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संजय दत्त ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में टेका माथा, भस्म आरती में हुए शामिल

उज्जैन,  बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता संजय दत्त ने गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने प्रसिद्ध भस्म आरती में हिस्सा लेकर भगवान शिव से आशीर्वाद लिया। मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर संजय दत्त ने पूरे विधि-विधान से आरती देखी और भगवान महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। मंदिर में पहुंचे संजय दत्त का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेते दिख रहे हैं। मंदिर में दर्शन के बाद संजय दत्त ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया। मैं कई सालों से यहां आने की कोशिश कर रहा था। मैं आज यहां आकर और भस्म आरती देखने का अवसर पाकर बेहद खुश हूं।” उन्होंने कहा, “मैंने यहां दिव्य ऊर्जा को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया। मेरी कामना है कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद सब पर बना रहे।” महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर उज्जैन शहर में स्थित है, जिसे भारत के प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू है, यानी यह शिवलिंग खुद धरती से प्रकट हुआ है। यह अन्य ज्योतिर्लिंगों से इस मायने में अलग है कि यहां शिव की ऊर्जा भीतर से ही उत्पन्न होती है, जबकि अन्य जगहों पर शिवलिंग की स्थापना विधिवत मंत्रों और पूजा-पाठ से की जाती है। महाकालेश्वर मंदिर की सबसे खास और प्रसिद्ध पूजा ‘भस्म आरती’ मानी जाती है, जो हर दिन सुबह विशेष तरीके से की जाती है। मध्य प्रदेश में कुल दो ज्योतिर्लिंग हैं, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दोनों ही स्थल शिव भक्तों के लिए अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माने जाते हैं। फिल्मों की बात करें तो संजय दत्त हाल ही में रिलीज हुई एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘बागी 4’ में नजर आए थे। इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ, सोनम बाजवा और हरनाज संधू ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म को ए. हर्षा ने निर्देशित किया है और यह 2013 की तमिल फिल्म ‘ऐंथु ऐंथु ऐंथु’ का रीमेक मानी जा रही है। संजय दत्त ने इस फिल्म में एक अहम किरदार निभाया। अब वे जल्द ही ‘धुरंधर’ नामक एक जासूसी एक्शन थ्रिलर फिल्म में नजर आएंगे। इस फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, निर्देशित और सह-निर्मित किया है। इसमें संजय दत्त के साथ रणवीर सिंह, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना जैसे कई बड़े सितारे शामिल हैं। फिल्म की कहानी एक गुप्त एजेंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो देश की सुरक्षा, राजनीतिक साजिशों और निजी संघर्षों से जूझता है।  

श्रावण समापन पर महाकाल के दरबार में आस्था का सागर, भस्म आरती में जुटे हजारों भक्त

उज्जैन श्रावण मास का अंतिम सोमवार… और श्री महाकालेश्वर की अलौकिक भस्म आरती। आज उज्जैन की प्राचीन नगरी फिर से हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी । सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब महाकाल की भस्म आरती प्रारंभ हुई, तो मंदिर प्रांगण में एक अद्भुत, दिव्य वातावरण बन गया। हजारों श्रद्धालु, दूर-दराज से आए भक्त, होठों पर भोले का नाम, आँखों में भक्ति का नूर और दिल में एक ही कामना आज महाकाल की भस्म आरती का साक्षात् दर्शन हो जाए।आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 1 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई। भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन देंगे। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल रहेंगे। इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे। महाकाल की आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की जागृति है। जब भस्म से श्री महाकाल का श्रृंगार होता है, तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति स्वयं शिव में लीन हो रही हो। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक रही कि मंदिर प्रबंधन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। ऑनलाइन दर्शन की सुविधा के साथ, मंदिर के विभिन्न हिस्सों में LED स्क्रीन पर भी आरती का सीधा प्रसारण किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाएं बिहार से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा — “20 सालों से ये आरती लाइव देख रहा था, लेकिन आज जीवन सफल हो गया जब साक्षात महाकाल को भस्म में लिपटे देखा।”