samacharsecretary.com

आंसर कॉपी जाँच में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: एमपी बोर्ड ने शुरू की ऐप आधारित निगरानी व्यवस्था

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम उठाया है। बोर्ड अब आंसर कॉपी की चेकिंग की निगरानी के लिए एक मोबाइल ऐप का उपयोग करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य चेकिंग प्रक्रिया में तेजी लाना और काम में देरी या गड़बड़ी को रोकना है। क्या है आंसर कॉपी चेकिंग की नई तकनीक? वर्तमान में मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं, जिनमें 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद जब आंसर कॉपी की चेकिंग का काम शुरू होगा, तब यह ऐप मुख्य भूमिका निभाएगा। पिछले वर्षों में यह शिकायतें आती थीं कि कुछ शिक्षक आसंर कॉपी चेकिंग केंद्र पर ड्यूटी से गायब रहते थे या निर्धारित कार्य समय पूरा नहीं करते थे। इस नई व्यवस्था से इन समस्याओं पर पूर्ण विराम लग जाएगा। इस ऐप के जरिए शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति, ड्यूटी पर बिताए गए घंटों और उनके द्वारा प्रतिदिन जांची गई आसंर कॉपी की संख्या का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। बोर्ड के मुख्य प्रणाली अधिकारी भूपेश गुप्ता ने बताया कि अब तक जो वेब-आधारित प्रणाली काम कर रही थी, उसे जल्द ही इस नए मोबाइल ऐप से बदल दिया जाएगा। मूल्यांकन प्रक्रिया पर होगा सख्त पहरा रियल-टाइम मॉनिटरिंग: बोर्ड के उच्च अधिकारी किसी भी केंद्र की प्रगति पर सीधे नजर रख सकेंगे। इससे किसी भी केंद्र पर होने वाली देरी या अनियमितताओं की पहचान तुरंत हो जाएगी। शिक्षकों की जवाबदेही: मूल्यांकन केंद्र पर तैनात 35,000 से अधिक शिक्षकों की हर गतिविधि ऐप के जरिए रिकॉर्ड होगी। डिजिटल रिकॉर्ड: हर दिन कितने पेपर चेक हुए, इसका सटीक डेटा बोर्ड के पास होगा, जिससे परिणाम घोषित करने में तेजी आएगी। शिक्षकों को हाल ही में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में इस ऐप के फीचर्स और रिपोर्टिंग के तरीके के बारे में जानकारी दी गई है। बोर्ड का प्रयास है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम पूरी तरह से व्यवस्थित और केंद्रीकृत हो, ताकि परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें। एमपी बोर्ड 10वीं परीक्षाओं का समापन 6 मार्च 2026 को होगा । वहीं, एमपी बोर्ड 12वीं परीक्षाओं का समापन 7 मार्च 2026 को होगा। इसके बाद छात्रों की आंसर कॉपी चेकिंग की जाएगी। इसके बाद एमपी बोर्ड की ओर से जल्द ही छात्रों की रिजल्ट की घोषणा की जाएगी। बोर्ड की ओर से अभी तक एमपी बोर्ड रिजल्ट तिथि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।छात्रों को बता दें कि आप अपना एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 आसानी से लाइव हिन्दुस्तान वेबसाइट पर भी चेक कर सकेंगे। आसानी से अपना रिजल्ट पाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपना रजिस्ट्रेशन करें।

MP बोर्ड परीक्षा कल से: 16 लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल, चोरी रोकने के लिए तैनात होगा तीसरी आंख और फ्लाइंग स्क्वॉड

भोपाल  मध्य प्रदेश में कल से माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र अपने भविष्य की परीक्षा देंगे। प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें वीडियोग्राफी से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक की मदद ली जा रही है। परीक्षा का कार्यक्रम और समय बोर्ड द्वारा जारी संशोधित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षाएं सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे की शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। 12वीं बोर्ड: परीक्षाएं कल यानी 10 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं बोर्ड: परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। शिक्षा मंडल ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को संशोधित समय सारणी के प्रति जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। सुरक्षा के त्रि-स्तरीय इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने 'फुलप्रूफ' योजना तैयार की है: सीसीटीवी और वीडियोग्राफी: प्रदेश के 3856 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते): हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। इनमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे, जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। भोपाल में विशेष तैयारी: राजधानी में 104 केंद्रों पर 57 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। छात्रों की संख्या का गणित इस वर्ष कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं: कक्षा 10वीं : लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी। कक्षा 12वीं : लगभग 7 लाख विद्यार्थी। विशेषज्ञों की सलाह: सेहत और तनाव का रखें ध्यान परीक्षाओं के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने छात्रों को पर्याप्त नींद लेने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। अभिभावकों के लिए भी टिप्स जारी किए गए हैं कि वे घर का माहौल सकारात्मक रखें और बच्चों पर अत्यधिक अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें।

MP Board Exam में ड्यूटी से इनकार करने पर शिक्षक और कर्मचारियों पर हो सकती है कार्रवाई

ग्वालियर  माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इनकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इस संबंध में बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही एक पत्र जारी कर परीक्षा ड्यूटी में शामिल सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा के दायरे में ला दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद इनकार करने या ड्यूटी वाली जगह न पहुंचने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवा घोषित राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के क्रम में जिले में भी परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा। बहानेबाजी नहीं चलेगी शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर परीक्षा ड्यूटी से नाम कटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते। लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें प्रमाण देना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।  

MP बोर्ड परीक्षा में आंसर शीट रहेगी निगरानी में, 10वीं और 12वीं के छात्र रहें सतर्क

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मंडल ने परीक्षा व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पिछले साल सिर्फ संवदेनशील व अति संवदेशील केंद्रों पर ही प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन इस बार मंडल सभी केंद्रों पर प्रेक्षकों की तैनाती होगी। माशिमं द्वारा इस बार प्रेक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं प्राचार्यों की नियुक्ति की जा रही है। इस बार प्रेक्षक केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर उनकी कड़ी नजर रहेगी। कलेक्टर की ओर से प्रेक्षक इन केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। इनकी ड्यूटी प्रश्नपत्र खुलने के आधे घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचना होगा और परीक्षा खत्म होने के बाद प्रश्नपत्र का बंडल समवन्वयक केंद्र पहुंचाने तक की ड्यूटी रहेगी। इनकी निगरानी भी मंडल की ओर से एप के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों पर उड़नदस्तों की विशेष टीम गठित की गई है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी मंडल की ओर से की जाएगी। प्रदेश में करीब 700 और भोपाल जिले में 16 संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं। बता दें, कि मंडल की ओर से करीब 25 हजार अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया प्रेक्षकों की निगरानी में होगी कलेक्टर द्वारा प्रेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसमें पांच साल पहले सेवानिवृत्त प्रथम या द्वितीय श्रेणी के अधिकारी या प्राचार्य शामिल होंगे।इन्हें एक दिनदके लिए 700 रुपये का मानयदेय दिया जाएगा। इन्हें परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल खुलवाने, उनका सुरक्षित वितरण, परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्र कर जमा कराने तक की संपूर्ण प्रक्रिया प्रेक्षक की निगरानी में होगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी प्रेक्षक तब तक केंद्र पर मौजूद रहेंगे, जब तक सभी उत्तरपुस्तिकाएं विधिवत रूप से जमा नहीं हो जातीं। परीक्षा केंद्रों पर कोई भी घटनाक्रम होने पर इन्हें पुलिस कंट्रोल रूम, संभागीय मंडल कार्यालय में सूचना देनी होगी। सावधानी से ओएमआर शीट भरने के निर्देश इस बार विद्यार्थियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका के ऊपर सबसे पहले पेज पर ओएमआर शीट अत्यंत सावधानी से भरने के लिए कहा गया है। रोल नंबर, विषय कोड, नाम सहित सभी प्रविष्टियां सही ढंग से भरना अनिवार्य होगा। ओएमआर शीट में किसी भी प्रकार की गलती से परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी। 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी     बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके अलावा करीब 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी। इसके लिए जिला स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सभी को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं  

एमपी बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल पर कड़ा एक्शन, पूरी परीक्षा होगी निरस्त, 3 साल तक की सजा

 भोपाल मध्य प्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। सामूहिक नकल पर पूरे केंद्र की परीक्षा निरस्त होगी। एग्जाम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर 3 साल की जेल या 5 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति छात्रों की मदद करता है तो उसे भी 3 साल की जेल होगी। एमपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा का एग्जाम 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक होगा। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। माशिमं ने संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी। प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे। यह भी नकल की श्रेणी में आएगा एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान भी रहेगी पैनी नजर माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा। स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश एमपी बोर्ड ने सभी स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षार्थियों को नकल न करने और परीक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें. परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बोर्ड अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी कर्मियों और कैमरों को मैनेज किया जाएगा. छात्र और शिक्षक दोनों को इसके महत्व को समझते हुए परीक्षा का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना होगा. इस कदम का मकसद परीक्षा में ईमानदारी बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन कायम रखना है. बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की है कि वे सभी नियमों का पालन करें और परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग करें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर प्रतिबंध रहेगा मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी। बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा। साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। 20 विद्यार्थियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात होगा परीक्षा केंद्रों पर 20 विद्यार्थियों पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एक कक्षा में 20 से अधिक व 40 से कम विद्यार्थियों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। विद्यार्थियों की 40 से अधिक संख्या होने पर 15 परीक्षार्थियों पर एक पर्यवेक्षक रहेगा।     10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर कड़ा प्रतिबंध होगा। सामूहिक नकल की श्रेणी में आने पर पूरी परीक्षा निरस्त होगी। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।