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आध्यात्म के साथ सेवा ही सनातन दर्शन – मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जिला प्रशासन की बैठक मंत्री सारंग एवं पंडित प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वरधाम में अस्पताल का किया लोकार्पण भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम में विट्ठलेश सेवा समिति, सीहोर के तत्वावधान में निर्मित पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंत्री सारंग एवं पंडित मिश्रा ने संयुक्त रूप से अस्पताल का लोकार्पण कर श्रद्धालुओं एवं आमजन को समर्पित किया। मंत्री सारंग ने इस अवसर पर कहा कि आध्यात्म के साथ सेवा ही सनातन दर्शन है। जब भक्ति के साथ मानव सेवा जुड़ जाती है, तो वह समाज के लिए एक सशक्त आधार बनती है। उन्होंने कहा कि पूज्य कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने देश-विदेश में सनातन संस्कृति का ध्वज फहराया है और अपनी कथाओं के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि कुबेरेश्वरधाम में निर्मित यह अस्पताल श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात है। यहां आने वाले हजारों भक्तों को अब बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 20 बिस्तरीय आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल नव निर्मित पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय 20 बिस्तरों की क्षमता वाला एक आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल है, जहां श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इस अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी की सुविधा, आईसीयू की व्यवस्था, ऑपरेशन थियेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, ईसीजी, वेंटिलेटर तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इससे मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त हो सके। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जिला प्रशासन की बैठक मंत्री सारंग ने सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति में कुबेरेश्वरधाम में 14 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिए शेड बनाए गए हैं, प्रवेश-निकास मार्ग सुव्यवस्थित किए गए हैं तथा अलग-अलग सेक्टर में दर्शन की व्यवस्था की गई है। स्थल पर 500 से अधिक शौचालयों के साथ चलित शौचालयों की भी व्यवस्था की जाएगी। पेयजल के लिए टैंकर लगाए जाएंगे। बताया गया कि आपात स्थिति के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिये 20 से अधिक एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के लिए 1500 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेगा। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि महोत्सव सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो। बैठक में जिला कलेक्टर, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने यंग लीडर्स डायलॉग, खेलो एमपी यूथ गेम्स और यूनिटी मार्च की तैयारियों की समीक्षा की

मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने की विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, खेलो एमपी यूथ गेम्स और यूनिटी मार्च की तैयारियों की समीक्षा भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी कार्यक्रमों ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, खेलो एमपी यूथ गेम्स तथा यूनिटी मार्च’ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सभी आयोजनों की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का आयोजन आगामी दिसंबर से जनवरी तक किया जाएगा। प्रतियोगिताएं 27 खेलों में होंगी, जो ब्लॉक, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी खेलों का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। संभाग मुख्यालयों पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। एमपी गेम्स के विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री  सारंग ने कहा कि इन खेलों का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष भी कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना और ‘विकसित भारत’ के विचार को व्यवहारिक रूप देना है। प्रथम चरण के अंतर्गत (डिजिटल) विकसित भारत क्विज़ का आयोजन 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है, जिसमें 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा भाग ले रहे हैं। अभी तक कुल 64,590 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। इसके पश्चात 16 से 21 अक्टूबर के बीच मूल्यांकन एवं चयन की प्रक्रिया होगी। चयनित कुल प्रतिभागियों के 10 प्रतिशत (अधिकतम 3 लाख प्रतिभागी) द्वितीय चरण में प्रवेश करेंगे, जिसमें 23 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2025 के बीच (डिजिटल) निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस चरण में प्रतिभागियों को 500 शब्दों का निबंध MY Bharat पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के समक्ष विकसित भारत विषय पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। बैठक में ‘यूनिटी मार्च’ और सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर सभी जिलों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं के माध्यम से युवाओं में ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ एवं ‘स्वदेशी’ के संदेश का प्रसार किया जाएगा। इस अवसर पर सरदार पटेल के जीवन, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया गया। मंत्री  सारंग ने कहा कि ये सभी कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।  

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने की मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की समीक्षा

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को अपेक्स बैंक, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नियुक्तियों, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की वित्तीय स्थिति, खरीफ 2025-26 में अल्पावधि फसल ऋण वितरण, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना सहित कई विषयों पर विस्तृत चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ 2025-26 के लिए समय पर अल्पावधि फसल ऋण वितरण सुनिश्चित हो तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पैक्स समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष बल दिया। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड संचालन को और सरल एवं सुलभ बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसान हितैषी नीतियों का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब जिला सहकारी बैंक मजबूत स्थिति में कार्य करें। इसलिए कमजोर जिला बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे जल्द लागू किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, नाबार्ड की सीजीएम श्रीमती सी. सरस्वती, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।