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मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती ए आजम का खत, मुस्लिम समाज से बोले दस्तावेज रखें तैयार- जानें पूरा मामला

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुफ्ती-ए-आजम का एक खत वायरल हो रहा है, जिससे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा फिर उठता दिख रहा है. मुफ़्ती-ए-आजम ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि अपने सभी दस्तावेज तैयार कर लें.  दरअसल, मध्य प्रदेश मुफ्ती-ए-आजम डॉ. मौलाना मोहम्मद मुजाहिद रज़ा पत्र जारी कर मुसलमानों से आग्रह किया है कि सभी देश की नागरिकता साबित करने संबंधित और अपनी पहचान संबंधित सभी दस्तावेज चेक कर लें और कोई चूक है तो उसे सुधरवा लें.  मुस्लिम समाज को दस्तावेजी तैयारी के नसीहत वाला मुस्लिम धर्मगुरु का पत्र चर्चा में है। जिसमें उन्होंने अपनी पहचान से जुड़े पेपर तैयार कराने के लिए कहा है। मुफ्ती ए आजम मप्र डॉ. मौलाना मुशाहिद रजा कादरी की ओर से जारी इस पत्र में यह चिंता साफ नजर आ रही है। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 16 जुलाई के इस पत्र में कहा गया है कि सभी मुसलमानों को देश की नागरिकता सिद्ध करने वाले तमाम कागजात पहले से दुरुस्त कर लेने चाहिए। क्योंकि एनआरसी की पड़ताल बहुत जोरों से चल रही है। एनआरसी, सीएए और एनपीआर के मुद्दों को लेकर भाजपा हुकूमत बहुत उत्सुकता से गौर फिक्र कर रही है। यह बात अच्छे से अपने दिमाग में बैठा कर सोच फिक्र रखना होगा, क्योंकि हमारा नाम हर लिस्ट में नं 01 पर रखा गया है। एनआरसी किसी भी समय हमारे सूबे मध्य प्रदेश में शुरू हो जाएगी। जिससे पहले हमें अपनी नागरिकता को भारतीय साबित करने के लिए कागजात की तैयारी पूरी करना होगा। उन्होंने मूल निवास, आधार, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, राशनकार्ड सहित पासपोर्ट व दूसरे दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निकाहनामा व प्रॉपर्टी के रेकॉर्ड भी शामिल है। उसे अपने पास दुरुस्त कराकर रखने की ताकीद की है। कोई शाब्दिक त्रुटि हो तो ठीक करवा लें। 'एमपी सरकार शुरू कर सकती है NRC' उन्होंने कहा कि जन्म, जाति, शादी, संपत्ति, निवासी, मृत्यु से संबंधित सभी दस्तावेज मुसलमानों को अब तैयार कर लेने चाहिए, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार कभी भी NRC शुरू कर सकती है. Mufti-e-Azam MP : उनका कहना है- आमजनों को शासकीय कार्यवाहियों में जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की गुजारिश की है। यह पत्र जागरूकता के लिए जारी किया गया है।     मौलाना मुशाहिद रजा कादरी,मुफ्ती-ए-आजम मप्र   NRC और NPR क्या है, CAA के बाद क्यों चल रही चर्चा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसके साथ ही सीएए के नियम देशभर में लागू हो गए। सीएए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जहां लोग पोर्टल के माध्यम से सीएए के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएए को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि देश में धर्म के आधार पर कानून नहीं बनाया जा सकता। सीएए को एनआरसी और एनपीआर के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। भाजपा का मुख्य उद्देश्य देश में एनपीआर और एनआरसी लागू करना है। आइए जानते हैं क्या होता है एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर)। एनपीआर क्या है? What is NPR Bill Meaning एनपीआर की फुल फॉर्म राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर है। एनपीआर देश के सामान्य निवासियों की एक सूची है। भारत के प्रत्येक सामान्य निवासी के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसमें भारतीय नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं। एनपीआर का उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का डेटाबेस बनाना है। इसे नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम 2003 के प्रावधानों के तहत स्थानीय (गांव/उप-नगर), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा पहली बार 2010 में भारत सरकार द्वारा एकत्र किया गया था और इसे हर 10 साल में दोहराया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है। डेटाबेस में जनसांख्यिकीय के साथ-साथ बायोमेट्रिक विवरण भी शामिल होंगे। एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि जनसंख्या रजिस्ट्रार में डेटा प्रविष्टि के लिए स्व-घोषणा को पर्याप्त माना जाएगा। सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम पर चल रहे विवाद के बीच लोगों की मन में बहुत विभ्रांति उत्पन्न हो गई है, बहुत से लोग नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर यह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर क्या है और उसे क्यों अपडेट किया जा रहा है? हम आपको समझते हैं कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है? एनपीआर देश के सभी नागरिकों की जनसंख्या विवरण का डेटा है। सभी नागरिकों के लिए एनपीआर में पंजीकरण और सरकार को सही विवरण बताना अनिवार्य है। भारत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कारगिल समीक्षा समिति ने गैर नागरिकों और नागरिकों के अनिवार्य पंजीकरण सिफारिश को 2001 में स्वीकार किया गया था। वर्तमान में प्रक्रिया असम को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी। दरअसल केंद्र और राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाएं बनती है, लेकिन सरकार को कोई योजना बनाने से पहले यह जानना जरूरी होता है कि जिन लोगों के लिए कोई योजना बनाई जा रही है उन लोगों की संख्या कितनी है? उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है? उनकी क्या आवश्यकता है? इत्यादि। एनपीआर का मूल उद्देश्य क्या है? What is NPR Objective जनगणना आयोग के अनुसार, एनपीआर का उद्देश्य प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना है। एनपीआर में किस तरह का डेटा शामिल किया जाएगा?     राष्ट्रीयता घोषित व्यक्ति का नाम     जन्म तिथि     जन्म स्थान     मां का नाम     पिता का नाम     लिंग     वैवाहिक स्थिति     पति का नाम यदि विवाहित है तो     स्थाई आवासीय पता     शैक्षिक योग्यता     व्यवसाय वर्तमान पता पर रहने की अवधि     सामान्य निवास का पता     घर के मुखिया से संबंध आदि एनपीआर की वर्तमान स्थिति क्या है? राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा 2010 में भारत की जनगणना 2011 के साथ एकत्र किया गया था। जनगणना के दौरान एकत्र किए गए डेटा को 2015 में … Read more