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धमकियों से बढ़ी सुरक्षा चिंता: मजीठिया केस में विदेशी कॉल्स का खुलासा

चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को विदेशी नंबरों से धमकियां मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, जिस दिन शंभू के पास रेलवे लाइन पर ब्लास्ट की घटना हुई, उसी दिन मजीठिया को एक विदेशी नंबर से धमकी भरा काॅल आया। काॅल करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि उनका भी जल्द इसी तरह का हाल किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, मजीठिया को इस प्रकार की धमकियां लगातार मिल रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन उल्लेखनीय है कि मजीठिया की सुरक्षा का मामला फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और इस पर सुनवाई जारी है। ऐसे में ताजा धमकियों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। समय-समय पर खुफिया एजेंसी आईबी (आईबी) की ओर से भी इनपुट दिए जाते रहे हैं, जिनमें मजीठिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका जताई गई है। मजीठिया की जान को खतरे का इनपुट इन इनपुट्स में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान किए जाने की जरूरत है। इसके बावजूद पिछले वर्ष उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी, जिसके बाद से यह मुद्दा लगातार उठता रहा है। मौजूदा हालात में विदेशी नंबरों से मिल रही ताजा धमकियों ने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में पुलिस के उच्च अधिकारियों को पहले ही सूचित किया जा चुका है, ताकि स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

पंजाब में कानून व्यवस्था पर मजीठिया का वार—जवान मारे जा रहे, प्री-वेडिंग में तैनात पुलिस

चंडीगढ़ शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं और सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि एक ओर पंजाब के गुरदासपुर जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई, लेकिन पंजाब पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया और घटना किन परिस्थितियों में हुई। सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। बता दें कि गुरदासपुर के बॉर्डर इलाके में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर, दोरांगला पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मरने वालों में होमगार्ड जवान अशोक कुमार (अखलासपुर के रहने वाले) और एएसआई गुरनाम सिंह (गादड़ियां के रहने वाले) शामिल हैं।  दूसरी ओर, उन्होंने आरोप लगाया कि बटाला मार्केट कमेटी के नवनियुक्त चेयरमैन इंजीनियर मानिक मेहता के प्री-वेडिंग शूट में कथित तौर पर पंजाब पुलिस के मौजूदा जवानों को तैनात किया गया। मजीठिया ने सवाल उठाया कि क्या राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की यही स्थिति रह गई है कि पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था संभालने के बजाय निजी समारोहों में लगाया जा रहा है? उन्होंने पुलिस के अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि क्या साथी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय पुलिस बल को प्री-वेडिंग शूट के लिए तैनात करना उचित है। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि क्या उनके प्री-वेडिंग समारोह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण हैं। मजीठिया ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है, जब पुलिस के जवानों का कथित तौर पर प्री-वेडिंग शूट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मार्केट कमेटी के चेयरमैन मानिक मेहता और वीडियो शूट में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की।