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ईरान का बड़ा एक्शन! ऑयल टैंकर निशाने पर, भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से बौखलाया ईरान बदला लेने के लिए पूरी ताकत के साथ जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया है। पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर पर ओमान के मुसंदम पेनिनसुला के पास हमला हुआ। यह हमला देश के दुकम पोर्ट पर ड्रोन हमलों के बाद हुआ। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (MSC) ने बताया कि हमले में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। 15 भारतीय क्रू मेंबर थे सवार होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल शिपिंग के लिए एक रणनीतिक रास्ता है, जिसे दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री चोकपॉइंट बताया गया है। ओमान एमएससी के अनुसार, तेल टैंकर, स्काईलाइट और 20 लोगों के क्रू के साथ चल रहा था, जिसमें 15 भारतीय और पांच ईरानी नागरिक शामिल थे। मुसंदम में खासाब पोर्ट से पांच नॉटिकल मील दूर हुए हमले के बाद क्रू को निकाल लिया गया। एमएससी ने क्या कहा? एमएससी ने एक पोस्ट में कहा, "मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया है कि रिपब्लिक ऑफ (पलाऊ) के झंडे वाले तेल टैंकर (SKYLIGHT) को मुसंदम गवर्नरेट में खासाब पोर्ट से 5 नॉटिकल मील उत्तर में टारगेट किया गया था और टैंकर के सभी क्रू मेंबर्स, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक मिलाकर 20 लोग शामिल थे, उनको निकाल लिया गया है।" यह पहली बार है जब ओमान में या उसके आस-पास किसी टारगेट पर हमला हुआ है। यूएस-इजराइल के मिले-जुले हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद खाड़ी देश एक नए युद्ध में उलझ गए हैं।

अमेरिकी कब्जे की आशंका के बीच रूस ने वेनेजुएला भेजी सबमरीन, रिश्तों में खटास

 नई दिल्ली रूस ने वेनेजुएला के तट से दूर एक तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक 'पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्ति' भेजी हैं, जो 'अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया फ्लैशपॉइंट बन गया है.' वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. रूस ने वेनेजुएला के पास फंसे अपने एक पुराने तेल टैंकर को सुरक्षा देने के लिए सबमरीन और नौसैनिक संपत्तियां भेजी हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह टैंकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव का नया केंद्र बन गया है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड पिछले दो हफ्तों से अटलांटिक महासागर में इस जहाज का पीछा कर रही है.  रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, रूस ने एक खाली, जंग लगे तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्ति भेजी है, जो अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया फ्लैशपॉइंट बन गया है. बेला 1 (Bella 1) नाम का यह टैंकर वेनेजुएला में तेल लोड करने में विफल रहा और अब रूस की ओर बढ़ रहा है. अमेरिका इस 'डार्क फ्लीट' के जरिए होने वाले अवैध तेल व्यापार को रोकना चाहता है. टैंकर का बदला नाम और रूसी झंडा दिसंबर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन चालक दल ने इसे नाकाम कर दिया. पीछा किए जाने के दौरान चालक दल ने जहाज पर रूसी झंडा बना दिया और इसका नाम बदलकर 'मैरिनेरा' कर दिया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस ने बिना किसी जांच के इस जहाज को अपना रजिस्ट्रेशन दे दिया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा मिल सके. रूस ने अमेरिका से इस टैंकर का पीछा तुरंत बंद करने की मांग की है. व्हाइट हाउस और रूस की चेतावनी रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह टैंकर की स्थिति पर नजर रख रहा है. वहीं, अमेरिकी सेना के साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे इस इलाके से गुजरने वाले प्रतिबंधित जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार हैं.  मौजूदा वक्त में यह टैंकर आइसलैंड से 300 मील दक्षिण में उत्तर सागर की ओर बढ़ रहा है.  रूस के सरकारी मीडिया आरटी ने वीडियो साझा कर दावा किया है कि अमेरिका एक नागरिक जहाज को रोकने की कोशिश कर रहा है. यूक्रेन युद्ध और तेल प्रतिबंधों का साया यह विवाद ऐसे वक्त में बढ़ा है, जब यूक्रेन मुद्दे पर वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच कूटनीतिक बातचीत चल रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूसी राष्ट्रपति पुतिन की आलोचना करते हुए कहा कि वह बहुत से लोगों की जान ले रहे हैं. रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद 1,000 से ज्यादा पुराने टैंकरों का एक 'डार्क फ्लीट' तैयार हो गया है, जो बिना बीमा के अवैध तेल की सप्लाई करता है. अमेरिका पहले ही इस बेड़े के दो बड़े जहाजों, स्किपर और सेंचुरीज को जब्त कर चुका है.