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एनएसई कार्यशाला : आईपीओ अवसरों का उद्घाटन (RAMP पहल के अंतर्गत)

भोपाल विश्व बैंक समर्थित रेज़िंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) पहल के अंतर्गत आज भोपाल में “आईपीओ अवसरों का उद्घाटन” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य नोडल अधिकारी (RAMP) श्री अनिल थागले के स्वागत व उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और उद्यमियों को पूंजी बाज़ार से जोड़ने में RAMP पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के एमएसएमई के लिए आईपीओ और पूंजी बाज़ार से जुड़ने के अवसरों पर विशेष मार्गदर्शन दिया। ईवाई एसपीआईयू टीम ने RAMP योजना की मुख्य विशेषताओं एवं उद्देश्यों की प्रस्तुति दी। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री कृष्णन अय्यर ने एमएसएमई एक्सचेंज लिस्टिंग की प्रक्रिया और लाभों पर जागरूकता सत्र लिया। मर्चेंट बैंकर ने एमएसएमई के लिए आईपीओ यात्रा की चरणबद्ध जानकारी दी। साथ ही, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विशेषज्ञों ने आईपीआर के पंजीकरण और सुरक्षा पर विस्तृत सत्र आयोजित किया तथा बताया कि यह व्यवसाय के मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धात्मकता में कैसे सहायक है। कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश की सूचीबद्ध एमएसएमई इकाइयों को चेक वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें उनकी पूंजी बाज़ार में सफल भागीदारी का उत्सव मनाया गया। अंत में संयुक्त संचालक श्री अम्ब्रीश अधिकारी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

रैम्प योजना अंतर्गत अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दी गई व्यावहारिक जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में रैम्प (RAMP) योजना के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के अधिकारियों के लिए ‘निर्यात प्रक्रियाएँ और प्रलेखन‘ विषय पर तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 19 से 21 जुलाई 2025 तक रायपुर स्थित उद्योग भवन में संपन्न हुआ, जिसे एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के सहयोग से आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को अपने जिलों में निर्यात को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में दक्ष और समर्थ बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है। प्रशिक्षण के पहले दिन अधिकारियों को रैम्प योजना की रूपरेखा से अवगत कराया गया। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के विशेषज्ञ डॉ. के. रंगराजन और सुसुमना दास ने अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, (आई.एन.सी.ओ) टर्म्स तथा भुगतान विधियों पर व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही बाजार पहचान एवं निर्यात योजना निर्माण पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। दूसरे दिन डॉ. गौतम दत्ता द्वारा राज्य के चयनित उत्पादों की निर्यात संभावनाओं, सूक्ष्म व लघु उद्यमों की मार्केटिंग रणनीतियों और वैश्विक व्यापार बाधाओं पर चर्चा की गई। इसके पश्चात निर्यात कार्य योजना में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की भूमिका और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। तीसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में (जीआई) उत्पादों के संवर्धन और ई-कॉमर्स निर्यात रणनीतियों पर विशेष सत्र आयोजित हुए। प्रशिक्षण के अंत में जिला निर्यात योजनाओं के निर्माण पर प्रतिभागियों को दिशा-निर्देश दिए गए। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र उप सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, सुरेना जमील (आईएएस) द्वारा प्रदान किए गए। इस दौरान उद्योग संचालनालय के संयुक्त निदेशक शिव राठौर उपस्थित रहे।