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कारीगरों की मेहनत से सारंगपुर बन रहा है स्वदेशी शक्ति केंद्र : मंत्री टेटवाल

हथकरघा और शिल्पकला से प्रदेश को मिलेगी वैश्विक पहचान भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए लोकल फ़ॉर वोकल के संदेश ने न केवल देश में स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ाया है, बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी दिशा में राजगढ़ जिले के सारंगपुर जैसे कस्बे अपने हुनर और कारीगरी के माध्यम से लगातार प्रगति कर रहे हैं और प्रदेश को समर्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने सारंगपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और वार्डों में कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सारंगपुर की शिल्पकला और हस्तनिर्मित वस्तुएं आने वाले समय में इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर हथकरघा और बुनकरों के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहां तैयार की जा रही सिल्क की साड़ियां पहले से ही कई स्थानों पर प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार ताड़ से बनाई जा रही चटाइयां और अन्य उपयोगी वस्तुएं की भी लोगों के बीच बड़ी मांग हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सारंगपुर के कारीगरों की मेहनत से यहां की पारंपरिक कला और उत्पाद न केवल देश के बाजारों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाएंगे। वोकल फॉर लोकल को जनआंदोलन बनाने की अपील मंत्री श्री टेटवाल ने कारीगरों और व्यापारियों से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी लोकल उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें भागीदार बनेगा। सारंगपुर के कारीगरों का हुनर और समर्पण इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा कस्बा भी लोकल से ग्लोबल पहचान बना सकता है।  

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं मंत्री टेटवाल का सम्मान, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई कौशल विकास के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित प्रशिक्षण अधिकारी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने तीनों प्रशिक्षकों से मिलकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता, नवाचार और मेहनत का परिणाम है। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे वर्तमान के प्रतिर्स्धात्मक वातावरण के अनुकूल स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में विभाग को और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा देगा। यह गौरव पूरे प्रदेश और विभाग के लिए गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है। राष्ट्रपति ने किया था पुरस्कृत शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया था। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग) राजेंद्र मालवीया को यह पुरस्कार उनकी नवाचारी पद्धतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह दिखाई। उनके प्रशिक्षार्थियों ने स्वयं व्यवसाय स्थापित कर लाखों रूपये का रोजगार उत्पन्न किया और अनेक विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड मैकेनिक डीजल) प्रशांत दीक्षित ने विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकें विकसित करने और ई-कंटेंट निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके डिजिटल कंटेंट से देशभर के लाखों आईटीआई विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उनकी इस पहल ने कौशल शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत आधार प्रदान किया। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड कोपा दृष्टिबाधित) श्रीमती प्रेमलता रहांगडाले ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए। उन्होंने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता पाई। उनके प्रशिक्षार्थी समाज में गरिमापूर्ण पहचान बना रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि निरंतर बनी हुई है। वर्ष 2024 में भी प्रदेश के दो प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह साबित करता है कि कौशल विकास विभाग लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नवाचार का नया मानक स्थापित कर रहा है। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदेश की इस दिशा में हो रहे प्रयासों की पुष्टि है और आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी है।