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पोलियो को हराकर हज़ारों महिलाओं की ताकत बनीं हिना नाज़

मिशन शक्ति-5.0  – कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं हिना – योगी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ दिलाने में करती हैं महिलाओं की मदद – अबतक 26 हजार से अधिक महिलाओं की कर चुकी हैं मदद लखनऊ कठिनाइयाँ जब हौसलों से टकराती हैं, तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसी ही कहानी है एटा जिले की मोहल्ला पोस्तीखाना, कस्बा सकीब हिना नाज की। हिना योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान के जरिए जरिए नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बनी हैं। बचपन से एक पैर से पोलियोग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हिना साहस और सेवा-भावना की जीती-जागती मिसाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने हिना जैसे समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति के रूप में सशक्त किया, जो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं। हिना नाज़ रोज़ सुबह घर से निकलकर कासगंज कार्यालय पहुँचती हैं। रोजना 150 किलोमीटर की दौड़ लेकिन न ठंड उन्हें रोकती है, न तपती धूप। उनका एक ही संकल्प है, किसी भी पात्र महिला को योजनाओं से वंचित न रहने देना। जिला प्रोबेशन कार्यालय में आने वाली महिलाओं के लिए वे अब सहारा और उम्मीद का प्रतीक बन चुकी हैं। हिना स्वयं दस्तावेज़ों का सत्यापन करती हैं, कंप्यूटर फीडिंग का पूरा कार्य संभालती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हर पात्र महिला को समय पर पेंशन मिले। उनकी कार्यशैली में ईमानदारी और संवेदनशीलता झलकती है। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब जिले में केवल करीब 8,000 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ उठा रही थीं। लेकिन उनके अथक प्रयासों और लगन से सितम्बर 2025 तक यह संख्या 26,928 तक पहुँच गई। साथ में योगी सरकार की और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा और लगन हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। असली शक्ति शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि मनोबल और आत्मविश्वास की दृढ़ता में होती है। हिना मानती हैं कि शारीरिक चुनौतियाँ इंसान की शक्ति को परिभाषित नहीं करतीं। वो कहती हैं कि “खुश रहने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती, बस खुद पर भरोसा होना चाहिए।” उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी शक्ति बनाया और आज हज़ारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। हिना नाज़ का जीवन इस अभियान की सजीव तस्वीर है। उन्होंने यह साबित किया है कि महिला सशक्तीकरण केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर महिलाओं की बदलती सोच और आत्मविश्वास से साकार होता है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी हिना की मेहनत और सकारात्मक ऊर्जा हर एटा और कासगंज दोनों जिलों की महिलाओं को संबल देती है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर अब अन्य महिलाएँ भी उनसे प्रेरणा लेती हैं और मार्गदर्शन प्राप्त करती हैं। आज हिना नाज़ न केवल कासगंज और एटा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। वे यह सिखाती हैं कि यदि मन में सेवा की भावना और कार्य के प्रति निष्ठा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती।

2025 में पाकिस्तान में पोलियो का कहर जारी, दो नई बच्चियाँ हुईं शिकार

पेशावर  पाकिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पोलियो संक्रमण के दो नये मामलों की मंगलवार को पुष्टि की है, जिससे इस वर्ष देश भर में इस घातक बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 23 हो गई। अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जहां पोलियो अब भी महामारी बना हुआ है। पाकिस्तान में पोलियो संक्रमण को समाप्त करने के वैश्विक प्रयासों के बावजूद सुरक्षा संबंधी मुद्दे, टीकाकरण में हिचकिचाहट और गलत सूचना जैसी चुनौतियों ने इसके पूर्ण उन्मूलन की रफ्तार को धीमा कर दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) ने एक बयान में कहा कि टैंक और उत्तरी वजीरिस्तान जिलों में पोलियो के नये मामले में सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि दो बच्चियों को पोलियो हुआ है, जिनकी उम्र 16 महीने और दो साल है। बयान में कहा गया, ‘‘इसके साथ ही 2025 में पाकिस्तान में पोलियो के कुल मामलों की संख्या 23 हो गई है, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा से 15, सिंध से छह और पंजाब तथा गिलगित-बाल्टिस्तान से एक-एक मामला सामने आया है।''   पोलियो एक लाइलाज बीमारी है, जो आजीवन लकवे का कारण बन सकती है। इसका एकमात्र प्रभावी बचाव हर पोलियो अभियान के दौरान पांच साल से कम उम्र के हर बच्चे को बार-बार मुंह से दी जाने वाली पोलियो की खुराक (ओपीवी) की खुराक देने के साथ-साथ सभी नियमित टीकाकरण को समय पर पूरा करना है। पाकिस्तान में 2023 में पोलियो के छह मामले और 2021 में केवल एक मामला सामने आया है। हालांकि, देश में 2024 में पोलियो के मामलों में वृद्धि हुई है, जहां 74 मामले सामने आए थे।