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मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने सांख्यिकी से समृद्धि के लिए डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को दी स्वीकृति मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली हरी झंडी, 'सांख्यिकी से समृद्धि' पर सरकार का फोकस सटीक आंकड़े, सशक्त नीति: डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंत्रिमंडल की स्वीकृति नीति निर्माण को मिलेगा मजबूती का आधार, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली कैबिनेट की स्वीकृति ‘सांख्यिकी से समृद्धि’ मिशन के तहत डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट, मंत्रि-परिषद ने दी मंजूरी गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी संबंधी आंकड़ों का समयावधि में संकलन (डाटा कलेक्शन) एवं विश्लेषण कर विभागों, आमजन एवं योजनाविदों के उपयोग के लिए आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ''डाटा सुदृढ़ीकरण योजना'' की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से "सांख्यिकी से समृद्धि" की दिशा में एक नई पहल कर रही है। योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी। समस्त विभाग बिना किसी रुकावट के डाटा साझा कर सकेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। स्वतंत्र शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा। नागरिकों को भी डाटा की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित (5×23) मेगावाट गांधीसागर एवं (4×43 मेगावाट) राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए मध्यप्रदेश ‌द्वारा देय राशि का अनुमोदन प्रदान किया गया। निर्णय अनुसार गांधीसागर जल विद्‌युत गृह की पांचों इकाइयों (5×23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित अनुमानित लागत 464 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4×43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की डी.पी.आर. में वर्णित अनुमानित लागत 573 करोड़ 76 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनो परियोजनाओं की स्वीकृति परियोजना राशि पर निर्धारित अंशपूँजी को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान राज्य द्वारा 50:50 अनुपात पर वित्त विभाग के परामर्श अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ 6 लाख रुपये को वर्षवार प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा। परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है दोनों प्रदेश कि विद्युत् उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेगी एवं कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी तथा मौजूदा प्रथा के अनुसार वितीय खातों का तिमाही/वार्षिक मिलान कर समायोजित करेगी। विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद ने उज्जैन के विक्रमोत्सव व्यापार मेला वर्ष-2025 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 एवं 9 अप्रैल 2025 का अनुसमर्थन किया गया। निर्णय अनुसार ऐसे समस्त गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिए ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों को, विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2025 में उज्जैन व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय किया जाएगा। छूट केवल विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर ही प्रदान की जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने को अनुमत किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 का अनुसमर्थन किया गया। अधिसूचना में ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए शर्तों के आधार पर सहमति प्रदाय की गई थी। निर्णय अनुसार ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-2025 में गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस निजी उपयोग के लिए) और हल्के परिवहन यानों को मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर से स्थाई पंजीयन करने पर ही छूट प्रदान की जाएगी। ग्वालियर के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर ही वाहन विक्रय कर सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव पौधरोपण को बताया जीवन का रक्षा कवच, सीएम यादव ने दिए पर्यावरण संरक्षण के मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं, कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य को समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

पुनरारोपण का संदेश: CM ने स्वीकारीं चूकें, 4000 पौधों से दी पर्यावरण को नई सांस

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 4,000 पौधे रोपे गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी भोपाल को हरियाली से समृद्ध बनाना और जन-जागरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। पर्यावरण सुरक्षा का लिया संकल्प इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल उत्तर के विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय और भोजपाल मित्र संस्था के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण में भाग लिया और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। सीएम ने रोपा बेलपत्र का पौधा सीएम ने मानव संग्रहालय में बेलपत्र का पौधा रोपा। पौधारोपण के बाद सीएम ने मीडिया से चर्चा में कहा, पूरे प्रदेश में बृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा- अकेले पौधा रोपें नहीं, बल्कि बड़ा होने तक उसकी देखभाल भी करें। सीएम बोले- एमपी वन संपदा में सबसे समृद्ध राज्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज यहां 4 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं और पूरे भोपाल नगर में 5,100 पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन वृक्षों के बिना संभव नहीं है। वृक्षों से प्राप्त ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन ही पर्यावरण को संतुलित बनाए रखता है। सीएम ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक वन संपदा है। उन्होंने कहा कि हम आर्थिक समृद्धि की ओर तो बढ़ ही रहे हैं, लेकिन साथ ही हमें प्राकृतिक समृद्धि और वन संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। पेड़-पौधों से रक्षाबंधन जैसा रिश्ता मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण के सांस्कृतिक पक्ष को भी रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों के साथ वैसा ही आत्मीय रिश्ता है जैसा रक्षाबंधन में भाई-बहन के बीच होता है। बहनें अपने आंगन में लगे पौधों को राखी बांधकर अपनी भावनाएं प्रकट करती हैं।  यह हमारी संस्कृति में प्रकृति के साथ संबंध का जीवंत उदाहरण है। बेलपत्र का पौधा लगाकर दी प्रेरणा मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में बेलपत्र का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सिर्फ पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखरेख तब तक करें जब तक वह बड़ा न हो जाए। पीएम के दौरे की स्मृति में किया गया आयोजन मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। मप्र में सबसे ज्यादा वन संपदा सीएम ने कहा- आज यहां (मानव संग्रहालय) चार हजार पौधे रोपे जा रहे हैं। भोपाल नगर में मिलाकर 5100 पौधे लगाने का संकल्प है। हम सब जानते हैं कि इस पृथ्वी का जीवन वृक्ष और बाकी जनजीवन से जुड़ा हुआ है। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ये हमारे लिए जीवन प्रदान करता है। खासकर मप्र तो और भाग्यशाली है। पूरे देश के बाकी राज्यों की तुलना में यदि सर्वाधिक वन संपदा कहीं हैं तो मप्र में हैं। हमसे जहां गलतियां हुई वहां पौधारोपण की जरूरत सीएम ने कहा- ये संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। वृक्षारोपण से रक्षाबंधन जैसा संबंध एक दूसरे से जुड़कर ही जीवन बनता है। हमारी सनातन संस्कृति में प्रारंभ से वृक्षारोपण के साथ ऐसा संबंध है जैसे कि हमारे यहां रक्षाबंधन होता है तो अपने घर-आंगन में बने गमले से लेकर पेड़ पौधों को राखी बांधकर बहनें अपने भाव को प्रकट करती हैं।

मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं डॉ. यादव की विदेश यात्रा से वापसी पर खाद्य मंत्री ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी डॉ. यादव की वापसी पर मंत्रिमंडल में उल्लास, खाद्य मंत्री ने दी हार्दिक बधाई मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

कैबिनेट बैठक : स्पेन-दुबई दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, MP को डेटा सेंटर हब बनाने की रूपरेखा तय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।  कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है। गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है। एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा। उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा     पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।     मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।     महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया। विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है। स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।  

मुख्यमत्री की मंशानुरुप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई

पालकी में भगवान चन्द्रमोलेश्वर व मनमहेश हाथी पर विराजित होकर भक्तों का कुशल-क्षेम लेने उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पूरे सवारी मार्ग पर चले पैदल मुख्यमत्री की मंशानुरुप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई अलग-अलग स्थानों पर 8 जनजातीय दलों के द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में हुए शामिल उज्जैन  श्रावण माह का दूसरा सोमवार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में शामिल हुए। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चन्द्रमोलेश्वर के रूप में तथा हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होकर अपने भक्तों को दर्शन देने और अपनी प्रजा का कुशल-मंगल जानने नगर भ्रमण पर निकले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सवारी निकलने के पूर्व सभा मंडप में पालकी का पूजन-अर्चन किया। सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन कर आरती की गई। भगवान श्रीमहाकाल की सवारी धूमधाम से निकाली गई जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर 08 जनजातीय दलों के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संपूर्ण सवारी मार्ग पर बाबा महाकाल की आराधना और भजन-कीर्तन करते हुए नंगे पांव चले। इस दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल आदि ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया और आरती में सम्मिलित हुए। भगवान महाकालेश्वर की दूसरी सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे सवारी मार्ग पर डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पैदल चले। स्कूली विदयार्थियों द्वारा घोष वादन किया गया और श्रध्दालुओं के भोले शंभु भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण उज्जैन नगरी गुंजायमान हुई। एम्बुलेन्स को निकलने के लिए जगह दी सवारी के दौरान रोगी को ले जा रही एम्बुलेन्स को सवारी मार्ग के बीच से निकलने के लिए श्रध्दालुओं द्वारा ढाबा रोड व कमरी मार्ग पर रास्ता प्रदान किया गया। सम्पूर्ण सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के उद्घोष के साथ पुष्प वर्षा की।   महाकाल के चन्द्रमोलेश्वर स्वरूप को गार्ड ऑफ ऑनर भगवान चन्द्रमोलेश्वर पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार चन्द्रमोलेश्वर भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया। सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के घोष के साथ अवन्तिका नगरी के राजाधिराज पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर व हाथी पर आरूढ़ भगवान मनमहेश पर पुष्पवर्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर सवारी में पुलिस बैंड की प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरुप 350 पुलिस के जवानों द्वारा पुलिस बैंड के माध्यम से नम: शिवाय ॐ नमः शिवाय, हर हर शंभू देवा महादेवा, मेरे घर राम आए है, देवा हो देवा गणपति देवा, ॐ जय शिव ओमकारा ,सत्यम शिवम सुन्दरम आदि शिवभजनों की सु-मधुर धुनों की प्रस्तुतियां दी गई जिस पर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध होकर झूमे। बाबा महाकाल की एक झलक के लिए असंख्य श्रद्धालु हुए आतुर भगवान श्रीमहाकाल की सवारी के दौरान पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो गई। महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे। साथ ही उज्जैन के बाहर से आये हुए भक्तगण भी बाबा की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। रामघाट पर भगवान चन्द्रमोलेश्वर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा माँ क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया। रामघाट के दूसरी तरफ दत्त अखाडा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। साथ ही कलाकार सुलक्ष्मी तलरेजा के द्वारा भगवान शिव पर आधारित भजन प्रस्तुत किए गए। भगवान महाकालेश्वर की पालकी के रामघाट पहुंचने पर शंखनाद और भगवान महाकालेश्वर की आरती की गई। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने यहां भगवान महाकालेश्वर का पूजन अर्चन कर प्रदेश की सुख समृद्धि और विकास की कामना की। पूजन – अर्चन के उपरांत भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से रामानुज कोट ,  मोढ की धर्मशाला, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंची। जहाँ परंपरानुसार सिंधिया स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा पालकी में विराजित चन्द्रमोलेश्वर का पूजन किया गया। सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। जहाँ पुनः आरती उपरांत सवारी का विश्राम हुआ। 8 जनजातीय कलाकारों के दल ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप बाबा महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए 08 जनजातीय कलाकारों के दल ने महाकालेश्वर भगवान की दूसरी सवारी में सहभागिता की। जनजातीय दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर कला संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। छवीलदास भावली के नेतृत्व में नासिक महाराष्ट्र के जनजातीय सौगी मुखोटा नृत्य एवं अजय कुमार के नेतृत्व में हरियाणा का लोकनृत्य हरियाणवी घुमर के दल ने महाकालेश्वर मंदिर परिसर व शहनाई द्वार के पास अपने साथियों के साथ प्रस्तुति दी। खेमराज के नेतृत्व में राजस्थान का गैर-घूमरा जनजातीय नृत्य व रवि अहिरवार के नेतृत्व में मध्यप्रदेश छतरपुर के बरेदी लोकनृत्य की कोट मोहल्ला चौराहे पर प्रस्तुति दी गई। अज्जू सिसोदिया के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में झाबुआ का भगोरिया नृत्य एवं बनेसिंह भाई के नेतृत्व में गुजरात जनजातीय राठ नृत्य दल ने रामानुजकोट पर अपनी संस्कृति व कला का प्रदर्शन लोकनृत्य के माध्यम से किया। माँ क्षिप्रा के तट रामघाट पर उडीसा के लोकनृत्य शंख ध्वनि सुनील कुमार साहू के नेतृत्व में व छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य लोकपंथी का दिनेश कुमार जागड़े के नेतृत्व में दलों ने महाकालेश्वर भगवान के सवारी के आगमन पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। चलित रथ में लगी एलईडी से श्रद्धालुओं ने किए दर्शन बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए सवारी के आगे और पीछे एलईडी लगे 2 रथ चले, जिस पर सवारी के लाइव प्रसारण के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सुगमता पूर्वक दर्शन किए। 

सरकारी भर्तियों में बड़ा सुधार, एक परीक्षा से खुलेंगे कई विभागों के द्वार

भोपाल  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें एक ही पद के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग ने नई भर्ती प्रणाली को लेकर प्रारूप तैयार किया है। यह प्रस्ताव मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी ली जाएगी। इस प्रस्ताव के अमल में आने से न केवल परीक्षार्थियों का समय और धन बचेगा, बल्कि भर्ती प्रणाली भी अधिक दक्ष और पारदर्शी बनेगी। यह बदलाव खासतौर पर युवाओं के लिए बड़ा राहत भरा साबित होगा। भर्ती प्रक्रिया में ये होंगे अहम बदलाव  नए प्रस्ताव के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) केवल 6 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिसमें प्रशासनिक सेवा और वन सेवा शामिल होंगी। MPESB (पूर्व में व्यापमं) 5 प्रमुख श्रेणियों की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिसमें इंजीनियरिंग, शिक्षा, कृषि, स्नातक एवं परास्नातक डिग्रीधारकों के लिए परीक्षाएं होंगी। एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर नियुक्तियां होंगी। उम्मीदवारों को आवेदन के समय विभागों के वैकल्पिक नाम भरने होंगे, जिससे चयन के बाद विभाग बदलने की समस्या नहीं रहेगी। परीक्षार्थियों को क्या होगा लाभ  अब हर पद के लिए अलग-अलग परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परीक्षा शुल्क की बचत होगी। चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होगी। परीक्षा परिणामों को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे। वर्तमान में पीएससी सालभर में 25 और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ( MPESB) करीब 30 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करता है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन और परीक्षा देने की परेशानी होती है। नई नीति के लागू होते ही यह दोहराव खत्म होगा।  चार प्रमुख श्रेणियों में परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी है स्नातक स्तरीय परीक्षा- सभी ग्रुप-सी के पदों के लिए हायर सेकेंडरी स्तरीय परीक्षा- 12वीं पास योगयता पर आधारित पदों के लिए तकनीकी पदों के लिए परीक्षा- इंजीनियरिंग,आइटीआइ आदि तकनीकी योग्यता वाले पद शिक्षक पात्रता परीक्षा- उच्च माध्यमिक,माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए आवेदन के समय करेंगे अभ्यर्थी करेंगे च्वाइस फिलिंग विभिन्न विभागों की एक जैसी भर्ती के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा होगी, लेकिन पेपर एक जैसा तैयार किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय च्वाइस फिलिंग करनी होगी कि वे किसी पद के लिए आवेदन किया है और परीक्षा दी है।उसके हिसाब से मेरिट सूची तैयार होगी। इस बदलाव से लाभ एक ही परीक्षा से अनेक विभागों में चयन की संभावना। विभिन्न विभागों के लिए बार-बार आवेदन और परीक्षा की जरूरत नहीं। अभ्यर्थियों का समय, पैसा और मानसिक तनाव कम होगा। भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जल्द होगी। मेरिट के आधार पर निष्पक्ष नियुक्तियां संभव होंगी। साल 2025 की आगामी ये परीक्षाएं प्रस्तावित हैं आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-अगस्त 2025 प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-अगस्त-सिंतबर 2025 समूह-02 उपसमूह-03 -अक्टूबर 2025 समूह-01 उपसमूह-02 -अक्टूबर 2025 संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग-सितंबर 2025 समूह-02 उपसमूह-04-नवंबर 2025 क्षेत्ररक्षक,जेल प्रहरी परीक्षा-नवंबर 2025 समूह-03 उपयंत्री-जनवरी 2026 आइटीआई में प्रशिक्षण अधिकारियों के पदों की चयन परीक्षा-फरवरी 2026 समूह-02 उपसमूह02 -मार्च 2026 सूबेदार,शीघ्रलेखक,सहायक उप निरीक्षक चयन परीक्षा-अप्रैल 2026 पुलिस आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा -अप्रैल 2026 सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर) एवं प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) भर्ती परीक्षा- मई 2026 ईएसबी का क्या कहना है? ईएसबी के संचालक साकेत मालवीय ने कहा कि एक ही ग्रुप की एक जैसे समकक्ष पदों के लिए चार परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब साल भर में करीब 30 परीक्षाओं के बदले चार परीक्षाएं होंगी। अगर शासन से मंजूरी मिलती है तो इसे लागू किया जाएगा। पीएससी से केवल राज्य प्रशासनिक परीक्षाएं नए बदलावों के तहत एमपीपीएससी अब केवल राज्य प्रशासनिक सेवा, वन सेवा, इंजीनियरिंग, शिक्षा और कृषि सेवा जैसी प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करेगा। एमपीईएसबी द्वारा स्नातक, 12वीं और पीजी स्तरीय पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अब तक की व्यवस्था एमपीपीएससी(Government Jobs Rules Change) सालभर में 25 तो ईएसबी 30 परीक्षाएं आयोजित करता था। अब पीएससी से 6 तो एमपीईएसबी 5 होंगी। बदलाव के ये फायदे     बार-बार परीक्षा देने की जरूरत नहीं।     परीक्षा शुल्क में कमी आएगी।     एक परीक्षा से विभिन्न में चयन संभव।     आवेदन के समय इच्छित विभाग चुनेंगे।     एकीकृत मेरिट सूची बनेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सौगात: प्रदेश के बच्चों को 4.30 लाख साइकिलों का वितरण

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग इस वर्ष नि:शुल्क साइकिल प्रदाय योजना में 4 लाख 30 हजार बच्चों को नि:शुल्क साइकिल का वितरण करेगा। साइकिल वितरण की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरू पूर्णिमा महोत्सव में भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व सुविधा युक्त भवन के लोकार्पण समारोह से की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 बच्चों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित की। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक बच्चों को उनकी पात्रतानुसार नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया जा चुका है। नि:शुल्क साइकिल प्रदाय योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 और 9 में अध्ययनरत हैं, वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक या हाई स्कूल संचालित नहीं है और उसे अपने विद्यालय तक पहुचंने के लिये 2 किलोमीटर या इससे अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है, उन बच्चों कक्षा 6 या 9 में प्रथम प्रवेश पर एक बार नि:शुल्क साइकिल दिये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कन्या छात्रावास में पढ़ने वाली छात्राएं, जिनकी शाला छात्रावास से 2 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर है उन्हें भी इस योजना में नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पहले सभी पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरण के निर्देश दिये हैं। संचालनालय स्तर पर नि:शुल्क साइकिल वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। कक्षा 6 में पढ़ने वाले बच्चों को 18 इंच और कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले बच्चों को 20 इंच की साइकिल वितरित की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को साइकिल वितरण के पहले उनके उचित भंडारण के संबंध में भी निर्देश दिये गये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष विभागीय योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को उचित समय पर दिये जाने के संबंध में कार्ययोजना तैयार की है।

नवाचार और विकास का प्रतीक बनेगा नया विधायक विश्राम गृह: मुख्यमंत्री यादव

नवीन विधायक विश्राम गृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन विधायक विश्राम गृह के द्वितीय चरण के निर्माण की घोषणा नवीन विधायक विश्राम गृह का भूमि-पूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सिंहावलोकन की परंपरा रही है। पिछले अनुभवों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्य योजना बनाना और उसका क्रियान्वयन सुखद और सफलता प्रदान करने वाला रहता है। समय की मांग के अनुरूप हो रहा विधायक विश्रामगृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है। भवन निर्माण और वास्तुकला के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के उपयोग से बनने वाला यह भवन लोक कल्याण और जन सेवा के लिए विधायकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा। राज्य सरकार ने विधायकों के कार्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए बजट में 5-5 लाख रुपए के आवंटन का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन विधायक विश्रामगृह के द्वितीय चरण के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में विधायक विश्राम गृह परिसर में नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित थे। नवीन विधायक विश्रामगृह लगभग 160 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा, इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमिपूजन के बाद शिलालेख अनावरण किया तथा भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और वंदे मातरम गान के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को शीर्ष स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है। अगर कुछ कमियां हैं तो उन्हें दूर करेंगे। प्रदेश को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 11 साल में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे दुनिया चकित है। स्पेन सहित यूरोप में भारतीय संस्कृति, खानपान और पहनावे को वहां के लोग आदर के साथ आत्मसात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ रहा है, स्वच्छता की मुहिम चल रही है। सरकार विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए आगे बढ़ रही है। श्रावण मास में प्रदेश की लाड़ली बहनों को शगुन के तौर पर 250 रूपये की विशेष सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उदारता का भाव कूट-कूट कर भरा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संगठित रहने और शिक्षित बनने का संदेश दिया। राज्य सरकार उनके विचारों को क्रियान्वित करते हुए सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराने की दिशा में सघन प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण मास की एकादशी और बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के देवस्थानों पर समाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदायों के समूह नृत्य और संगीत की छटा बिखेरते हुए महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है, इसी के चलते जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाई है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होते हैं और उनको समयानुकूल सुविधाएं मिलना आवश्यक है और इसकी पूर्ति करने के लिए नए विधायक विश्राम गृहों का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश की विधानसभा ई-असेंबली के रूप में तैयार हो जाएगी तो इसका लाभ विधायकों को मिलेगा। वर्तमान विधायक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1958 में हुआ था जो अब पुराना हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को विकास में अग्रणी बनाने के लिए संकल्प के साथ जुड़े हैं। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए उन्होंने विदेश दौरा संपन्न किया है। स्वच्छता में प्रदेश के 8 शहरों ने झंडे गाड़े हैं। इंदौर तो स्वच्छ है ही, अगले वर्ष भोपाल को नंबर-1 बनाने के लिए सभी कृतसंकल्पित हैं। नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं से सुसज्जित होगा, जो विधायकों को कार्य और चिंतन के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने विधायक जीवन के प्रारंभिक वर्षों की स्मृतियाँ साझा करते हुए वर्तमान में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज विधायकों के लिए तकनीकी संसाधनों की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं, इससे वे विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के आठ शहरों को स्वच्छता पुरस्कार मिलने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे प्रदेश की विकासशील सोच और समर्पित नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में विधानसभा को आधुनिक तकनीकी से लैस किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र केवल संस्थाओं का तंत्र मात्र नहीं है, बल्कि विश्वास का ताना-बाना भी है, जो जनप्रतिनिधियों के उत्तरदायित्व से बुना जाता है। मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में ही नवनिर्मित विधायक विश्राम गृह के निर्माण का भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में प्रदेश में नए-नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विचार दिया जिससे राज्यों में वैश्विक स्तर पर होने वाले निर्माण मापदण्डों के अनुरूप अधोसंरचना विकास हो रहा है। मध्यप्रदेश अधोसंरचना विकास में निरंतर प्रगति कर रहा है। इंदौर ने इस वर्ष फिर स्वच्छता में शीर्ष स्थान हासिल किया है। भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को भी स्वच्छ शहरों की सूची में स्थान मिला है। निकट भविष्य में और अधिक शहर स्वच्छता सूची में आएंगे। उन्होंने बताया कि विधायकों के लिए बनाए जा … Read more

प्रशासनिक फेरबदल की आहट: सीएम की वापसी के बाद तेज़ हुई बदलाव की चर्चा

भोपाल  स्पेन-दुबई की यात्रा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को लौट आए। अब उनके विदेश के दौरे से लौटते ही प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। मंत्रालय से लेकर फील्ड तक नॉन परफार्मर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक सर्जरी की जाना है। इसमें कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त से लेकर मंत्रालय में सचिव और प्रमुख सचिव के नाम शामिल हो सकते हैं। मंत्रालय में कई अधिकारियों की जिम्मेदारी बदल जा सकती है। कुछ अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों के काम की जिम्मेदारी है। इसको कम किया जा सकता है। कई जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे प्रदेश के एक दर्जन जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। इसमें अलीराजपुर, भिंड, धार, रतलाम, शिवपुरी, गुना, रीवा, जबलपुर के कलेक्टर को बदला जा सकता है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना को राज्य स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी प्रकार कुछ जिलों के कलेक्टर को भी बदला जा सकता है। वहीं लगभग 100 डिप्टी कलेक्टरों, जॉइंट कलेक्टरों और एडिशनल कलेक्टरों को भी नई पोस्टिंग मिल सकती है। प्रत्येक जिले को मिलेंगे एडीएम और जॉइंट कलेक्टर राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टरों में से 30 से ज्यादा को जॉइंट या एडिशनल कलेक्टर पद पर प्रमोट किया जा चुका है। इन अधिकारियों को अब उन जिलों में पदस्थ किया जाएगा, जहां अपर कलेक्टर नहीं हैं। ऐसे करीब 8-9 जिले चिन्हित किए गए हैं। जॉइंट कलेक्टरों की खाली जगहों को भी भरा जाएगा। प्रशासन ने इस बार यह भी ध्यान में रखा है कि पति-पत्नी दोनों यदि अधिकारी हैं तो उन्हें एक ही जिले में पोस्टिंग न दी जाए। मुख्यमंत्री मंत्रालय और जिलों में प्रशासनिक सर्जरी कर सकते हैं। इसमें कलेक्टर, एसपी, से लेकर सचिव जैसे बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। कई अधिकारियों के विभागों में बदलाव हो सकता है। कुछ अधिकारियों के पास ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी है, जिसे कम किया जा सकता है। सीएम मोहन यादव विदेश यात्रा से रविवार को वापस आ गए हैं। उनके लौटते ही प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। जो आईएएस और आईपीएस अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, उनकी धड़कनें बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री मंत्रालय से लेकर जिलों तक अधिकारियों में बदलाव कर सकते हैं। कई स्तर पर हो सकते हैं तबादले सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। अलीराजपुर, भिंड, धार, रतलाम, शिवपुरी, गुना, रीवा और जबलपुर जैसे जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना को राज्य स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ और जिलों के कलेक्टर भी बदले जा सकते हैं। लगभग 8-9 जिले ऐसे हैं जहां अपर कलेक्टर की पोस्ट खाली है। जॉइंट कलेक्टरों की खाली जगहों को भी भरा जा सकता है। प्रशासन इस बार इस बात का भी ध्यान रख रहा है कि अगर पति-पत्नी दोनों अधिकारी हैं तो उन्हें एक ही जिले में पोस्टिंग न दी जाए। इससे पहले कई बार ऐसा देखा गया है कि पति-पत्नी दोनों एक ही जिले में पदस्थ होते थे। रीवा पहुंचे सीएम मोहन यादव, दिवंगत ससुर को दी श्रद्धांजलि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर रीवा पहुंचे, जहां उन्होंने अपने दिवंगत ससुर ब्रह्मानंद यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर थे और इसी कारण 16 जुलाई को हुए अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे विशेष विमान के जरिए रीवा पहुंचे मुख्यमंत्री यादव ने पत्नी डॉ. सीमा यादव के साथ ससुराल पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान वे लगभग 45 मिनट तक परिवार के साथ रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने रामानंद यादव और सदानंद यादव से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। भावुक माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने ब्रह्मानंद यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके चेहरे पर गहन सम्मान और भावुकता साफ झलक रही थी। स्वर्गीय ब्रह्मानंद यादव एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् थे, जिन्होंने जीवन के लगभग 50 वर्ष रीवा में व्यतीत किए। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी होने के बावजूद उन्होंने रीवा को अपनी कर्मभूमि और अंतिम विश्रामस्थली के रूप में स्वीकार किया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप उनका अंतिम संस्कार भी रीवा में ही किया गया। इससे पहले रविवार सुबह रीवा जिले के प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल भी ब्रह्मानंद यादव के निवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।