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छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का अभियान तेज, ई-केवाईसी में रायगढ़ जिला रहा अव्वल

रायपुर. महतारी वंदन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य रायगढ़ जिले में तेज गति से पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक तथा वीएलई की संयुक्त टीम घर-घर पहुंचकर उन महिलाओं का ई-केवाईसी कर रही है, जो वृद्धावस्था, बीमारी या दिव्यांगता के कारण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। अभियान के अंतर्गत सेक्टरवार और ग्रामवार सूची तैयार कर शेष हितग्राहियों की पहचान की गई है। टीम दस्तावेज सत्यापन के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रही है, जिससे किसी भी पात्र महिला के योजना से वंचित रहने की संभावना समाप्त हो रही है। रानीसागर खड़ियापारा क्षेत्र में विशेष अभियान के दौरान तीन अस्वस्थ महिलाओं के घर पहुंचकर ई-केवाईसी कराया गया, जिनमें दो मामलों में प्रक्रिया सफल रही, जबकि एक प्रकरण तकनीकी कारणों से लंबित है। गौरतलब है कि रायगढ़ जिले ने महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी अभियान में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार जिले ने 96.47 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर लिया है, जबकि विभागीय आंकड़ों के अनुसार यह प्रगति लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है।

महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के लिए अलर्ट: 30 जून तक ई-केवाईसी जरूरी, चॉइस सेंटर पर हो रहा अपडेट

भिलाई नगर. महतारी वंदन योजना के तहत जिन महिलाओं के खाते में राशि आ रही हो या नहीं आ रही हो अब सभी महिलाओं को 30 जून के पहले ई-केवाईसी करना अनिवार्य हो गया है। उक्त कार्य की जिम्मेदारी चॉइस सेंटर को दी है। 3 अप्रैल से इस कार्य की शुरुआत कर दी गई है। इस कार्य की मॉनिटरिंग कार्यालय परियोजना अधिकारी को सूची एवं आईडी दी गई है, जिसके तहत जिस महिलाओं के ऑनलाइन के दौरान किसी भी तरह की हुई त्रुटि सुधार के लिए बाल विकास परियोजना में जाकर सुधार किया जा सकता है। इस योजना को शुरू करने के दौरान भिलाई नगर निगम में ऑनलाइन के कार्य किए गए हैं। दिन रात कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्य में कई त्रुटियां हुई है। अब उन त्रुटियों के सुधार के साथ-साथ जिस महिला को योजना का लाभ दिया जाना है। उस महिला तक शासन की योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी भी पुष्टि शासन स्तर पर की जा रही है। 30 जून तक की समय सीमा 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की जाती है, तो लाभार्थी की अगली किश्त रोक दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 3 अप्रैल से इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया है।