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बिजली बिल न भरने वालों के काटे जा रहे कनेक्शन

चंडीगढ़/जीरकपुर. बिजली बिल न भरने वाले कंज्यूमर्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पावरकॉम ने एक खास मुहिम शुरू की है। नवंबर 2025 तक बकाया बिल जमा न कराने वाले कंज्यूमर्स के कनेक्शन रोजाना काटे जा रहे हैं। डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि बकाया रकम जमा कराए बिना कोई राहत नहीं दी जाएगी। ऑफिशियल सूत्रों के मुताबिक, 31 जनवरी 2026 तक इलाके के कंज्यूमर्स पर करीब 62.5 करोड़ रुपये बकाया थे। इस भारी बकाए को देखते हुए फरवरी की शुरुआत से ही रिकवरी मुहिम तेज कर दी गई थी। 1 फरवरी से अब तक करीब 2.5 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। डिपार्टमेंट का टारगेट 31 मार्च तक 20 करोड़ रुपये वसूलना है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक, डिफॉल्टर्स में बड़े बिल्डर्स से लेकर छोटे घरेलू कंज्यूमर्स तक शामिल हैं। कई मामलों में तो लंबे समय से बिल जमा नहीं कराए गए थे, जिससे डिपार्टमेंट की फाइनेंशियल हालत पर असर पड़ रहा था। डिपार्टमेंट की टीमें अलग-अलग इलाकों में भेजी जा रही हैं, जो मौके पर जाकर बकाया बिल चेक कर रही हैं और पेमेंट न करने पर तुरंत कनेक्शन काट रही हैं। अधिकारियों ने कंज्यूमर्स से अपील की है कि वे अपना बकाया समय पर जमा कर दें ताकि कनेक्शन काटने की कार्रवाई से बचा जा सके। डिपार्टमेंट का कहना है कि यह कैंपेन पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ चलाया जा रहा है और किसी भी लेवल पर कोई भेदभाव नहीं होगा। लाखों रुपये बकाया छोड़कर गायब बिल्डर्स पर नजर पहले भी शहर में S प्लस फ्लैट बनाने की होड़ में कई बाहरी लोगों ने टेम्परेरी मीटर लेकर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर दिया था। अब खबर मिली है कि ऐसे कई छोटे बिल्डर्स पावरकॉम का लाखों रुपये बकाया छोड़कर गायब हो गए हैं या किसी दूसरी फर्म के नाम पर नए कनेक्शन लेकर काम कर रहे हैं। पावरकॉम ने साफ किया है कि मामलों की जांच की जा रही है और संदिग्ध कंज्यूमर्स पर खास नजर रखी जा रही है। बकाया वसूलने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एक हफ़्ते में 100 से ज़्यादा कनेक्शन काटे गए: रक्ष भाटिया SDO राकेश भाटिया ने बताया कि पावरकॉम कर्मचारियों की हाल ही में हुई हड़ताल को देखते हुए शहर के कई कंज्यूमर्स ने डिपार्टमेंट की कार्रवाई को हल्के में लिया था और समय पर बिजली बिल जमा नहीं किए थे, लेकिन अब डिपार्टमेंट ने साफ़ कर दिया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी। पिछले एक हफ़्ते से एक स्पेशल कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसके दौरान 100 से ज़्यादा डिफॉल्टर कंज्यूमर्स के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं, जिन कंज्यूमर्स ने बकाया रकम जमा कर दी है, उनके कनेक्शन नियमानुसार दोबारा जोड़े जा रहे हैं। कंज्यूमर्स से रिक्वेस्ट है कि वे बिना देर किए अपने बिजली बिल जमा करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एक बार कनेक्शन कटने के बाद पूरी बकाया रकम जमा होने के बाद ही सप्लाई बहाल की जाएगी। 31 मार्च तक 20 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट: हेमंत कुमार SDO हेमंत कुमार ने बताया कि पावरकॉम की तरफ से बकाया रकम वसूलने के लिए चलाए जा रहे स्पेशल कैंपेन को शहर में बड़ा सपोर्ट मिल रहा है। पिछले 20 दिनों में पावरकॉम के अकाउंट में करीब 2.5 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। जीरकपुर सर्कल के कंज्यूमर्स पर कुल 62 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया था, जिसमें से अब तक 2.5 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। डिपार्टमेंट ने 31 मार्च तक 20 करोड़ रुपये और वसूलने का टारगेट रखा है और दावा किया गया है कि यह टारगेट तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। अभी सिर्फ उन्हीं कंज्यूमर्स पर एक्शन लिया जा रहा है, जिनका 30 नवंबर 2025 तक का बकाया है। जो लोग समय पर बिल जमा करेंगे, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

पावरकॉम ने PUDA को 50 एकड़ जमीन बेचने की दी मंजूरी

पटियाला. पावरकॉम ने पटियाला के बडूंगर में पुड्डा को 50 एकड़ ज़मीन ट्रांसफर करने की मंज़ूरी दे दी है। पहले यह मामला कर्मचारियों के विरोध की वजह से पेंडिंग था, लेकिन अब पावरकॉम ने इस 50 एकड़ ज़मीन को बेचने के लिए हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह फ़ैसला पावरकॉम के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने 28 जनवरी को अपनी 121वीं मीटिंग में लिया। यह फ़ैसला कई दशक पहले बनी ओ.यू.वी.जी.एल. (खाली सरकारी जमीनों का सर्वोत्तम इस्तेमाल) स्कीम के तहत लिया गया है और यह ज़मीन 80:20 पॉलिसी के तहत ट्रांसफर की गई है। पावरकॉम की इस मीटिंग में मिली मंज़ूरी के मुताबिक गांव बडूंगर में इस जमीन से 66 KV बिजली की लाइनें और 11 KVLT लाइनें और ट्रांसफ़ॉर्मर हटाने का खर्च पुड्डा उठाएगा। इससे पहले पटियाला की बडूंगर साइट में 68.92 एकड़ जमीन की पहचान की गई थी, जिससे 213.92 करोड़ की इनकम होने का अनुमान था। इससे पहले बठिंडा की थर्मल कॉलोनी में जमीन पर फ़ैसला हो गया था और करीब 91 एकड़ जमीन खाली करवाना भी शुरू कर दिया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पंजाब सरकार ने पांच बड़े शहरों में 15 जरूरी प्रॉपर्टी की पहचान की है, जिनसे करीब तीन हजार करोड़ की इनकम का अनुमान है, जिसमें से 50 फीसदी प्रॉपर्टी पावरकॉम की है। पटियाला की बडूंगर साइट का एजेंडा पिछली मीटिंग में टाल दिया गया था, लेकिन 28 जनवरी की मीटिंग में इसे हरी झंडी दे दी गई है।