्रैक होगी। इससे अवैध बिक्री, ओवररेटिंग और टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण होगा। उड़नदस्तों को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है। – संदीप शर्मा, उपायुक्त, संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी, आबकारी विभाग

ग्वालियर में फार्म हाउस से पकड़ी गई नकली शराब, महिला सहित 5 आरोपी दबोचे गए

ग्वालियर  ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में आबकारी विभाग ने हाईवे किनारे स्थित दो मंजिला फार्म हाउस में चल रही नकली देशी-विदेशी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। आबकारी विभाग और पुलिल की संयुक्त टीम ने दबिश देकर यहां से लगभग 4 करोड़ रुपये की नकली शराब और 1 करोड़ की मशीनें व सामग्री जब्त की है। इसके साथ ही एक महिला सहित पांच आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें हरियाणा के तस्कर भी शामिल हैं। यह फार्म हाउस ग्वालियर के पुराने कांग्रेस नेता सुरेंद्र तोमर का बताया जा रहा है, जिन्होंने बाद में बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री किराये पर लेकर चलाई जा रही थी। कौन-कौन गिरफ्तार एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में सुनीता जाट, मोहित उर्फ मोनू तोमर, सुमित जाट, प्रीतम जाट और दीपक जाट शामिल हैं। फैक्ट्री से 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटियां रेडी ब्रांड की शराब, 7 लाख रुपए नकद और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ी जब्त की गई है। बताया गया है कि यहां बनने वाली शराब की सप्लाई हरियाणा में की जाती थी। एएसपी ने बताया फार्म हाउस में पुलिस को जो दस्तावेज मिले हैं उनमें 16 अगस्त 2025 से हिसाब मिला है। यह एग्रीमेंट मोहित तोमर, सुरेंद्र तोमर व अमित कुमार के बीच है।इन दस्तावेज में 16 अगस्त से हिसाब मिला है। फैक्ट्री में पकड़ी महिला सुनीता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे डेढ़ माह पहले ही खाना बनाने के लिए लाए थे। यह फार्म हाउस सुरेंद्र तोमर का है। उनके संबंध प्रदेश के सभी प्रमुख दलों से हैं। पहले वह बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़े फिर कांग्रेस में चले गए और अब खुद को भाजपा नेता बताते हैं। उन्होंने अपना रसूख दिखाने के लिए फेसबुक आईडी पर विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जहां नकली शराब पकड़ी गई वहां दीवार पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो लगा रखा था। घाटीगांव हाईवे पर आबकारी विभाग की कार्रवाई में पकड़ी गई अवैध शराब की यह फैक्ट्री बड़े स्तर पर चल रही थी। इस क्षेत्र में आबकारी की टीम पहले भी कंजरों के डेरे पर लगातार कार्रवाई करती रही है, लेकिन यह फैक्ट्री अब तक आबकारी व पुलिस की निगाह में क्यों नहीं आई यह जांच का विषय है।