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PWD कार्यों में गुणवत्ता और तेजी पर फोकस, जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता

लोक निर्माण विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की, अधिक दक्षता व ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने कहा  रायपुर.  लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा।  विभागीय सचिव बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।

नीतीश द्विवेदी ने खुद का संगठन लॉन्च किया, 19 महीने में पूरे बिहार में करेंगे यात्रा

पटना  मुकेश सहनी के करीबी माने जाने वाले नीतीश कुमार द्विवेदी ने अब अपनी नई राह चुन ली है. उन्होंने ‘नौजवानों की आवाज’ नाम से एक सामाजिक संगठन बनाने की घोषणा की है. इसी के साथ उन्होंने युवाओं के मुद्दों पर सड़क पर उतरने का ऐलान किया है. पहली बैठक में तय हुई रूपरेखा नई संगठन की पहली बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्विवेदी ने की. इस दौरान संगठन के विस्तार और मजबूती पर चर्चा हुई. बैठक में चार अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया गया. इसका मकसद युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यवस्थित तरीके से काम करना है. संगठन शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास जैसे विषयों पर फोकस करेगा. 19 महीने में करेंगे 38 जिलों की यात्रा नीतीश कुमार द्विवेदी ने घोषणा की कि वह बिहार के 38 जिलों में 19 महीने की यात्रा पर निकलेंगे. इस दौरान वे युवाओं से सीधे संवाद करेंगे. उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान के लिए पहल करेंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भी वह लगातार जनता के बीच रहे. करीब एक लाख लोगों से सीधे मुलाकात की. कई बार 10 दिन तक घर नहीं गए. जहां जगह मिली, वहीं रुक गए. पहले भी दिखा चुके हैं बागी तेवर नीतीश कुमार द्विवेदी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं. वह पहले भी पार्टी से बागी होकर महराजगंज से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. अब वह अपने संगठन के जरिए युवाओं की आवाज बनने का दावा कर रहे हैं. युवाओं की बात प्रशासन तक पहुंचाने का दावा उन्होंने कहा कि उनकी टीम गांव-गांव और जिले-जिले जाएगी. युवाओं से सीधा फीडबैक लिया जाएगा. फिर संबंधित विभागों और प्रशासन तक उनकी बात पहुंचाई जाएगी.