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ग्रामीणों का बड़ा फैसला, पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले प्रत्याशी का सामाजिक बहिष्कार

लखनऊ  यूपी के पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में चुनाव को लेकर हलचल तेज है। इस बीच बागपत जनपद से एक खबर है। यहां के ढिकौली गांव में जिला जाट सभा की पंचायत में पंचों के साथ-साथ आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान किसी भी कीमत पर शराब नहीं बांटने की शपथ ली। पंचायत में शराब बांटने वाले प्रत्याशी का सामाजिक बहिष्कार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। जिला जाट सभा अध्यक्ष, अधिवक्ता सोमेन्द्र ढाका के आवास पर नशा मुक्त समाज के संकल्प के साथ आयोजित की गई इस पंचायत में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी ढाका ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को दी। पंचायत आयोजक सोमेंद्र ढाका ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शराब मुक्त बनाने के लिए यह पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें किसान नेता अन्नू मलिक, रामछेल पंवार, विक्रम आर्य, संदीप प्रधान, विनय ढाका, जयकुमार और राजू के अलावा खाप मुखिया, प्रत्याशी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पंचायत में समाज सुधार के लिए नशे को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया गया और सभी से इस दिशा में संकल्प लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में यदि कोई प्रत्याशी शराब का वितरण कर समाज को दूषित करने का प्रयास करेगा, तो उसका मिलकर बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों ने कहा कि चुनाव में हार स्वीकार्य है, लेकिन शराब बांटकर जीत हासिल करना स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि कोई शराब के नाम पर वोट मांगने आएगा तो उसे गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

मतदाताओं का बड़ा फैसला: पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले प्रधान प्रत्याशी का होगा सामाजिक बहिष्कार

लखनऊ यूपी के पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में चुनाव को लेकर हलचल तेज है। इस बीच बागपत जनपद से एक खबर है। यहां के ढिकौली गांव में जिला जाट सभा की पंचायत में पंचों के साथ-साथ आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान किसी भी कीमत पर शराब नहीं बांटने की शपथ ली।   पंचायत में शराब बांटने वाले प्रत्याशी का सामाजिक बहिष्कार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। जिला जाट सभा अध्यक्ष, अधिवक्ता सोमेन्द्र ढाका के आवास पर रविवार को नशा मुक्त समाज के संकल्प के साथ आयोजित की गई इस पंचायत में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी ढाका ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को दी। पंचायत आयोजक सोमेंद्र ढाका ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शराब मुक्त बनाने के लिए यह पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें किसान नेता अन्नू मलिक, रामछेल पंवार, विक्रम आर्य, संदीप प्रधान, विनय ढाका, जयकुमार और राजू के अलावा खाप मुखिया, प्रत्याशी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पंचायत में समाज सुधार के लिए नशे को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया गया और सभी से इस दिशा में संकल्प लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में यदि कोई प्रत्याशी शराब का वितरण कर समाज को दूषित करने का प्रयास करेगा, तो उसका मिलकर बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों ने कहा कि चुनाव में हार स्वीकार्य है, लेकिन शराब बांटकर जीत हासिल करना स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि कोई शराब के नाम पर वोट मांगने आएगा तो उसे गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की जानकारी अब ‘प्रेक्षा ऐप’ से देंगे प्रेक्षक

प्रेक्षक प्रेक्षा ऐप से देंगे नगरीय निकाय और पंचायत निर्वाचन संबंधी जानकारी भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन के लिये नियुक्त प्रेक्षकों की सुविधा के लिये 'प्रेक्षा' ऐप बनाया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि इस मोबाइल ऐप में प्रेक्षकों को प्रतिवेदन भेजने, नियमों एवं निर्देशों को पढ़ने एवं निर्वाचन प्रक्रियाओं के प्रशिक्षण संबधी जानकारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस ऐप को और अधिक उपयोगी बनाने के लिये प्रेक्षकों से सुझाव भी मांगे गये हैं। मोबाइल ऐप में प्रेक्षकों द्वारा भेजी जाने वाली जानकारी का प्रारूप उपलब्ध है। इसमें से अधिकांश जानकारी हाँ/नहीं के रूप में दी जा सकेगी। कुछ बिन्दुओं में संक्षिप्त टीप लिखनी है। यह जानकारी एक क्लिक से राज्य निर्वाचन आयोग भेजी जा सकेगी।  

29 दिसंबर को होंगे नगरीय निकाय और पंचायत उप निर्वाचन, 3872 पंच पदों के लिए वोटिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission )ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 29 दिसम्बर 2025 को होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 31 दिसम्बर को सुबह 9:00 बजे से होगी। 8 दिसम्बर 2025 से मिलेंगे नामांकन फॉर्म  राज्य निर्वाचन आयोग सचिव दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि उप निर्वाचन के लिए निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 8 दिसम्बर 2025 से शुरू होगा। नाम निर्देशन पत्र 15 दिसम्बर तक लिये जायेंगे, नाम निर्देशन पत्रों की जांच 16 दिसम्बर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। नगरीय निकायों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगा। 7:00 बजे से 3:00 बजे तक होगा मतदान  पंचायतों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से अपरान्ह 3:00 बजे तक होगा। पंच पद के लिये मतगणना मतदान के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पर ही होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर EVM से की जाने वाली मतगणना 2 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 जनवरी 2026 को प्रात: 10:30 बजे से की जायेगी। 1 अध्यक्ष और 8 पार्षदों का होगा उप निर्वाचन जिला सीधी के नगरपरिषद मझौली के अध्यक्ष और विभिन्न नगरीय निकायों में 8 पार्षदों के लिये उप निर्वाचन होगा। नगरपालिक निगम सिंगरौली के वार्ड 34, नगर पालिका परिषद मण्डला के वार्ड 8, नगर पालिका परिषद लहार के वार्ड 5 और नगर परिषद मौ के वार्ड 4, मेहगांव के वार्ड 5, आलमपुर के वार्ड 13, सतवास के वार्ड 9 और पानसेमल के वार्ड 2 में पार्षद पद के लिये उप निर्वाचन होगा। 85 पदों के लिए होगा निर्वाचन  पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 4, जनपद पंचायत सदस्य के 14, सरपंच के 67 और 3872 पंच पद के लिये निर्वाचन होगा।  

उत्तर प्रदेश में बजा पंचायत चुनाव का बिगुल, ऐसे बनेंगे वोटर, जानिए कब आएगी वोटर लिस्ट?

लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी है. 18 जुलाई 2025 से पंचायत चुनाव की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू होंगी. निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को होगा. इसके बाद मार्च 2026 में पंचायत चुनाव का महासंग्राम होगा. इस बीच चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. OSD राज्य निर्वाचन आयोग, IAS डॉ. अखिलेश मिश्रा ने इस संबंध में सभी ज़िलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है. वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य हो चुका है शुरू जून 2025 से वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य शुरू हो चुका है. जिसमें मृतकों के नाम हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम होगा. इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. यह चुनाव ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, और जिला पंचायत अध्यक्षों के चयन के लिए महत्वपूर्ण हैं नए परिसीमन के तहत यूपी में 512 ग्राम पंचायतें हुईं कम यूपी पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल' के रूप में देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतों, 826 ब्लॉकों और 75 जिला पंचायतों में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. हाल ही में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा किया है, जिसके तहत 512 ग्राम पंचायतें कम कर दी गई हैं, अब कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे. नए परिसीमन में प्रदेश के तीन जिलों में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें कम हुई हैं, जो चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया हैं.   अगले साल यानी 2026 में यूपी पंचायत चुनाव होने हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 जनवरी 2026 को जारी की जाएगी। मार्च-अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले साल की पहली तिमाही में पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके पहले चरण में वोटर लिस्ट के व्यापक पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। 18 जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अगस्त से बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर सर्वे करेंगे और अर्ह लोगों को वोटर बनाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने  इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत के किसी हिस्से या पूरी ग्राम पंचायत के शहरी निकाय में शामिल होने की स्थिति में वहां की वोटर लिस्ट डिलीट करने से होगी। साथ ही BLO और पर्यवेक्षकों को इस अवधि में उनके कार्यक्षेत्र का आवंटन भी किया जाएगा। 1 जनवरी, 2026 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान छुट्टियों के दिन भी दफ्तर खुलेंगे। किसी भी स्थिति में अभियान की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आयोग की वेबसाइट https://sec.up.nic.in/OnlineVoters/ के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। BLO इन आवेदनों के आधार पर भी आवेदक के घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और उसके आधार पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज किया जाएगा। कब क्या होगा?     18 जुलाई-13 अगस्त : बीएलओ को कार्यक्षेत्र का आवंटन     14 अगस्त-29 सितंबर : घर-घर सर्वे, अर्ह वोटरों का नाम जोड़ना     14 अगस्त-22 सितंबर : ऑनलाइन आवेदन की अवधि     23 सितंबर-29 सितंबर : ऑनलाइन आवेदनों की घर जाकर जांच     30 सितंबर -24 नवंबर : वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी तैयार करना     25 नवंबर-04 दिसंबर : बूथों की नंबरिंग, मैपिंग     05 दिसंबर : वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी होगा     6-12 दिसंबर : दावे व आपत्तियां प्राप्त करना     13-19 दिसंबर : दावों व आपत्तियों का समाधान     15 जनवरी : फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन