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मेवात और यूपी बॉर्डर से आ रहा था 1500 किलो पनीर, छापेमारी के बाद फूड विभाग अलर्ट

पलवल पलवल के आगरा चौक के निकट खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा देर शाम छापेमारी की गई और मेवात व यूपी बोर्डर से गाड़ियों में भरकर ले जाई जा रही पनीर के सैंपल लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक उन्हें काफी दिन से सूचना मिल रही थी कि इन जगहों से आए दिन काफी मात्रा में पनीर की सप्लाई दिल्ली व् फरीदाबाद की तरफ पनीर का ट्रांसफर किया जा रहा है। जिसके चलते आज छापेमारी के दौरान 1500 किलोग्राम पनीर के सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी। पलवल खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ राजेश वर्मा के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ गाड़ियां पनीर लेकर मेवात और यूपी बोर्डर से दिल्ली की तरफ जाती है जिसके चलते हमने छापेमारी के दौरान एक गाड़ी को पकड़ा है जो पुनहाना मेवात से पनीर भरकर नई दिल्ली लेकर जा रहे थे। जिसमें करीब 1500 किलोग्राम पनीर था जिनके पास से हमें पक्का जीएसटी का बिल व् डेयरी का जीएसटी लाइसेंस मिला है ।हमने दो सैंपल लेकर लैब के लिए भेजे हैं जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर इनके खिलाफ आगामी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी पनीर की गुणवत्ता यानी नकली असली के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।  

फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई होने वाला 189 किलो पनीर लुधियाना में जब्त

लुधियाना  इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजारों में मिलावटी मिठाई सेहत को खराब भी कर सकती है। त्योहारी सीजन में मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत बिगाड़ने से नहीं बाज नहीं आते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। हालांकि मिलावटखोरी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट हो गई हैं।  पंजाब के लुधियाना में नकली पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारी दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की है। सीआईए जगरांव की टीम के साथ मिलकर सेहत विभाग की टीम ने गांव रामगढ़ भुल्लर के पास सिधवां बेट रोड पर नाकेबंदी की। वाहनों की जांच के दौरान एक टेंपो से 189 किलो पनीर बरामद किया। यह पनीर हरियाणा के नरवाणा से 210 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया था और जगरांव से नकोदर तक फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई किया जाना था। फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के सैंपल भरकर गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में भेज दिए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई जिसके तहत डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दौरान स्वच्छता, तापमान नियंत्रण व गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पनीर की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।