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मंत्री रामविचार नेताम ने 50 लाख रुपये के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मंत्री  नेताम विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मंत्री  नेताम विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मंत्री  नेताम कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पण्डो समाज जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत महादेवपुर में विशेष पिछड़ी जनजाति सम्मेलन का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत महादेवपुर में कुल 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो प्रमुख कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें 25 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा 25 लाख रुपये की लागत से पण्डो समाज के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है।  पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मती पुष्पा नेताम एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण इस सम्मेलन में सम्मिलित हुए।       कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी प्रकार 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाला पण्डो समाज का सामुदायिक भवन सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। जहां समाज की बैठकें, सामाजिक आयोजन और अन्य कार्यक्रम संपन्न हो सकेंगे। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक भवन में समतलीकरण के लिए 5 लाख की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि विशुनपुरा से बैकुंठपुर तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी साथ ही व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि डिंडो, रामचंद्रपुर और रामानुजगंज में पण्डो छात्रावास भी बजट में शामिल है। छात्रावास बनने से दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और वे अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगे। उन्होंने जानकारी दी है कि रामचंद्रपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बजट में शामिल है।      कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पण्डो समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। मंत्री  नेताम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक आवश्यकता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने से आसपास के कई गांवों को लाभ मिलेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।       मंत्री  रामविचार नेताम ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर पण्डो समाज के लोगों के साथ केक काटकर खुशियां साझा की। समाज के सभी वर्ग बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मंत्री  नेताम ने कहा कि अपने जन्मदिवस को समाज के बीच मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। और जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि वे सदैव क्षेत्र के विकास और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। लगभग 03 हजार की संख्या में पण्डो समाज के लोग शामिल हुए, जिसमें जिले के साथ आसपास के विभिन्न जिलों से भी पण्डो समाज के पदाधिकारीगण, आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। मंत्री  नेताम के आगमन पर पण्डो समाज के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान मंत्री  नेताम विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजना के तहत सामग्रियों का वितरण भी किया। विभागीय स्टॉलों से आमजन को मिला लाभ        सम्मेलन स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए थे। जहां आधार पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, पशु चिकित्सा सेवा, कृषि परामर्श, सामाजिक कल्याण योजनाएं तथा अन्य विभागों के स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुंचाया गया।स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई । इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने भी अपने अपने विचार रखे।  

ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प: मंत्री नेताम

रायपुर. आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के उपस्थिति में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर में विकसित भारत के संकल्प को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंत्री  नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के साथ स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी कार्ययोजना में  प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्यशाला में मिशन अंतर्गत ग्राम स्तर पर ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों द्वारा जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, अधोसंरचना विकास, ग्रामीण आजीविका सृजन, आपदा निवारण एवं सामुदायिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही बताया गया कि (वीबी जी राम जी) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।

स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल, मंत्री नेताम ने किया प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

आवासीय सुविधा के साथ मिला स्वरोजगार का बेहतर अवसर रायपुर, कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज बलरामपुर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी), संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र (जीआरसी) तथा समुदाय प्रबंधित ट्रेनिंग सेंटर (सीएमसीटी) का उद्घाटन किया। मंत्री नेताम ने केंद्र के  प्रशिक्षण कक्षों, शयनकक्ष, भोजनकक्ष, रसोईकक्ष का बारीकी से अवलोकन किया और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। मंत्री नेताम ने उद्वघाटन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सेंट्रल बैंक द्वारा संचालित आरसेटी एक ऐसा प्रशिक्षण केंद्र है जहाँ गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले सभी बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात बैंक से लिंकेज कराते हुए प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह शुभारंभ विशेष अवसर पर किया जा रहा है, क्योंकि आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय सुविधा के साथ प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षार्थियों को सीखने में कोई बाधा न आए। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करें और सीखे हुए कौशल का उपयोग करते हुए अपने रोजगार को व्यावसायिक रूप से विस्तार दें। उन्होंने जीआरसी केंद्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से जेंडर असमानता, कुपोषण, लैंगिक हिसा, घरेलू हिंसा जैसे मुद्दे तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर किए जाएंगे। समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विभिन्न प्रशिक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। मंत्री नेताम ने सभी से आग्रह किया कि वे स्वयं प्रशिक्षण से जुड़ें और अधिक से अधिक लोगों को भी इससे जोड़ें। कार्यक्रम के अंत में मंत्री नेताम ने 10 चयनित व्यक्तियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, बीमा सखी प्रशिक्षण सहित अन्य कौशलों के प्रमाण पत्र वितरित किया। इस दौरान रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा जाति आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कृषि समिति अध्यक्ष बद्री यादव, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम, नरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण  मौजूद थे। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी) सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित एक प्रशिक्षण केन्द्र है, जहाँ 60 से अधिक प्रकार के स्वरोजगार मूलक प्रशिक्षण जैसे ब्यूटीपार्लर, फास्ट फूड मेकिंग, सिलाई, मुर्गीपालन, मधुमक्खीपालन, मशरूम उत्पादन, आदि प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। सभी प्रशिक्षण बेरोजगारों को केंद्र से जोड़कर उन्हें तकनीक देते हुए रोजगार से जोड़ने हेतु आयोजित किए जाते हैं। यहाँ होने वाले समस्त प्रशिक्षण आवासीय युवतियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। संगवारी जेंडर संसाधन केन्द्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समस्त स्व-सहायता समूह की महिलाओं हेतु जेंडर जागरूकता, स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता एवं घरेलू हिंसा, महिला प्रताड़ना जैसे मुद्दों पर महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के माध्यम से निराकरण हेतु कार्य किया जाएगा। समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत होने वाले विभिन्न आवासीय प्रशिक्षणों हेतु आवासीय प्रशिक्षण भवन की व्यवस्था की गई है इस प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन संकुल स्तरीय संगठन द्वारा किया जाता है, जिसमें एनआरएलएम के क्षेत्र एवं समूह सदस्यों के क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।  

राज्य सरकार राष्ट्रीय सम्मेलन में मिले सुझावों को करेगी लागू: मंत्री नेताम

रायपुर : राष्ट्रीय सम्मेलन के सुझाव पर क्रियान्वयन करेगी राज्य सरकार: कृषि मंत्री  नेताम इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में वन हेल्थ सिनर्जी (एक स्वास्थ्य तालमेल) को मज़बूत करना- ’अंतर-क्षेत्रीय नवाचार और एकीकरण के माध्यम से एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) का मुकाबला’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। दुर्ग के पृथ्वी पैलेस पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में आयोजित है। कृषि मंत्री  नेताम व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं  ललित चंद्राकर और जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सरस्वती बंजारे उपस्थित थे।  समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्य जीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। जिसका उद्देश्य वन हेल्थ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एन्टीमाइक्रोबियल रेसिसटेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि इस सम्मेलन में दिए गए सुझाव को केन्द्र व राज्य सरकार को अवगत कराएं। ताकि इसका क्रियान्यन सरकार द्वारा और बेहतर ढ़ंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय के साथ दवाईयों पर अनुसंधान भी बढ़े है। इनके उपयोग पर मानव आज उलझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आज भी एक चुनौती है।  कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से पशु पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही कृषि के मामले में जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे जैविक खेती को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और वैज्ञानिक तकनीको को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करें। कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए कृषि एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधायक  चंद्राकर की मांग पर कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा की। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय की स्मारिका, सोवेनियर बकरी प्रशिक्षण कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया। सांसद  विजय बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में दुर्ग में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सम्मेलन के दौरान विषय विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का सुझाव शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे राज्य के नीति निर्धारण में इन सुझावों को समावेशित किया जा सके।  दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर और विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कामधेनु विश्वविद्यालय के प्रभारी डीन डॉ. संजय शाक्य अपने स्वागत उद्बोधन में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, कार्यपालन निर्देशक एवं एम्स रायपुर के सीईओ लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति लुआस, हिसार (हरियाणा) डॉ. विनोद कुमार वर्मा, निर्देशक एनआईओएच नागपुर डॉ. प्रज्ञा यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. जी. मणि, अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन डॉ. सुधिर कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं निर्देशक शिक्षक उपस्थित थे।

आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक होगा संग्रहालय: मंत्री नेताम

जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह के दृश्य भी होगा जीवंत राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर, आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय-सह स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री नेताम ने इस अवसर पर कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक संग्रहालय-सह स्मारक धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए नई पीढ़ियों को पुरखों की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का यह पहला संग्रहालय है, जो कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उच्च शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है अतः इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंत्री  नेताम ने संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन और सभी वर्गों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से कई अभिनव योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे जनजातीय वर्ग के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आ रहा है। मंत्री नेताम ने इस मौके पर संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, दिव्यांगजनों हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि संग्रहालय का लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से राज्योत्सव के समय किया जाना है। संग्रहालय के निर्माण कार्यों में लगने वाली मूर्तियां, कैनवास वर्क, डिजिटल वर्क का बारीकी के साथ परीक्षण किया जा रहा है। संग्रहालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मूर्तियों की स्थापना, लाईट, बिजली आदि का टेस्टिंग कार्य जारी है। प्रमुख सचिव बोरा ने इस मौके पर संग्रहालय में प्रवेश से पूर्ण टिकट काउंटर पर लगे स्कैनिंग कार्य तथा प्रवेश द्वार में कुछ सुधार करने के संबंध में निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विकास विभाग संयुक्त सचिव बीएस राजपूत, टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उपायुक्त गायत्री नेताम, निर्माण एजेंसी के अधिकारी, ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स, आर्ट कलाकार एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।    वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है जीवंत संग्रहालय संग्रहालय निर्माण में लगे क्यूरेटर प्रबल घोष ने बताया कि यह संग्रहालय-सह स्मारक आदिवासियों स्वतंत्रता संग्र्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारीकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत झांकी के सामने स्कैनर लगाए गए स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है।   16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा।