samacharsecretary.com

निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन जल्द, भोपाल को मिलेगा नया पांचवां रेलवे स्टेशन

 भोपाल  भोपाल मेन स्टेशन के साथ ही रानी कमलापति, संतनगर, मिसरोद के अलावा निशातपुरा के रूप में राजधानी भोपाल को जल्द ही पांचवा रेलवे स्टेशन मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन कमीशनिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। बुनियादी सुविधाएं पूरी होने के साथ ही इसे ट्रेनों के हॉल्ट और यात्रियों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनों को हॉल्ट मिलेगा जिससे भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक वर्तमान के मुकाबले कम किया जा सकेगा। भोपाल स्टेशन पर अभी प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं होने के चलते कई यात्री ट्रेन प्लेटफार्म खाली होने के इंतजार में आउटर पर खड़ी करनी पड़ती हैं। भोपाल रेल मंडल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए डीआरएम पंकज त्यागी एवं सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल रेल मंडल में यात्री सुविधाओं में इजाफा करने के लिए नए प्रोजेक्ट लागू किए हैं। यात्री सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए भोपाल रेल मंडल द्वारा माल परिवहन, टिकट चेकिंग अभियान, स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर आमदनी में 14 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। भोपाल रेलवे को वित्तीय 2025-26 में 896.38 करोड रुपए की आय अर्जित हुई है। इस राशि का इस्तेमाल यात्री सुविधाओं के एक्सटेंशन में किया जाएगा। इन ट्रेनों को निशातपुरा स्टेशन पर मिलेगा ठहराव डॉ. आंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस। इंदौर-पटना-इंदौर (शनिवार/सोमवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-पटना-इंदौर (सोमवार, बुधवार/बुधवार,शुक्रवार) द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस। डा.आंबेडकर नगर-प्रयागराज जंक्शन-डा. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस (प्रतिदिन) अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद (रविवार/मंगलवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-बरेली-इंदौर (गुरुवार/बुधवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-हावड़ा-इंदौर क्षिप्रा (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार/सोमवार, गुरुवार, शनिवार) त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस। भुज-शालीमार-भुज एक्सप्रेस (साप्ताहिक) यात्री सुविधाओं के एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में भोपाल स्टेशन पर आधुनिक स्लीपिंग पॉड में फैमिली और सिंगल बेड की सुविधा को बढ़ाया जाएगा। 300 क्षमता वाला एग्जीक्यूटिव लाउंज डेवलप होगा। इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम के लिए स्टेशन के बाहर मल्टी लेवल पार्किंग भवन बनेगा। स्टेशन पर ड्रॉप एंड को फैसिलिटी की लेन बढ़ाई जाएंगी। भोपाल स्टेशन पर बनाए जा रहे सभी 6 बेस किचन और प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का उपयोग भोपाल स्टेशन पर बनाए जा रहे सभी 6 बेस किचन और प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा। जो नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, उन्हें इंटरनेट के जरिए एआइ मॉनिटरिंग से लिंक कर यह व्यवस्था बनाई जाएगी। डीआरएम पंकज त्यागी के मुताबिक रेलवे में भी अन्य विभागों की तरह एआइ बेस्ड मॉनिटरिंग लगातार बढ़ रही है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर नई टेक्नोलॉजी के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सीनियर DCM बोले – भोपाल स्टेशन का दबाव कम होगा भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि निशातपुरा स्टेशन 2023 से तैयार किया जा रहा है और इसके अधिकतर कार्य पूरे हो चुके हैं। फिलहाल रेलवे द्वारा अंतिम परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नव वर्ष में इस स्टेशन को शुरू करने की तैयारी चल रही है। जैसे ही उद्घाटन कार्यक्रम की अनुमति प्राप्त होगी, स्टेशन को ऑपरेशन में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर–वरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का हॉल्ट निशातपुरा में नोटिफाई किया जा चुका है। भोपाल स्टेशन परिचालन की दृष्टि से अत्यधिक कंजस्टेड है। ट्रेनों का लगातार रिवर्सल होना यात्रियों की यात्रा में देर कराता है। निशातपुरा शुरू होने से न सिर्फ ऑपरेशन आसान होगा, बल्कि भोपाल के भीड़भाड़ वाले हिस्से में जाने का समय भी बचेगा। यात्री सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि “भविष्य में यात्रियों की मांग और लोड के आधार पर और ट्रेनों के हॉल्ट बढ़ाए जाएंगे। कई गाड़ियों के रूट और ठहराव का मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके। भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर दूर है निशातपुरा… भोपाल शहर में अभी 3 रेलवे स्टेशन हैं। इनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर शामिल हैं। निशातपुरा और मैन स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है। संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है। यह विकास कार्य पूरा होने पर यहां ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ेंगे। निशातपुरा NSG-3 कैटेगरी का स्टेशन होगा भोपाल में निशातपुरा स्टेशन एनएसजी-3 कैटेगरी में कर दिया गया है। इसके चलते पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन को 2017 से पहले सी कैटेगरी में रखा गया था। स्टेशनों के वर्गीकरण के मानदंडों को नवंबर 2017 से संशोधित किया गया है। नए वर्गीकरण के अनुसार, स्टेशनों के वर्गीकरण के लिए वहां आने वाले यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखा गया है। स्टेशनों को तीन समूहों में बांटा गया है, गैर-उपनगरीय (एनएसजी), उपनगरीय (एसजी), और हाल्ट (एचजी)। इसके अलावा इन समूहों को क्रमशः 1-6, 1-3 और 1-3 ग्रेड में रखा गया है। नहीं बदलनी पड़ेगी इंजन की दिशा मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस जैसी चार से ज्यादा ट्रेनें हैं, जिनके स्टॉपेज भोपाल स्टेशन पर हैं। यदि इन ट्रेनों का हाल्ट भोपाल में खत्म कर निशातपुरा तक सीमित किया जाता है, तो इनके इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी।इससे उन्हें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की तरफ रवाना करना आसान हो जाएगा। वर्तमान में इन ट्रेनों के भोपाल आवागमन के दौरान इंजन की दिशा बदलने में आधे घंटे से अधिक का समय लगता है, जिसे बचाया जा सकेगा।

भोपाल में नया स्टेशन निशातपुरा, यात्री सुविधाओं के लिए जनवरी 2026 से शुरू होगा संचालन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की सौगात मिलने वाली है. नए साल यानी जनवरी 2026 में निशातपुरा रेलवे स्टेशन आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है. भारतीय रेलवे ने इसके लिए आधिकारिक घोषणा कर दी है. इस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस स्टेशन के शुरू होने के बाद भोपाल जंक्शन और रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होगा | लाखों यात्रियों को मिलेगी सुविधा निशातपुरा रेलवे स्टेशन के चालू होने के बाद से करोंद, भानपुर, मिनाल रेसीडेंसी, हाउसिंग बोर्ड, लांबाखेड़ा, बैरसिया रोड समेत आसपास रहने वाले लाखों यात्रियों को इससे राहत मिलेगी. अक्सर इन इलाकों में रहने वाले लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए ट्रैफिक का सामना भी करना पड़ता था, अब पुराने भोपाल समेत होशंगाबाद रोड पर यातायात का दबाव कम होगा. स्टेशन परिसर में पार्किंग, टिकट व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था का कार्य लगभग पूरा हो गया है| स्टेशन शुरू होते ही भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे प्लेटफार्म पर भीड़ घटेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। इससे करोंद, लालघाटी, गांधी नगर, अयोध्या नगर, आनंद नगर, भीमनगर व आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इंजन रिवर्सल की झंझट होगी खत्म रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर भोपाल स्टेशन पर समाप्त होने वाली कुछ ट्रेनों का टर्मिनेशन निशातपुरा तक बढ़ाया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत खत्म हो जाएगी। अभी भोपाल स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने में 30 से 45 मिनट तक का समय लग जाता है, जिससे ट्रेनें देरी का शिकार होती हैं। निशातपुरा से यह समय बचेगा और ट्रेनों को सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की ओर रवाना करना आसान होगा। निशातपुरा पर इन ट्रेनों को मिलेगा स्टॉपेज पहले निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उपयोग माल ढुलाई और दूसरे कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता था. फिलहाल भोपाल में तीन रेलवे स्टेशन हैं, इनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर शामिल हैं | रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ एक्सप्रेस) को स्टॉपेज की मंजूरी दी गई है | इसके बाद कुछ और ट्रेनों के स्टॉपेज को हरी झंडी मिल जाएगी. इनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा, इंदौर-राजेंद्र नगर, विंध्याचल, राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस, झांसी-इटारसी पैसेंजर जैसी ट्रेनें शामिल हैं | नहीं बदलने होगी इंजन की दिशा रेलवे स्टेशन के उपयोग के लिए निशातपुरा को एनएसजी-3 कैटेगरी में शामिल किया गया है. वर्तमान की बात करें तो कुछ ट्रेन ऐसी हैं जिनका स्टॉपेज भोपाल जंक्शन में होता है और फिर इन्हें उज्जैन और इंदौर की ओर जाना जाता है. इस वजह से ट्रेन का इंजन बदलना पड़ता है. इस वजह से फिजूल समय जाता है, अब इससे मुक्ति मिलेगी और इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी | सुविधाएं लगभग तैयार स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म विस्तार, टिकट घर, प्रतीक्षालय, पार्किंग, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है। साथ ही भोपाल आउटर पर ट्रेनों को खड़ा रखने की समस्या को भी इस स्टेशन के जरिए काफी हद तक दूर करने की योजना बनाई गई है। इन ट्रेनों को मिल सकता है नया ठहराव     निशातपुरा स्टेशन से हाल्ट देने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। पहले ही मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का यहां ठहराव नोटिफाई किया जा चुका है। इसके साथ-साथ जिन ट्रेनों को यहां रोकने की तैयारी चल रही है, उनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस, इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, विंध्याचल राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस और झांसी-इटारसी पैसेंजर शामिल हैं। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल  

निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा और सोमनाथ एक्सप्रेस के लिए हॉल्ट, भोपाल में सुविधा बढ़ेगी

भोपाल भोपाल में जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने वाली है, जिससे भोपाल में चार स्टेशन हो जाएंगे और यात्रियों को आने जाने में और आसानी होगी. बताया जा रहा है कि जनवरी 2026 से भोपाल में निशातपुरा स्टेशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन, संत हिरदाराम नगर स्टेशन के बाद निशातपुरा भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन होगा, बताया जा रहा है कि जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस दो बड़ी ट्रेनों को शुरुआत में निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रोका जाएगा, बाद में यहां और भी कई बड़ी ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हो सकता है.  भोपाल में कम होगा दवाब  निशातपुरा रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने से भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर बढ़ता दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा, क्योंकि अभी इन तीनों स्टेशनों पर ही सबसे ज्यादा दवाब रहता है. निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने से पुराने भोपाल और इसके आसपास के इलाकों, करोंद, लालघाटी, अयोध्या नगर, गांधी नगर, आनंद नगर, भीमनगर सहित लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा, यहां से यात्रियों को मुख्य स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी और समय खर्च नहीं करना पड़ेगा और आसानी से उन्हें आने जाने की सुविधा मिलेगी. स्टेशन पर पार्किंग, टिकटिंग, वेटिंग एरिया और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाओं का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. जिससे जनवरी 2026 में इसके शुरू होने की संभावना है.  वर्तमान समय में भोपाल शहर में चार रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर और मिसरोद शामिल हैं. निशातपुरा और भोपाल रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है. वहीं, संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है. इसका विकास कार्य पूरा होने पर यहां अधिक ट्रेनों को हॉल्ट दिया जाएगा. इसके साथ ही शहर के दक्षिण दिशा में अधिक डेवलपमेंट होने से मिसरोद स्टेशन पर भी सुविधाएं विकसित करने की मांग उठ रही है. इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा निशातपुरा स्टेशन की दूरी भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर की है. हालांकि, शहर के अलग-अलग इलाकों से यहां जाने वाले लोगों को ट्रैफिक के चलते थोड़ा ज्यादा समय लग जाएगा. वहीं अयोध्या बायपास, भानपुर, करोंद और जेके रोड के निवासियों को यह स्टेशन पास पड़ेगा. जिन दो ट्रेनों से स्टेशन शुरू हो रहा है, उनसे भोपाल से रोजाना औसत 650 यात्री यात्रा करते हैं. इस स्टेशन के शुरू होने का एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुख्य स्टेशन पर जगह नहीं मिलने पर ट्रेनों को आउटर की बजाय निशातपुरा स्टेशन पर रोका जा सकेगा. यहां भी ट्रेनों को मिलेगा हॉल्ट रानी कमलापति स्टेशन पर गोवा, आंध्र प्रदेश और गोंडवाना एक्सप्रेस सहित 6 प्रमुख ट्रेनों के हाल्ट की मांग एक बार फिर उठ रही है. इससे पहले भोपाल मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में रेल अधिकारियों ने तकनीकी कारण बताते हुए इन ट्रेनों का हाल्ट देने से इंकार कर दिया था. अब सांसदों से उम्मीद है कि वे यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस मांग पर फिर जोर देंगे. 2023 से चल रहा काम  भोपाल रेल मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक निशातपुरा स्टेशन का निर्माण 2023 से जारी है और अब ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, अंतिम परीक्षणों के बाद इसे नए साल में शुरू करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर–वरावल एक्सप्रेस का हॉल्ट अधिकृत रूप से जारी कर दिया गया है, भोपाल स्टेशन परिचालन के लिहाज से अत्यधिक कंजस्टेड है, कई ट्रेनों को यहां रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा में देरी होती है. निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से यह समस्या काफी कम हो जाएगी. मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को भोपाल में इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, जिसमें 30 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है. लेकिन यदि उनका हॉल्ट निशातपुरा में शिफ्ट किया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत नहीं होगी और ट्रेनें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी.  भोपाल में वर्तमान में तीन बड़े स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन शामिल है. निशातपुरा इनसे बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए अलग से कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी विकसित किया जा रहा है. साथ ही संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर भी विस्तार कार्य तेजी से जारी है.