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भारतीय टीम को था बड़े स्कोर का भरोसा, फिर क्यों चुपचाप रहा ड्रेसिंग रूम? सिराज का बड़ा खुलासा

मुंबई भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि जून 2024 के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर वह सबसे छोटे प्रारूप के लिए अपनी तैयारी को लेकर साफ थे और अमेरिका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में रणजी ट्रॉफी में फेंकी गई लाइन और लेंथ पर टिके रहना ही उनकी योजना थी। सिराज शनिवार से शुरू हुए विश्व कप के लिए शुरुआत में भारत की योजनाओं का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने हालांकि टीम में वापसी की और एकादश में शामिल होकर वानखेड़े स्टेडियम में मेजबान टीम की 29 रन की जीत में 29 रन देकर तीन विकेट लिए। 'जब विश्व कप में खेलते हैं तो…' मैच के बाद सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''भावनाएं हमेशा होती हैं क्योंकि एक खिलाड़ी के तौर पर जब आप विश्व कप में खेलते हैं तो एक पेशेवर के तौर और टूर्नामेंट के लिए सपना अलग होता है।'' उन्होंने कहा, ''मैं रणजी ट्रॉफी खेलकर आ रहा था इसलिए मेरी लाइन और लेंथ (अच्छी थी)… जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे तो नई गेंद को मारना आसान नहीं था और सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण था और अगर आपको विकेट मिलते तो यह टीम के लिए अच्छा होता। तो यही योजना थी और मैं इसे लागू कर पाया और विकेट भी लिए।'' 'मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा' सिराज को चोटिल हर्षित राणा की जगह अंतिम लम्हों में टीम में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि उन्हें तुरंत इलेवन में जगह मिलेगी लेकिन रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की कप्तानी के अनुभव से मदद मिली। उन्होंने कहा, ''सबसे पहले तो मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा। मुझे बुलाए जाने पर खुशी हुई लेकिन मुझे सुबह पता चला कि मैं खेल रहा हूं इसलिए मैं थोड़ा और उत्साहित था क्योंकि मैं कल (शुक्रवार) ही आया था।'' सिराज ने कहा, ''जिस तरह से मैं रणजी ट्रॉफी में खेल रहा था, मैं (हैदराबाद की) कप्तानी भी कर रहा था इसलिए मैं खुद को शांत रखना चाहता था और मैं सिर्फ इस बारे में सोच रहा था कि मैं कैसे दबाव डाल सकता हूं और हमला कर सकता हूं। मैंने जो भी सोचा उसे मैं लागू कर पाया।'' '10 साल हो गए हैं इसलिए जब…' इस तेज गेंदबाज ने कहा, ''बेशक मैंने यहां दोपहर तीन बजे पहुंचने के बाद वीडियो देखे। बिना तैयारी के आप मैदान पर नहीं उतर सकते, आखिर यह विश्व कप है।'' सिराज ने बताया कि उनके फोन पर अब भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वॉलपेपर लगा हुआ है जिसे उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान साझा किया था। उन्होंने कहा, ''वॉलपेपर अब भी वही है। आपको मानसिक रूप से बहुत तैयार रहना पड़ता है, विशेषकर जब आप विश्व कप में खेल रहे हों। मुझे भारत के लिए खेलते हुए लगभग 10 साल हो गए हैं इसलिए जब आपको मौका मिलता है तो आपको ज्यादा समय की जरूरत नहीं होती…।'' सिराज ने कहा कि यह असमान गति वाला विकेट था क्योंकि पहले हाफ में एक समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 77 रन हो गया था लेकिन ड्रेसिंग रूम में कभी दबाव नहीं था। 'भारतीय टीम ने इतना स्कोर सोचा था' उन्होंने कहा, ''ईशान (किशन) ने कहा कि यह असमान गति वाला विकेट है। हमने (शुरुआत में) विकेट गंवा दिए थे। हमने सोचा कि 170 का स्कोर बहुत अच्छा होगा क्योंकि ओस ज्यादा नहीं थी और हमने सोचा कि पावरप्ले में जितने ज्यादा विकेट ले सकें उससे विरोधी टीम पर दबाव पड़ेगा।'' सिराज ने कहा, ''हमने योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया। अर्शदीप (सिंह) ने अच्छी गेंदबाजी की जिससे काफी दबाव बना।'' सिराज ने कहा कि ड्रेसिंग रूम शांत था क्योंकि कप्तान सूर्यकुमार यादव क्रीज पर थे जिन्होंने 49 गेंद में 84 रन की मैच जिताने वाली पारी खेली। उन्होंने कहा, ''हम शांत थे क्योंकि सूर्यकुमार खेल रहा था और वह विकेट को जानता है। वह मुंबई का है और उसने कहा 'मैं यहां हूं, चिंता मत करो'।'' सिराज ने कहा कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पेट खराब होने की वजह से दूसरे हाफ में अधिक समय तक क्षेत्ररक्षण नहीं किया। उन्होंने कहा, ''उसका पेट थोड़ा खराब था लेकिन मुझे यकीन है कि वह अगले मैच में अपना जादू दिखाएगा।''

T20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम में बदलाव, हर्षित राणा चोटिल, मोहम्मद सिराज की एंट्री

 नई दिल्ली आईसीसी पुरुष 20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले ही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है. तेज गेंदबाज हर्षित राणा आगामी टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. हर्षित गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं. ऐसे में उनका बाहर होना भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है. भारतीय टीम मैनेजमेंट को गुरुवार (5 अक्तूबर) शाम ही हर्षित की चोट की जानकारी मिल गई थी. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हर्षित को आधिकारिक तौर पर बाहर नहीं किया गया है, लेकिन अब सूत्रों ने पुष्टि की है कि वह टूर्नामेंट में खेलने के लिए फिट नहीं हो सके. रिपोर्ट के मुताबिक हर्षित राणा की जगह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया गया है. इसकी औपचारिक घोषणा जल्द होगी.' हर्षित राणा को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वॉर्मअप मैच के दौरान चोट लगी थी. वह रनअप पूरा नहीं कर पा रहे थे और एक ही ओवर में दो बार ऐसा देखने को मिला. इसके बाद उन्हें घुटने में दर्द महसूस हुआ और वह लड़खड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे. उन्होंने मैच में सिर्फ एक ओवर डाला, जिसमें 16 रन दिए थे. हर्षित की कमी खलेगी: सूर्यकुमार संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ पहले मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने कहा था, 'फिजियो उनकी जांच कर रहे हैं, लेकिन उनकी स्थिति अच्छी नहीं लग रही. टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से यह बड़ा नुकसान है. अगर वह नहीं खेलते हैं तो हमें उनकी कमी जरूर खलेगी, लेकिन हमारे पास विकल्प मौजूद हैं और हम सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज को चुनेंगे.' मोहम्मद सिराज को शुरुआती स्क्वॉड में नहीं शामिल किया गया था, लेकिन हर्षित राणा के चोटिल होने के चलते उनकी किस्मत बदल गई है. 31 साल के सिराज ने भारतीय टीम के लिए 16 टी20 इंटरनेशनल में 32.28 की औसत से 14 विकेट झटके हैं. टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को ग्रुप-ए में संयुक्त राज्य अमेरिका, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और नामीबिया के साथ रखा गया है. टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की अपडेटेड टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज और ईशान किशन (विकेटकीपर). भारत के ग्रुप मैचों का शेड्यूल 07 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs USA. मुंबई 12 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs नामीबिया. दिल्ली 15 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs पाकिस्तान. प्रेमदासा, कोलंबो 18 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs नीदरलैंड्स. अहमदाबाद

सिराज की रफ्तार ने फिर मचाया धमाल, अगस्त 2025 के लिए बने ICC प्लेयर ऑफ द मंथ

मुंबई  भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है. अगस्त 2025 के लिए उन्हें ICC मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. इस दौड़ में सिराज को न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और वेस्टइंडीज के जायडन सील्स जैसी दिग्गज गेंदबाजों से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन अंत में भारतीय पेसर ने बाजी मार ली. इंग्लैंड दौरे पर उनका दमदार प्रदर्शन इस उपलब्धि की बड़ी वजह रहा. इंग्लैंड सीरीज के नायक बने सिराज भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई 5 टेस्ट मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही. इस सीरीज में मोहम्मद सिराज भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने 9 पारियों में कुल 23 विकेट चटकाए. सिराज का प्रदर्शन सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने निर्णायक मौकों पर टीम इंडिया को मैच में वापसी दिलाई. सीरीज में सिराज ने 2 बार पांच-पांच विकेट झटके, जबकि एक बार चार विकेट लिए. 32.43 की औसत और लगातार विकेट लेने की लय ने उन्हें इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइनअप के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना दिया. ओवल टेस्ट का जादुई स्पेल अगस्त 2025 में सिराज ने जो सबसे यादगार प्रदर्शन किया, वह ओवल टेस्ट में देखने को मिला. इस मैच में उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर 9 विकेट चटकाए. 21.11 की औसत से लिए गए ये विकेट भारत के लिए बेहद अहम साबित हुए. सिराज के इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने ओवल टेस्ट जीतकर सीरीज को बराबरी पर समाप्त किया. यही मैच उनके लिए ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ जीतने का टर्निंग पॉइंट भी बना. आंकड़ों के मुताबिक, सिराज इस सीरीज में सबसे ज्यादा 1113 गेंदें फेंकने वाले खिलाड़ी भी रहे, जिसने उनकी फिटनेस और निरंतरता को उजागर किया. लगातार भरोसे पर खरे उतरे सिराज सीरीज में इकलौते भारतीय तेज गेंदबाज थे जिन्होंने सभी पांच टेस्ट मैच खेले. यह अपने आप में दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट उनके फिटनेस और कौशल पर कितना भरोसा करता है. उन्होंने जेम्स एंडरसन, जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे बड़े नामों को कई बार पवेलियन भेजकर अपनी काबिलियत साबित की. उनका योगदान सिर्फ विकेट लेने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने लंबे-लंबे स्पेल डालकर बाकी गेंदबाजों पर दबाव कम किया और मैच में संतुलन बनाए रखा. सिराज की भावनाएं और बयान अवॉर्ड मिलने के बाद मोहम्मद सिराज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा “ये अवॉर्ड मेरे लिए बहुत स्पेशल है. एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज हमेशा यादगार रहेगी, क्योंकि दोनों टीमों के बीच बेहद कांटे का मुकाबला हुआ. ये सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ और मेरे सभी साथियों का है, जिन्होंने मुझ पर भरोसा बनाए रखा. भारत की जर्सी पहनकर मेरा इरादा हमेशा यही रहता है कि मैं टीम के लिए अपना 100% दूं.” सिराज के इस बयान ने साफ कर दिया कि वे व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम की सफलता को अहमियत देते हैं. भारत को मिली मजबूत तेज गेंदबाजी की ताकत मोहम्मद सिराज का ये अवॉर्ड भारत की तेज गेंदबाजी यूनिट के लिए भी बड़ी उपलब्धि है. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव जैसे सीनियर गेंदबाजों के बाद सिराज अब टीम के प्रमुख पेसर के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं. इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने जिस अंदाज में गेंदबाजी की, उसने भारतीय तेज आक्रमण को और भी मजबूत बना दिया. उनकी निरंतरता और स्पेल में विकेट लेने की क्षमता भारत के लिए भविष्य में भी गेम-चेंजर साबित हो सकती है.