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अपराध पर रांची पुलिस की कड़ी कार्रवाई, एक दिन में 183 आरोपी पकड़े गए

रांची झारखंड की राजधानी रांची में बीते बुधवार देर रात पुलिस ने अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य अपराध नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति बनाए रखना था। यह अभियान अड्डेबाजी और सड़क पर शराब पीने वालों के खिलाफ चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के लगभग सभी थाना क्षेत्रों में देर रात तक व्यापक छापेमारी की गई। पुलिस ने अरगोड़ा, बरियातू, नामकुम, कांके, बिरला मैदान, विद्यानगर, नरकोपी, लालपुर, हरमू समेत 70 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान 75 से अधिक स्थानों पर छापेमारी करते हुए सड़क व सार्वजनिक स्थलों पर बेवजह जमावड़ा बनाकर अड्डेबाजी, हुड़दंग या शराब पीते 183 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह लोग सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर बैठकर नशा और अड्डेबाजी कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया, लेकिन कड़ी हिदायत भी दी गई। अधिक शराब पीने वाले युवकों की मेडिकल जांच कराई गई और उनसे बांड भरवाया गया। एसएसपी राकेश रंजन ने अभियान के बाद कहा कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और अगली बार अड्डेबाजी या सड़क पर शराब पीते पाये गए तो सीधे जेल भेजा जाएगा। राकेश रंजन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आसपास की संदिग्ध गतिविधियों, खासकर अड्डेबाजी या अवैध शराब सेवन की सूचना पुलिस को दे।  

राजधानी रांची में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, जानिए क्या है वजह

रांची झारखंड राज्य स्थापना का सिल्वर जुबली और झारखंड उच्च न्यायालय के स्थापना के 25 वर्षों के कार्यक्रम के मद्देनजर राजधानी रांची में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए रांची पुलिस का अवकाश रद्द कर दिया गया है। 11 से 16 नवम्बर तक सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का अवकाश रद्द रांची एसएसपी राकेश रंजन ने आदेश जारी किया है जिसमें बताया गया है कि 11 से 16 नवम्बर तक सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का अवकाश तत्काल प्रभाव से रद्द रहेगा। केवल विशेष परिस्थिति में ही छुट्टी दी जाएगी और पूर्व में स्वीकृत अवकाश के लिए भी अनुमति लेना आवश्यक होगा। आदेश के अनुसार, इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके। पुलिस प्रशासन ने जनता से की सहयोग अपील सभी थाना, ओपी, शाखा प्रभारी, परिचारी प्रवर एवं संबंधित डीएसपी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से तुरंत संपर्क स्थापित करें और उन्हें 10 नवम्बर तक अपने कर्तव्य स्थल पर लौटने का निर्देश दें। साथ ही इस संबंध में प्रतिवेदन भी मांगा गया है। यह फैसला झारखंड स्थापना दिवस और उच्च न्यायालय के सिल्वर जुबली समारोह को सफल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाने के लिए किया गया है। पुलिस प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा कारणों से ये आवश्यक कदम उठाए गए हैं।