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जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM यादव

भाई-बहन का स्नेहिल बन्धन शाश्वत है और रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर माह दिये जायेंगे 1500 रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM  यादव पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल आगर मालवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा करीब 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से निरंतर विकास की नई गाथा लिख रहा है प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिये किया जा रहा है तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रक्षाबंधन सभी पर्वों का राजा है। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। इस पर्व का पूरे वर्ष सभी भाई-बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से ही हम प्रदेश में विकास की नई गाथा लिख रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए आने वाले समय में उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की अनगिनत सौगातें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कालिदास अकादमी परिसर में 109 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सीमा के जवान और खेत के किसान दोनों का विशेष ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के द्वारा निरंतर हमारी सेना और किसानों के विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों से कहा कि हमारी बहनें परिवारों का विेशेष ध्यान रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कन्या-पूजन किया और बहनों से राखी बंधवाई गई। सभी बहनों की ओर से मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीकात्मक वृहद राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आनंद नगर के पूजा स्व-सहायता समूह के द्वारा हाथ से बनाई गई राखियों के स्टॉल का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी महिलाओं को अपनी ओर से रक्षाबंधन पर साड़ी और मिठाई उपहार स्वरुप दी। साथ ही परंपरा अनुसार लाड़ली बहनों को सावन का झूला भी झुलाया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 100 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में शुक्रवार को 9 करोड़ 99 लाख रुपए लागत के नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण किया। साथ ही परिसर का अवलोकन भी किया। नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई का निर्माण 12 माह में किया गया है। इकाई का कुल निर्मित क्षेत्रफल 3126.02 वर्ग मीटर (33636.00 वर्ग फीट) है। भवन की निर्माण एजेंसी म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास है। नवनिर्मित भवन में प्रशासनिक भवन, 1 पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 2 उप पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 8 एन.जी.ओ. आवासगृह, 12 काँस्टेबल आवासगृहों का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक भवन का निर्माण 1327.76 वर्ग मीटर (14287 वर्ग फीट) में किया गया है। भवन में पार्किंग, ड्राईवर रूम एवं गार्ड रूम का प्रावधान भी किया गया है। नवनिर्मित भवन में 2 तल हैं। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री ओम जैन, श्री राजेंद्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

दस्तावेजों का पेपरलेस ई-पंजीयन करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 10 अक्टूबर 2024 को राज्य स्तर पर शुरू किए गए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर ने मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अभिनव पहल को वर्ष 2025 का ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार’ में ‘स्वर्ण’ श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा यह पुरस्कार "Government Process Re-engineering by use of technology for Digital Transformation" श्रेणी में प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों, वाणिज्यिक कर विभाग, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “संपदा 2.0 ने मध्यप्रदेश को डिजिटल भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाया है। यह पहल न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल तरीके से पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह हमारे डिजिटल और सुशासन के संकल्प का महत्वपूर्ण कदम है।” भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग एवं महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का वीडियो के-वाई-सी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन संभव हुआ है, जिसमें उप-पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहती। यह प्रक्रिया इम्परसनेशन एवं भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं। पूर्ववर्ती संपदा 1.0 की तुलना में संपदा 2.0 में पक्षकारों और संपत्ति की पहचान आधार ई-ओथ एवं ई-केवाईसी के माध्यम से की जाती है, संपत्ति का विवरण संबंधित विभाग से सीधे एकीकृत कर लिया जाता है और दस्तावेज का प्रारूपण स्वचलित रूप से विधिक आवश्यकताओं सहित तैयार होता है। दस्तावेजों पर ई-साइन अथवा डिजिटल साइन से हस्ताक्षर किए जाते हैं और पंजीयन पूर्ण होते ही ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। यह सम्मान 28वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे एवं पुष्टिकरण की तीन-स्तरीय प्रक्रिया के बाद की गई है।  

एमपी सदन में गूंजे नाराजगी के सुर, बीजेपी विधायकों ने सरकार की खोली पोल

 भोपाल मध्य प्रदेश बीजेपी में सब ठीक है? ये सवाल, बीजेपी विधायकों के सवाल से ही खड़े हो रहे हैं। दरअसल, विधानसभा के सत्र में जिस तरह के सवाल बीजेपी के विधायकों ने उठाए, उसकी उम्मीद तो सरकार को नहीं थी। एक दर्जन से अधिक विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर सत्तापक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी। इस दौरान कानून व्यवस्था लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक न पहुंचना, जैसे मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। विपक्षी की तरह सवाल किए बीजेपी विधायक सदन में बीजेपी विधायक, सत्ता पक्ष में विपक्षी MLA की तरह सवाल कर रहे थे। विधायकों के तेवर देख सरकार पूरी तरह से बैक फुट पर आ गई। वहीं विपक्षी विधायक फ्रंट फुट पर सियासी बल्लेबाजी करने लगे, और तीखे सवाल पूछने लगे। कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी के अपने ही विधायक संतुष्ट नहीं हैं, तो साफ है सरकार जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक के आरोपों पर प्रेदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यही कारण है इसके विधायक जनता के मुद्दों को उठाते हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस सकारात्मक राजनीति करने और जनहित में सहयोग करने की सलाह दी। बीजेपी के इन विधायकों ने उठाए सवाल बता दें कि सदन में सवाल उठाने वाले बीजेपी विधायकों में वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव भी है। उन्होंने आदिवासियों को दिए गए पट्टों पर कब्जे का मुद्दा उठाया है। उमाकांत शर्मा ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण और उनके न हटाए जाने पर चिंता जताई। वहीं गायत्री राजे पवार ने उज्जैन की शिप्रा नदी में फैक्ट्रियों के दूषित पानी का मामला उठाकर सरकार को सकते में डाल दिया। इन विधायकों के अलावे संजय पाठक ने खाद वितरण में अनियमितताओं, आशीष शर्मा ने लव जेहाद की बढ़ती घटनाओं, रमेश खटीक ने बिजली बिलों में ब्याज माफी न होने, नीना वर्मा ने शांति समितियों के गठन में देरी और भूपेंद्र सिंह ने गिरते भूजल स्तर पर ठोस नीति की मांग कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट, रायसेन में रक्षाबंधन महोत्सव में हुए शामिल, बोले – स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ हैं प्रदेशवासी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग हमारे लिए मंदिर और देवालय के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का परिदृश्य बदला है, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए 15वें से चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। मध्यप्रदेश का जैविक कपास, चीन, जापान और वियतनाम से लेकर स्पेन तक एक्सपोर्ट हो रहा है। राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास कर रही है। दस अगस्त को रायसेन में ही रेल कोच बनाने के लिए कारखाने का भूमिपूजन होने जा रहा है। धार में प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को टेक्सटाइल उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। इससे मालवा और आसपास के जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट, जिला रायसेन में सागर मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल यूनिट का भ्रमण कर यहां टैक्सटाइल प्रोडक्शन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सागर ग्रुप की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों के बीच जाकर पुष्प वर्षा की और बहनों को उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत सरकार की लड़ाई किसानों की मेहनत के लिए है। किसान कपास, सब्जी और फसलें उगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के किसान, गरीब, मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है, सभी प्रदेशवासी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए का विशेष तोहफा दिया गया है। रोजगार परक उद्योगों में कार्य करने वाली बहनों को प्रतिमाह 6000 रुपए की वेतन सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर ग्रुप ने आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार से जोड़ा है। इकाई में काम करने वाले लोगों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने पर उन्होंने सागर ग्रुप को बधाई दी। सागर ग्रुप में कुल 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 5000 महिलाकर्मी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार

बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुंची राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखी बंधवाकर की बहनों के सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना बहनों के हर सुख-दु:ख में साथ है राज्य सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की बहनों ने बड़ी संख्या में डाक से राखियां और स्नेहिल पत्र भेजे। लगभग पांच हजार पत्रों व राखियों में से प्रतीक स्वरूप राखियां सुयशा पटेल, सुशिवा बाथरी, सुदीपल रघुवंशी और सुप्राची पंवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तिलक कर उनकी कलाई पर बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को नेग प्रदान कर उनके सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। यह आत्मीय आयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुआ। इस अवसर पर प्राप्त पत्रों में बहनों ने लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना है। पत्रों में बहनों ने अपने स्नेहिल भाव को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को दिए संदेश में कहा कि राज्य सरकार परिवार की तरह बहनों के हर सुख-दुख में उनके साथ है। प्रदेश की बहनों को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्यौहार संस्कृति और संस्कार का आधार हैं, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों की ओर से आए आत्मीयता से परिपूर्ण पत्र प्राप्त कर मैं अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखियां भेजने के लिए बहनों का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित

संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आश्वस्त 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से की वर्चुअली चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से प्रदेश के 28 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण कर प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। शिवपुरी के भागचंद, मऊगंज के राधेश्याम साकेत, दमोह के हेमराज, रायसेन के गोविंद सिंह सेन, छिंदवाड़ा के चंद्रमोहन सहित गुना और अन्य जिले के बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि इस वर्षाकाल में जैसी बाढ़ आयी, वैसी पहले कभी नहीं आयी थी। प्रशासन के द्वारा बाढ़ के दौरान हम प्रभावित परिवारों को कैम्प लगाकर रहने की व्यवस्था के साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे संस्कार ही हैं कि कष्ट की इस घड़ी में भी ग्रामीणजन अपनी बात विनम्रता के साथ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून काल में अब तक 37 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्षाकाल में बाढ़ से निपटने के पहले से इंतजाम कर रखे थे। राज्य के मंत्रीगण और केन्द्रीय मंत्रीगण सभी से सम्पर्क बनाकर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के प्रबंधन की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के संकट से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों की जहां आवश्यकता पड़ी, वहां सक्रिय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावितों को मदद करने में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शिवपुरी में दो व्यक्ति बाढ़ में 36 घंटे घिरे रहे और उन्हें प्रशासन ने बाढ़ से बाहर निकाला। इन व्यक्तियों का कहना था कि वे प्रशासन के प्रयासों से ही से बाढ़ से बाहर निकल सकें। इसी प्रकार गुना में बाढ़ प्रभावित महिलाओं से मिलने के दौरान सबसे पहले बहनों ने उन्हें राखी भेंट की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ की बात कही। उन्होंने कहा कि बहनों ने अपने कष्ट की बात कहने से पहले राखी भेंट की, यह हमारी संस्कृति है। अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत हमें रहना है सावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा ऋतु अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत सावधान रहना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को 28 करोड़ रूपए की राशि पहले दी जा चुकी है, 30 करोड़ की राशि आज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि फसल की क्षति को छोड़कर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राहत के विभिन्न मदों में अब तक 123 करोड़ की राहत राशि प्रभावितों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उपस्थित थे। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नं-1079 पर सम्पर्क करें उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 729.1 एमएम वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है, जो बहुत कम समय में तेजी से हुई। गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला एवं अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून में अभी तक कुल 296 जनहानि तथा लगभग 1685 पशुहानि हुई है। साथ ही 299 मकानों पूर्ण रूप से क्षति होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 4114 मकानों में आंशिक क्षति भी हुई है। प्रदेश में अब तक 61 राहत कैम्प चलाये गये है, जिनमें 7345 लोगों को रखा गया। वर्तमान में मऊगंज में 02 राहत शिविर चालू है, जिसमें 175 लोग रह रहे हैं। प्रदेश में ज्यादातर सिंचाई डेम अभी 40 से 90 प्रतिशत के आस-पास भरे हैं एवं 04 डेम 100 प्रतिशत भरे हैं। साथ ही शासन द्वारा जनसामान्य को बाढ़ की स्थिति में 24X7 सहायता प्रदान की जाने के लिये टोल फ्री नं-1079 की व्यवस्था की गई है। 

रायसेन में आज सीएम से मिलेगी 1548 करोड़ के निवेश और विकास परियोजनाओं की भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औद्योगिक विकास को धरातल पर उतारने के अपने सतत प्रयासों के क्रम में शुक्रवार को रायसेन जिले के तामोट औद्योगिक क्षेत्र में निवेश संवाद, इकाइयों के भूमिपूजन, लोकार्पण और आशय पत्र वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री तामोट में संचालित सागर मैन्युफैक्चरर प्रा. लि. की इकाई का भ्रमण करेंगे और रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेसर्स आनंद टैक लास्ट प्राइवेट लिमिटेड प्लास्टिक पार्क का भ्रमण भी करेंगे। वे उद्योगपतियों से संवाद करेंगे और प्रदेश में बन रहे निवेश अनुकूल वातावरण से उन्हें अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट में 566 करोड़ रुपये के निवेश एवं 1781 रोजगार देने वाली 14 इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण के साथ आशय पत्र वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 416 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। वे औद्योगिक क्षेत्र तामोट में 300 करोड़ के निवेश एवं 970 रोजगार देने वाली 6 इकाइयों का भूमिपूजन और 116 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश एवं 211 रोजगार देने वाली 6 इकाइयों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री उद्यमियों को भूमि आवंटन से संबंधित आशय-पत्र प्रदान करेंगे और औद्योगिक विकास के प्रति प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास निवेशकों को आश्वस्त करने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए रोजगार अवसरों का रास्ता भी खोलेगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा एमएसएमई प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह प्रदेश की औद्योगिक रणनीति और नीतिगत परिवर्तनों की जानकारी साझा करेंगे। जे.बी.एम, विनप्रो और मंडीदीप औद्योगिक एसोसिएशन जैसे प्रमुख निवेशक समूहों के प्रतिनिधि प्रदेश में निवेश अनुकूल माहौल और प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों के संबंध में विचार साझा करेंगे। 

भोपाल बनेगा देश का टैक सेंटर, सीएम डॉ. यादव ने बताया युवाओं के लिए नया विज़न

भोपाल बन रहा देश का टैक हब, युवाओं के कॅरियर को मिलेगी नई उड़ान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल उभर रहा टेक्नोलॉजी हब के रूप में, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर : सीएम डॉ. यादव टैक्नोलॉजी के नए नक्शे पर भोपाल, सीएम बोले– युवाओं का भविष्य होगा उज्जवल भोपाल बनेगा देश का टैक सेंटर, सीएम डॉ. यादव ने बताया युवाओं के लिए नया विज़न भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब नवाचार का केंद्र बनकर भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यहां ड्रोन, एवीजीसी-एक्सआर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के अग्रणी केंद्र और उद्योग साझेदारियां आकार ले रही हैं। भोपाल जल्द ही ड्रोन टेक्नोलॉजी का भी हब बनेगा। एनीमेशन ग्राफ़िक्स जैसे नए सेक्टर्स भी प्रदेश के युवाओं के कॅरियर को नई उड़ान देने तैयार हैं। भोपाल में सेमी-कंडक्टर और डाटा-सेंटर जैसे ग्लोबल टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स भी विकसित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विकासमूलक रणनीतिक सोच से भोपाल का हाई-टैक इंडस्ट्रीज के लिए एक मनपसंद गंतव्य के रूप में उभरना कोई संयोग नहीं है, बल्कि, योजनाबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ईको सिस्टम का विकास और भविष्योन्मुखी नीतियों के निर्माण का परिणाम है। देशी-विदेशी कंपनियां मध्यप्रदेश में उद्यमिता को चुन रही हैं। उन्हें प्रदेश में ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस और नीतिगत प्रक्रिया सहयोग भी मिल रहा है। सेमी-कंडक्टर और ड्रोन जैसे डीप-टैक उपक्रमों से लेकर एवीजीसी और डाटा सेंटर्स तक के लिये मध्यप्रदेश भारत के डिजिटल भविष्य का लॉन्चपैड बनता जा रहा है। एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: ग्लोबल स्किल्स पार्क में नया क्रिएटिव हब ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में स्थापित हो रहा एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस युवाओं को गेमिंग, एनीमेशन और वीएफएक्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण और स्टार्ट-अप्स के लिए मंच देगा। इसमें एलईडी वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो, एआई लैब्स, मोशन कैप्चर सिस्टम और रेंडर फार्म्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। यह केंद्र देश के मेट्रो शहरों पर निर्भरता को कम करते हुए एक नया डिजिटल वर्कफोर्स तैयार करेगा। आइसर का ड्रोन ट्रेनिंग और शोध केन्द्र बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आईसर भोपाल में बन रहा ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एआई-एनेबल्ड ड्रोन निर्माण, स्वदेशी प्रोटोटाइपिंग और एआर/वीआर आधारित प्रशिक्षण के अनूठे मंच के रूप में विकसित हो रहा है। यहां देश की पहली एआई-यूएवी डाटा रिपॉजिटरी भी स्थापित होगी, जो कृषि, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों के लिए नवाचारों को प्रेरित करेगी। सेमीकंडक्टर निर्माण की कायनेस सेमिकॉन की इकाई भोपाल में भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का अहम भागीदार कायनेस सेमिकॉन अब भोपाल के आईटी पार्क में अपनी इकाई स्थापित कर रहा है। इससे चिप डिज़ाइन, असेंबली और अनुसंधान को एक नई दिशा मिलेगी। यह कदम प्रदेश की डीप-टैक नीति को सशक्त करेगा। भोपाल में बनेगा मध्यप्रदेश का पहला निजी ग्रीन डाटा सेंटर एशिया का सबसे बड़ा रेटेड-4 हाइपरस्केल डाटा सेंटर ऑपरेटर, भोपाल के आईटी पार्क में ग्रीन डाटा सेंटर स्थापित कर रहा है। इमर्सिव कूलिंग जैसी तकनीकों से युक्त यह डाटा सेंटर जीरो-एमिशन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यह क्लाउड और एआई कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। ईएमसी 2.0: 209 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भोपाल के बांदाखेड़ी में 209 एकड़ में फैला ईएमसी2.0 क्लस्टर मोबाइल, सेमीकंडक्टर, पीसीबी, एलईडी और ई-मोबिलिटी उद्योगों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, टेस्टिंग लैब्स और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी। इसमें 1500 करोड़ रूपये का निवेश होगा और इससे 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। सिक्योर सर्किट: पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग से आत्मनिर्भरता की ओर भोपाल में स्थापित हो रही प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) निर्माण इकाई राज्य के सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगी। यह रक्षा, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम होगा। राज्य सरकार उद्योगों को न केवल कम समय में मंजूरी और समाधान उपलब्ध करा रही है,बल्कि निवेशकों में दीर्घकालिक साझेदारी का भरोसा भी जगाने में सफल हो रही है। भोपाल की यह यात्रा केवल तकनीकी विकास की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नई कहानी लिखने का प्रारंभ है। प्रदेश अब नवाचार, ज्ञान और डिजिटल कौशल के केंद्र के रूप में नया उदाहरण बनकर उभर रहा है।

भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान

रेल कोच इकाई भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को गति देगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में रेल कोच फैक्ट्री से मेट्रोपोलिटन विकास को मिलेगी रफ्तार : सीएम डॉ. यादव भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान सीएम डॉ. यादव बोले– रेल कोच यूनिट बनेगी भोपाल मेट्रोपोलिटन ग्रोथ का इंजन 10 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन 60 हेक्टेयर भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेल कोच निर्माण सुविधा के लिए औबेदुल्लागंज में 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुख्य आतिथ्य में होने वाले भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन में हई बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीयजन शामिल होंगे। अत: उनके आवागमन और बैठक की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों के स्वाल्पाहार, भोजन, पेयजल आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि परियोजना का भूमिपूजन 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल होंगे। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3थी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम में लगभग 10 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्सय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।