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महाकुंभ वायरल गर्ल और फरमान की तलाश में केरल में छापा, एमपी पुलिस कर रही है जांच

 खरगोन मध्य प्रदेश की रहने वाली महाकुंभ वायरल गर्ल और फरमान की शादी देशभर में चर्चा में बनी हुई है। वायरल गर्ल नाबालिग होने की खबरों के बाद एमपी पुलिस एक्टिव है। बताया जा रहा है कि पीड़िता और आरोपी फरमान गायब हैं। पुलिस उन्हें ढूंढ़ती हुई केरल पहुंच गई है। वहां जगह-जगह छापामारी कर दोनों को तलाशा जा रहा है। केरल में सबूत जुटा रही पुलिस ​महाकुंभ वायरल गर्ल और फरमान की शादी के मामले में खरगोन एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यही टीम जांच के लिए आज केरल पहुंच गई है। 4 सदस्यीय इस टीम में एक थाना प्रभारी, एक सब-इंस्पेक्टर, एक महिला सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हैं। जानकारी मिल रही है कि टीम ने कई जगह छापामारी की है। जहां से पुलिस सबूत जुटा रही है। केरल के स्थानीय थाने की पुलिस के साथ मिलकर मध्य प्रदेश पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। शादी के बाद हुई थी नाबालिग होने की पुष्टि बता दें कि​ शादी के बाद वायरल गर्ल के नाबालिग होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ही एमपी पुलिस के पास खरगोन थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। FIR दर्ज होने के बाद से ही केरल की स्थानीय पुलिस के साथ ही एमपी पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय हो गई। लेकिन अब तक वायरल गर्ल और फरमान नहीं मिल सके हैं। एमपी पुलिस का कहना है कि आरोपी फरमान की तलाश और पीड़िता की बरामदगी के लिए विभाग ने अब हर स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। पिता के खिलाफ जाकर मुस्लिम बॉयफ्रेंड से की थी शादी बता दें कि वायरल गर्ल केरल में एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान उसकी मुलाकात फरमान खान से हुई थी। इस बीच दोनों दोनों करीब आए और यह करीबी प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। बता दें कि दोनों की शादी को लेकर पिता ने भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वे दोनों के रिश्ते से नाराज थे और शादी के सख्त खिलाफ थे। उनका कहना था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड से शादी उनकी मर्जी के खिलाफ जाकर की थी। फरमान ने शेयर किया वीडियो, भाग गई वायरल गर्ल, बड़ा खुलासा बता दें कि इन दिनों फरमान खान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पोस्ट में फरमान नजर आ रहा है। वह वीडियो में कह रहा है कि शादी के कुछ दिन बाद ही वायरल गर्ल उसे छोड़कर भाग गई। वह कह रहा है कि वह राजस्थान के पुष्कर में आया हूं, उसे ढूंढ़ रहा हूं।

रामानंदाचार्य सम्प्रदाय के तत्वावधान में ‘जीवनदान महाकुंभ 2026’ रक्तदान शिविर”

रामानंदाचार्य सम्प्रदाय के तत्वावधान में 'जीवनदान महाकुंभ 2026' रक्तदान शिविर" जीवनदान महाकुंभ 2026 भोपाल  जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी महाराज की पावन प्रेरणा से रामानंदाचार्य सम्प्रदाय भक्त सेवा मंडल, भोपाल द्वारा “जीवनदान महाकुंभ 2026” के अंतर्गत एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह रक्तदान शिविर रविवार, 18 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से  हेव- भारतीय मजदूर संघ कार्यालय, जुम्मे भवन, महात्मा गांधी चौराहा, भेल, भोपाल में आयोजित होगा। शिविर का आयोजन हेव-भारतीय मजदूर संघ, बीएचईएल भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों ने शहर के सभी स्वस्थ नागरिकों से अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में सहभागिता कर रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में सहयोग करें।

उज्जैन महाकुंभ में पहली बार AI का कमाल, यूपी की विशेषज्ञ टीम संभालेगी मोर्चा

उज्जैन  साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ आस्था का सुपर हाईटेक मेला होने वाला है। जिसकी तैयारियां पुलिस महकमे द्वारा अभी से ही शुरू कर दी गई है। सबसे खास बात यह है कि सिंहस्थ मेले का पूरा क्राउड मैनेजमेंट ही एआइ तकनीक के जरिए किया जाएगा। भीड़ प्रबंधन के लिए एआई इनेबल कैमरा, आरएफआईडी रिस्टबैंड, ड्रोन सर्विलांस और मोबाइल एप ट्रैकिंग जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। सिंहस्थ महाकुंभ मेला में पहली बार साइबर मॉनिटरिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। साइबर यूनिट डिजिटल माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों से लेकर ऑनलाइन ठगी की कोशिशों पर नियंत्रण का काम करेंगी। साथ ही इस यूनिट द्वारा सोशल मीडिया कंटेंट और डिजिटल गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। वहीं मोबाइल नेटवर्क बाधित नहीं हो इसके लिए अस्थायी मोबाइल टॉवर, हाई- स्पीड डेटा कनेक्टिविटी की योजना गई है। यूपी का दल जल्द आएगा उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर यूपी का एक दल जल्द उज्जैन का दौरा करने वाला है। जिसके दौरे में प्रबंधन की बारीकियां समझी जाएंगी। दल में वह अधिकारी शामिल होंगे जिन्होंने प्रयागराज महाकुंभ मेले में महत्वपूर्ण जिमेदारियां निभाई है। बता दें, इससे पहले डीजीपी कैलाश मकवाना ने भी अधिकारियों की बैठक लेकर महाकुंभ में तकनीकी मदद लेने पर जोर दिया था।