samacharsecretary.com

खैहरा ने मान-केजरीवाल को दी खुली चुनौती, कहा- हिम्मत है तो सच का सामना करें

पंजाब कांग्रेस नेती सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा लगातार पंजाब सरकार और सी.एम. भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं अब उन्होंने एक बार फिर सी.एम. भगवंत मान पर निशाना साधते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। इस दौरान उन्होंने सवाल खड़े हिए हैं। एक्स पर किए गए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ''मैं भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, पंजाब पुलिस और मुख्य सचिव पंजाब को चुनौती देता हूं कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे दिल्ली के अविनाश पुरी के मोहाली वॉक मॉल के सेक्टर 62 में बने गैर-कानूनी 10वें फ्लोर को गिराकर दिखाएं? क्या सैकड़ों करोड़ रुपये की अवैध इमारतों को गिराना ज्यादा जरूरी है या फिर विधायक खैहरा की निजी संपत्ति को तोड़ना ज्यादा महत्वपूर्ण था? हैरानी की बात यह है कि इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने वाली GMADA का दफ्तर इसी मॉल के सामने है, फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। लगता है कि ताकतवर लोगों के प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही।''

मनरेगा के खिलाफ प्रस्ताव से गरमाई पंजाब की राजनीति, मंत्री सौंद का अकाली दल पर तीखा वार

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन के दौरान मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि भाजपा बहुत खतरनाक और जनविरोधी कानून लाई है, लेकिन सच तो यह है कि मनरेगा को पूरी तरह खत्म करने का कानून लाया गया है, जिसके खिलाफ उन्होंने प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि इस तरह भाजपा ने गरीब दलित समाज की रोटी छीन ली है। भाजपा की केंद्र सरकार ने न सिर्फ मनरेगा नहीं, बल्कि दलित मजदूरों के मुंह से भी रोटी छीनी है। इस पॉलिसी ने देश के दलित मजदूरों के जीने का हक भी खत्म कर दिया है। मंत्री सौंद ने कहा कि मनरेगा गरीब परिवारों के एक वक्त की रोटी का आखिरी सहारा था। मनरेगा को खत्म करना स्कीम लागू करने का फैसला नहीं, बल्कि दलित विरोधी सोच का ऐलान है। भाजपा ने दलित मजदूरों से काम छीना है और बच्चों से पढ़ाई का रास्ता छीना है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नैतिक रूप से दलितों से वोट मांगने का अधिकार खो दिया है। भाजपा की केंद्र सरकार के फैसलों ने बार-बार साबित किया है कि भाजपा दलितों से नफरत करती है। मनरेगा पर हमला करना असल में दलितों के अस्तित्व और इज्जत पर हमला करने जैसा है। आज भाजपा की केंद्र सरकार ने दलित मजदूरों और गरीब परिवारों से वोट मांगने का अधिकार छीन लिया है। भाजपा को गरीबों की रोजी-रोटी की कोई परवाह नहीं है। अकाली दल (बादल) ने इस पूरे मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है क्योंकि वह भाजपा के साथ फिर से जुड़ना चाहता है, इसलिए यह सदन सिफारिश करता है कि राज्य सरकार भाजपा सरकार से मांग करे कि मनरेगा को खत्म करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए और गरीब दलित परिवारों को काम की गारंटी दी जाए। मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से गरीबों और दलितों के साथ खड़ी है। 

सियासी हलचल तेज, पंजाब के अनुभवी नेता कांग्रेस में शामिल होने वाले

चंडीगढ़ पंजाब की सियासत में बड़ी हलचल की खबर सामने आ रही है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता और उप-प्रधान अनिल जोशी कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके बाद से यह कयास तेज हो गए हैं कि वे जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। अनिल जोशी 2022 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। इससे पहले वे भारतीय जनता पार्टी में थे और भाजपा की टिकट पर अमृतसर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए। अकाली-भाजपा गठबंधन के दौरान उन्हें मंत्री पद भी मिला था। किसान आंदोलन के समय अनिल जोशी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और अकाली दल में शामिल हो गए थे। अब उनकी कांग्रेस में संभावित एंट्री को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है।