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लुधियाना हत्याकांड में 4 गिरफ्तार, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान की हत्या में पिता और 3 बेटों पर FIR, मुख्य आरोपी की तलाश में ट्रैफिक जाम

लुधियाना   लुधियाना के कुमकल पुलिस स्टेशन के तहत तखरा में मच्छीवाड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परमिंदर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने इस हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें एक ही परिवार के पिता और उनके तीन बेटे सहित एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय सिंह, उनके बेटे रवि कुमार, अमरीश और एक ग्रामीण सुनील के रूप में हुई है। वहीं, जय सिंह का तीसरा बेटा अजय कुमार इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कुल्हाड़ी से किया गया हमला मामला मृतक के भतीजे शनि शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, परमिंदर तिवारी अपने घर के बाहर बैठे हुए थे, तभी आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने अंतिम संस्कार रोका पीड़ित परिवार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार की इस मांग के चलते मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने खोखरां के जय सिंह, उसके बेटे रवि कुमार, दूसरे बेटे अमरीश व गांव के ही एक अन्य व्यक्ति सुनील को गिरफ्तार कर दिया है। वहीं जय सिंह के तीसरा बेटा व मुख्य आरोपी अजय कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर है। एफआईआर परमिंदर तिवारी के भतीजे शनि शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई। शनि शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसके चाचा अपनी बिल्डिंग के बाहर बैठे थे जहां पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। कांग्रेस पार्टी के रोजा गिल ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर आज कातिलों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बुधवार को पुलिस कमिश्नर लुधियाना के दफ्तर का घेराव किया जाएगा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर अड़ा परिवार परमिंदर तिवारी के हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने माछीवाड़ा रोड पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया है। धरने के दौरान पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिवार व लोगों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होता तब तक पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में है ब्लॉक प्रधान का शव कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी का शव अब भी फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में है। कांग्रेस के हलका इंचार्ज राजा गिल ने कहा कि पुलिस ने भले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्तार नहीं है। पुलिस ने पहले आरोपी का नाम बताया था विजय सोमवार को एडीसीपी ने हत्या के मुख्य आरोपी का नाम विजय कुमार बताया था लेकिन जो एफआईआर दर्ज की है उसमें मुख्य आरोपी का नाम अजय कुमार लिखा है। इससे पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड किया बंद कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण व माछीवाड़ा के स्कूल संचालक कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर धरना दिया है। कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दिया है। राजा गिल का कहना है कि पुलिस कल से मुख्य आरोपी को पकड़ने में टाल मटोल कर रही है जिसकी वजह से धरना लगाया गया है। कारें लगाकर की सड़क बंद प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच अपने वाहन खड़े करके ट्रैफिक रोका है। वहीं पुलिस ने कोहाड़ा से माछीवाड़ा की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को गांव के बीच से डायवर्ट कर दिया है। पुलिए कमिश्नर दफ्तर घेरेंगे कांग्रेस के हलका इंचार्ज राजा गिल का कहना है कि रोजाना हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि परमिंदर तिवारी की सरेआम हत्या कर दी गई है और पुलिस अभी तक मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि परिवार कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि जब तक कातिल पकड़ नहीं जाते तब तक संस्कार नहीं करवाया जाएगा। राजा गिल ने कहा कि घटना के तीन चार घंटे पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसकी वजह से कातिल पुलिस से दूर चले गए। राजा गिल ने बताया कि पंचायत की जमीन का कोई विवाद नहीं है। इसमें बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि मारने वालों के साथ साथ साजिश करने वालों पर भी पर्चा दर्ज होना चाहिए। राजा गिल ने कहा कि पंजाब में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है तब से कांग्रेस के चौथे ब्लॉक प्रधान की हत्या हो गई है। राजा गिल ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उन्हें विश्वास दिलाया कि अगर आज गिरफ्तारी नहीं हुई तो कल सीपी दफ्तर लुधियाना का घेराव करेंगे।

सिरसा में जमीनी विवाद में पूर्व सरपंच और भतीजे की हत्या

सिरसा. हरियाणा के सिरसा जिले के कालांवाली क्षेत्र के गांव खोखर में जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों में झगड़ा हो गया। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के पूर्व सरपंच झरमल सिंह और उसके भतीजे दलजीत की हत्या कर दी। वहीं, हमला करने वाले पक्ष के तीन सदस्य घायल बताए जा रहे है। जिनका नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी अनुसार गांव के पूर्व सरपंच झरमल और दूसरे परिवार के जसवंत सिंह का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार सुबह झरमल सिंह, उसका भतीजा दलजीत परिवार के सदस्यों के साथ जसवंत सिंह के घर पहुंचा। यहां जमीनी विवाद के कारण कहासुनी शुरू हो गई और झगड़ा बढ़ गया। हाथापाई होने के बाद जसवंत सिंह के परिवार सदस्यों ने पूर्व सरपंच व उसके भतीजे पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। इस दौरान झरमल और उसका भतीजा दलजीत गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनके स्वजन उसका इलाज करवाने के लिए कालांवाली अस्पताल में लेकर पहुंचे लेकिन दोनों की मौत हो गई। वहीं, दूसरे पक्ष के जसवंत सिंह, बिक्कर सिंह, मौती सिंह घायल है। जिनका नागरिक अस्पताल सिरसा में उपचार चल रहा है। मामले की सूचना मिलने के बाद कालांवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का जायजा लिया। वहीं पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ करने में जुटी है और शवों को कब्जे में लिया है।

रोहतक दोहरे हत्याकांड में 10 के खिलाफ केस दर्ज

रोहतक. हरियाणा के रोहतक जिले में गांव पोलंगी में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मृतकों के बड़े भाई जगमेंद्र उर्फ नान्हा सुरक्षा कारणों से अपने दोनों भाईयों का अंतिम संस्कार गांव में न कर रोहतक के शीला बाईपास स्थित श्मशान घाट में किया। जगमेंद्र ने कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में चार टीमों का गठन किया है और लगातार छापेमारी की जा रही है। जगमेंद्र ने बताया कि दो वर्ष पहले ट्रैक्टर से टक्कर मारने की घटना के बाद रंजिश शुरू हुई थी। तब से लगातार धमकियां मिल रही थीं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जगमेंद्र ने बताया कि घटना के समय वह कोर्ट की तारीख पर गया हुआ था। सुबह करीब 11:15 बजे जब वह घर लौटा तो माहौल बदला हुआ था। बाहर कुछ लोग खड़े थे और अंदर से रोने की आवाजें आ रही थीं। जैसे ही वह आगे बढ़ा, कुछ लोगों ने कहा कि ये भी आ गया। इसके बाद उसे भाईयों की हत्या की जानकारी मिली। सुबह घर से निकलते समय भाईयों से सामान्य बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि खाना खा लेना और प्लॉट में लगी सब्जियों को पानी दे देना। भाईयों ने हंसते हुए जवाब दिया था कि इस बार कोर्ट से लंबी तारीख लेकर आना। किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। मृतक कर्मबीर भगवान में गहरी आस्था रखता था और 40 दिन के व्रत पर था, जिनमें से 12 दिन पूरे हो चुके थे।

शिवपुरी में वकील संजय सक्सेना की हत्या के तीन आरोपी शॉर्ट एनकाउंटर में गिरफ्तार

शिवपुरी. शिवपुरी जिले में करैरा में कोर्ट जाते समय वकील संजय सक्सेना को गोली मारकर उनकी हत्या करने वाले शूटरों गोलू पुत्र अरविंद रावत, पपेंद्र पुत्र हरदास रावत, जहीर पुत्र रफीक को पुलिस ने अलसुबह हुए शॉर्ट एनकांउटर में गिरफ्तार कर लिया है। इस एनकाउंटर में पपेन्द्र को दो गोली लगने की जानकारी सामने आई है। करैरा में शनिवार सुबह करीब 11 बजे बदमाशों ने 57 वर्षीय वकील संजय कुमार सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह निचली बस्ती से गुर्जर दरवाजे होते हुए जंगल के सुनसान रास्ते से बाइक पर सवार होकर न्यायालय जा रहे थे। जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उसे देखकर यह अंदेशा है कि बदमाशों ने पहले उनके आने-जाने के रास्ते की रैकी की थी और इसके बाद घात लगाकर उनके सीने में गोली उतार दी। करीब से मारी गई गोली पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने वकील को रोककर बहुत करीब से उन्हें गोली मारी। स्वजन के आरोपों के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। अभिभाषक संघ ने भी दो दिन में आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर सोमवार से न्यायालय में काम बंद कर हड़ताल की चेतावनी दी थी। शाम करीब सात बजे पुलिस में अंतिम संस्कार किया गया। दूरी कम हो जाए इसलिए जंगल के रास्ते से जाते थे कोर्ट बताया जा रहा है कि एडवोकेट संजय सक्सेना अगर रोड वाले रास्ते से कोर्ट जाते तो उन्हें करीब आठ किमी की दूरी घर से कोर्ट जाने के लिए तय करनी पड़ती थी। वहीं जंगल वाले सुनसान रास्ते से महज चार किमी की दूरी तय करने पर वह कोर्ट पहुंच जाते थे। यही कारण था कि वह जंगल वाले सुनसान रास्ते का प्रयोग कोर्ट जाने में करते थे। इसी का लाभ हत्यारों ने उठाया।