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MPCA में महाआर्यमन सिंधिया का दबदबा, निर्विरोध अध्यक्ष घोषित

इंदौर  मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) की कमान अब सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के हाथों में आ गई है. 29 साल की उम्र में महानार्यमन सिंधिया ने एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालकर नया इतिहास रच दिया है. पदभार ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री और पूर्व अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित एमपीसीए के तमाम सदस्य मौजूद रहे. MPCA के चुनाव में महानआर्यमन को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है. इसे पहले 37 वर्ष की उम्र में माधवराव सिंधिया MPCA के अध्यक्ष बने थे. उनके बाद 35 वर्ष की उम्र में उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमान संभाली. अब कमान सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी संभालेगी. माधवराव सिंधिया ने 37 साल की उम्र में संभाला पद माधवराव सिंधिया ने 37 साल की उम्र में जब MPCA अध्यक्ष का पद संभाला था, तब वे अपने वक्त के एक सक्रिय और दूरदर्शी नेता के रूप में जाने जाते थे. उन्होंने मध्य प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई. उनके बाद उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस जिम्मेदारी को संभाला और अपने सक्रिय नेतृत्व से संगठन को नई दिशा दी.अब महानआर्यमन सिंधिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए 29 वर्ष की कम उम्र में MPCA अध्यक्ष बनकर अपने परिवार के गौरव को और बढ़ाया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर 26 की उम्र में बने अध्यक्ष देश में सबसे युवा प्रदेश क्रिकेट संगठन अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर थे, जिन्होंने मात्र 26 वर्ष की उम्र में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का पद संभाला था. उन्होंने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ की अध्यक्षता करते हुए खेल को नए आयाम दिए. उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने बेहतर परिणाम हासिल किए और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. इससे पहले गोवा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल फड़के सबसे युवा माने जाते थे. वे 32 वर्ष की उम्र में यह पद संभाल रहे थे, उन्होंने इस पद पर रहते हुए गोवा में क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाई. अब महानआर्यमन सिंधिया 29 वर्ष की उम्र में यह मुकाम हासिल कर चुके हैं. इससे यह साफ जाहिर होता है कि भारतीय क्रिकेट संगठन में युवा नेतृत्व को अब अधिक अवसर मिल रहे हैं. अब महानआर्यमन सिंधिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए 29 वर्ष की कम उम्र में MPCA अध्यक्ष बनकर अपने परिवार के गौरव को और बढ़ाया है. उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि युवा नेतृत्व के लिए रास्ते खोलने की जरूरत है ताकि देश के खेल और खिलाड़ियों को बेहतर मौका मिल सके. अनुराग ठाकुर का नाम भी इस लिस्ट में महत्वपूर्ण है, जो अपने समय में देश के सबसे युवा प्रदेश क्रिकेट अध्यक्ष थे. उन्होंने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ की अध्यक्षता करते हुए खेल को नए आयाम दिए. उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने बेहतर परिणाम हासिल किए और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. विपुल फड़के भी गोवा क्रिकेट एसोसिएशन के सबसे युवा अध्यक्ष माने जाते थे. 32 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस पद पर रहते हुए गोवा में क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाई. लेकिन अब महानआर्यमन सिंधिया ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर सिंधिया परिवार का यह लगातार तीसरा दौर है. इससे यह भी पता चलता है कि परिवार में क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि और प्रतिबद्धता है. महानआर्यमन सिंधिया के नेतृत्व में MPCA से मध्य प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को नए अवसर मिलेंगे और राज्य का क्रिकेट विकास और भी मजबूत होगा. युवा और ऊर्जा से भरपूर महानआर्यमन सिंधिया ने क्रिकेट संगठन में नए तरीके से सुधार और विकास की उम्मीद जगाई है. उनकी कम उम्र और आधुनिक सोच से MPCA के कार्यों में नई जान आएगी. इससे मध्य प्रदेश के क्रिकेट के स्तर में सुधार होगा और प्रदेश से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभर कर आएंगे. इस तरह, भारत में क्रिकेट संगठन के नेतृत्व में युवा नेताओं की भागीदारी बढ़ रही है, जो देश के खेल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कारण बनेगी. महानआर्यमन सिंधिया की यह उपलब्धि न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है. तीसरी पीढ़ी को मिली कमान आपको बता दें कि, क्रिकेट प्रशासन में सिंधिया परिवार का दशकों से दबदबा रहा है। सिंधिया परिवार का क्रिकेट की राजनीति से नाता तीन पीढ़ियों से है। स्वर्गीय माधवराव सिंधिया एमपीसीए की कमान संभाल चुके हैं। जबकि, महाआर्यमन से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस पद की कमान संभाल चुके हैं। ऐसे में अब युवा नेतृत्व को इसकी कमान सौंपी गई है। महाआर्यमन बने सबसे युवा अध्यक्ष, दादा-पिता का रिकॉर्ड तोड़ा महाआर्यमन सिंधिया 29 साल की उम्र में एमपीसीए के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने अपने दादा स्व. माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस मामले में पीछे छोड़ा है। अब तक एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम था। लेकिन, ज्योतिरादित्य 35 साल की उम्र में अध्यक्ष बने थे। वहीं स्व. माधवराव सिंधिया ने 37 साल की आयु में पहली बार एमपीसीए के अध्यक्ष बने थे। गौरतलब है कि वर्तमान में महाआर्यमन सिंधिया जीडीसीए के उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश क्रिकेट प्रीमियर के चेयरमैन बने हैं।

महाआर्यमन सिंधिया की ताजपोशी तय, MPCA अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुने जाने के आसार

भोपाल मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अगला अध्यक्ष कौन होगा। दो सितंबर को इसके लिए वोटिंग है। इस रेस में सबसे आगे महाआर्यमन सिंधिया चल रहे हैं। उनके नाम सामने आते ही यह संभावना जताई जा रही है कि क्या वे निर्विरोध अध्यक्ष बन जाएंगे। क्योंकि उनके पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी में है। कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनकी पुरानी अदावत भी खत्म हो गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि महाआर्यमन सिंधिया निर्विरोध एमपीसीए के अध्यक्ष बन सकते हैं। संजय जगदाले का गुट भी कई महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल कर सकता है। अभी अभिलाष खांडेकर हैं अध्यक्ष दरअसल, एमपी क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभी अभिलाष खांडेकर हैं। उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार महाआर्यमन सिंधिया को इसके लिए नामित करने की तैयारी चल रही है। अभी महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर क्रिकेट डिवीजन के उपाध्यक्ष हैं। एमपी प्रीमियर लीग की शुरुआत की महाआर्यमन सिंधिया ने दो साल पहले ग्वालियर में एमपी प्रीमियर लीग सिंधिया कप की शुरुआत की थी। इसमें उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखाई है। साथ ही यह लीग सफल रही है। एक सीनियर क्रिकेटर ने कहा कि लीग के जरिए महाआर्यमन सिंधिया ने दिखा दिया है कि महाआर्यमन में बड़ी जिम्मेदारियां लेने की क्षमता है। विरोधी गुटों को भी साधने की तैयारी वहीं, पहले इस लीग को इंदौर में आयोजित करने की प्लानिंग थी। लेकिन बाद में ग्वालियर में हुआ। सूत्रों ने बताया है कि एसोसिएशन के चुनाव में संजय जगदाले और कैलाश विजयवर्गीय गुट के सदस्यों को भी अहम पद मिल सकते हैं। ताकि उनदोनों को भी साधा जा सके। इंदौर में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन वहीं, चुनाव से पहले, एसोसिएशन के आठ डिवीजनों के अधिकारी सोमवार को इंदौर में MPCA पुरस्कार समारोह के लिए पहुंचे। एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूंकि सभी लोग इंदौर में थे, इसलिए चुनाव से पहले मिलने का यह एक अच्छा मौका था। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक यह साफ है कि अध्यक्ष पद के लिए एक नाम तय हो गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रह चुके हैं अध्यक्ष गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पिता माधवराव सिंधिया भी पहले MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तो बिना विरोध के होने की उम्मीद है। लेकिन सचिव पद के लिए मुकाबला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, जगदाले गुट का कोई सदस्य इस पद के लिए चुना जा सकता है।