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महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में, 15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां

मुंबई  महाराष्ट्र के लिए महिंद्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा अब महाराष्ट्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने जा रही है. कंपनी ने नागपुर में कार और ट्रैक्टर के लिए अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट पर अगले दस साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. महिंद्रा का ये इन्वेस्टमेंट विदर्भ इलाके की तस्वीर बदल देगा. क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. महिंद्रा ने इस तगड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान एडवांटेज विदर्भ (Advantage Vidarbha) कार्यक्रम के दौरान की. यह तीन दिन का आयोजन विदर्भ को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करने के लिए किया गया था. इस मौके पर कंपनी ने साफ किया कि यह प्लांट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अहम साबित होगा. 1500 एकड़ में बनेगा मेगा प्लांट नागपुर के पास बनने वाला यह नया प्लांट करीब 1,500 एकड़ में फैला होगा. इसके साथ ही संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार किया जाएगा. साल 2028 से इस फैक्ट्री में ऑपरेशन शुरू होने की योजना है. यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा कारें और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनेंगे. इसके बाद यह महिंद्रा की भारत में सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बन जाएगी. इस प्लांट में महिंद्रा के नेक्स्ट जेनरेशन के वाहन प्लेटफॉर्म जैसे NU_IQ आर्किटेक्चर को सपोर्ट किया जाएगा. यहां पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन किया जाएगा. ये गाड़ियां घरेलू बाजार के साथ साथ दुनिया भर के बाजारों के लिए भी बनाई जाएंगी. इसके लिए फैक्ट्री में आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे. महाराष्ट्र में और जमीन खरीदेगी कंपनी महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी. कंपनी इगतपुरी नासिक एरिया में भी जमीन खरीदेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके. साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी बिजनेस को भी मजबूत किया जाएगा. कुल मिलाकर महिंद्रा महाराष्ट्र में तीन जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन लेने की योजना बना रही है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि, "महिंद्रा का यह निवेश राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल और प्रगतिशील नीतियों पर भरोसे का संकेत है. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और विदर्भ व आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा. साथ ही महाराष्ट्र देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा." महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि, "यह प्लांट कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग जर्नी में एक बड़ा कदम है. यह फैसिलिटी मॉडर्न कार और ट्रैक्टर बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उन्होंने कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के टार्गेट को और मजबूत करेगा.

जनवरी 2026 अपडेट: महिंद्रा की तीन SUVs थार, थार रॉक्स और XUV 3XO हुई महंगी

मुंबई  जनवरी 2026 की शुरुआत महिंद्रा SUV खरीदने वालों के लिए झटका लेकर आई है। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एक साथ अपनी तीन पॉपुलर SUVs—महिंद्रा थार, थार रॉक्स और XUV 3XO—की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी की ओर से नई एक्स-शोरूम कीमतें 17 जनवरी 2026 से लागू कर दी गई हैं। इस बढ़ोतरी का असर एंट्री लेवल से लेकर टॉप वैरिएंट तक साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। महिंद्रा थार हुई महंगी ऑफ-रोडिंग के शौकीनों की पसंद महिंद्रा थार अब पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत पर मिलेगी। कंपनी ने इसके बेस वैरिएंट को छोड़कर बाकी सभी 2026 वैरिएंट्स की कीमतों में करीब 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि, थार की शुरुआती कीमत अभी भी 9.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) पर बरकरार रखी गई है, लेकिन टॉप वैरिएंट की कीमत अब बढ़कर 17.19 लाख रुपये तक पहुंच गई है। अलग-अलग इंजन और ट्रांसमिशन विकल्पों में यह बढ़ोतरी करीब 1 से 1.6 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है, जिससे यह साफ है कि महिंद्रा ने पूरे लाइनअप में एक समान असर डाला है। थार रॉक्स की कीमतों में भी इजाफा महिंद्रा थार रॉक्स, जिसे कंपनी ने ज्यादा प्रीमियम और पावरफुल विकल्प के तौर पर पेश किया है, वह भी इस बार महंगाई से नहीं बच पाई। जनवरी 2026 में थार रॉक्स की कीमतों में करीब 21 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। सबसे ज्यादा इजाफा 2.2 लीटर टर्बो डीजल ऑटोमैटिक 4WD वैरिएंट में देखा गया है। नई कीमतों के बाद थार रॉक्स की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 12.39 लाख रुपये हो गई है, जबकि इसका टॉप वैरिएंट अब 22.25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। प्रतिशत के लिहाज से यह बढ़ोतरी लगभग 1 प्रतिशत के आसपास है, लेकिन कीमत के स्तर पर इसका असर खरीदारों की जेब पर साफ पड़ेगा। XUV 3XO भी हुई महंगी महिंद्रा की कॉम्पैक्ट SUV XUV 3XO की कीमतों में भी जनवरी 2026 में संशोधन किया गया है। कंपनी ने इसके अलग-अलग वैरिएंट्स पर करीब 17 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। सबसे ज्यादा इजाफा डीजल इंजन वाले टॉप वैरिएंट्स में देखने को मिला है। नई कीमतों के बाद XUV 3XO की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 7.37 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि इसका टॉप वैरिएंट अब 14.55 लाख रुपये तक पहुंच गया है। पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन विकल्पों में यह बढ़ोतरी लगभग 1 से 1.3 प्रतिशत के बीच रही है। एक साथ बढ़ी कीमतों का क्या मतलब? महिंद्रा की इन तीनों SUVs की कीमतों में एक साथ हुई बढ़ोतरी से साफ संकेत मिलता है कि कंपनी बढ़ती लागत और बाजार स्थितियों को संतुलित करने की कोशिश कर रही है। चाहे दमदार ऑफ-रोड SUV थार हो, ज्यादा प्रीमियम थार रॉक्स या फिर फैमिली-फ्रेंडली XUV 3XO—तीनों ही मॉडल अब पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत पर मिलेंगे। ऐसे में जो ग्राहक इन SUVs को खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए नई कीमतें जानना और बजट दोबारा तय करना जरूरी हो गया है।

ऑटो सेक्टर में सुस्ती जारी: मारुति-हुंडई की गिरावट के बीच एक ब्रांड ने मारी बाज़ी

मुंबई  सितंबर में जिन ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सबसे ज्यादा कार बेचीं उसका डेटा सामने आ गया है। हर बार की तरह एक बार फिर पिछले महीने मारुति सुजुकी देश की नंबर-1 कार कंपनी रही। हालांकि, उसे अगस्त की तुलना में गिरावट का सामना करना पड़ा। चौंकाने वाली बात ये है कि GST 2.0 से छोटी कारों की कीमतें घटने के बाद भी कंपनी की गिरावट देखनी पड़ी। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स ने कमाल के सेल्स आंकड़ों के साथ दूसरी पोजीशन पर वापसी की। कंपनी ने महिंद्रा और हुंडई को काफी पीछे छोड़ दिया। खास बात ये है कि टॉप-6 की लिस्ट में टाटा एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिस मंथली बेसिस पर ग्रोथ मिली। टॉप कार सेल्स कंपनी सितंबर 2025 कंपनी अगस्त 2025 सितंबर 2025 चेंज % MoM मारुति सुजुकी 1,30,242 1,22,785 -5.77 टाटा मोटर्स 37,988 40,068 5.44 महिंद्रा 42,253 37,451 -11.37 हुंडई 45,686 35,470 -22.34 टोयोटा 26,453 20,051 -24.23 किआ 18,793 16,540 -12 सितंबर में टॉप कंपनियों की सेल्स की बात करें तो मारुति सुजुकी ने अगस्त में 1,30,242 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 1,22,785 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.77% की मंथली डिग्रोथ मिली। टाटा मोटर्स ने अगस्त में 37,988 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा बढ़कर 40,068 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.44% की मंथली ग्रोथ मिली। महिंद्रा ने अगस्त में 42,253 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 37,451 कारों पर आ गया। यानी इसे 11.37% की मंथली डिग्रोथ मिली। हुंडई ने अगस्त में 45,686 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 35,470 कारों पर आ गया। यानी इसे 22.34% की मंथली डिग्रोथ मिली। टोयोटा ने अगस्त में 26,453 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 20,051 कारों पर आ गया। यानी इसे 24.23% की मंथली डिग्रोथ मिली। किआ ने अगस्त में 18,793 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 16,540 कारों पर आ गया। यानी इसे 12% की मंथली डिग्रोथ मिली। यानी टाटा एकमात्र ऐसी कार रही जिसे मासिक आधार पर ग्रोथ मिली।