samacharsecretary.com

बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर : महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार- मंत्री राजवाड़े  बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, रिक्त पदों की भर्ती और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर कार्यों में गति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार,दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। 

साड़ी गुणवत्ता पर सरकार सख्त, मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर जांच तेज

रायपुर.  राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र जारी कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में साड़ी वितरण के लिए जारी किए गए क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता में कमी और निर्धारित मापदंडों में विचलन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किए गए परीक्षण में कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद अब मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संचालक महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी पत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराएं। यदि जांच में मापदंडों से किसी प्रकार का विचलन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जिन स्थानों पर निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित हुई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण नई साड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि शासन स्तर पर पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पारदर्शी ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिकाओं को साइकिल वितरण कर बढ़ाया उत्साह महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बालिकाओं का सशक्तिकरण ही सशक्त राज्य और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला: मंत्री राजवाड़े रायपुर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिकाओं को साइकिल वितरण कर बढ़ाया उत्साह महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण ही सशक्त राज्य और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। वे भारतीय स्टेट बैंक, बैरन बाजार रायपुर द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आयोजित “बेटी बचाओ अभियान” के तहत शासकीय विद्यालयों की बालिकाओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए संबोधित कर रही थीं। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिकाओं को साइकिल वितरण कर बढ़ाया उत्साह मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को साइकिल वितरित कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि साइकिल जैसी सुविधाएँ बालिकाओं की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे स्कूल आने-जाने में सुविधा होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और ड्रॉपआउट की समस्या में कमी आती है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने भारतीय स्टेट बैंक के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए कहा कि जब शासकीय योजनाओं के साथ बैंक एवं अन्य संस्थाएँ CSR के माध्यम से जुड़ती हैं, तो समाज में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े कार्यक्रम में बैंक के अधिकारीगण, विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। साइकिल पाकर बालिकाओं के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश: जनसेवा हमारी प्राथमिकता, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक

रायपुर : जनसेवा ही हमारा संकल्प – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश खनिज न्यास की योजनाओं से होगा जनजीवन में सुधार – सूरजपुर में शासी परिषद की बैठक संपन्न रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की प्रत्येक समस्या का समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज अपने निवास बीरपुर जिला सूरजपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचे नागरिकों की समस्याएँ और सुझाव सुनी। उन्होंने अधिकारियों को हर आवेदन पर आवश्यक और त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का निराकरण स्थल पर ही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच सके। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश       मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) सूरजपुर की शासी परिषद की बैठक भी जिला पंचायत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, कलेक्टर सहित जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश       बैठक में खनिज न्यास निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि खनिज न्यास निधि से संचालित सभी योजनाएँ जनजीवन के उत्थान में सार्थक योगदान दें, तथा उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि खनिज क्षेत्र से प्राप्त संसाधनों का अधिकतम लाभ स्थानीय जनता को मिले और इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, सड़क एवं रोजगार के क्षेत्र में स्थायी सुधार हो।

मंत्री राजवाड़े का निर्णय: दृष्टिहीन बच्चों के लिए 20 लाख की मदद, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं में सुधार

मंत्री राजवाड़े का  सरगुजा संभाग दौरा रायपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दौरे पर पहुँचीं महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक ही दिन में संवेदनशीलता और सख़्ती दोनों का परिचय दिया। नेत्रहीन एवं दिव्यांग बच्चों को जहाँ उन्होंने 20 लाख रुपये की सौगात दी, वहीं विभागीय समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही पर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। आमाखेरवा स्थित नेत्रहीन एवं विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय पहुँचकर मंत्री राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत हुआ। बच्चों ने संगीत और कला प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संस्था ने भवन मरम्मत, भरण-पोषण व कर्मचारियों के मानदेय सहित कई मांगें रखीं। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज की असली धरोहर हैं, इनके भविष्य को संवारना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।उन्होंने तत्काल 20 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत करने की घोषणा की और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि,सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें और बंद हों।केंद्रों में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता हो ताकि किसी प्रकार का खतरा न हो।बच्चों के भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए, मुनगा पत्ती को सप्ताह में 2-4 बार अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।साथ ही उन्होंने सुपरवाइजरों को चेतावनी दी कि निरीक्षण में लापरवाही पाई गई तो जवाबदेही तय होगी। बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना और महिला कोष ऋण योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इनका लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हम बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगे। सरकार की हर योजना का असली लाभ सबसे अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचना ही हमारी प्रतिबद्धता है। इस दौरान कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, सीईओ सुअंकिता सोम शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण

रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े सरगुजा संभाग के दौरे पर मंत्री राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इन दिनों विभागीय योजनाओं की जमीनी हकीक़त देखने सरगुजा संभाग के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज जशपुर जिले के ग्राम रूपसेरा और लोदाम स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पोषण आहार वितरण व्यवस्था, स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा संबंधी गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित सेवाओं का विस्तार से अवलोकन किया।इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मासूम बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया और उन्हें चॉकलेट भी वितरित की। उनके इस स्नेहिल व्यवहार से बच्चे बेहद खुश नज़र आए और केंद्र का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य को आकार देने की पहली पाठशाला है, इसे और सशक्त बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े सरगुजा संभाग के दौरे परभ्रमण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कड़ी में उन्होंने ग्राम रूपसेरा एवं लोदाम के आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सक्षम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराना ही विभाग का मूल उद्देश्य है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति में हुए इस निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और सुरक्षित वातावरण में बड़ा हो। इसके लिए शासन की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।