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माडल स्कूलों में योग्य शिक्षकों का चयन कर होगी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई

भागलपुर. जिले में शिक्षा विभाग ने 16 प्रखंडों के लिए माडल स्कूलों का चयन कर लिया है। मुख्यालय के निर्देशानुसार इन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। माडल स्कूलों के बेहतर संचालन के लिए अब जिले के विभिन्न स्कूलों से योग्य और अनुभवी शिक्षकों का चयन किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। माडल स्कूलों में प्राथमिकता बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से चयनित उच्च रैंक वाले शिक्षकों को दी जाएगी। साथ ही यह देखा जाएगा कि चयनित शिक्षकों ने विशेष प्रशिक्षण लिया है या नहीं। दक्षता परीक्षा और विशिष्ट शिक्षक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। सेवानिवृत्त और अनुभवी शिक्षक भी होंगे शामिल पुराने शिक्षक जो सेवानिवृत्त होने के करीब हैं, उनमें से भी योग्य और बेहतर प्रदर्शन वाले शिक्षकों को माडल स्कूलों में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जा सके। यह कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चयन और प्रशिक्षण की आगे की योजना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से शिक्षकों की प्रारंभिक सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर एक टीम का गठन कर अंतिम चयन किया जाएगा। चयनित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता निजी स्कूलों के स्तर के समान रहे। छात्र-शिक्षक अनुपात और संसाधन माडल स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार शिक्षक तैनात किए जाएंगे। वर्तमान में प्रत्येक स्कूल से छात्र-शिक्षक संख्या का डाटा लिया गया है। उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 शिक्षक, और प्लस टू स्तर (कक्षा 11-12) में कम से कम 16 शिक्षक तैनात किए जाएंगे। इन स्कूलों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, ICT आधारित शिक्षण, पर्यावरण क्लब और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, माडल स्कूलों में आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी। मुख्यालय स्तर से निर्देश मिले – मुख्यालय स्तर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में माडल स्कूल के शिक्षकों के लिए निर्देश मिले हैं। शिक्षकों के चयन इस प्रकार किया जाएगा उससे संबंधित जानकारी आने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। – राजकुमार शर्मा, डीईओ

बिहार की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

अरवल. बिहार सरकार ने आम बजट पेश किया है जिसमें प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल की स्थापना करने की प्रावधान लाया है। जिले में 64 पंचायत हैं, सभी पंचायत में मॉडल स्कूल के होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को निजी स्कूल के जैसा शिक्षा सरकारी स्कूल में मिलेगा। सरकार ने डिजिटल शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए भी बजट जारी किया है। डिजिटल शिक्षा मिलने से विद्यार्थी घर पर ही स्कूल के सिलेबस मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ सकेंगे। जिले में मेडिकल कॉलेज की घोषणा सरकार ने की है। मेडिकल कॉलेज बन जाने से जिलेवासियों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। अभी जिले भर में कहीं भी ट्रामा सेंटर या फिर गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार की घोषणा इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार का निर्माण का भी घोषणा इस बजट में हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। शहरी क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज की और राष्ट्रीय मानक के अनुसार ठोस कचड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने का भी बजट पास हुआ है। अरवल नगर परिषद में सीवरेज और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। अब इसकी व्यवस्था हो जाएगी, जिससे शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा। प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण होने से बेरोजगार रोजगार करने के लिए कला सीखेंगे जिससे पलायन रुकेगा। बजट को लेकर आम लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।     इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल विद्यालय की स्थापना करने का निर्णय बहुत ही अच्छा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर में सुधार होगा। -चंदन कुमार     ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा देने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को बच्चे अच्छी तरह और जल्दी समझ लेंगे, साथ ही स्कूल का सिलेबस ऑनलाइन उपलब्ध होगा। -अरविंद कुमार     प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना करने के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। युवा को स्किल देखकर रोजगार देने की भी बात कही गई है। इस केंद्र की स्थापना हो जाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा जिससे पलायन रुकेगा। -यशवंत कुमार     इस बजट के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिससे जिलेवासियों को बड़ा राहत मिलेगा। -सुषमा कुमारी     स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार विकसित करने का घोषणा किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा स्थानीय किसानों को होगा। किसान उचित दाम पर अपना उत्पाद बाजार में बेच सकेंगे। -गुड़िया देवी     शहरी क्षेत्र में सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने की बात इस बजट में कही गई है। शहर में कचरा प्रबंधन और सीवरेज की व्यवस्था नहीं है। यह दोनों व्यवस्था हो जाने पर शहर साफ और सुंदर दिखेगा। -अन्नू कुमारी

नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक बनेगी करियर एक्ज़ीबिशन-कम-कॉन्फ्रेंस

नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन महत्वपूर्ण मॉडल स्कूल टी.टी. नगर में विद्यार्थियों से किया गया संवाद भोपाल मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर, भोपाल में मंगलवार को बच्चों को पढ़ाई के साथ उनमें व्यावसायिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ कॅरियर विकल्पों, वैश्विक शैक्षणिक अवसरों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गयी। विषय-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष मती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि कॅरियर केवल विषय चयन नहीं, बल्कि आत्मचेतना, क्षमता और अवसरों की समझ पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक संभावनाओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं। विद्यालय की प्राचार्य मती रेखा शर्मा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि कॅरियर जागरूकता भविष्य का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सही दिशा तीनों से समर्थ बनाना है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिये वास्तविक अवसरों और चुनौतियों का परिचय कराती हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और नेशनल-इंटरनेशनल शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। स्टॉलों पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्प, प्रवेश प्रक्रियाएँ, स्कॉलरशिप अवसर, इमर्जिंग कॅरियर फील्ड्स और कम्पेटिटिव एक्जाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गयी। विद्यालय की काउंसल द्वारा तैयार किये गये कॅरियर आधारित मॉडल्स, चार्ट्स, पोस्टर्स एवं इंटरेक्टिव आकर्षण का केन्द्र रहे। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेथ्स, बॉयोलॉजी, वाणिज्य, मानविकी के साथ सायबर सिक्यूरिटी, डिफेंस सर्विसेस, एविएशन, क्रिएटिव ऑर्ट्स और डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इण्डिया की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों ने ऑर्ट एण्ड क्रॉफ्ट, माटीकला, पेंटिंग, ज्वेलरी डिजाइन, हेण्डीक्रॉफ्ट और एन्त्रप्रेन्योरशिप जैसे कौशल आधारित स्टॉल लगाये। इन स्टॉलों में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।