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सच्चा वादा, पक्का काम… मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – जो कहा, वो पूरा करके दिखाया

सच्चा वादा पक्का काम… हमने जो कहा, पूरा करके दिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान समृद्ध होंगे, तभी समृद्ध होगा हमारा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने किया अभिनंदन आगर मालवा में 200 करोड़ रुपए के 2 कामों की मंजूरी के लिए माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारी धरोहर हैं। ये अन्नदाता ही देश के भाग्य विधाता हैं। सरकार प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए कृत संकल्पित है। अन्नदाताओं को मजबूत करने के लिए ही हम 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसमें सरकार का पूरा फोकस खेती को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन के साथ गौपालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा वादा और पक्का काम, यही सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया था, वह पूरा करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत@2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान एवं नयी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आगर-मालवा जिले के लिए 167.21 करोड़ रुपए लागत की आहू मध्यम सिंचाई परियोजना और 24.88 करोड़ रुपए की लागत से हड़ाई तालाब निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 200 करोड़ रुपए की इन दोनों योजनाओं से आगर-मालवा जिले के खेतों तक पानी पहुंचेगा और 4800 हैक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। आगर-मालवा जिले को यह दो सौगातें मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर आगर-मालवा जिले के बड़ोद क्षेत्र के कुछ गांवों के अटपटे से नाम बदलने का आश्वासन किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वे स्वयं आगर-मालवा आएंगे और किसानों के बीच जाकर उनसे संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद आगर-मालवा को विकास को नए पंख लगे हैं। अब राजस्थान के झालावाड़ से नया हाई-वे भी सीधे उज्जैन के बाबा महाकाल और नलखेड़ा की मां बगुलामुखी धाम को जोड़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और माल परिवहन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने उद्यानिकी फलदार पौधों के मूल्यांकन एवं मुआवजा राशि में वृद्धि कर दी है। इसके तहत हमने आगर-मालवा जिले के मशहूर ओडीओपी उत्पाद संतरे की फसल के लिए पूर्व निर्धारित दर 4500 प्रति वृक्ष को बढ़ाकर 17,500 प्रति वृक्ष कर दिया गया है। यह जिले के संतरा उत्पादक किसानों के लिए बड़ी सौगात है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का लाभ सोयाबीन किसानों को दिया है। अब इस योजना में सरसो की फसल को भी शामिल कर किसानों को नई सौगात दी गई है। गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देकर सरकार 2625 रुपए मूल्य पर खरीदी कर रही है। तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। आगर-मालवा विधायक मधु गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधाओं से लैस हो रहा है और आगर मालवा जिला भी इससे अछूता नहीं है। कृषि कल्याण वर्ष में जिले के किसानों की समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 करोड़ लागत की सिंचाई परियोजना और तालाब विकास कार्यों को मंजूर किया है। उन्होंने औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को आगर मालवा से ईकाई प्रारंभ करने के लिए आकर्षित किया है। अब जिले में फूड चेन मकेन कंपनी की स्थापना से यहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आगर मालवा में 18 हजार करोड़ रुपए की लागत से भगवान बैजनाथ धाम का निर्माण किया जा रहा है। आगर मालवा को गोकुल ग्राम, 2 नवीन महाविद्यालय और अनेकों गौशालाओं की सौगात मिली है। अभिनंदन समारोह में जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, मेहरबान सिंह सहित आगर-मालवा जिले से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

भांडेर में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, आज का आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भांडेर में किसान सम्मेलन में आज होंगे शामिल 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण दतिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  जिले के भांडेर में मंगलवार 24 मार्च को मण्डी प्रांगण में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले में 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ भी वितरित करेंगे। इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले के पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन व केंटीन का निर्माण कार्य, माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना में यात्री निवास भवन निर्माण कार्य और पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निर्माण कार्य, 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं 3.15 एमवीए पॉवर परिणामित्र-2 स्थापना कार्य, सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर का निर्माण कार्य और ततारपुर स्टेडियम, पण्डोखर धाम के पास विश्राम गृह निर्माण कार्य एवं रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर के 50 सीटर बालक छात्रावास एवं 50 सीटर बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन करेंगे।  

निषादराज समाज की पंचायत शीघ्र होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान निषादराज ने भगवान श्रीराम को केवटराज से कहकर गंगाजी पार करवाने का पुण्य कार्य किया था। वनवास के पश्चात भगवान राम ने पहली रात टोंस नदी के तट पर बिताई थी। श्रृंगवेगपुर (प्रयागराज) के राजा होने के नाते निषादराज ने जनजातीय सेना का सहयोग दिलवाया था। दोनों परम मित्र बने। उनकी मित्रता निश्चल और अटूट थी। राज्य सरकार मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मछुआ और केवट समाज के सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्यपालन कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं दिलवाई जाएंगी। कृषक कल्याण वर्ष : 2026 में समाज बंधुओं की समृद्धि के लिए कार्य होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में निषादराज समाज की पंचायत का आयोजन भी किया जाएगा। इस पंचायत में मछुआ समाज के लिए रोजगार, शिक्षा, आवास सुविधा से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा निषादराज जयंती पर कटनी और बलदेवगढ़ (टीकमगढ़) में आयोजित कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त‍समाज बंधुओं को निषादराज भगवान के जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि निषादराज और भगवान राम के प्रसंग को इन कार्यक्रमों में जीवंत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालन से जुड़े समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने के लिए की गई पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.40 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिसमें से 99 प्रतिशत जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन हो रहा है। जहां प्रदेश में स्मार्ट फिश पार्लर प्रारंभ करने, झींगा पालन, नीली क्रांति के तहत केज कल्चर से मछली पकड़ने को बढ़ावा देने, आईस बाक्स युक्त मोटरसाइकिल प्रदाय के साथ ही आधुनिक मछली पालन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध हैं। मध्यप्रदेश में जहां लगभग डेढ़ लाख मछुआ कार्ड प्रदाय किए गए हैं, वहीं मत्स्य पालन कार्य से जुड़े मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। लगभग 2500 समितियां सक्रियता से कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। कटनी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक संदीप जायसवाल, दीपक टंडन सोनी, वेंकट निषाद, श्रीमती पार्वती निषाद, जयनारायण निषाद, श्याम निषाद आदि उपस्थित थे। टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह, बलदेवगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विश्वदीपक मिश्रा उपस्थित थीं।  

शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों और उनकी निरंतरता की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति के अलावा शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। मंत्रि-परिषद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति सहित अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी है। शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 1 जुलाई, 2025 से 03 प्रतिशत की वृद्धि करते हुये कुल 58 प्रतिशत के मान से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया। छठवें वेतनमान के कार्मिकों एवं निगम / मंडल / उपक्रम के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर राज्य शासन में कार्यरत पांचवें एवं चौथे वेतनमान अंतर्गत कार्मिकों को समानुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ता में वृद्धि के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया। स्वीकृति अनुसार 1 जुलाई, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छः समान किश्तों में किया जायेगा। प्रथम किश्त का भुगतान मई माह में, द्वितीय किश्त का भुगतान माह जून में, तृतीय किश्त का भुगतान माह जुलाई में, चतुर्थ किश्त का भुगतान माह अगस्त में, पांचवी किश्त का भुगतान माह सितम्बर में और छठवी किश्त का भुगतान माह अक्टूबर में किया जायेगा। एक जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2026 की अवधि में सेवानिवृत और मृत शासकीय सेवकों के संबंध में उन्हें अथवा नामांकित सदस्य को एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा। राज्य शासन के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 01 जनवरी, 2026 से सातवें वेतनमान अंतर्गत 58 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 257 प्रतिशत पेंशन राहत स्वीकृत करते हुये छत्तीसगढ़ शासन के 9 फरवरी, 2026 के पत्र पर सहमति प्रदान की गई। रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा जिले की महाना माईक्रो सिंचाई परियोजना की लागत 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से कुल 4500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 ग्रामों के लगभग 950 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों/पुलिस/होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 का संचालन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार प्रतिवर्ष अन्य पिछड़े वर्ग के 4000 युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र पुरूष अभ्यर्थी को 1 हजार रूपये प्रति माह तथा महिला अभ्यर्थी को 1100 रूपये प्रति माह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध कराई जायेगी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश के 10 स्थानों पर स्थापित 40 केन्द्रों पर महिला एवं पुरूष अभ्यर्थियों को पृथक-पृथक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसमें न्यूनतम 35 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों द्वारा भरी जायेगी। इसके अंतर्गत नि:शुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन सामग्री प्रदान की जायेगी। दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के समरूप प्रतिमाह 18 हजार रूपये मानदेय दिया जाने का निर्णय लिया गया है। आंगनवाड़ी में अति कम वजन (SUW)के बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार में वृदि्ध की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार में की गयी वृद्धि के अनुरूप, प्रदेश के समस्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 06 माह से 06 वर्ष आयुवर्ग के अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित प्रतिदिन प्रति हितग्राही राशि 8 रूपये से बढ़ाकर 12 रूपये किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रूपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रूपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रूपये, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रूपये, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रूपये और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रूपये सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 3 विभागीय योजनाओं अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास योजना, अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास संबंधी योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिये वित्तीय राशि 102 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत लोक कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए 865 करोड़ रूपये, विभागाध्यक्ष कार्यालय म.प्र. राज्य … Read more

सीएम मोहन का बड़ा कदम: सवा दो साल में 18 आईएएस-आईपीएस पर क्विक एक्शन, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को लापरवाही के मामले में हटाया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि गंभीर चूक पर सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है। दरअसल, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने अपनी कार्यशैली में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अब तक 10 आईएएस व 8 आईपीएस अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अब तक कम से कम 9 ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वरिष्ठ आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। रिश्वत कांड में गुना एसपी, दफ्तर में नहीं बैठने पर सीधी कलेक्टर पर कार्रवाई मुख्यमंंत्री ने गुना एसपी अंकित सोनी को 22 मार्च को उनके जिले में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा बीस लाख रुपए लेकर छोड़ देने और कोई कार्यवाही नहीं करने पर हटा दिया है। यहां थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए हैं। इसी तरह सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों पर हटाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवंशी कलेक्टर दफ्तर में नाम मात्र बैठते थे। वे अकसर शाम को कुछ देर के लिए ही दफ्तर आते थे। इससे लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। यह भी सूचना है कि सीधी सांसद के एक प्रोजेक्ट पर फायर एनओसी रोक रखी थी। आनंदपुर साहिब ट्रस्ट रिश्वतकांड : अशोकनगर कलेक्टर को हटाया अशोकनगर में आनंदपुर साहिब ट्रस्ट के खिलाफ कार्यवाही में रिश्वत के आरोप के चलते 24 जनवरी को अशोकनगर कलेक्टर रहे आदित्य सिंह को हटा दिया था। हालांकि बाद में ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं किए जाने की बात मीडिया से कही गई थी। सिंह की जगह कर्मचारी चयन मंडल में पदस्थ साकेत मालवीय को अशोकनगर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। आदित्य सिंह ने चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्यवाही में प्रदेश में सबसे अच्छा काम किया था। दूषित पानी से मौतें : इंदौर निगमायुक्त, अपर आयुक्त पर कार्रवाई इंदौर के भागीरथपुरा में सीवर युक्त पानी की सप्लाई के बाद हुई 23 मौतों के बाद 2 जनवरी को नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया। उन्हें पहले ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव फिर पर्यटन निगम में नियुक्ति दी गई। इसी दिन नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटाकर मंत्रालय में उपसचिव पदस्थ किया गया। अगले दिन 3 जनवरी को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी क्षितिज सिंघल को निगमायुक्त और आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को अपर आयुक्त बनाकर भेजा। मऊगंज गड़रा हत्याकांड : कलेक्टर-एसपी को हटाया 15 मार्च 2025 को मऊगंज के गड़रा गांव में विवाद में पुलिसकर्मी की हत्या और तनाव के बाद 18 मार्च को कलेक्टर और एसपी को बदला। कलेक्टर अजय श्रीवास्तव को हटाकर उप सचिव लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया और उनकी जगह 2015 बैच के आईएएस संजय कुमार जैन को कलेक्टर बनाया गया।एसपी रसना ठाकुर को हटाकर एआईजी पीएचक्यू भोपाल भेजा गया था। रसना की जगह दिलीप कुमार सोनी को एसपी बनाया। गड़रा गांव में आदिवासी परिवार द्वारा बंधक बनाए गए युवक सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जिसे बचाने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हुई थी तथा तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सागर में दीवार गिरी : कलेक्टर-एसपी, एसडीएम पर कार्रवाई सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। सरकार ने 4 अगस्त 2024 को कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटा दिया। आर्य को पहले मंत्रालय पदस्थ किया, सात दिन बाद एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का सीईओ बना दिया था। दूसरी ओर एसपी अभिषेक तिवारी को हटाने के बाद यह बात सामने आई थी कि वे घटना से 15 दिन पहले से विदेश में थे। वे 5 महीने पहले से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। हालांकि छुट्‌टी से लौटने के बाद रिलीव कर दिया गया। ड्राइवर की औकात पर हटाया था शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को देश भर में ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच 2 जनवरी 2024 को शाजापुर कलेक्टर और ड्राइवर्स की बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कलेक्टर मीटिंग के दौरान एक ड्राइवर से 'औकात' पूछते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद में कलेक्टर ने अफसोस प्रकट किया। हालांकि सरकार ने 3 जनवरी को उन्हें हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया कर दिया। 25 दिन बाद 28 जनवरी को उन्हें वन विभाग में उप सचिव बनाकर भेजा। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद पहले एसपी फिर कलेक्टर को हटाया हरदा में 7 फरवरी 2024 को पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत और 75 से अधिक घायल होने पर पहले एसपी संजीव कुमार कंचन और फिर कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटा दिया था। कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नवीन कुमार बरवा को निलंबित किया गया था। कलेक्टर ऋषि गर्ग को उपसचिव मध्यप्रदेश शासन बनाया गया, जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाकर भेजा गया। सिवनी में गोवंश की हत्या के बाद हटाए गए थे कलेक्टर सिंघल, एसपी राकेश सिवनी जिले के धूमा थाना व धनौरा क्षेत्र में 50 से ज्यादा गोवंश की हत्या कर शव फेंक दिए गए थे। जून 2024 के इस घटनाक्रम से सिवनी बंद के हालात बने थे और इसका असर पड़ोसी जिले मंडला पर भी पड़ा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह को 23 जून को हटा दिया था। सिंघल को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बनाया गया था। वहीं रीवा नगर निगम आयुक्त संस्कृति … Read more

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा सभी क्षेत्रों में सिंधी समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में होगी सिंधी समाज की पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी चेटीचंड पर्व की मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर आगे बढ़ रही है। हर समुदाय की परंपराओं और संस्कृति को सम्मान देना और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। चाहे व्यापार हो, शिक्षा हो या समाज सेवा, सिंधी समाज ने अपने परिश्रम समर्पण और सकारात्मक सोच से समाज को नई दिशा देते हुए प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में सिंधी समाज की विशेष पंचायत आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी समाज के नववर्ष के रूप में मनाये जाने वाले भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज बंधुओं को पर्व की मंगलकामनाएं दीं। विधायक भगवान दास सबनानी तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रतिनिधि कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भजन और सांगीतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चेटीचंड नव वर्ष के आरंभ का प्रतीक होने के साथ आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमें भगवान झूलेलाल की शिक्षाओं के अनुरूप सद्भाव, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज ने संघर्ष और कठिनतम परिस्थितियों में स्वयं को पुनः स्थापित करने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। लगभग 1200 वर्ष पहले राजा दाहिर द्वारा विधर्मियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया योगदान इतिहास में दर्ज है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश विभाजन की कठिनाइयों का भी सिंधी समाज ने दृढ़ता और साहस के साथ सामना किया तथा संघर्ष कर पुन: स्वयं को स्थापित कर अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हेमू कालानी का स्मरण किया और भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवानी के योगदान की सराहना की। विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव आम आदमी की समस्याओं की प्रति संवेदनशील हैं। उनके नेतृत्व में व्यापार, उद्योग, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और प्रदेशवासियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय सहित समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।  

सीएम मोहन यादव जयपुर में निवेशकों से करेंगे मुलाकात, टेक्सटाइल से लेकर EV तक के अवसरों पर चर्चा

भोपाल  पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) शनिवार को देश के उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे। जयपुर में 21 मार्च को बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले निवेशक शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में रहेंगे। वे जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित निवेशकों के बड़े कार्यक्रम (Investment Summit) में उद्योगपतियों से वन टू वन संवाद करेंगे। कार्यक्रम का नाम 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' है। इस कार्यक्रम में खास प्रोजेक्ट और निवेश की नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों से मीटिंग कर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म के क्षेत्र में निवेश पर बात करेंगे। जयपुर में दूसरा बड़ा आयोजन एमपी सरकार (mp govt) की मंशा है कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग आएं और युवाओं के लिए रोजगार बढ़े। मोहन सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति भी बनाई है। इसमें उद्योग लगाने की और निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इससे निवेशकों को पूरी कागजी कार्यवाही में परेशानी न हो। कुछ दिन पहले भीलवाड़ा में एक्सटाइल सेक्टर को लेकर इसी प्रकार का आयोजन हो चुका है, इसके बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन जयपुर में हो रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ निवेश को धरातल पर उतारने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समग्र क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। एमपी में चल रहा है काम मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कई जिलों में नए उद्योग विकसित किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस हब और धार में पीएम मित्रा पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर भी काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है, जिससे खेती और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। जयपुर (jaipur) में होने वाले इस बड़े आयोजन का मकसद भी यह है कि राजस्थान और आसपास के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आकर्षित किया जा सके और उनसे निवेश कराया जा सके। इससे मध्यप्रदेश में विकास बढ़े और रोजगार के नए-नए अवसर भी निर्मित हों।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: ‘आनंद का अनुभव अंतस से होता है, न कि अर्थ से

आनंद एक ऐसी सुखानुभूति है, जो अर्थ क्रय से नहीं, अंतस से होती है अनुभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूजे के सुख में भी स्व का आनंद ढूंढ़ना है भारतीय संस्कृति की चेतना का आधार मुख्यमंत्री ने आनंदोत्सव के विजेताओं को किया पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनंद के आयाम राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल प्रशासन अकादमी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम मनुष्य आदतन सुख-सुविधाओं की वस्तुओं और विलासतापूर्ण जीवन में ही सुख ढूंढ़ते रहते हैं। भौतिक सुख की अभिलाषा सबको है पर आत्मिक सुख और शांति की दरकार कम ही लोगों को है। जबकि जीवन का आनंद भौतिकता में नहीं, मन के भावों की संतुष्टि में निहित है। उन्होंने कहा कि आनंद एक ऐसी सुख की अनुभूति है, जो धन से सुख-सुविधाओं के यंत्र वस्तुएं खरीदकर नहीं, बल्कि अपने अंतस में जागे मानवीय भावों के तृप्त होने पर भीतर से उपजती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आनंद के आयाम-राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन कर राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगल आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 14 से 28 जनवरी तक मनाए गए आनंदोत्सव के विजेताओं को पुरस्कार के रूप में नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिए। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी विधा में प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रूपए दिए गए। मुख्यमंत्री ने फोटोग्राफी विधा में मिलिंद कुमार को प्रथम, शैलेंद्र बिहार को द्वितीय एवं सुसीमा अग्निहोत्री को तृतीय पुरस्कार दिया। वीडियोग्राफी विधा में सैयद अफजान को प्रथम, राजा खान को द्वितीय एवं जीवन रजक को तृतीय पुरस्कार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम दूसरों के सुख में भी अपने आनंद की अनुभूति प्राप्त कर लें, यही सनातन संस्कृति की चेतना का आधार है। हम सभी को अपने कार्यों को पूरे आनंद, उत्साह और दक्षता के साथ संपादित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन में आनंद के आयाम, हमारे सुख और दु:ख के बीच के अंतर को समझने से पता चलते हैं। आदिकाल से भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की रही है, जिसमें परिवार की धारणा को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 1956 के विश्व हिंदू सम्मेलन में मार्गेट थेचर ने भारत और इंग्लैंड की संस्कृति का मूल अंतर सबको समझाया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय परिवारों की व्यवस्था में अगर कोई एक सदस्य भी कमाई करता है तो पूरा परिवार आनंद और सम्मान के साथ जीवन जीता है। यह दुनिया में सिर्फ भारत में ही संभव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी के जीवन में भारी कष्टों से निवृत्ति के बाद मिले आनंद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यशोदा मैया और नंद बाबा ने कन्हैया के लालन-पालन में ही आनंद की अनुभूति की। उन्होंने कभी ये नहीं सोचा कि यह किसी और का शिशु है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुख और दु:ख बिना विचलित हुए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। जबकि महाभारत में उन्हीं के सैनिक उनके सामने युद्ध लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के आयोजन में साधु-संत भीषण गर्मी में अग्नि स्नान करते देखे जाते हैं। उनके शरीर पर मौसम और कांटों तक का कोई असर नहीं पड़ता है, क्योंकि वे भगवान के समीप साधना के मार्ग से आनंद में डूबते हैं। सनातन संस्कृति में हमारे संत अग्नि वस्त्र धारण कर समाज की कई उलझनों को दूर करने के लिए अपने जीवन का निचोड़ देते हैं। हरिद्वार से आए महर्षि मधुसूदन जी महाराज ने कहा कि संसार के भौतिक जगत को मापने का मापदंड मैटा फिजिक्स तय करती है। इसके दो भागों में संसार के तत्व ज्ञान और ब्रह्म ज्ञान का अध्ययन किया जाता है। आनंद की प्राप्ति के लिए वेदांत में कई स्थानों पर उल्लेख मिलता है। आनंद ही ब्रह्म है, जो पूरे संसार को गति प्रदान करता है। देश की गुलामी के समय बेलियम हेस्टिंग ने गीता को पढ़कर कहा था कि भारत अब लंबे समय तक गुलाम नहीं रहेगा, क्योंकि उन्होंने गीता में आनंद के तत्व ज्ञान को जाना था। बाद में गीता लंदन पहुंची और वहां हर विचारधारा के विद्वानों ने गीता को हाथों हाथ लिया। अमेरिका के विद्वान भी गीता के ज्ञान को परफेक्शन के रूप में देखा है। परफेक्शन अभ्यास से ही आता है। अमेरिकी जीवन सिद्दांत से देखें, तो जब कोई अपनी विधा में, अपने काम में परफेक्शन प्राप्त कर लेता है, तो वह योगी हो जाता है। आज हमारा भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्व गुरु बनने की यात्रा कर रहा है। आनंद विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आनंद विभाग प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तर पर शासकीय सेवकों के लिए आनंद से रहने की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शासकीय सेवक स्वयं आनंदित रहना और नागरिकों के साथ कुशल व्यवहार करना सीख रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर कॉलेज तक मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे चित्त में प्रसन्नता है, तो समझिए सारा संसार खुश है। राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ता के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के सचिव अभय महाजन, कमलेश पटेल, डॉ. जामदार सहित आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार, उप निदेशक प्रवीण गंगराड़े एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के जिलों से आए आनंदक एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। राज्य आनंद संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक मनु दीक्षित ने सभी का आभार माना।  

सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव पर धर्मनगरी उज्जैन में राम घाट पर हुआ भव्य आयोजन पार्श्व गायक विशाल मिश्रा की प्रस्तुति, ड्रोन शो, लेजर शो और भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां उज्जैन  विक्रमोत्सव-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन का परमात्मा ने भाग्य विशेष रूप से लिखा है। जो भी व्यक्ति एक बार उज्जैन आता है, उसका जीवन संवर जाता है। मां शिप्रा के पावन तट पर बसी यह नगरी अनादि काल से अस्तित्व में है और हर युग में इसकी महिमा अक्षुण्ण रही है। उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से जाना जाता था, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का धाम है। वर्षप्रतिपदा के इस विशेष दिन विक्रम संवत 2083 के आगमन का उल्लास पूरे शहर में देखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विक्रमोत्सव-2026 अंतर्गत उज्जैन के राम घाट पर आयोजित सृष्टि आरंभ उत्सव का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन का उपयोग युद्ध में कर रही है, वहीं ड्रोन तकनीक उज्जैन में देवी-देवताओं की झलक आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रही है। यह सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है। करीब दो हजार वर्ष पूर्व उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांताओं को परास्त कर राष्ट्र की रक्षा की और सुशासन की मिसाल कायम की। उनका 32 पुतलियों वाला सिंहासन, नवरत्नों की विद्वता, वीरता और दानशीलता आज भी प्रेरणा का स्रोत है। आज विक्रमादित्य की इसी गौरवगाथा को पुनर्जीवित करते हुए पूरे प्रदेश में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव है, बल्कि सुशासन और प्रशासनिक आदर्शों की पुनर्स्थापना का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार का सिंहस्थ अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने वाला है। उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन बनाया जा रहा है, वहीं मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नवीन घाट विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को व्यापार और उद्योग की दृष्टि से भी विकसित किया जा रहा है। विक्रम उद्योगपुरी, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र पूर्ण रूप से विकसित हो चुका है और अतिरिक्त 5 हजार एकड़ क्षेत्र में नया पार्क तैयार किया जा रहा है। साथ ही नए एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना से धार्मिक तीर्थाटन को नई ऊंचाई देने का प्रयास है। आने वाले समय में उज्जैन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक, औद्योगिक और वैश्विक पहचान का केंद्र बनेगा। जब 2028 में सिंहस्थ का विराट स्वरूप दुनिया के सामने आएगा, तब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति का वैभव देखेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिप्रा तट स्थित रामघाट,दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित इस महोत्सव में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद प्रसिद्ध पार्श्व गायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीत का आनंद लिया और नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गुड़ी पड़वा, जिसे हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है, से पूरे शहर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी से आकाश को भर दिया रोशनी और रंगों से कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी रही, जिसने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। ड्रोन-शो के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह अभिभूत हो उठा। विभिन्न साहित्य का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का विक्रम पंचांग 2083, संस्कृति संचालनालय का कला पंचांग, बिमल कृष्ण दास की 84 महादेव, रामस्वरूप दास की ओरछाधीश, वीर भारत न्यास के महर्षि अत्रि, महर्षि अंगिरा, धनवंतरी, महर्षि अगस्त्य, भरत मुनि के भारत निधि मोनोग्राफ, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ की अष्टावक्र गीता, नारद गीता, ब्राह्मण गीता, गर्भ गीता, उत्तर गीता का विमोचन किया। विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित सृष्टि आरम्भ उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ संगीत, संस्कृति और तकनीक के संगम के रूप में उज्जैन को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान प्रदान की। सृष्टि आरम्भ उत्सव ने उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज,विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विक्रमादित्य शोधपीठ निदेशक डॉ. श्रीराम तिवारी, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, राजेश कुशवाह, नरेश शर्मा, राजेंद्र भारती और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘चेटीचंड पर्व भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जगाता है

चेटीचंड पर्व अखंड भारत की याद दिलाकर भारतीयों के हृदय में जागृत रखता है अखंड भारत का सपना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी से देश, प्रदेशवासियों को दी चेटीचंड महापर्व की मंगलकामनाएं भगवा ध्वज लहराकर चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के चल समरोह का किया शुभारंभ जनप्रतिनिधि और मशहूर हस्तियां भी शामिल हुई चल समारोह में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चेटीचंड का पर्व अखंड भारत की याद दिलाता है और भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जागृत रखता है। सामाजिक उत्सवों से एक दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मीयता बढ़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को उनकी वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता के लिए याद किया उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य से प्रेरित होकर शासन उन गुणों को आत्मसात कर सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के टावर चौक पर चेटीचंड महापर्व पर आयोजित सिंधी समाज के चल समरोह का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 में बाबा महाकाल की नगरी से देश एवं प्रदेशवासियों को चेटीचंड के महापर्व की मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश विकास के नवीन आयाम स्थापित कर रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार नवीन विकास के कार्य कर रही है। सभी गणमान्य नागरिक भी विकास कार्यों में अपना योगदान दे रहे है। आगामी सिंहस्थ के दिव्य आयोजन से प्रदेश और उज्जैन की वैश्विक पटल पर नवीन पहचान स्थापित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवा ध्वज लहराकर चल समारोह का शुभारंभ किया। रैली में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद और एक्ट्रेस सुजयाप्रदा, मशहूर एक्टर आफताब शिवदासानी, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम गोली उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, महेश पारियानी, डॉ. जितेंद्र जेठवानी और बड़ी संख्या में सिंधी समाजगण उपस्थित रहे।