samacharsecretary.com

रेशम उत्पादन बढ़ाकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं रोजगार के अवसर : राज्यमंत्री जायसवाल

प्रदेश के 3600 मलबरी एवं 850 टसर कोकून उत्पादक कृषकों को स्व-रोजगार से जोड़ा भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में रेशम का उत्पादन बढ़ाकर लोगों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में रेशम संचालनालय द्वारा निजी क्षेत्र में 231 एकड़ क्षेत्र में एवं शासकीय रेशम केन्द्रों पर 200 एकड़ क्षेत्र में नवीन मलबरी पौधरोपण किया गया है। साथ ही प्रदेश के 3,600 मलबरी एवं 850 टसर कोकून उत्पादक कृषकों को स्व-रोजगार से जोड़ा गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 2.64 लाख किलोग्राम मलबरी कोकून एवं 31.51 लाख टसर कोकून का उत्पादन किया गया। प्रदेश में 5 हजार कृषकों को नवीन कोकून उत्पादन तकनीकी से प्रशिक्षित कर उल्लेखनीय कार्य किया गया है। प्रदेश में अभी तक 42 महिलाओं को रेशम उत्पादन से लखपति दीदी के रूप में चिन्हांकित किया गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में मलबरी कोकून उत्पादन में वर्तमान 1.50 लाख किलोग्राम से 4 लाख किलोग्राम स्तर तक वृद्धि की जायेगी। टसर कोकून उत्पादन में वर्तमान 40 लाख से 70 लाख तक की वृद्धि का लक्ष्य है। मलबरी पौधरोपण के क्षेत्र में अतिरिक्त नवीन 3500 एकड़ की वृद्धि की जाएगी। पचमढ़ी जिला नर्मदापुरम में रेशम इंटरप्रिटेशन सेंटर प्रारंभ होगा। रेशम उत्पादों का विक्रय ई-कामर्स प्लेटफार्म के माध्यम से प्रारंभ होगा। इसके अलावा नवीन प्राकृत शोरूम ग्वालियर, जबलपुर एवंइन्दौर में प्रारंभ होंगे। रेशम समृद्धि कार्य-योजना राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में 6 हजार 200 हितग्राहियों को कौशल उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने की कार्य-योजना तैयार की गई है। प्रदेश में 150 एकड़ क्षेत्र में मलबरी पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार होगी। साथ ही 3 हजार 500 एकड़ क्षेत्र में नवीन मलबरी पौधरोपण एवं 16 नई बीज इकाइयों को प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेश में 10 नई धागाकरण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। धागाकरण, बुनाई, कार्यों हेतु नवीन उन्नत मशीनों की स्थापना होगी।  

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल : राज्यमंत्री जायसवाल

विभागीय उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल  विकास और सेवा के 2 वर्ष कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। योजना के तहत ऋण प्रकरणों की स्वीकृति में मध्यप्रदेश का देश में चौथा और ऋण वितरण में तृतीय स्थान है। पिछले 2 वर्षों के दौरान 436.34 करोड़ रुपये के 48 हजार 63 ऋण प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। इसी तरह 378.06 करोड़ रुपये के 42 हजार 559 ऋण प्रकरण वितरित किये गये हैं। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने यह जानकारी होटल अशोका लेक व्यू में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्रॉण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों सहित लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में आयोजित किये जायेंगे। रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त करने की जानकारी का संकलन किया जायेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टॉल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टॉल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टॉल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि विभाग द्वारा 2 लाख 16 हजार 13 हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी तरह 85 हजार 536 हितग्राहियों को टूल-किट वितरण एवं 2 लाख 45 हजार 513 हितग्राहियों को ई-वाउचर वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि हाथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा 4207.15 लाख रुपये तथा खादी बोर्ड द्वारा 2311.89 लाख रुपये का विक्रय एम्पोरियम और प्रदर्शनियों के माध्यम से किया गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में डिण्डोरी जिले के रॉट आयरन, उज्जैन जिले के बटिक प्रिंट, ग्वालियर जिले के कालीन शिल्प, बालाघाट जिले के बारासिवनी हाथकरघा साड़ी एवं जबलपुर जिले के पत्थर शिल्प को जीआई टैग प्रदान किये गये हैं। सीहोर के लकड़ी के खिलौने तथा नीमच के नांदना प्रिंट के लिये जीआई टैग प्रदान कराने की कार्यवाही भी पूर्ण की गयी है। भारत सरकार से नेशनल हैण्डलूम एक्सपो 45 लाख, स्टेट हैण्डलूम एक्सपो 90 लाख, जिला प्रदर्शनी मेला 12 लाख, इंदौर में साड़ी वॉकथान 20 लाख, राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस 14 लाख सहित कुल राशि 181 लाख रुपये प्राप्त कर 32 मेलों और प्रदर्शनियों के आयोजन से 16 हजार 780 शिल्पियों को मॉर्केट उपलब्ध कराया गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर इंदौर में साड़ी वॉकथान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गयी थी। इस कार्यक्रम के लिये गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। शासकीय वस्त्र प्रदाय योजना के तहत 875.21 लाख रुपये के वस्त्र सप्लाई कर 3132 बुनकरों को 1.27 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि खादी उत्पादन केन्द्रों के माध्यम से 1015.21 लाख का उत्पादन एवं 650 बुनकरों तथा कारीगरों को रोजगार से जोड़ा गया। खादी बोर्ड द्वारा सेवा पखवाड़ा अंतर्गत 427 बुनकरों का चयन कर खादी वस्त्र उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। निजी क्षेत्र में मलबरी पौध-रोपण 439 एकड़, शासकीय रेशम केन्द्रों पर मलबरी पौध-रोपण 276 एकड़ सहित कुल 715 एकड़ में 3.51 किलोग्राम मलबरी कोकून उत्पादन कर 5451 किसानों को लाभान्वित किया गया है। साथ ही 1388 कोकून हितग्राहियों से 808.10 लाख टसर कोकून उत्पादन कराया गया। विभाग के नवाचार राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये विभिन्न नवाचार किये जा रहे हैं। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत जरी-जरजोदी एवं जूट, लकड़ी के खिलौने, बाग प्रिंट, सीधी कारपेट, चंदेरी साड़ी, दतिया गुड़ एवं उज्जैन के बटिक प्रिंट के उत्पादों की ब्रॉण्डिंग एवं विपणन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली, भोपाल हाट तथा जवाहर चौक भोपाल में मृगनयनी के साथ खादी के संयुक्त नवीन एम्पोरियम प्रारंभ किये गये हैं। रीवा एवं भोपाल में देवी अहिल्याबाई बुनकर मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 75 शिल्पियों द्वारा भागीदारी तथा फैशन-शो का प्रदर्शन हुआ। प्रदेश के बाहर मृगनयनी एम्पोरियम द्वारा बैंगलुरु, हैदराबाद एवं गोवा में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मृगनयनी कोलकाता द्वारा भुवनेश्वर में भारत सरकार के हैण्डलूम एक्सपो में भागीदारी की गयी। इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भी भागीदारी हुई। नगद रहित व्यवहारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से हाथकरघा विकास निगम द्वारा समस्त भुगतान बैंकों के माध्यम से डिजिटली किये जा रहे हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के समस्त विभागीय उत्पादन केन्द्रों एवं विपणन संबंधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये ईआरपी सॉफ्टवेयर तैयार करवाया गया है।  

राज्यमंत्री जायसवाल ने किया स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग का आह्वान

स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दें : राज्यमंत्री  जायसवाल खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज हम सब एक ऐसी पहल का शुभारंभ कर रहे हैं जो न केवल तकनीकी दृष्टि से आधुनिक है बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य शासन के कुटीर एवं प्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विकसित यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म – mpkhadigramodyog.com हमारे राज्य के लाखों कारीगरों, बुनकरों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं के लिए एक नया डिजिटल पुल है। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को मजबूत करेगी। राज्य मंत्री  जायसवाल ने यह बात भोपाल हाट में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विकसित की गई वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक  माल सिंह, शिल्पी, बुनकर, उपभोक्ता, आमजन उपस्थित थे। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि यह पोर्टल खादी, हाथकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में कार्यरत सभी हितधारकों को एक ही मंच पर जोड़ता है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कलाकार, स्व-सहायता समूह, उद्यमी और एम्पोरियम प्रबंधक अब अपने उत्पादों को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित कर सकते हैं। यहीं उपभोक्ताओं को स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों तक सीधी पहुँच प्राप्त होगी। वेबसाइट पर कलाकार पंजीकरण, एम्पोरियम जानकारी, प्रीमियम उत्पाद प्रदर्शन, ऑन-डिमांड शोकेस जैसी नागरिक उन्मुख सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम है,जहाँ खादी की आत्मा और आधुनिक तकनीक का समन्वय दिखाई देता है। इस प्लेटफ़ॉर्म की एक और महत्वपूर्ण विशेषता है हमारे दो गौरवशाली ब्रांड "कबीरा बाय खादी" और "विंध्य वैली", जिनके माध्यम से हम खादी की परंपरा और प्रामोद्योग की शुद्धता को वैश्विक पहचान दे रहे हैं। कबीरा बाय खादी हमारे प्रदेश के हैंडलूम वस्त्रों, सिल्क साड़ियों, और डिजाइनर परिधानों को एक नई पहचान दे रहा है। यह खादी को युवाओं की फैशन संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। वहीं विंध्य वेली ग्रांड हमारे एफएमसीजी उत्पादों जैसे हर्बल तेल, अगरबत्ती, एलोवेरा जेल, प्राकृतिक शहद और ग्रामीण घरेलू उत्पादों को गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के साथ उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहा है। यह वेबसाइट तकनीकी दक्षता और नागरिक केंद्रित कार्यप्रणाली का उदाहरण है। अधिकारी और प्रबंधक वास्तविक समय में पंजीकृत कलाकारों, समूहों और एम्पोरियमों की स्थिति देख सकते हैं तथा सभी अभिलेखों का डिजिटल प्रबंधन कर सकते हैं। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि मुझे गर्व है कि मध्यप्रदेश खादी तथा प्रामोद्योग बोर्ड ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे पूरे देश में अनुकरणीय कहा जा सकता है। उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, तकनीकी साझेदारों, और हमारी टेक्निकल टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर खादी की परंपरा को नई तकनीक, नई सोच और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाएँ। खादी केवल वस्त्र नहीं, यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान है। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं एवं खादी उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया। राज्यमंत्री  जायसवाल ने भोपाल हाट में 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय खादी उत्सव की स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।