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नई दुल्हन ने किया परिवार को हैरान, शादी के बाद प्रेमी संग भागी, ससुर की मौत

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना में एक नई नवेली दुल्हन शादी के अलगे दिन अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। आरोप है कि, ससुराल वालों ने उसे तलाशने के लिए जब पुलिस के सामने गुहार लगाई तो यहां भी कार्रवाई के बजाए उन्हें बेइज्जती ही मिली। पुलिस के रवैय्ये से आहत होकर और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते ससुर ने आत्महत्या करने के लिए जहरीला पदार्थ खा लिया। दरअसल, एक शख्स की हाल ही में शादी हुई थी। समारोह में सबकुछ ठीक था। धूमधाम से विवाद हुआ और एक सामान्य ढंग से एक परिवार अपे बहु की विदा कराकर घर ले आया। लेकिन, अगली सुबह दूल्हा समेत पूरे परिवार के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उन्हें पता चला कि, जिस लड़की को बीती रात राजी खुशी विदा कराकर घर लाए हैं, वो अपने प्रेमी संग फरार हो गई। दूल्हें के घर वालों का आरोप दूल्हें के घर वालों ने आरोप लगाया कि, उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन पुलिस ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया। लड़की को ढूंढने के बजाए पुलिस द्वारा उनकी ही बेइज्जती की गई। लम ये है कि, बहू की तलाश के लिए वे बीते दो माह से थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बहु का पुलिस को कहीं पता नहीं चला। थाना प्रभारी पर आरोप ससुराल वालों ने ये भी आरोप लगाया कि, कड़ी मशक्कत के बाद जब उन्हीं लोगों ने बहू को ढूंढा तो उसने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। पोरसा थाना प्रभारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में न्याय मांगने जाने पर उन्हें बेइज्जत किया जाता था। ससुर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के रवैय्ये और सामाजिक शर्म के चलते दूल्हा के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। फिलहाल, उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया गया है। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

परिवार में मचा हड़कंप: 10 महीने बाद फिर भागी सास, इस बार जीजा के साथ

 अलीगढ़  अलीगढ़ की वह सास, जो पिछले साल अपने होने वाले दामाद के साथ भाग गई थी, एक बार फिर चर्चा में है. करीब दस महीने तक दामाद राहुल के साथ बिहार में पति-पत्नी की तरह रहने के बाद अब उसने उसे भी अलविदा कह दिया है. इस बार वह अपने जीजा के साथ भाग गई और जाते-जाते दो लाख रुपये नकद व जेवर भी साथ ले गई. परेशान राहुल शिकायत लेकर अलीगढ़ पहुंचा, लेकिन पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि मामला बिहार का है. रिश्तों की यह उलझी कहानी अब एक नए मोड़ पर खड़ी है.  जब बेटी की शादी से पहले बदल गई कहानी यह पूरा घटनाक्रम अप्रैल 2025 से शुरू होता है. 16 अप्रैल को महिला की बेटी की शादी तय थी. घर में रंगाई-पुताई, रिश्तेदारों की आवाजाही और शादी की तैयारियां जोरों पर थीं. लेकिन शादी से महज 12 दिन पहले ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जिस युवक राहुल से बेटी की शादी होने वाली थी, उसी के साथ सास घर से चली गई. आरोप लगा कि वह घर से लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हुई. परिवार ने तब दावा किया था कि करीब पांच लाख रुपये के जेवर और साढ़े तीन लाख रुपये कैश गायब थे. बेटी ने मीडिया के सामने कहा था, मां घर में दस रुपये भी नहीं छोड़कर गईं. मोबाइल से शुरू हुई नजदीकियां परिवार के मुताबिक, महिला ने राहुल को एक स्मार्टफोन दिलवाया था. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी. पहले शादी की तैयारियों के नाम पर बात होती थी, फिर घंटों-घंटों फोन कॉल चलने लगे. महिला के पति जितेंद्र ने तब आरोप लगाया था कि जब वह शादी की तैयारी के सिलसिले में घर आए तो पता चला कि पत्नी और राहुल के बीच 15-20 घंटे तक फोन पर बातचीत हो रही है. पहले उन्होंने इसे सामान्य माना, लेकिन बाद में शक गहराता गया. भागकर कहां-कहां पहुंचे जब मामला सुर्खियों में आया और पुलिस सक्रिय हुई, तब पता चला कि दोनों अलीगढ़ से कासगंज, फिर बरेली होते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. कुछ दिन वहीं रुके. यहां तक कि नेपाल बॉर्डर जाने की भी योजना बनाई गई थी. राहुल ने बाद में बताया था कि जब उन्होंने मोबाइल चलाया तो देखा कि दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं. हर तरफ चर्चा थी. तब दोनों ने खुद लौटने का फैसला किया. मुजफ्फरपुर से बस पकड़कर वे उत्तर प्रदेश लौटे और अंततः थाना दादों पहुंचकर सरेंडर कर दिया. पुलिस के सामने क्या कहा था थाने में पूछताछ के दौरान सास ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. उसने कहा कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था, अपमानित करता था और अक्सर घर से निकाल देने की धमकी देता था. सास का कहना था कि जब राहुल फोन करता था तो कभी बेटी बात करती थी, कभी वह खुद. इसी बात को लेकर घर में विवाद बढ़ता गया. पति ताने मारते थे अब तो राहुल के साथ ही भाग जाओ. उसने पुलिस के सामने कहा था कि जब हालात असहनीय हो गए तो उसने वही किया जो उसे उस समय ठीक लगा. राहुल ने भी बयान दिया था कि वह महिला को पहले से जानता था और उसके कहने पर ही साथ गया. वह रोती थी, कहती थी कि अब जीने का मन नहीं करता. मुझे लगा कि उसे अकेला छोड़ना ठीक नहीं होगा. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को राहुल के साथ जाने की अनुमति दे दी थी. दस महीने साथ रहने के बाद नया मोड़ करीब दस महीने तक दोनों बिहार में साथ रहे. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. लेकिन हाल ही में राहुल ने आरोप लगाया कि महिला उसे छोड़कर अपने जीजा के साथ चली गई है. राहुल का कहना है कि जाते समय वह दो लाख रुपये नकद और कुछ जेवर भी साथ ले गई. राहुल ने कहा कि मैंने उसके लिए अपना घर छोड़ा, समाज की बातें सुनीं. अब वह मुझे ही छोड़कर चली गई.  शिकायत और पुलिस का जवाब राहुल अलीगढ़ पहुंचा और थाना दादों में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कहा कि कथित घटना बिहार में हुई है, इसलिए वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी. अब राहुल बिहार जाकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है.

‘जा रानी जा…’ – तीन बच्चों की मां की कोर्ट मैरिज में पति खुद बना गवाह, बिहार में अनोखा मामला

 हाजीपुर         बिहार के वैशाली जिले से सामने आई यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. जहां रिश्तों की सीमाएं टूटती हैं, सोशल मीडिया पर प्यार की कहानी लिखी जाती है और अंत में ऐसा मोड़ आता है, जिसे सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं. यह मामला सिर्फ एक शादी या तलाक का नहीं बल्कि उस सच्चाई का आईना है, जिसे समाज अक्सर स्वीकार करने में हिचकता है. रानी कुमारी की जिंदगी भी कभी बिल्कुल आम थी. वर्ष 2011 में उनकी शादी अहिरपुर निवासी कुंदन कुमार से कोर्ट मैरिज के जरिए हुई. कुंदन घर पर ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे. शादी के बाद धीरे-धीरे परिवार बढ़ा और दंपती तीन बच्चों के माता-पिता बने. करीब पांच साल पहले रानी की जिंदगी में कुछ ऐसा हुइा जिसने सब कुछ बदल दिया. फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए उसकी बातचीत अपने ही फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से बढ़ने लगी. शुरुआत पारिवारिक हालचाल से हुई, फिर पुराने किस्से, फिर लंबी बातचीत और देखते-देखते भावनाएं गहराने लगीं. मोबाइल की छोटी-सी स्क्रीन पर शब्दों ने वह जगह बना ली, जो शायद रिश्तों में खाली होती जा रही थी. गोबिंद रानी की बातें सुनते थे, उन्हें समझता था कम से कम रानी को ऐसा महसूस होने लगा. यही एहसास धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. जब घर बार-बार छूटने लगा इस रिश्ते का असर जल्द ही रानी के व्यवहार में दिखने लगा. वह कई बार पति और बच्चों को छोड़कर गोबिंद के पास चली गई. दो-तीन साल पहले वह अचानक घर से गायब हो गई थी. काफी प्रयासों के बाद उसे वापस लाया गया. उस समय कुंदन कुमार काम के सिलसिले में जम्मू में रहने लगा, लेकिन रानी वहां भी टिक नहीं पाईं. डेढ़ महीने पहले भी वही कहानी दोहराई गई. कुंदन जम्मू से उन्हें वापस आया, बच्चों का वास्ता दिया, परिवार की दुहाई दी लेकिन हर बार की तरह रानी का मन कहीं और था.  कुंदन का टूटना और एक अनोखा फैसला बार-बार पत्नी का घर छोड़ना, बच्चों का सवाल, समाज की बातें. इन सबके बीच कुंदन कुमार भीतर से टूट गया. वह समझ गया कि जबरदस्ती किसी को साथ नहीं रखा जा सकता. एक दिन उन्होंने वह फैसला लिया, जिसे सुनकर लोग आज भी हैरान हैं. कुंदन ने रानी से साफ कह दिया अगर तुम्हारी खुशी गोबिंद के साथ है, तो मैं तुम्हें रोकूंगा नहीं. कुंदन ने न तो हंगामा किया, न ही कानूनी लड़ाई चुनी. उल्टा,  रानी और गोबिंद की कोर्ट मैरिज कराने का जिम्मा खुद उठा लिया. कोर्ट मैरिज और पति बना गवाह वैशाली कोर्ट में जब रानी कुमारी और गोबिंद कुमार ने शादी के कागजात पर हस्ताक्षर किए, तो वहां मौजूद लोगों के लिए सबसे चौंकाने वाला सीन था पति कुंदन कुमार का गवाह बनकर खड़ा होना. वही कुंदन, जिनके साथ रानी ने 14 साल पहले सात फेरे नहीं, बल्कि कोर्ट मैरिज की थी, आज उसी महिला को दूसरे पति के साथ विदा कर रहा था. कुंदन ने कहा कि वह अब थक चुका है. उन्होंने बच्चों के लिए खुद को मजबूत किया और रानी को आजाद कर दिया.  गोबिंद का भरोसा और नई उम्मीद शादी के बाद गोबिंद कुमार ने भरोसा जताया कि रानी अब उन्हें छोड़कर वापस नहीं जाएंगी. उन्होंने बताया कि दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत होती रही है और हाल ही में फोन पर हुई बात के बाद उन्होंने साथ रहने का अंतिम निर्णय लिया. गोबिंद का मानना है कि अब सब कुछ साफ है. कोई छुपाव नहीं, कोई अधूरा रिश्ता नहीं. वह इसे एक नई शुरुआत मानते हैं. रानी की बात: मैं खुश नहीं थी रानी कुमारी ने भी अपना पक्ष रखा. साफ कहा कि वह पहले पति के साथ खुश नहीं थीं. उनके अनुसार कुंदन के साथ रहना उनके लिए मानसिक रूप से तकलीफदेह था. यह भी स्पष्ट किया कि उनके तीनों बच्चे कुंदन के साथ ही रहेंगे और वह इस फैसले से संतुष्ट हैं. रानी का कहना है कि गोबिंद के साथ उन्हें समझ और अपनापन मिला, जिसकी कमी वह अपने वैवाहिक जीवन में महसूस कर रही थीं.

सगाई से पहले उठा बवाल! दुल्हन के पिता भागे दूल्हे की मां के साथ, दोनों परिवारों में मचा हंगामा

उज्जैन  उज्जैन जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक अधेड़ व्यक्ति और उसकी होने वाली समधन के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने अपने परिवारों को छोड़कर साथ रहने का फैसला किया है। यह मामला तब सामने आया जब सगाई की तैयारियां चल रही थीं और दुल्हन का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा 8 दिन बाद हुआ जब पुलिस ने महिला को खोज निकाला और फिर अधेड़ को भी पकड़ा गया। अब दोनों परिवार को छोड़कर साथ रहने पर अड़ गए हैं। अधेड़ उम्र में प्यार यह मामला युवाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि अधेड़ उम्र के लोगों के बीच पनपा है। एक व्यक्ति अपनी बेटी के लिए दामाद देखने गया था, लेकिन इस दौरान उसकी मुलाकात दूल्हे की मां से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। जो लोग कभी रिश्ते में समधी-समधन बनने वाले थे, वे अब खुद को पति-पत्नी बता रहे हैं। सगाई तय होने के बाद भागे दोनों दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा भी काफी नाटकीय ढंग से हुआ। लड़का और लड़की देखने के बाद जब शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी और सगाई तय हो गई थी, उसी बीच लड़की का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। इस घटना के आठ दिन बाद दोनों के बारे में पता चला। पुलिस ने गुरुवार को महिला को खोज निकाला, जिसके बाद अधेड़ व्यक्ति को भी पकड़ा गया। 8 दिन पहले लापता हुई महिला जानकारी के अनुसार, बड़नगर रोड स्थित ऊंटवासा गांव की 45 वर्षीय महिला आठ दिन पहले बड़नगर से लापता हो गई थी। महिला के बेटे ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। खोजबीन के दौरान गुरुवार को महिला चिकली गांव में मिली। महिला को थाने लाकर पूछताछ की गई, जहां यह पता चला कि महिला के बड़े बेटे की शादी चिकली गांव के 50 वर्षीय किसान की बेटी से तय हुई थी। घर में चल रही थीं तैयारियां दोनों परिवारों में सगाई की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान दूल्हे की मां और दुल्हन के पिता के बीच प्रेम संबंध हो गए। इस वजह से बच्चों की सगाई से पहले ही एक-दूसरे के होने वाले समधी-समधन एक साथ भाग गए। वहीं, अधेड़ किसान अपनी महिला के मिलने के बाद परिवार ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह अपने प्रेमी किसान के साथ जाने पर अड़ गई।  

77 दिन की मोहब्बत और फिर त्रासदी, कानपुर में लव मैरिज के बाद पति-पत्नी की मौत

कानपुर  कानपुर शहर के नौबस्ता इलाके से ऐसी खबर सामने आई जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया. मोहब्बत की कसम खाकर, परिवार की रजामंदी से निकाह करने वाला एक प्रेमी-प्रेमिका का रिश्ता महज़ 77 दिन ही चल पाया. निकाह के ढाई महीने बाद ही पति और पत्नी एक ही दुपट्टे के सहारे फंदे से झूलते मिले. घटना इतनी अचानक और रहस्यमय थी कि परिवारजन, पड़ोसी और पुलिस सभी हैरान रह गए. बाजार से लौटे और मौत को गले लगाया घटना मंगलवार दोपहर की है. मोहम्मद सईद का बेटा साजिद अपनी पत्नी सोफिया को लेकर पास के बाजार गया था. दोनों सामान्य दिख रहे थे, न हंसी-खुशी में कोई कमी और न ही किसी तरह का झगड़ा. आधे घंटे में दोनों घर लौट आए. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि बाजार से घर लौटने के बाद वे जीवन से विदा लेने का मन बना चुके हैं. थोड़ी ही देर बाद जब घर का दरवाज़ा खोला गया तो वहां का नज़ारा देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. ऊपर कमरे में साजिद और सोफिया, एक ही दुपट्टे में फंदा लगाकर झूल रहे थे. दोनों को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घरवालों में चीख-पुकार मच गई और आस-पड़ोस में सन्नाटा पसर गया. परिवार की रजामंदी से हुआ था निकाह मामले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि साजिद और सोफिया का रिश्ता परिवार की रज़ामंदी से ही तय हुआ था. मोहम्मद सईद के छह बेटों में साजिद चौथे नंबर पर था. मोहल्ले में ही रहने वाली सोफिया से उसका लंबे समय से प्रेम संबंध था. सोफिया अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी. दोनों की मोहब्बत को देखते हुए परिवारों ने विरोध करने के बजाय उनका साथ दिया. 17 जून को दोनों ने पूरे रीति-रिवाज और गवाहों की मौजूदगी में निकाह किया. निकाह की दावत में दोनों परिवारों के लोग शामिल हुए. यही वजह थी कि किसी को कभी शक नहीं हुआ कि यह रिश्ता इतनी जल्दी त्रासदी में बदल जाएगा. परिजन भी हैरान घटना के बाद दोनों परिवार पूरी तरह से सदमे में हैं. सोफिया के पिता ने रोते हुए कहा, हमने तो अपनी बेटी की खुशियों के लिए उसकी पसंद को अपनाया. किसी तरह की कोई मनमुटाव की बात हमारे सामने कभी नहीं आई. वहीं साजिद के पिता मोहम्मद सईद ने बताया,साजिद हमेशा खुश दिखता था. हमने कभी नहीं सोचा था कि वो ऐसा कदम उठा लेगा. क्या बाजार से खरीदी थी दवा पड़ोसियों का कहना है कि घटना से आधा घंटा पहले ही दोनों बाजार गए थे. शक जताया जा रहा है कि संभव है वहां से दोनों ने कोई सुसाइड की दवा खरीदी हो. हालांकि, यह केवल अनुमान है. इस पर अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है. पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही नौबस्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शुरू में परिवारजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस ने समझाया कि जांच के लिए यह जरूरी है. दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. डीसीपी साउथ डीएन चौधरी ने बताया, साजिद और सोफिया ने ढाई महीने पहले प्रेम विवाह किया था. वे परिवार के साथ ही रह रहे थे. फिलहाल यह मामला सुसाइड का ही प्रतीत हो रहा है. मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी. मोहल्ले में पसरा मातम इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है. पड़ोसियों का कहना है कि साजिद और सोफिया बहुत अच्छे स्वभाव के थे. दोनों अक्सर साथ दिखाई देते थे. किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि इतनी मोहब्बत करने वाला यह जोड़ा जिंदगी से हार मान लेगा. सवालों के घेरे में वजह इस दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक साथ जीवन खत्म करने का फैसला ले लिया? क्या कोई मानसिक दबाव था, या कोई ऐसा राज था जिसे वे बता नहीं पा रहे थे? परिजन और पुलिस दोनों ही इस रहस्य से अनजान हैं. समाजशास्त्रियों का मानना है कि कभी-कभी प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों से बड़ा तनाव जन्म ले लेता है, जो भीतर ही भीतर इंसान को तोड़ देता है. मोहब्बत की ऐसी दास्तां, जिसने सबको रुला दिया साजिद और सोफिया की कहानी इस बात की गवाह है कि मोहब्बत का रिश्ता जितना खूबसूरत होता है, उतना ही नाज़ुक भी. जिनके लिए दोनों परिवारों ने अपने दरवाजे खोले, जिन्होंने अपनी पसंद के साथी को पाया, वही जोड़ा आज मौत को गले लगाकर सबको दर्द दे गया. 

हिंदू प्रेमियों के लिए अपना धर्म छोड़ा, रुखसाना और जास्मीन की नई पहचान

लखीमपुर खीरी  यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में दो मुस्लिम बहनों ने हिंदू लड़कों से मंदिर में शादी रचा ली. हिंदू रीति-रिवाज से जास्मीन और रुखसाना बानो स्थानीय लड़कों रामप्रवेश और सर्वेश के साथ शादी के बंधन में बंध गईं. इनके बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. नाम बदलकर रुखसाना अब रूबी और जास्मीन चांदनी बन गई हैं. ये शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.  दरअसल, सोमवार को पड़ुआ थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में दो मुस्लिम बहनें जास्मीन और रुखसाना बानो अपने प्रेमियों के घर पहुंच गईं. वे दोनों रविवार देर रात से वहीं मौजूद थीं और शादी की जिद पर अड़ी थीं. दोनों का गांव के ही एक ही परिवार के दो लड़कों- रामप्रवेश और सर्वेश से प्रेम संबंध था. दोनों बहनें बालिग हैं, जिसकी पुष्टि उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों से हुई.  जानकारी के मुताबिक, रविवार की देर रात दोनों बहनें अपने घर से चुपचाप निकलीं और सीधे रामप्रवेश और सर्वेश के घर पहुंच गईं. उनके अचानक पहुंचने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई. गांव वाले और परिवार के लोग हैरान थे कि आखिर ये कैसे हुआ. खबर फैलते ही दोनों परिवारों में हलचल मच गई और लोग इस मामले को सुलझाने के लिए इकट्ठा हुए. गांव में तनाव का माहौल बन गया था, लेकिन दोनों बहनें अपने फैसले पर अडिग थीं.  सोमवार सुबह इस मामले को सुलझाने के लिए गांव के बुजुर्गों ने पंचायत बुलाई. सभी चाहते थे कि दोनों परिवारों के बीच कोई सहमति बन जाए, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका. क्योंकि, दोनों बहनें अपनी बात पर अड़ी रहीं कि वे अपने प्रेमियों से ही शादी करेंगी. उनकी जिद के सामने पंचायत भी नाकाम रही. जब उनकी उम्र की जांच की गई तो शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर पता चला कि दोनों बहनें बालिग हैं.  जब पंचायत में कोई बात नहीं बनी, तो दोनों बहनों और उनके प्रेमियों की खुशी के लिए हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराने का फैसला लिया गया. जास्मीन और रुखसाना ने अपना धर्म छोड़कर अपने प्यार को चुना. इस फैसले ने न सिर्फ दोनों परिवारों को बल्कि पूरे गांव को चौंका दिया है. 

घर से भगाई गई नाबालिग हिंदू लड़की बरामद, सैनुल पर जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह की साजिश का आरोप

देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया में हिन्दू नाबालिग लड़की को उसके घर से भगाने के मामले में पुलिस ने सैनुल को गिरफ्तार करते हुए लड़की को बरामद कर लिया है. आपको बता दें कि थाना गौरीबाजार क्षेत्र का रहने वाला अन्य समुदाय का युवक सैनुल अपने ही गांव की हाईस्कूल की छात्रा को 27 जुलाई को भगा ले गया था. इसमें पुलिस केस दर्ज कर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसकी तलाश कर रही थी. बताया जा रहा है कि इसकी आखिरी लोकेशन झांसी में मिली थी. आरोपी गुजरात में प्राइवेट काम कर चुका है आशंका जताई जा रही है कि लड़की को यह गुजरात भी ले गया होगा. लड़की के घर वाले धर्म परिवर्तन व शादी की आशंका जता रहे थे. फिलहाल गौरीबाजार पुलिस की मानें तो गौरीबाजार के देवगांव के पास मंदिर से इसकी गिरफ्तारी कर लड़की की बरामदगी की गई है. सी ओ रुद्रपुर हरिराम यादव ने बताया कि थाना गौरीबाजार देवरिया में दिनांक 28.07.2025 को महिला अपराध से संबंधित मु0अ0सं0 342/2025 पंजीकृत किया गया था, जिसमें अपहृता की बरामदगी के लिये टीम का गठन किया गया था, जिसमें अपहृता की सकुशल बरामदगी कर ली गयी है . साथ ही अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है. आपको बता दें कि गौरीबाजार थाना क्षेत्र में एक हफ्ते में दो अलग अलग क्षेत्रो में अन्य समुदाय के युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को भगाया गया. पहला मामला 24 जुलाई को हुआ जो CCTV में कैद हुआ था. समीर अंसारी, हिन्दू नाबालिग लड़की को बुर्का पहना कर ले जाता दिखाई पड़ा था. इसे पुलिस ने गौरीबाजार से ही 4 दिन पूर्व गिरफ्तार कर लिया था लेकिन सूत्रों की मानें तो इसकी लोकेशन नेपाल के बुटवल में मिली थी. इन दोनों मामलों को लव जिहाद से जोड़ते हुए देवरिया सदर भाजपा विधायक शलभ मणि ने DGP को चिट्ठी लिखी थी जिसके बाद पुलिस की जांच पड़ताल तेज हुई और अब दोनों समीर और सैनुल सलाखों के पीछे है.