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योग से ही सशक्त होगा युवा भारत : मंत्री सुश्री भूरिया

स्वामी विवेकानंद जयंती पर झाबुआ में हुआ जिला स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि योग हमारी सदियों पुरानी परंपरा है, जो शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को लक्ष्यबद्ध जीवन की प्रेरणा देते हैं। स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं "राष्ट्रीय युवा दिवस" के अवसर पर झाबुआ जिले में योग, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ जिला स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम हुआ। पीएमश्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, झाबुआ में कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाया। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन शैली है, जिसे अपनाकर हम तनावमुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान समाज का निर्माण कर सकते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित योग परंपरा को आज की पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का रेडियो के माध्यम से प्रसारण किया गया। इसके बाद योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थितजनों एवं छात्राओं द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं योगाभ्यास किया गया।

पीएम केयर्स और सीएम कोविड बाल सेवा योजना के बच्चों संग मंत्री सुश्री भूरिया ने किया भोजन, भेंट किए उपहार

भोपाल  स्नेहिल और भावनात्मक माहौल में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को अपने निवास पर पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना एवं सी.एम. कोविड-19 बाल सेवा योजना से लाभान्वित बच्चों के साथ एक विशेष “प्रेरणा एवं संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से आत्मीय वार्तालाप करते हुए उनकी समस्याएँ सुनीं, उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित कर हर बच्चे को स्नेहपूर्वक उपहार भेंट किए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को अपने घर पर स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन किया, जिससे माहौल परिवार जैसा स्नेहिल बन गया। उपस्थित सभी बच्चों ने प्रसन्नता और आत्मविश्वास से भरे पलों का आनंद लिया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बच्चे हमारे अपने परिवार का हिस्सा हैं। कोविड ने भले ही इनके माता-पिता को छीन लिया हो, पर अब पूरा समाज, सरकार और मैं स्वयं इनकी अभिभावक हूँ। इनका भविष्य सुरक्षित करना मेरा कर्तव्य और मेरा सौभाग्य है। बच्चों की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है। उन्होंने कहा की इन बच्चों की आँखों में चमक और उनके चेहरे की मुस्कान ही मेरी असली उपलब्धि है। सरकार का काम सिर्फ योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि इन बच्चों के भविष्य को संवारना भी है। संवेदनशील पहल — स्वेच्छानुदान से की मदद बच्चों के प्रति मातृत्व स्नेह और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने एक संवेदनशील पहल की और एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। सुश्री भूरिया ने इन बच्चों के लिए 5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि अपने स्वेच्छानुदान से प्रदान की है, जिन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग 13 लाख रुपये की सहायता राशि व्यक्तिगत रूप से इन बच्चों के हित में दी थी। प्रेरणा और संवाद कार्यक्रम — बच्चों में आत्मविश्वास का संचार मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों से सामान्य बातचीत के माध्यम से उनकी शिक्षा, सपनों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बालिका आरती, जिसका आज जन्मदिन था। सभी बच्चों और अधिकारियों के साथ मिलकर मनाया गया, जिससे वातावरण उल्लासपूर्ण और भावनात्मक बन गया। कार्यक्रम में उप सचिव श्रीमती माधवी नागेंद्र और जिला कार्यालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे। योजनाएँ जो बन रही हैं आशा की किरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना वर्ष 2021 में आरंभ की गई थी, जो कोविड-19 में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। भोपाल जिले में 22 बच्चे इस योजना से लाभान्वित हैं। इन्हें 18 वर्ष की आयु तक मासिक आर्थिक सहायता, ₹10 लाख का कोष, निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान कार्ड) जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। इसी तरह प्रदेश में मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना शुरू की गई थी, जिसके अंतर्गत बच्चों को 5 हजार रुपये मासिक सहायता, निःशुल्क शिक्षा और राशन की सुविधा दी जाती है।  

सुश्री भूरिया का निर्देश, आंगनवाड़ी केंद्रों में भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए

आंगनवाड़ी केन्द्रों में नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें : मंत्री सुश्री भूरिया हितग्राहियों के पंजीयन और पोषण ट्रैकर की मॉनिटरिंग को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए ताकि सेवाओं में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों का पंजीयन और पोषण ट्रैकर की मॉनिटरिंग नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। इस कार्य को विभागीय स्तर पर एक अभियान के रूप में संचालित किया जाए जिससे प्रदेश में प्रत्येक पात्र महिला, गर्भवती, धात्री माता और बच्चों को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित (ऑपरेशन रहित) प्रसव सुनिश्चित करने के लिये प्रसव की नियत तिथि के चार दिवस पूर्व शासकीय चिकित्सालयों में ठहरने के लिये वार्ड चिन्हांकित किए जाएं। इस कार्य के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 25,239 भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नवीन भवन निर्माण की योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रतिवर्ष 3,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण प्रस्तावित है मंत्रि परिषद से स्वीकृति के लिये प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए हैं जिनकी जानकारी भारत सरकार को भी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम का प्रभावी अनुश्रवण करें, साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में मेडिकल किट का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। आयुक्त महिला एवं बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता ने बैठक में कहा कि शहरी क्षेत्रों की सुपरवाइज़र यह सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी केंद्र समय पर खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब विभाग की ओर से ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिससे यह पता चल सके कि आंगनवाड़ी केंद्र माह में कितने दिन संचालित रहा। सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार 97,791 में से 99.11% केंद्र 21 से 24 दिवस तक खुले जबकि 91.16% केंद्र माह में 25 दिवस से अधिक खुले रहे। यह अवधि मध्य जोनल क्षेत्र में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 11,786 आंगनवाड़ी केंद्रों को शासकीय भवनों में स्थानांतरित किया गया है तथा 21,954 एक कमरे वाले केंद्रों को सुविधायुक्त भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही विद्युत विहीन केंद्रों में विद्युत प्रदाय के लिये पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 7,500 केंद्रों को विद्युत कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कुपोषण निवारण के लिये जुलाई और अगस्त 2025 में विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 9,49,161 बच्चों के वजन, ऊँचाई और लंबाई के आंकड़ों का सत्यापन कर वास्तविक डेटा दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप ठिगनापन के रिपोर्टिंग आंकड़ों में 7.5% की कमी दर्ज की गई।सभी कुपोषित बच्चों के लिए जिला अस्पताल स्तर पर सीबीसी टेस्ट सुनिश्चित किया जा रहा है और गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 5 दिवसीय परामर्श सत्रों की व्यवस्था की जा रही है।वर्तमान में 26,583 आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं जिनमें से 14,649 ग्रामीण और 11,934 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। पीएम जनजातीय न्याय महाअभियान के तहत 605 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है तथा 217 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (दा-जगुआ) के अंतर्गत 66 नवीन आंगनवाड़ी केंद्र एवं भवन स्वीकृत एवं संचालित हैं। समीक्षा के दौरान भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पूरक पोषण आहार की व्यवस्था, पोषण ट्रैकर एवं आरसीएच अनमोल डेटा की एकरूपता तथा हितग्राहियों तक समय पर सेवाओं की उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ डॉ. अनुमिता पाठक द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन किया। पुस्तक में “महिलाओं के लिए स्वास्थ्य गाइड: रजोनिवृत्ति और उससे सम्बंधित सभी जानकारी शामिल है। यह पुस्तक विशेष रूप से रजोनिवृत्ति (मेनोपाज) के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए एक समर्पित मार्गदर्शिका है। इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों को समझने और संभालने की दिशा में उपयोगी जानकारी दी गई है, जिनसे महिलाएं इस चरण में गुजरती हैं। पुस्तक में व्यावहारिक सुझाव, पोषण संबंधी सलाह और परिवार की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि “रजोनिवृत्ति जैसे विषय पर खुलकर और वैज्ञानिक तरीके से जानकारी देने वाली यह पुस्तक महिला स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह गाइड बुक निश्चित रूप से महिलाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।” लेखिका डॉ. अनुमिता पाठक ने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य महिलाओं और उनके परिवारों को रजोनिवृत्ति के प्रति सजग बनाना और इस संवेदनशील समय को सहजता से पार करने में मदद करना है। यह पुस्तक शीघ्र ही बाजार और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध होगी, और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम योगदान मानी जा रही है।