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बिजली संकट के बीच पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, PSPCL चेयरमैन का ट्रांसफर

पटियाला. पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। पंजाब में लंबे समय से चल रहे बिजली कट के बीच राज्य सरकार ने PSPCL के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग का ट्रांसफर कर दिया है। डॉ. बसंत गर्ग को पद से हटा दिया गया है और प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकीरत कृपाल सिंह को नया हेड बनाया गया है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सभी चार्ज जो पहले गुरकीरत कृपाल सिंह के पास थे, अब डॉ. बसंत गर्ग को सौंप दिए गए हैं। हालांकि गुरकीरत कृपाल सिंह अलग-अलग डिपार्टमेंट के अच्छे मैनेजमेंट के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राज्य के थर्मल प्लांट में कोयले की भारी कमी को देखते हुए पावर डिपार्टमेंट को पटरी पर लाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि इस समय थर्मल पावर प्लांट कोयले की भारी कमी का सामना कर रहा है। अगर साल 2025 की बात करें, तो इस बार पिछले साल के मुकाबले बिजली की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 3,500 MW तक पहुंच गई है। इसलिए बिजली की डिमांड 16,000 MW तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ, कोयले की अनियमित सप्लाई के कारण राज्य में केवल 6,000 MW बिजली ही बन पा रही थी। इसलिए, PSPCL को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सेंट्रल पूल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके कारण पंजाब में लंबे समय तक बिजली कटौती होती रहती है।

बिजली व्यवस्था के साथ बदलेगी शहर की सूरत, कपूरथला में PSPCL ने शुरू किया सौंदर्यीकरण अभियान

कपूरथला. बिजली नेटवर्क को मजबूत करने, जन सुरक्षा में सुधार लाने और शहरी सौंदर्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) द्वारा जिले भर में बिजली बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन और सौंदर्यीकरण के विभिन्न प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। डीसी आकाश बंसल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सौंदर्यीकरण योजना और अर्बन लोकल बॉडीज (यूएलबी) प्रोग्राम के तहत किए जा रहे इन कार्यों में नीचे लटकती बिजली की तारों की ऊंचाई बढ़ाना, क्षतिग्रस्त खंभों और मीटरों को बदलना, नए ट्रांसफार्मर लगाना तथा बिजली वितरण प्रणाली को अपग्रेड करना शामिल है। डीसी ने बताया कि जिले भर में सौंदर्यीकरण योजना के अंतर्गत पुराने और असुरक्षित खंभों को बदलने, नए खंभे लगाने, पुराने मीटर बॉक्स बदलने, नई बिजली केबल बिछाने तथा यातायात में बाधा बनने वाले खंभों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से न केवल बिजली स्पलाई की विश्वसनीयता में सुधार होगा, बल्कि लटकती तारों और खराब खंभों को हटाकर शहर के सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार यूएलबी योजना के तहत बेगोवाल, भुलत्थ, नडाला, सुल्तानपुर लोधी और ढिलवां में भी बुनियादी ढांचे के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। जिले में कुल 52 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 47 ट्रांसफार्मर पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें भुलत्थ और बेगोवाल में 7, नडाला में 4, सुल्तानपुर लोधी में 5 तथा ढिलवां कस्बे में 4 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा 41 मौजूदा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है तथा कंडक्टरों सहित अन्य वितरण उपकरणों को भी उन्नत किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम ने कपूरथला शहर में रिहायशी मकानों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों को बदलने के लिए पीएसपीसीएल के पास आवश्यक धनराशि जमा करवा दी है और यह कार्य युद्धस्तर पर जारी है। डीसी ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वे प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 01822-233777 पर संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान डिप्टी चीफ इंजीनियर डॉ. सुरिंदर पाल सोंधी ने लोगों से अपील की कि वे खराब खंभों, लटकती बिजली की तारों तथा असुरक्षित मीटर बॉक्सों की जानकारी देने के लिए 9646116005, 9646116017, 9646116018 या 9646119674 पर संपर्क करें अथवा se-ds-kapurthala@pspcl.in और sedskapurthala@yahoo.in पर ई-मेल भेज सकते हैं।

PSPCL में बड़ा फर्जीवाड़ा: हजारों उपभोक्ताओं के ‘जीरो बिल’ पर उठा सवाल, जांच से खुलेंगे राज

लुधियाना पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन सैंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस द्वारा मीटरों की रीडिंग करने के दौरान सरकारी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने वाले 40 के करीब कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए मीटर रीडरों की आई.डी. को ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कई मीटर रीडर पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों को सियासी नेताओं की सिफारिशें लगाकर मामले को रफा-दफा करने के जुगाड़ करने में जुट गए हैं। चीफ इंजीनियर स.हांस द्वारा पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सभी डिवीजनों सुंदर नगर, सी.एम.सी. डिवीजन, सिटी सैंटर, फोकल प्वाइंट, अग्र नगर, स्टेट डिवीजन, मॉडल टाऊन, जनता नगर, सिटी वैस्ट, सहित खन्ना, दोराहा, सरहिंद, अमलोह, मंडी अहमदगढ़, ललतों, जगराओं, रायकोट, मुल्लांपुर दाखा आदि इलाकों के एक्सियन साहिबानों को मीटर रीडरों की सरकारी आई. डी. को बंद कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि पावरकॉम विभाग के सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई कर बिजली निगम को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। यहां बताना अनिवार्य होगा कि बिजली मीटर द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश सबसे पहले पंजाब केसरी द्वारा किया गया है। समाचार प्रकाशित होने के तुरंत बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए। जांच में सामने आया है कि बिजली मीटर रीडरों ने एक सोची समझी साजिश के तहत पावरकॉम विभाग की अत्यधिक ओ.आर.सी. स्कैनिंग ऐप तकनीक की बजाए मैन्युअल अथवा सॉफ़्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर उपभोक्ताओं को फर्जीवाड़े के तहत 0 राशि के बिल जारी किए गए हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने बताया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मीटर रीडरों द्वारा सरकारी खजाने को पहुंचाए गए नुकसान की पाई-पाई का हिसाब उनसे लिया जाएगा।