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डिजिटल हुआ विधायक निधि प्रबंधन: पोर्टल के जरिए होंगे सभी काम, जिलों में दी जा रही ट्रेनिंग

दुर्ग. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमएलएएलएडीएस) की संपूर्ण प्रक्रिया को 1 अप्रैल से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने के लिए दुर्ग संभाग के सभी जिलों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) के राधाकृष्णन हॉल में दिया गया। संचालनालय योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक डी. एस. वर्मा एवं संतोष राय ने विधायक निधि की पारदर्शी डिजिटल रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि सांसद निधि के कार्यों के लिए ई साक्षी पोर्टल का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अनुशंसा प्राप्त करना, स्वीकृति जारी करना और आदेश करना जैसे कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब विधायक निधि के कार्यों को भी इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से रायपुर में इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा था और अब इसे सभी जिलों में लागू कर दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि नई प्रणाली लागू होने पर प्रारंभ में अनेक प्रकार की शंकाएं होती है, लेकिन ये बदलाव प्रशासनिक कार्यों को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए किए जाते हैं। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण देते हुए बताया कि इससे सभी विभागों में कार्यप्रणाली में तेजी और सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि की स्वीकृति और राशि जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी । उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रक्रिया को बारीकी से समझने को कहा, ताकि प्रणाली का क्रियान्वयन प्रभावी और सुचारू रूप से किया जा सके।

स्टिंग ऑपरेशन पर बोले विधायक भाटी— निष्पक्ष जांच से ही सामने आएंगे तथ्य

बाड़मेर शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने तीन विधायकों के स्टिंग ऑपरेशन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष व गहन जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।   सदाचार समिति और फॉरेंसिक जांच की मांग रवींद्र सिंह भाटी ने कहा कि इस प्रकरण की जांच सदाचार समिति की बैठक में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि फॉरेंसिक जांच के माध्यम से तथ्यों की पुष्टि की जाए, जिससे किसी भी तरह की शंका की गुंजाइश न रहे।   विधायक निधि को बताया जनता का पैसा भाटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विधायक निधि जनता का पैसा है, किसी व्यक्ति का निजी धन नहीं। जनता ने विधायकों को इस राशि की रखवाली के लिए चुना है और यह टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई है, जिसकी हर एक पाई जनता के हित में खर्च होनी चाहिए।   सिस्टम पर भरोसा, दोषियों को सजा की उम्मीद उन्होंने कहा कि उन्हें सिस्टम पर पूरा भरोसा है और जांच के बाद दोषियों को सजा मिलेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि यदि कभी सिस्टम ही सिस्टम की भेंट चढ़ जाए, तो मीडिया और उनके जैसे विधायक सच्चाई को सामने लाने का काम करेंगे।   विधायक निधि को लेकर स्पष्ट रुख अमर उजाला के एक अन्य सवाल पर रवींद्र सिंह भाटी ने कहा कि यदि विधायकों को पैसा कमाना है तो वे व्यापार करें, इसमें कोई रोक नहीं है, लेकिन विधायक निधि से छेड़छाड़ करना जनता के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति ईमानदार और मेहनती होता है, उसे चुनाव जीतने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। राजनीति में साफ-सुथरी छवि और जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है। किसानों के धरने पर क्या बोले भाटी? किसानों के मुद्दे पर भी रविंद्र सिंह भाटी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोई यों ही धरने पर नहीं बैठ जाता है। यूरिया मांग रहे हैं, उनका हक है। बिजली मांग रहे हैं, उनका हक है। पानी मांग रहे हैं, उनका हक है। वहीं, राज्य सरकार के दो साल की उपलब्धियों पर रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि विकास कहां है? आपको दिख जाए तो हमें भी बताएं।