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सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा सहकारी सप्ताह

रायपुर भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में सहकारी सप्ताह मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्रीकेदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे। सहकारिता मंत्रीकेदार कश्यप ने तैयारियों की समीक्षा की                 गौरतलब है कि सहकारी सप्ताह के सफल आयोजन के लिए सहकारिता मंत्रीकेदार कश्यप ने विगत 23 जून को विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की पैक्स समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों एवं संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्रीकश्यप ने सभी संबंधित संस्थाओं और समितियों को आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। 2573 पैक्स समितियों में होंगे विविध कार्यक्रम              सहकारी सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 2573 पैक्स समितियों सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से सहकारी ध्वजारोहण,सदस्यता अभियान,माइक्रो एटीएम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं रू-पे केसीसी कार्ड वितरण,सहकार दौड़,वृक्षारोपण अभियान,मृदा परीक्षण,कृषक संगोष्ठियां एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर परिचर्चा आदि कार्यक्रम शामिल हैं। 9 पैक्स गोदामों का होगा भूमिपूजन              सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई 2026 को भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 9 पैक्स में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेला              राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन 3 एवं 4 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, लाभांडी (रायपुर) में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्रीकेदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे। सहकारी संस्थाओं और राष्ट्रीय संगठनों की होगी भागीदारी कार्यक्रम में पैक्स, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों के साथ-साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको, राज्य सहकारी संघ तथा अन्य प्रमुख संस्थाएं अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगी। सहकारिता से समृद्धि के मॉडल होंगे प्रदर्शित               सहकार मेले में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही किसानों, महिला समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, बुनकरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सहकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजन की रूपरेखा पर हुई विस्तृत चर्चा            बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सहभागिता और विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सभी ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सहकारी सप्ताह को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।            सहकारी सप्ताह के आयोजन को लेकर सहकारिता मंत्रीकेदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्या० (अपेक्स बैंक) के प्राधिकृत अधिकारीकेदार नाथ गुप्ता, छ०ग०राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड के अध्यक्षशशिकांत द्विवेदी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्षप्रीतपाल बेलचंदन, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव अध्यक्षसचिन बघेल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक …

महिला आरक्षण लागू होने पर यूपी में सीटों का विस्तार, 120 सांसद और 603 विधायक चुनने की तैयारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में 2029 के आम चुनाव से मतदाता 80 के बदले 120 लोकसभा सीटों और 2032 के विधानसभा चुनाव से 403 की जगह पर 603 असेंबली सीटों के लिए सांसद और विधायक चुनते नजर आ सकते हैं, जिनमें 40 लोकसभा और 200 विधानसभा सीट पर हर एक कैंडिडेट महिला हो सकती है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन कानून में जरूरी बदलाव करके 2029 के चुनाव से विधायिका में महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कई राजनीतिक दलों के नेताओं से इसको लेकर चर्चा की और आगे सर्वदलीय बैठक बुलाकर सरकार के प्रस्ताव पर पक्ष-विपक्ष के दलों के सुझाव के साथ इस पर काम आगे बढ़ सकता है। सरकार मौजूदा सीटों को 50 फीसदी बढ़ाकर बढ़ी सीटों पर 33 फीसदी कोटा महिला का तय करने की योजना बना रही है। संविधान में 106वें संशोधन के जरिए महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) बनाया गया था। अमित शाह की बैठक में शामिल रहे नेताओं के हवाले से यह बात बाहर आई है कि केंद्र सरकार का प्रस्ताव है कि इस साल शुरू हुई जनगणना के नतीजों और उसके आधार पर परिसीमन का इंतजार किए बगैर महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए 2011 की जनगणना के आधार पर काम कर लिया जाए। इससे उन राज्यों की तकलीफ भी कम होगी, जिन्हें प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण करने के बाद सीटों के नए बंटवारे में नुकसान का डर था। सरकार की तरफ से यह भी प्रस्ताव है कि राय बने तो अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सीटों को उसी अनुपात में महिला आरक्षण के दायरे में लाया जा सकता है। योजना है कि लोकसभा की 543 सीटों को 816 कर दिया जाए और उसमें 273 महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी जाए। उत्तर प्रदेश में महिला आरक्षण के लिए 120 लोकसभा और 603 विधानसभा सीट! केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर आम सहमति बनी तो 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले सभी संसदीय और विधानसभा चुनावों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। यूपी में लोकसभा की 80 सीटों को बढ़ाकर 120 किया जा सकता है और उसमें 40 सीट महिलाओं के लिए रिजर्व किया जा सकता है। इसी तरह विधानसभा की सीट संख्या 403 को बढ़ाकर 603 किया जा सकता है और उसमें 200 से 201 असेंबली सीटों को महिला आरक्षित किया जा सकता है। सरकार अभी सहयोगी और विपक्षी दलों से रायशुमारी के चरण में है। सरकार की योजना यह है कि अगर सब राजी हो जाएं तो बजट सत्र में ही या कुछ समय बाद विशेष सत्र बुलाकर कानून में जरूरी संशोधन करके महिला आरक्षण को लागू करने की तरफ कदम बढ़ाया जाए।