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प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कोटा में ओलावृष्टि और तेज बारिश से तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट

जयपुर राजस्थान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 7 जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है, जबकि इसका प्रभाव अप्रैल के पहले सप्ताह तक बना रहेगा। सोमवार को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कोटा सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। कोटा में 20.4 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि अलवर के कोटकासिम और टपूकड़ा में भी हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में स्थानों पर बारिश हुई पिछले 24 घंटे में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ और टोंक के साथ जयपुर और अजमेर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश हुई। वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 6 डिग्री तक नीचे आया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार अप्रैल की शुरुआत भी बारिश के साथ होने की संभावना है। हालांकि अगले दो-तीन दिनों में इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, जिसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटों में प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर 36.4 और बारां, करौली व प्रतापगढ़ में 35.9 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 24.7 डिग्री दर्ज हुआ। अजमेर में 34/24.3, अलवर में 35/20.4 और उदयपुर में 35/23.2 डिग्री रहा। पिलानी 33.3/21, सीकर 29.5/21 और झुंझुनूं 31.8/22.5 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर 35/25.7, बीकानेर 31.8/24 और चूरू 31.5/22.2 डिग्री रहा। गंगानगर में 34/20.6 और नागौर में 32.6/24.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। दौसा 35.3/22.4, पाली 34.6/25.2 और सिरोही में 30.4/19.4 डिग्री तापमान रहा।

मार्च के अंत में सक्रिय हुआ नया वेदर सिस्टम और राजस्थान के कई संभागों में 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

राजस्थान राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदला है। कई जिलों में बारिश, आंधी और तेज हवाएं चल रही हैं। इससे गर्मी से राहत मिली, लेकिन गेहूं-सरसों जैसी रबी फसलों पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। फरवरी और मार्च की शुरुआत में जहां तेज धूप और शुष्क हवाओं ने लोगों को परेशान कर रखा था, वहीं अब उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी है। इससे गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रबी फसलों पर बढ़ा खतरा 12 मार्च के बाद लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह बदलाव आमजन के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन खेतों में पककर तैयार खड़ी रबी फसलें जैसे गेहूं और सरसों अब जोखिम में हैं। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तापमान का हाल बीते 24 घंटों में हल्की बारिश का असर देखने को मिला। इस दौरान कोटा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरोही में न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे वहां अपेक्षाकृत ठंडक महसूस की गई। अन्य प्रमुख शहरों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जिसमें जयपुर, अजमेर, बीकानेर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहर शामिल हैं। अगले 48 घंटे अहम मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 28 से 30 मार्च के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार 28 मार्च को  जोधपुर, बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में दोपहर बाद आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 29 से 30 मार्च तक जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। राहत और चुनौती साथ-साथ मौसम में आई इस नरमी ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण बन गया है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख फसलों की स्थिति तय करेगा।