मध्यप्रदेश में शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और आयुष महाविद्यालयों की शुरुआत
प्रदेश में 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, शिक्षा में गुणात्मक सुधार का नया अध्याय मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए युग का सूत्रपात राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) का परिसर अब भोपाल के RGPV में संचालित आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति और 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन प्रारंभ उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में "दो वर्षों की विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं" को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग के दो वर्षों की उपलब्धियां एवं आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना साझा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव आयुष डी पी आहूजा, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा आर माहेश्वरी एवं आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारगण उपस्थित थे। उच्च शिक्षा की प्रमुख विभागीय उपलब्धियां और नवाचार उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग अपनी स्पष्ट नीतियों और नवाचारों के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के अनुरूप उच्च शिक्षा को गुणात्मक, बहुविषयक, रोजगारोन्मुखी और समावेशी बनाने के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। शैक्षणिक सुधार और नवीन विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण रूप से लागू किया गया है । साथ ही, वर्तमान सत्र से एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और अंतःविषय (Interdisciplinary) विकल्प भी शुरू किए गए हैं । तीन नए विश्वविद्यालयों—गुना में क्रांतिवीर तात्या टोपे, खरगोन में क्रांति सूर्य टंट्या भील, और सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक, कुल 55 महाविद्यालयों को 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में उन्नत किया गया है । इसके लिए ₹336 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है और 1845 नवीन पद सृजित किए गए हैं। रोजगार और प्लेसमेंट, भारतीय ज्ञान परंपरा का संरक्षण मंत्री परमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत 378 रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए 16,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है । अब तक 1,655 विद्यार्थियों का प्रत्यक्ष प्लेसमेंट सुनिश्चित हुआ है । इसके अलावा, IIT दिल्ली के सहयोग से 68 कॉलेजों में AI और FinTech जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। परमार ने बताया कि पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करने के लिए विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं ताकि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें । डिजिटल नवाचार, छात्र कल्याण मंत्री परमार ने बताया कि विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और मोबाइल-फ्रेंडली बनाया है, जिससे पोर्टल शुल्क समाप्त होने पर विद्यार्थियों को ₹5 करोड़ का सीधा लाभ हुआ है । प्रदेश में 1047 स्मार्ट क्लासरूम, 200 वर्चुअल लैब और 544 ई-लाइब्रेरी विकसित की गई हैं। वर्ष 2024-25 में 'गांव की बेटी योजना' से 1.34 लाख से अधिक और 'प्रतिभा किरण योजना' से 7,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई हैं । अनुसूचित जाति/जनजाति के लगभग 3.91 लाख विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें और स्टेशनरी प्रदान की गई है । भर्ती प्रक्रिया एवं सकल नामांकन अनुपात मंत्री परमार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2022 में 2053 पदों पर भर्ती की गई और वर्तमान में 2197 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। परमार ने कहा कि आने वाले समय में सकल नामांकन अनुपात (GER) को वर्तमान 28.9% से बढ़ाकर 35% तक ले जाने का लक्ष्य है । मध्यप्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर अनुभव, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान के पथ पर अग्रसर है। तकनीकी शिक्षा की प्रमुख विभागीय उपलब्धियां और नवाचार तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेश के युवाओं को 'आत्मनिर्भर' और 'वैश्विक प्रतिस्पर्धी' बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। "विकास और सेवा के 2 वर्ष" के अंतर्गत विभाग ने शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। प्रवेश और नामांकन में बड़ी उछाल मंत्री परमार ने बताया कि सत्र 2025-26 में विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जागरूकता अभियानों के कारण शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के सकल नामांकन में 21.38% की वृद्धि हुई है। वहीं, ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 25.99% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छात्र कल्याण और वित्तीय सहायता मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 78,218 लाभार्थियों को ₹750 करोड़ की राशि वितरित की गई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के तहत 14,447 विद्यार्थियों को ₹14.55 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। शैक्षणिक नवाचार और राष्ट्रीय संस्थान मंत्री परमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर का परिसर अब भोपाल स्थित RGPV में स्थापित हो चुका है, जहाँ सत्र 2025-26 से प्रवेश भी प्रारंभ हो गए हैं। साथ ही, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के 50 मेधावी विद्यार्थियों को IIT इंदौर और 50 छात्राओं को MANIT भोपाल में अध्ययन की विशेष सुविधा प्रदान की गई है । भविष्य की कार्ययोजना और सुधार मंत्री परमार ने बताया कि आगामी वर्षों में विभाग AI, ड्रोन तकनीक जैसे नवीनतम पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रदेश के सभी शासकीय तकनीकी संस्थानों में एक समर्पित 'डिजिटल सेल' का गठन किया जाएगा और विद्यार्थियों की उपस्थिति 'सार्थक ऐप' के माध्यम से रियल-टाइम सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, सिंगरौली में ₹76.56 करोड़ की लागत से खनन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (College of Mining Technology) का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। परमार ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन … Read more