यूपी का ये शहर बना ‘स्मॉग सिटी’ — दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित, जानिए क्या है वजह
मुजफ्फरनगर वायु प्रदूषण की स्थिति जिले में नियंत्रण से बाहर हो गई है। सोमवार को मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 313 पर पहुंच गया, जो दिल्ली के 301 से भी अधिक है। हालत यह है कि अब प्रदेश में सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। जनपद की हवा में निरंतर जहरीले तत्व घुल रहे हैं, जिस कारण हवा में दबाव बढ़ रहा है। प्रदूषण के बारीक कण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। इससे अस्थमा रोगियों के अलावा बच्चों, वृद्धों को खतरा हो सकता है। दीपावली में पटाखों के शोर-शराबा और धूम-धड़ाका के कारण वायु प्रदूषण की मात्रा निरंतर बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर पर भी वायु प्रदूषण का साया मंडरा रहा है। पिछले एक सप्ताह से स्थिति में उतार-चढ़ाव बना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) का बुलेटिन जारी किया। उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर गौतमबुद्धनगर का एक्यूआइ 327 रहा, जबकि दूसरे स्थान पर मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ 313 रहा, जो खतरनाक श्रेणी है। जिले में पीएम-2.5 की मात्रा 150 माइक्रोघन मीटर से अधिक रही है। ऐसी ही स्थिति पीए-10 की रही है। लगातार खराब हो रही हवा में सुधार के प्रयास कमतर किए जा रहे हैं। ग्रेप-2 की पाबंदियों को लागू कराने में विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिस कारण निरंतर प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। जहरीली होती हवा के कारण सांस लेना मुश्किल हो सकता है। इसका प्रभाव सबसे अधिक अस्थमा रोगियों पर पड़ता है। कड़ाई से लागू की जाएं पाबंदी तो बने बात : क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 की पाबंदियां लागू की है। खुले में पड़ी निर्माण सामग्री, सड़कों से उड़ती धूल तथा कोयला भट्ठियों का संचालन के साथ पुराने वाहन भी खूब दौड़ रहे हैं। जिसके चलते स्थिति अधिक घातक सिद्ध हो सकती है। ग्रेप में शामिल सरकारी विभाग पाबंदियों को लागू कराने में हीलाहवाली कर रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेशचंद्रा ने बताया कि ग्रेप में शामिल सभी विभागों को निरंतर उनके हिस्से में आने वाले कार्यों को करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण भी शुरू कराया गया है। सभी इकाइयों को वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। देश में सातवां सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ : 387 धारुहेड़ा : 334 मानेसर : 330 गौतमबुद्धनगर : 327 फतेहाबाद : 323 बल्लभगढ़ : 319 मुजफ्फरनगर : 313 दिल्ली : 301 दस दिन में एक्यूआइ की बढ़त तिथि : एक्यूआइ 18 अक्टूबर : 276 19 अक्टूबर : 237 20 अक्टूबर : 197 21 अक्टूबर : 210 22 अक्टूबर : 273 23 अक्टूबर : 295 24 अक्टूबर : 185 25 अक्टूबर : 205 26 अक्टूबर : 191 27 अक्टूबर : 313