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PMAY 2.0: मुख्यमंत्री ने 90,000 लाभार्थियों के खाते में 900 करोड़ की पहली किस्त ट्रांसफर की

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से जारी की 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त  पिछली सरकारों में पाले गए माफियाओं ने गरीबों का हक छीना,  जमीनें कब्जाईं, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए घर बनेंगे: मुख्यमंत्री माफिया से मुक्त जमीनों पर हाईराइज आवास बनाने के निर्देश, गरीबों के साथ-साथ शिक्षकों, वकीलों, डॉक्टरों व पत्रकारों के लिए भी आवास योजना जिन्होंने वर्षों शोषण किया, उसकी भरपाई अब ब्याज सहित करने का समय आ गया: सीएम योगी डबल इंजन सरकार 25 करोड़ जनता को परिवार मानकर योजनाओं का लाभ पहुंचा रही: सीएम सरकार का लक्ष्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है: योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपये की अनुदान राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जिन्होंने वर्षों तक आम जनता का शोषण किया है, उस शोषण की भरपाई अब ब्याज सहित वापस करने का समय आ गया है। जिन माफियाओं ने गरीबों का हक छीना, जमीनें कब्जाईं, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए घर बनेंगे। डबल इंजन सरकार की नीति के तहत “25 करोड़ जनता ही परिवार” मानकर बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, और यही उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ छवि से निकालकर देश का ग्रोथ इंजन बना रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है, जहां घर के साथ शौचालय, बिजली, पानी और सभी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित हों।  62 लाख परिवारों को मिला आवास मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके पास अपना घर हो। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है और उसमें अपना पक्का मकान बनाने की क्षमता है। जैसे अन्य जीव शरण के लिए ठौर-ठिकाना बनाते हैं, उसी तरह घर मनुष्य के जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। इस मूल आवश्यकता को पूरा करने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों में लिया, जिसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 62 लाख परिवारों को इस योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब 25 करोड़ जनता ही हमारा परिवार मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गरीबों के लिए आवास योजनाएं होने के बावजूद उनका लाभ नहीं मिल पाता था, क्योंकि प्रदेश सरकार में इच्छाशक्ति की कमी थी। जब व्यक्ति स्वार्थ में डूब जाता है तो उसकी संवेदनाएं समाप्त हो जाती हैं और वह केवल अपने परिवार तक सीमित रह जाता है। इसी कारण उस समय की सरकारें भी परिवार और नातेदारों तक सीमित थीं। लेकिन 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने “25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार हैं” की सोच के साथ काम करते हुए हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना अपनी प्राथमिकता बना लिया। हर गरीब के साथ सरकार की संवेदना मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की संवेदना हर गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान और श्रमिक के साथ है। इसी क्रम में 90,000 से अधिक लाभार्थियों को आवास के लिए ₹1 लाख की पहली किस्त दी जा रही है। इसमें सहारनपुर में 10,214 लाभार्थियों को, प्रतापगढ़ में 7,991, शाहजहांपुर में 4,325, फिरोजाबाद में 4,266, प्रयागराज में 3,331, जालौन में 3,174, सीतापुर में 3,078, गोरखपुर में 3,063, बरेली में 3,017, अलीगढ़ में 2,883, बदायूं में 2,712, महाराजगंज में 2,701, मेरठ में 2,626, अमरोहा में 2,175, हरदोई में 1,895, बुलंदशहर में 1,826, कुशीनगर में 1,562, बहराइच में 1,529, आगरा में 1,473, मऊ में 1,470, बांदा में 1,437, बिजनौर में 1,364, गाजियाबाद में 1,209, देवरिया में 1,138 और गोंडा में 1,121 लाभार्थियों को यह पहली किस्त प्रदान की गई है। कुल ₹900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी गई है। यह तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है, जहां बिना किसी बिचौलिए के पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और सभी के मकान बनने का रास्ता साफ हो रहा है। ‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पहले गरीब और वंचित को बिना भेदभाव योजना का लाभ मिले। यही किसी भी कल्याणकारी शासन की पहचान है। इसी दृष्टिकोण के साथ किए गए कार्यों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। डबल इंजन सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गांव, गरीब, किसान, युवा व महिलाओं के लिए समर्पित प्रयासों के चलते यह संभव हुआ है। साथ ही, बासंतीय नवरात्रि और रामनवमी से पहले गरीबों को आवास मिलना उनके लिए विशेष खुशी का विषय है, जिससे उनके सपनों को नए पंख मिले हैं। आवास के साथ समग्र विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि राशन योजना, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों व दिव्यांगजनों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। 25 करोड़ जनता को परिवार मानने की भावना से बिना भेदभाव दलितों, वंचितों, पिछड़ों, गरीबों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इससे न केवल जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, बल्कि लोगों की ऊर्जा और क्षमता से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। 75% निर्माण पर अगली किस्त मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जनपदों में संवाद के दौरान उन्होंने लाभार्थी परिवारों की खुशी को स्वयं देखा। सहारनपुर, फतेहपुर, महाराजगंज, देवरिया, प्रयागराज और गोरखपुर में महिलाओं ने बताया कि पहली किस्त मिलते ही उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सीएम ने कहा कि 75 प्रतिशत कार्य पूरा होते ही लाभार्थी तुरंत अगली किस्त की मांग करें और अधिकारियों द्वारा ₹1 लाख की अगली किस्त तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण में तेजी आए। साथ ही, जिलों में नोडल अधिकारी तैनात कर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री … Read more

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से कच्चे घर से सम्मानपूर्ण जीवन तक की यात्रा रायपुर बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका लक्ष्य  ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी बेघर परिवारों और कच्चे-जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) के साथ एक पक्का घर देना है, जिनके पास अपना घर नहीं है। जीवन में कठिनाइयाँ जब बड़े पहाड़ की तरह सामने खड़ी होती हैं, तब इंसान की हिम्मत और धैर्य की असली परीक्षा होती है। लेकिन यदि व्यक्ति हार न माने और सही दिशा में लगातार प्रयास करे, तो सफलता जरूर मिलती है। यही कहानी है ग्राम पंचायत अरनुपर, जनपद पंचायत कुआकोंडा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के निवासी श्री भीमा कश्यप पिता श्री जोगा की, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने आशा की नई किरण जगाई।           दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे गांव अरनुपर में भीमा अपने परिवार के साथ कई वर्षों से जर्जर कच्चे मकान में रह रहे थे। बरसात में छत से पानी टपकने का डर, सर्दी में टाट और प्लास्टिक लगाकर ठंड से बचना और गर्मी में टूटती दीवारों की परेशानी हमेशा बनी रहती थी। यह सब उनकी रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर उनका अधूरा सपना बना हुआ था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उनके नाम आवास स्वीकृत हुआ, तो भीमा के जीवन में नई उम्मीद जागी। किस्तों की राशि मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाना शुरू किया। पहले मिट्टी और लकड़ी से गुजारा करने वाले भीमा के हाथों ने अब ईंट और सीमेंट से एक मजबूत घर तैयार किया। एक ऐसा घर जिसमें उनके पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी गई।            आज भीमा और उनका परिवार नए, साफ-सुथरे और सुरक्षित पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक और परिवार के मन में सुरक्षा का एहसास उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। भीमा गर्व से कहते हैं कि पहले हर मौसम डर लेकर आता था, अब घर के अंदर सुकून है। बच्चों को पहली बार ऐसा घर मिला है जहाँ वे बिना डर पढ़-लिख सकते हैं। सरकार की इस योजना ने हमें नई जिंदगी दी है।         हाल ही में कलेक्टर अरनपुर के निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने भीमा के नए बने आवास को देखा और घर की मजबूती, स्वच्छता और स्तर देखकर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान श्री भीमा ने बताया कि उन्हें अंतिम किस्त प्राप्त होना अभी शेष है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अंतिम किस्त जल्द ही प्रदान कर दी जाएगी। कलेक्टर ने यह भी पूछा कि क्या उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है, जिस पर भीमा ने बताया कि उन्हें समय पर सभी सामग्री प्राप्त हो रही है।         कलेक्टर ने भीमा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीमा का प्रयास यह साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है। उनका अनुभव गांव के अन्य परिवारों को भी प्रेरित करेगा। आज भीमा अपने नए घर के आंगन में खड़े होकर गर्व महसूस करते हैं। उनके लिए यह घर केवल ईंट और सीमेंट की दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नई शुरुआत का प्रतीक है, एक ऐसी शुरुआत जिसने उनके परिवार के जीवन में स्थायी खुशियाँ भर दी हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचा जैसलमेर तक, 50 लोगों को मिली पहली किश्त – आप कैसे करें आवेदन?

जैसलमेर  प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अंगीकार अभियान व योजना 2.0 की प्रथम वर्षगांठ शुक्रवार को नगर परिषद परिसर में आवास दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर 50 लाभार्थियों को पहली किश्त के रूप में कुल 25 लाख रुपये की राशि वितरित की गई। विधायक छोटू सिंह भाटी, जिला कलक्टर प्रताप सिंह और अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम ने लाभार्थियों को सांकेतिक चेक सौंपे। आयुक्त नगर परिषद ने बताया कि योजना के अंतर्गत किश्तों का वर्गीकरण तय किया गया है। पात्र आवेदकों को समय-समय पर किस्तों में राशि दी जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र परिवारों से योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने की अपील की। कार्यक्रम में अन्य विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने देखा। इस मौके पर आवास प्रभारी सुशील कुमार यादव, नवदीप सिंह नाथावत सहित नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कौन कर सकता है आवेदन? -शहरी क्षेत्र में रहने वाले परिवार, जिनके पास पक्के घर नहीं हैं। -बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) से जुड़े परिवार। -निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लोग, जिनकी वार्षिक आय 18 लाख रुपये तक है। -ऐसे परिवार जिनके नाम पर पहले से कोई पक्का मकान या सरकारी आवासीय योजना का लाभ न लिया गया हो। आवेदन कैसे करें? -इच्छुक आवेदक pmaymis.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। -आवेदन के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र, परिवार की आय का प्रमाण, बैंक पासबुक और निवास प्रमाण-पत्र जरूरी होगा। -नगर परिषद या शहरी निकाय कार्यालय में भी पात्र लोग आवेदन जमा कर सकते हैं, जहां फॉर्म भरने और जानकारी देने की सुविधा उपलब्ध है।