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एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देकर ही चीन की चुनौतियों का सामना कर पायेगें : मंत्री काश्यप

पाञ्चजन्य के अभ्युदय मध्यप्रदेश, इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में की सहभागिता भोपाल विकसित भारत और विकसित मध्यपप्रदेश बनाने में एमएसएमई सेक्टर की महती भूमिका होगी। इसी सेक्टर से हम चीन की चुनौतियों का सफलता पूर्वक सामना कर पायेगें। पुरातन काल में भी छोटे-कुटीर उद्योगों के कारण ही भारत सोने की चिडि़या कहलाता था। इसी को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले दो वर्षो में कई महत्ववपूर्ण कदम उठाये है, जिनके सकारात्मकक परिणाम भी आने लगे है। नई नीतियां बनाई गई है, जिनमें निवेशकों और नवउद्यमियों को अनुदान सहायता से लेकर अन्य कई तरह की रियायतें दी गई है। समागम में आर्गनाइजर के वरिष्ठ सहायक संपादक निशांत कुमार और उद्यमियों के सवालों के जवाब में एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने उक्त बातें कही। मंत्री काश्यप सोमवार को कुशाभऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पाञ्चजन्य के अभ्युदय मध्यप्रदेश कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे थे। मंत्री काश्यप ने भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये मध्यप्रदेश में अनेक नवाचार किये जा रहे हैं, जिनका अनुसरण दूसरे राज्यय भी कर रहे है। ग्लो बल इन्वेस्टर्स समिट के साथ-साथ रीजनल इंडस्ट्रीरयल कॉन्लेकर व किये गये। इनमें स्था नीय उद्यमियों के साथ-साथ बड़े उद्यगपतियों को बुलाकर उनके अनुभव साझा कराये गये। रीजनल कॉन्क्लेव का एक उद्देश्य औद्योगिकरण का विस्तार प्रदेश के आदिवासी बहुल दूर-दराज इलाकों में भी हो सके। शहडोल, मंडला, डिंडोरी, अलीराजपुर के साथ-साथ बुंदेलखण्ड क्षेत्र में भी औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही नहीं प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी ठोस काम कर उसे स्थारयित्व देने के प्रयास हो रहे है। प्रदेश के लगभग एक लाख से अधिक स्वसहायता समूहों को चिन्हित कर उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, उन्हें तकनीकि सहायता भी दी जा रही है। उद्योगों में महिलाओं को 48 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उनकी सुविधा के लिये फ्लेटेड इंडस्ट्रीयल क्षेत्र निर्मित किये जा रहे है। एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय समावेशिता बढ़ाने के लिये क्रेडिट गारंटी का विस्तारीकरण किया जा रहा है। बैंकिग सिस्टम को आधुनिक तकनीक से समृद्ध कर सरल और व्यवहारिक बनाया जा रहा है, जिससे उद्यमियों को कर्ज लेने में आसानी हो। एआई को हम चुनौती के बजाय अवसर मानकर उसका लाभ उठाने की दिशा में काम कर रहे है। एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री काश्यप ने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के बंद होने का प्रतिशत बहुत कम है। पिछले समय में बंद हुए उद्योगों को पुन: प्रारंभ करने के लिये उद्यमियों को हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल समिट में प्राप्त 30 लाख करोड़ रूपयों के निवेश प्रस्तावों में से 8 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर आ गये है। इनका या तो भूमि-पूजन हो चुका है या फिर उद्घाटन।  

नव वर्ष पर मंत्री काश्यप ने दी शुभकामनाएं

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की मंगल कामनाएं और बधाई दी है। मंत्री श्री काश्यप ने प्रदेश वासियों के सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मंत्री श्री काश्यप ने नववर्ष के शुभकामना संदेश में नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि आगामी वर्ष में मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन में कीर्तिमान स्थापित होगा तथा बड़ी संख्या में उद्योग लगेंगे। 

विकसित भारत की परिकल्पना को एमएसएमई करेगा साकार : मंत्री काश्यप

विकास और सेवा के 2 वर्ष-पत्रकारों से रू-ब-रू हुए मंत्री श्री काश्यप भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना के तहत सर्वांगीण विकास में एमएसएमई विभाग निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से विकास और सेवा के 2 वर्ष पर संवाद करते हुए विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्षों में किए जाने वाले कार्यों और विकसित भारत के संकल्प की जानकारी दी। मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि एमएसएमई को 5 हजार करोड़ की प्रोत्साहन सहायता के साथ ही 30 नवीन निजी क्लस्टरों और 22 नवीन Common Facility Center (CFC) की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 6 हजार से अधिक विकसित औद्योगिक भू-खंड उपलब्ध कराना, 100 औद्योगिक क्षेत्रों में CETP की स्थापना, औद्योगिक क्षेत्र विहीन 81 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र का विकास, वर्तमान 6,000+ स्टार्टअप की संख्या को दोगुना यानि 12,000+ करना, 100 नवीन इन्क्युबेशन सेंटर की स्थापना, 1.5 लाख + स्व-सहायता समूहों का उद्यम पोर्टल अंतर्गत फार्मलाईजेशन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन में सब्सिडी युक्त प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस की स्थापना, GI टैगिंग के लिए 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर कराना, स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30 हजार उद्यमियों को लाभान्वित कराना और इंदौर और जबलपुर की टेस्टिंग लैब का उन्नयन किए जाने का लक्ष्य है। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विकसित भारत@2047 के लिए1 करोड़ उद्यम पंजीकृत और एमएसएमई स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा। एमएसएमई द्वारा 2 करोड़ रोजगार सृजन करना, एमएसएमई के माध्यम से ₹61,256 करोड़ का निवेश प्राप्त करना। 25 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई बनाना। 200+ एमएसएमई को एसएमई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड करना जैसे कदम उठाए जाऐंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बतया कि वर्तमान अधिसूचित 207 औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाकर 1,000 करना। राज्य क्लस्टर योजना के अंतर्गत विकसित निजी क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर 150 करना। 10,000 हरित ऊर्जा वाले एमएसएमई की स्थापना। 50,000 से अधिक DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बनाना। 7,000 उत्पादन-आधारित स्टार्टअप स्थापित करना। स्व-रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2046-47 में 3.90 लाख व्यक्ति और 1,00,000 जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई स्थापित करने के लिए प्रयास करना शामिल है। एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विभाग ने पिछले दिनों कई नवाचार किए हैं। औद्योगिक भू-खण्डों का आवंटन एवं प्रोत्साहन राशि के वितरण के लिए फेसलेस सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया विकसित की गयी। भू-खण्डों का आवंटन एवं सहायता/सुविधा की स्वीकृति के लिए प्रत्येक चरण की समय सीमा का निर्धारण किया और CFC के लिये भूमि आवंटन नियम में Amenities के रूप में भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। शार्क टैंक इंडिया टीम के साथ अगस्त 2025 में स्टार्टअप्स के लिए देश में पहला विशेष कार्यक्रम किया गया तथा प्रथम बार गोविंदपुरा में बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का विकास किया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि प्रदेश में 21.63 लाख पंजीकृत MSME हैं, जिनमें 4.50 लाख विनिर्माण इकाइयां लगभग 36 लाख रोजगार सृजित करती हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 6000+ DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 3,000+ महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप, 72 इनक्यूबेटर तथा ₹100 करोड़ रूपये का समर्पित फंड शामिल हैं। प्रदेश में 181 संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में 4,000+ हेक्टेयर भूमि तथा 2,100 से अधिक हेक्टेयर अविकसित शासकीय भूमि रियायती दरों पर उपलब्ध है। विभाग द्वारा प्रदेश में शासकीय भूमि के साथ-साथ निजी क्षेत्र के सहयोग से औद्योगिक क्षेत्रों का निरंतर विकास करते हुए निवेशकों को भू-खण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि राज्य की केंद्रीय स्थिति, देश के 50 प्रतिशत बाजार तक सहज पहुंच, 8 हवाई अड्डे, 5 लाख किमी सड़क नेटवर्क तथा कांडला एवं JNPT बंदरगाहों की निकटता ने इसे भविष्य के लॉजिस्टिक्स व मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है। 24×7 बिजली आपूर्ति, 1,000 MCM से अधिक जल आपूर्ति, राष्ट्रीय महत्व के शैक्षणिक संस्थान, ग्लोबल स्किल्स पार्क (भोपाल) एवं MSME टेक्नोलॉजी सेंटर कुशल कार्यबल सुनिश्चित करते हैं। मजबूत MSME आधार, तेज़ी से विस्तारित स्टार्टअप ईकोसिस्टम, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उदार नीतिगत समर्थन के साथ मध्यप्रदेश दीर्घकालिक विकास की तलाश करने वाले उद्योगों के लिए भरोसेमंद औद्योगिक गंतव्य बन चुका है। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विगत 2 वर्षों में कुल 4,865 इकाइयों को ऑनलाइन सिंगल क्लिक से 3,118.44 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। वर्ष 2019 से लंबित समस्त देयताओं का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। औद्योगिक अधोसंरचना का विकास अंतर्गत्‍14 औद्योगिक क्षेत्रों (1,296 भूखंड) का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। 41 औद्योगिक क्षेत्र (3,353 भूखंड) विकासाधीन, 26 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों (2,606 भूखंड) की स्वीकृति सहित औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को 1,240 भू-खण्ड उपलब्ध कराए गए। 2019 से 2024 तक कुल 805 भूखंडों का आवंटन हुआ। उन्होंने बताया कि निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों (1,423 भूखंड) में से 12 का विकासकार्य पूर्ण (583 भूखंड) पूर्ण हुआ है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश और औद्योगिक विकास के पथ पर लगातार अग्रसर-एमएसएमई मंत्री काश्यप

2047 तक मध्यप्रदेश की जीडीपी 15 लाख करोड़ से 250 लाख करोड़ ले जाने का लक्ष्य मध्यप्रदेश में निवेश और उद्योगों के प्रति देश और दुनिया के उद्योगपतियों में आकर्षण भोपाल एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है और देश विदेश के निवेशक मध्यप्रदेश के प्रति आकृषित हुए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक प्रदेश की जी डी पी 15 लाख करोड़ से 250 लाख करोड़ तक ले जाने का है।विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किया है—प्रदेश को एक संतुलित, समावेशी और आत्मनिर्भर औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना, जहां युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले, एमएसएमई सशक्त हों और निवेशकों को भरोसेमंद माहौल प्राप्त हो। इसी विज़न के साथ सरकार ने आगामी तीन वर्षों का मिशन तय किया है, जो अधोसंरचना, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश और नवाचार पर केंद्रित है। विधानसभा के विशेष सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने सरकार की उपलब्धियों, आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना और मिशन 2047 की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को केवल नीतियों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे ज़मीन पर परिणामों में बदला गया है। पिछले दो वर्षों में निवेश और औद्योगिक विश्वास की मजबूती सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है। फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश आज निवेशकों के लिए भरोसे, स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टि वाला राज्य बन चुका है। इसके साथ-साथ रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट कॉनक्लेव (RISE), सेक्टर-विशिष्ट संवाद और देश-विदेश में आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों और वैश्विक निवेशकों को सीधे संवाद का अवसर मिला। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश को लगभग 30.77 लाख करोड़ रु. के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 8.57 लाख करोड़ रु. के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं निवेश प्रोत्साहन की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और निवेश अनुकूल 18 नई नीतियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि निवेश केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि समयबद्ध रूप से उत्पादन और रोजगार में परिवर्तित हो। आगामी तीन वर्षों का मिशन : अधोसंरचना, गति और विश्वास सरकार की आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना अधोसंरचना विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर आधारित है। वर्ष 2029 तक 35 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, एक्सप्रेस-वे और कॉरिडोर आधारित औद्योगिक नोड्स का विकास, डीएमआईसी के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी फेस-2 और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को गति देना इस मिशन का प्रमुख हिस्सा है। लॉजिस्टिक्स को सशक्त बनाने के लिए नए कार्गो टर्मिनल और इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जाएंगे। प्लग-एंड-प्ले पार्क और रेडी-टू-यूज़ शेड्स के माध्यम से उद्योगों की त्वरित स्थापना सुनिश्चित की जाएगी। सभी G2B सेवाओं को पूरी तरह पेपरलेस करते हुए सिंगल विंडो सिस्टम Invest 3.0 के माध्यम से निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं दी जा रही हैं। मिशन 2047 : संतुलित और औद्योगिक अर्थव्यवस्था की दिशा में मिशन 2047 के तहत मध्यप्रदेश को कृषि आधारित मजबूती के साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित वृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उद्योग क्षेत्र के योगदान को सशक्त करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को अधिक मूल्य संवर्धन, निर्यात और व्यापक रोजगार सृजन से जोड़ने का लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य है कि 2047 तक सेवा और उद्योग क्षेत्र का योगदान लगभग 75 प्रतिशत तक पहुंचे। नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन टेक, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे सनराइज सेक्टर्स में निवेश आकर्षित किया जाएगा। आईटी पार्क, साइबर सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन और लेदर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ रही हैं। रोजगार, एमएसएमई और उद्यमिता पर फोकस मुख्यमंत्री के विज़न का केंद्र रोजगार सृजन है। औद्योगिक कॉरिडोर, मेगा निवेश परियोजनाएं और एमएसएमई आधारित विकास के माध्यम से लाखों युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। एमएसएमई नीति, स्टार्टअप नीति और उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आगामी वर्षों में एमएसएमई के जरिए बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की ओर निर्णायक कदम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास को केवल आंकड़ों की उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के सशक्त माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रहा है। आगामी तीन वर्ष प्रदेश के लिए निर्णायक सिद्ध होंगे, जिनमें अधोसंरचना, निवेश, नवाचार और रोजगार को एक साथ जोड़ते हुए मिशन 2047 की ठोस नींव रखी जा रही है।  

एमएसएमई मंत्री काश्यप ने कहा- खिलाड़ी भारतीय खेलों को बढ़ावा दें

भोपाल एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने रविवार को विद्या भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अ.भा. जूडो, कुश्ती और कुराश प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। प्रतियोगिता सरस्वती विद्या मंदिर शारदा विहार भोपाल में हुई। श्री काश्यप क्रीड़ा भारती के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। मंत्री श्री काश्यप ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों की सराहना की और आह्वान किया कि वे भारत के परंपरागत खेलों को बढ़ावा दें। उन्होंने खेलों का महत्व बताते हुए कहा कि खेलों से स्वस्थ शरीर बनता है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। खेलों से व्यक्तित्व का विकास होता है, इसलिए खेलना आवश्यक है। इसमें 22 राज्यों के 1100 खिलाड़ियों ने अपने प्रतिभा कौशल का प्रदर्शन किया। स्पर्धा के विजेता खिलाड़ी आगे एस.जी.एफ.आई. में विद्या भारती का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस अवसर पर ग्राम भारती के प्रांतीय सचिव श्री वीरेंद्र सेंगर, विद्या भारती के पर्यवेक्षक श्री सतपाल सिंह, शारदा विहार समिति के सदस्य श्री राजेंद्र आर्य, प्रबंधक श्री राजेश तिवारी तथा विद्या भारती मध्य क्षेत्र के खेल सह संयोजक श्री मनीष वाजपेई उपस्थित रहे।  

स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर: वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर : वन मंत्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर: वन मंत्री केदार कश्यप वन आधारित रोजगार सृजन एवं वनों के संरक्षण हेतु कार्ययोजना के अनुरूप करें पहल-  मंत्री कश्यप  रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज जगदलपुर स्थित वन विद्यालय के सभाकक्ष में वन विभाग के विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वृक्षारोपण, कूप कटाई, निर्माण कार्य, राजस्व संग्रहण, वनों के संरक्षण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए विभाग द्वारा संचालित प्रयासों की गहन समीक्षा की गई। वन मंत्री कश्यप ने बैठक में कहा कि वनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों विशेषकर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाए। इस दिशा में कार्ययोजना के अनुरूप वृक्षारोपण, सयुंक्त वन प्रबंधन और समुदाय की सहभागिता से वनों की देखभाल और प्रबंधन के लिए व्यापक प्रयास किया जाए। साथ ही लाख पालन, वनोत्पाद पर आधारित प्रसंस्करण एवं ईको टूरिज्म के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण अभियान के तहत लाखों पौधे रोपे जा चुके हैं, जबकि कूप कटाई और निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है। राजस्व संग्रहण में वृद्धि दर्ज की गई है और मालिक मकबूजा योजना के माध्यम से वनवासियों को उनके अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लघु वनोपज संग्रहण और वैकल्पिक आजीविका स्रोतों पर फोकस किया गया, ताकि ग्रामीणों की आय दोगुनी हो सके। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनोपज वनवासियों की आजीविका का आधार है। इको टूरिज्म और वनोपज प्रसंस्करण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दें। बस्तर कई दशकों से माओवाद से पीड़ित रहा है, किंतु अब माओवाद के साए से बाहर आ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विभिन्न पर्यटन स्थानों पर सुविधाएं प्रदान करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। पर्यटन स्थानों के विकास में स्थानीय परंपराओं का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के प्रसंस्करण का लाभ स्थानीय युवाओं को मिले। नीलगिरी और अकेशिया के विदोहन के लिए आवश्यक नीति निर्माण हेतु तत्परता से कार्य करें। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के पश्चात तत्काल वृक्षारोपण करें। वनमंत्री कश्यप ने बैठक में वृक्षों की कटाई और अवैध परिवहन पर नजर रखने और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वन भूमि पर अतिक्रमण पर त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वनौषधि के संरक्षण के साथ ही वैद्यों के परंपरागत ज्ञान का उपयोग कर उनकी भूमि में वनौषधियों का रोपण करें तथा वन भूमि के तालाबों का उपयोग मछली पालन हेतु करें और स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही पौधों की देखभाल और वृक्षों का संरक्षण हमारा दायित्व है। इस दायित्व का निर्वहन भली भांति करें। योजना बनाकर कार्य को पूर्ण करें। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में माओवाद के खात्मे के बाद विकास की नई लहर चल रही है और वन विभाग को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। वन मंत्री कश्यप ने बस्तर के नियद नेल्लानार योजना क्षेत्रों में वन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने सहित नियमित रूप से मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी अरुण पाण्डे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ओपी यादव, मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा, मुख्य वन संरक्षक कांकेर दिलराज प्रभाकर, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी जगदलपुर सुस्टाइलो मंडावी, तीनों वन वृत्त के सभी वन मंडलाधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: वन मंत्री कश्यप ने नारायणपुर में 91 लाख के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर छत्तीसगढ़ के वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 91 लाख 80 हजार रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें पुलिया, महतारी सदन, बाजार शेड, शालाओं में अतिरिक्त कक्ष, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। मंत्री कश्यप ने ग्राम पंचायत केशरपाल स्थित दंतेश्वरी मंदिर पारा में 3.30 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा 30 लाख रुपये की लागत से महतारी सदन निर्माण का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत बनियागांव में 23.51 लाख रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण, सीसी रोड का लोकार्पण किया। उच्च प्राथमिक शाला बनियागांव में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा ग्राम पंचायत नंदपुरा में 10 लाख रुपये की लागत से आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक शाला नंदपुरा में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री कश्यप ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग का निर्माण कार्य जारी है, वहीं अंतागढ़-नारायणपुर और ओरछा-नारायणपुर मार्ग निर्माण कार्यों की भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 45 आंगनबाड़ी केंद्र, नवीन स्वास्थ्य केंद्र, पीएससी भवन और महतारी सदन स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों आवास स्वीकृत हुए हैं। वन मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक सड़क, पुलिया, बाजार शेड, हाई मास्ट लाइट और डिजिटल केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर पहुँचें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचाया जाएगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान, श्रीमती शकुंतला कश्यप, रूपसिंह मंडावी, विजय पांडेय, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सांखला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

राज्य अलंकरण पुरस्कार में जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत

रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जल महोत्सव का होगा आयोजन: मंत्री कश्यप राज्य अलंकरण पुरस्कार में जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत  मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक   रायपुर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जल महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अरपा महोत्सव, ईब महोत्सव, महानदी महोत्सव और इंद्रावती महोत्सव के आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश आज जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।  जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नदियां हमारी सभ्यता और आस्था का केन्द्र रही है, जल महोत्सव से लोगों को प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण के प्रति भी भावनात्मक तरीके से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य अलंकरण पुरस्कार के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को जल पुरस्कार भी दिया जाएगा। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैठक में बोधघाट वृहद् परियोजना, इन्द्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर जलाशय एवं डांडपानी जलाशय परियोजना के संबंध में अद्यतन जानकारी ली।  सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने कहा कि निविदाकारों के द्वारा अनियमितता बरतनें पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि 4 निविदाकारों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति के बाद भी तकनीकी स्वीकृति नहीं मिलने के प्रकरणों में जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।   बैठक में जलाशयों में जलभराव की अद्यतन स्थिति, विगत दो वर्षों से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की प्रगति, जल जीवन मिशन, अमृत मिशन 2.0, स्मार्ट मीटर सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके, मुख्य अभियंता सर्वएस.व्ही. भागवत, प्रसून शर्मा, डी.के. बुम्मेरकर, जे.आर. भगत, आर.आर. सारथी, एस.के. टीकम, शंकर ठाकुर, के. एस. भंडारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।