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ग्लोबल इन्वेस्टमेंट की तैयारी: सिंगापुर-लंदन में रोड शो करेगी मोहन सरकार, सौर ऊर्जा में आगे बढ़ेगा MP

भोपाल मध्य प्रदेश ने 2030 तक अपनी ऊर्जा खपत के 50 प्रतिशत हिस्से की पूर्ति सौर ऊर्जा से करने की कार्य योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेश में कई परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है। इसे और गति देने के लिए निवेश बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में इस साल दिल्ली, मुंबई, सिंगापुर और लंदन में रोड शो आयोजित कर मुरैना-2 सौर सहित ऊर्जा भंडारण परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। मुरैना-2 परियोजना में छह माह बिजली उत्तर प्रदेश और छह माह मध्य प्रदेश को मिलेगी। वैश्विक स्तर पर निवेशकों को लुभाने की तैयारी रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौर ऊर्जा से जुड़े उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बैठक कर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराएंगे। बता दें कि 24 और 25 फरवरी 2025 को भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 5.72 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इससे 1.4 लाख रोजगार सृजन संभावित हैं। मध्य प्रदेश अपनी आवश्यकता की 50 फीसदी विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा से करेगा। वर्ष 2030 तक लगभग 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। इसमें से आधी यानी 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार कार्ययोजना बनाकर काम कर रही है। प्रदेश में अभी 26 हजार मेगावाट बिजली की खपत है, जिसमें सात हजार मेगावाट बिजली की पूर्ति सौर ऊर्जा से हो रही है। मुरैना और अन्य जिलों में प्रस्तावित बड़ी परियोजनाएं आठ हजार मेगावाट की दो सौर ऊर्जा की परियोजनाएं मुरैना में स्थापित की जाएंगी। वहीं साढ़े सात हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं छह जिलों (आगर, धार, अशोकनगर, भिंड, शिवपुरी और सागर) में प्रस्तावित की गई हैं। 15 हजार हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। गांधीनगर में चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में अवाडा ग्रुप ने पांच हजार करोड़ और रिन्यू पावर ने छह हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। इसके अलावा जल संसाधन विभाग भी 100 मेगावाट की परियोजना पर काम कर रहा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की विशेष उपलब्धियां सांची मप्र की पहली सोलर-सिटी है। देश के सौर ऊर्जा उत्पादन में मध्य प्रदेश 8.2 प्रतिशत के योगदान के साथ चौथे स्थान पर है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट है। रीवा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट सोलर प्लांट (750 मेगावाट) दिल्ली मेट्रो को बिजली प्रदान करता है। नीमच जिले में भारत की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज परियोजना 7,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को एकीकृत करती है। पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम के मोहासा बाबई में 884 एकड़ में विकसित किया जा रहा है।  

मोहन सरकार के दो साल: 2025 में मध्य प्रदेश में ₹8 लाख करोड़ के उद्योग, जानें क्या रही खासियत

भोपाल  प्रदेश की मोहन यादव सरकार पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सबसे ज्यादा फोकस उद्योगों पर कर रही है। प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार तमाम कवायद कर रही है। साथ ही कुछ नई रवायतें भी शुरू की हैं। पहली बार प्रदेश के अलग-अलग संभागों में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए।  इंदौर से हटकर ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट पहली बार भोपाल में हुई। इसके जरिए मोहन सरकार पूरे प्रदेश के हर इलाके की तस्वीर उद्योगपतियों के सामने रख रही है। साथ ही उनकी खासियत बता कर मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया है। इसके नतीजे भी अब धरातल पर आने लगे हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पांच हजार 550 एकड़ जमीन अलॉट हो चुकी है। आठ लाख करोड़ के उद्योग लगे प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया। यही वजह है कि प्रदेश में करीब आठ लाख करोड़ रुपये के उद्योग लग चुके हैं और छह लाख लोगों को रोजगार मिलने का सरकार दावा भी कर रही है।  भोपाल सेंट्रल : मध्य प्रदेश के सेंट्रल एमपी के भोपाल से लगे रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड बीईएमएल की रेल हब निर्माण इकाई ब्रह्मा का शिलान्यास किया गया। यह कंपनी वंदे भारत और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। जमीन आवंटित होने के बाद प्रोजेक्ट का शिलान्यास हो गया है। काम शुरू होने पर प्रत्यक्ष तरीके से 1575 लोगों को रोजगार मिलेंगे और अप्रत्यक्ष तरीके से भी सैकड़ों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। यह मध्य एमपी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही सरकार भोपाल के अचारपुरा में नया इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप कर रही है। इसको टैक्सटाइल और फार्मा कंपनियों का हब बनाने की तैयारी है। कुछ कंपनियों को जमीन भी आवंटित हो गई है। मालवा निर्माण : मालवा निर्माण के क्षेत्र में भी बड़े इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हुए हैं। वहां पीथमपुर में पहले से ही कई बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं। अब केंद्र की तरफ से धार जिले में ही इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए पीएम मित्र पार्क की सौगत मिली है। यह इसकी शुरुआत से एमपी में टेक्सटाइल के क्षेत्र में बूम आएगा। जिससे रोजगार के साथ-साथ वहां के किसानों को भी काफी फायदा होने वाले हैं। उस क्षेत्र में कपास की खेती बड़े पैमाने पर होती है और टेक्सटाइल पार्क नहीं होने की वजह से अभी बाहर के लोग उसे ले जाते हैं। 2158 एकड़ में फैले इस पार्क में 23 हजार करोड़ का निवेश होगा। कई बड़ी कंपनियों को जमीन भी अलॉट कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट से करीब तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार मिलेंगे। साथ ही ग्लोबल मार्केट में एमपी को एक नई पहचान मिलेगी। विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क इसके साथ ही उज्जैन से सटे विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया गया है। यह पार्क करीब एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह देश के चार बड़े मेडिकल डिवाइस पार्कों में से एक हैं। यहां पर बड़े पैमाने पर निवेश भी आ रहे हैं। करीब 2900 करोड़ के निवेश अब तक आ चुके हैं। अब पार्क पूरी तरह से फुल हो चुका है। इसके बाद फेज-2 का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 360 एकड़ जमीन विकसित की गई थी। इस प्रोजेक्ट से भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेंगे। साथ ही एक्सपर्ट और इंम्पोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा।  बुंदेलखंड: पतंजलि समूह कर रहा निवेश सरकार बुंदेलखंड के विकास पर भी जोर दे रही है। बुंदेलखंड में पतंजलि ग्रुप बढ़ा निवेश करने जा रही है। इसके लिए रीवा जिले के मऊगंज तहसील में 175 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी गई है। इसमें पांच हजार करोड़ का निवेश आएगा और पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने रीवा में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया था। इसमें करीब बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों में 31 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए थे। सिंगरौली और कटनी में कंटेनर डिपो का निर्माण हो रहा है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज और मैहर में नए इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की योजना है। रामा प्लाई ग्रुप ने रीवा में नई प्लाइवुड यूनिट विस्तारित करने की घोषणा की थी कि इसमें 500 करोड़ निवेश का वादा किया था। सागर के मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी मिल गई है, जिससे बुंदेलखंड में उद्योगों को नई गति मिलेगी। इस पैकेज से 24,240 करोड़ रुपये का निवेश और 29 हजार से अधिक रोजगार अवसर बनने का मार्ग खुलेगा। ग्वालियर-चंबल: अदाणी समूह कर रहा बड़ा निवेश ग्वालियर चंबल में भी बड़ी कंपनियां निवेश के लिए तैयार हैं। अदाणी ग्रुप ने शिवपुरी में जैकेट बनाने के लिए 3500 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा गुना में अदाणी ग्रुप सीमेंट की बड़ी फैक्ट्री लगा रहा है। साथ ही उस क्षेत्र में अंबानी ग्रुप भी फर्टिलाइजर और बायोगैस के क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। साथ ही टूरिज्म और स्पोर्टस के क्षेत्र में भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में काफी बदलाव आ रहे हैं। ग्वालियर में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होने लगे हैं। इसके साथ ही पैकेजिंग एवं ऑटोमोटिव इंटीरियर के क्षेत्र में मार्बल विनाइल नाम की कंपनी ने 620 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे 2800 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर एसएसजी फर्नीसिंग सॉल्यूशन ने भी 750 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इससे 9 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, मुरैना में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम हो रहा है। यहां देश की पहली सौर ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित की गई हैं। इसमें तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश है, जो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है।

एमपी कैबिनेट ने मंजूरी दी: लाड़ली बहना योजना की 1500 रुपये मासिक सहायता और सोयाबीन भावांतर योजना का नया रेट

भोपाल  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक ने इसे मंजूरी दे दी, मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक लाड़ली बहना के लिए हुए इस फैसले के अलावा भी कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी इसमें भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से जुड़े फैसले शामिल हैं। राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई , बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उसके बाद मुख्यमंत्री की सहमति के बाद कई फैसलों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी, इसमें लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाना, बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों को प्रदेश में भव्य तरीके से मनाना, भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट को स्वीकृति देना शामिल है। इन फैसलों पर लगी कैबिनेट की मुहर      मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे। 12 नवंबर को सीएम डॉ मोहन यादव सिवनी से यह राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे।     भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 4036 रुपये क्विंटल घोषित। 13 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे भावांतर योजना की राशि।     देवास में आयोजित कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव 1.32 लाख किसानों को 300 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से भुगतान करेंगे।     15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती पूरे प्रदेश में गरिमापूर्ण  ढंग से मनाई जाएगी। जबलपुर और अलीराजपुर में होंगे राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम, पीएम मोदी जबलपुर के कार्यक्रम में लाइव जुड़ेंगे।     सभी जिलों में जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।     खंडवा जिले में नया सिविल न्यायालय स्थापित होगा। इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी      ओंकारेश्वर एकात्म धाम परियोजना की संशोधित लागत 2,424 करोड़ रुपये स्वीकृत, 108 फीट ऊँची आदि शंकराचार्य प्रतिमा तैयार।     रेस्को सोलर योजना के तहत सभी शासकीय भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी।     मुख्यमंत्री ने महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की।     प्रदेश में बिजली बिल समाधान योजना जारी, उपभोक्ता 30 दिसंबर तक बिलों की विसंगतियां सुधार सकते हैं।

भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान

भोपाल  विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने फायर सेफ्टी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। ड्राफ्ट सतपुड़ा भवन में आग लगने के बाद तैयार किया गया था, लेकिन दो साल में भी लागू नहीं हो पाया। इसमें अलग से अग्नि सुरक्षा संचालनालय का गठन प्रस्तावित है। 10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान और सजा भी इससे अग्नि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम हो पाएंगे। भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान किया गया है। इस एक्ट के लागू होने से अग्नि सुरक्षा की स्थिति सुधरने की संभावना है। विभाग ने ड्राफ्ट पर सभी स्तर पर डिस्कशन पूरे कर लिए हैं। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। अग्नि सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। अलग अग्नि सुरक्षा संचालनालय के साथ ही प्रदेश में सेटअप भी प्रस्तावित किया गया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिए हैं एक्ट बनाने के निर्देश प्रदेश में फायर सेफ्टी एक्ट के लिए ड्राफ्ट पहले भी बन चुका है, लेकिन लागू नहीं किया गया। राज्य अग्नि सुरक्षा नियमों के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता, ननि अधिनियम 1956 तथा नपा अधिनियम 1961 पर ही निर्भर है। राज्य सरकार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अग्नि सुरक्षा कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी हो गई है। पारित होने के बाद प्रदेश में लागू किया जाएगा। ये होंगे मुख्य प्रावधान –अग्निशमन सेवा का नया कैडर बनाया जाएगा, इससे उनकी अलग भर्ती और प्रशिक्षण हो सकेगा। –सभी जिलों में नए फायर स्टेशनखोले जाएंगे। –भवनों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम सती से लागू किए जाएंगे। ऐसा नहीं करने वालों पर 10 हजार तक का जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है। –प्रदेश में फायर ब्रिगेड की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों से लेकर उपकरणों के इंतजाम होंगे। –पुलिस फायर स्टेशनके कर्मचारियों का भी विलय किया जाएगा। केंद्र से भी मदद नए सेटअप के लिए 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट की जरूरत होगी। हालांकि यह बजट पांच साल में खर्च किया जाएगा और केंद्र सरकार से भी इसके लिए राशि मांगी जाएगी। अग्नि सुरक्षा के पुराने उपकरणों और फायर ब्रिगेड को बदला जाएगा। अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। भविष्य को देखते हुए बहुमंजिला भवनों की आग बुझाने के लिए भी विशेष उपकरण खरीदे जाएंगे।