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MP का नमकीन हुआ महंगा, 20-40 रुपए किलो बढ़े दाम, युद्ध और सप्लाई ठप होने से 80 देशों पर पड़ा असर

इंदौर  देश की नमकीन राजधानी माने जाने वाले इंदौर का नमकीन उद्योग इस समय दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर उत्पादन लागत में तेज़ बढ़ोतरी के कारण नमकीन के दाम 20 से 40 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर दिख रहा।  इंदौर से रोजाना करीब 100 टन नमकीन देश-विदेश में भेजा जाता है। यह सप्लाई भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 80 से अधिक देशों तक पहुंचती है। हालांकि मौजूदा हालात में घरेलू बिक्री (डोमेस्टिक सेल) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) कारोबार भी प्रभावित हुआ है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा के मुताबिक, लागत बढ़ने के कारण नमकीन की कीमतों में औसतन 20 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकी पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पीएनजी गैस की सीमित उपलब्धता (करीब 60%) और मूंगफली तेल के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके अलावा पैकिंग मटेरियल के दाम में भी बड़ा उछाल आया है- जो पहले 190–195 रुपए प्रति किलो मिलता था, वह अब करीब 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। नमकीन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली हींग की कीमतों में भी 5% से 15% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लागत और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में इंदौर के नमकीन उद्योग को और बड़े आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। दाम आगे भी बढ़ने के संकेत इंदौर के नमकीन बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा ने बताया कि अभी जो दाम बढ़ाए गए हैं, वे सालभर स्थिर रहेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अगले 10 दिनों में क्या स्थिति होगी, इसका भी अनुमान लगाना मुश्किल है। 40 रुपए किलो तक की बढ़ोतरी नमकीन व्यापारी हीतेश जैन के मुताबिक, सामान्य नमकीन जो पहले 260 से 280 रुपए प्रति किलो मिलता था, अब 280 से 300 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं प्रीमियम नमकीन 280–300 रुपए से बढ़कर 300 से 340 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक्स्ट्रा प्रीमियम नमकीन, जिसमें ड्रायफ्रूट्स का उपयोग होता है, उसमें करीब 40 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मूंगफली तेल, मिर्च-मसाले और पैकिंग सामग्री महंगी होने के कारण लगभग 20 रुपए प्रति किलो तक कीमत बढ़ानी पड़ी है। विदेश पहुंचने का समय दोगुना हुआ इंदौर में सेंव की खपत भी काफी अधिक है। शहर में रोजाना करीब 45 टन सेंव की खपत होती है। संगठित क्षेत्र के कारखानों में प्रतिदिन 30 टन सेंव तैयार होती है, जिसमें से 15 टन शहर में खपती है, जबकि असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारी करीब 30 टन सेंव का उत्पादन कर स्थानीय मांग पूरी करते हैं। वैश्विक हालात का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले इंदौर से दुबई या ओमान तक नमकीन पहुंचने में करीब 30 दिन लगते थे, लेकिन अब सुरक्षित मार्गों से भेजने पर 60 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे लॉजिस्टिक लागत दोगुनी हो गई है। इसी तरह यूएसए और कनाडा में पहले 40–45 दिन में पहुंचने वाला माल अब 90 दिन तक ले रहा है। खाड़ी देशों के लिए सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से प्रभावित है। निर्यातकों के अनुसार 40 से 50 कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई समय 25–30 दिन से बढ़कर 50–60 दिन हो गया है और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।

पैकेट में कम निकला नमकीन, उपभोक्ता फोरम ने हल्दीराम को 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका

उमरिया जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली। नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया। उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है। शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान  इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया। फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।