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सावधान! रांची के 26 घाट घोषित किए गए Dangerous, नगर निगम ने दी चेतावनी

इस बार छठ पूजा की शुरुआत शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को होगी और समापन मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा। झारखंड में छठ पूजा की बड़ी ही धूम होती है। वहीं, छठ पूजा से पहले रांची के 26 घाट खतरनाक घोषित कर दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक रांची में इस बार मानसून के दौरान रिकॉर्ड तोड़ बारिश होने के कारण शहर के कई तालाबों में जलस्तर काफी बढ़ गया है। नगर निगम द्वारा कराए गए सर्वे में 74 घाटों में से 26 को हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है। कहा जा रहा है कि इन घाटों में सीढ़ियों से उतरते ही 7 से 8 फीट तक पानी है, जो व्रतधारियों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। नगर निगम ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर एनडीआरएफ जवानों की तैनाती की मांग की है। वहीं, नगर निगम ने अपील की है कि श्रद्धालु चिह्नित सुरक्षित घाटों पर ही पूजा करें और बच्चों या बुजुर्गों को पानी के गहरे हिस्से में न ले जाएं। बैरिकेडिंग पार करना सख्त वर्जित है। कांके डैम, हातमा तालाब, तिरिल बस्ती कोकर तालाब, जोड़ा तालाब बरियातू, भाभा नगर तालाब, कोकर टुनकी टोला तालाब, रिम्स, जेल तालाब, चडरी तालाब, करमटोली तालाब, हटनिया तालाब, नक्षत्र वन, बड़ा तालाब, अरगोड़ा तालाब, मधुकम तालाब, कटहल गोंदा तालाब, सरोवर नगर डैम साइड, भट्टा गढ़ा, हेहल तालाब, जगन्नाथपुर तालाब, धुर्वा डैम, धुर्वा छोटा डैम, बटन तालाब, स्वर्णरेखा घाघरा घाट, नामकुम तेतरी टोली, कैलाश नगर, नामकुम सिपाही पुल, जोजार नामकुम, हुंडरू तालाब।

रांची में छठ पर्व के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी, नागरिकों की सुविधा पर जोर

रांची छठ पर्व के मद्देनजर झारखंड की राजधानी रांची में 27 और 28 अक्टूबर को ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये गए हैं। रांची पुलिस ने बुधवार को आदेश जारी कर इस दौरान यातायात सुगमता और भीड़ नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण नियम घोषित किये हैं। यह नियम इमरजेंसी वाहनों को छोड़ कर सभी वाहनों पर लागू होंगे। सबसे महत्वपूर्ण प्रतिबंधों में मालवाहक वाहनों का प्रवेश शामिल है। 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक तथा 28 अक्टूबर की सुबह 2 बजे से दिन के 10 बजे तक सभी भारी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, ऐसे भारी वाहनों को रिंग रोड के माध्यम से ही अपने गंतव्य तक परिचालन करने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त, शहर में लागू सामान्य नो-एंट्री नियम पहले की तरह समान रूप से लागू रहेंगे। छोटे मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी विशेष रोक लगाई गई है। 27 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक पूरे शहर में छोटे मालवाहक वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक चांदनी चौक से कांके तथा राम मंदिर के बीच ऑटो और ई-रिक्शा चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए प्रमुख मार्गों पर भी रोक लगाई गई है। 27 अक्टूबर को फिरायालाल से चढ़री तालाब की ओर जाने वाली सड़क और जेल चौक से फिरायालाल की ओर जाने वाली सड़क पर वाहन यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। छठ पर्व के अवसर पर घाटों के पास कुछ स्थानों को पाकिर्ंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। रांची पुलिस ने कहा है कि आवश्यकतानुसार यातायात को नियंत्रित करने के लिए अन्य मार्गों को भी सीमित समय के लिए डायवर्ट या रोका जा सकता है। रांची पुलिस ने जनता से इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है जिससे पर्व की खुशियां सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से मनाई जा सकें।  

कारोबारी पर हमला, रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई—6 गिरफ्तार

रांची  झारखंड के रांची के पुंदाग इलाके में सीमेंट-छड़ कारोबारी राधेश्याम साहू पर हुए फायरिंग मामले में पुलिस ने संदेह के आधार पर 6 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से दो रांची के बिल्डर और जमीन कारोबारी बताए जा रहे हैं। पुलिस हिरासत में लिए लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों को पकड़ने के लिए आसपास के जिलों में तलाशी अभियान भी चला रही है। पीड़ित कारोबारी राधेश्याम साहू के बेटे सज्जन कुमार ने नगड़ी थाना में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनकी शिकायत में दो नामजद अभियुक्त पुरुषोत्तम कुमार और शशि शेखर हैं। सज्जन के अनुसार, उनके पिता का इन दोनों के साथ ढाई एकड़ जमीन को लेकर लंबा विवाद चल रहा था, जो अब न्यायालय में लंबित है। यह विवाद इस हिंसक घटना की वजह बताया जा रहा है। सज्जन कुमार ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले पटना निवासी शशि शेखर ने उनके पिता को धमकी दी थी कि यदि यह मामला जल्दी सुलझाया नहीं गया तो उनकी जान को खतरा रहेगा। फायरिंग के समय राधेश्याम साहू के स्टाफ सदस्य संजय सिन्हा, नागेन्द्र दुबे और सोमरा उरांव भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने घटना का तुरंत पुलिस को सूचना दी। रांची पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले के खुलासे के लिए कई टीमें बना कर हमलावरों की खोज में जुटी हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आसपास के जिलों में भी पुलिस दल भेजे गए हैं, ताकि अपराधियों को पकड़कर न्याय दिलाया जा सके।  

भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच को लेकर रांची में तैयारियां तेज, DC ने ली समीक्षा बैठक

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) स्टेडियम, धुर्वा, रांची में आगामी 30 नवंबर 2025 को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट मैच के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करना था। भजन्त्री ने बैठक में क्रिकेट मैच के दौरान अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। भजंत्री ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर क्रमवार चर्चा की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं ताकि दर्शकों और खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भजंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन जेएससीए को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच रांची में भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। भजन्त्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल खेल प्रेमियों के लिए यादगार हो, बल्कि रांची की छवि एक उत्कृष्ट मेजबान के रूप में और मजबूत हो।' जेएससीए के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की समन्वित तैयारियां आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करेंगी। सचिव सौरभ तिवारी ने भी इस अवसर पर स्टेडियम की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक रांची, पारस राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात रांची, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, उत्कर्ष कुमार, जेएससीए के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, सचिव सौरभ तिवारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।  

रांची में मानवता हुई शर्मसार, नाबालिग से गैंगरेप — पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा

रांची रांची के रातू इलाके में नौ लोगों ने 14 वर्षीय एक लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने  यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार रात को हुई और इसमें कथित संलिप्तता के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रवीण पुष्कर ने बताया, "पुलिस ने सोमवार को कई जगहों पर छापेमारी की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लड़की की चिकित्सकीय जांच भी कराई गई है।" पुष्कर ने बताया कि अन्य चार आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है। रातू थाने के प्रभारी रामनारायण सिंह ने कहा, "पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।"

सदर अस्पताल रांची में इतिहास: पहली बार बाएं तरफ की गॉल ब्लैडर स्टोन का सफल ऑपरेशन

रांची झारखंड के रांची के सदर अस्पताल में एक अनोखी और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में सफलता हासिल की गई है। पहली बार बाएं तरफ गॉल ब्लैडर स्टोन की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की गई, जो एक कंप्लीट सूट्स इनवर्सस केस था। इस दुर्लभ बीमारी में शरीर के अंग जैसे हृदय, पित्ताशय, आदि, अपने सामान्य स्थान की बजाय उल्टे हिस्से में होते हैं। यह स्थिति लगभग 10,000 से 20,000 मरीजों में एक बार ही देखने को मिलती है। इस सफल ऑपरेशन का नेतृत्व सदर अस्पताल के लेप्रोस्कोपिक सर्जरी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अजीत कुमार ने किया। ऑपरेशन के दौरान डॉ. अजीत और उनकी टीम ने बेहद सावधानी से काम किया क्योंकि इस तरह के मरीजों का ऑपरेशन करना बहुत मुश्किल होता है। सर्जन को उल्टी तरफ खड़े होकर ऑपरेशन करना पड़ता है, जो सामान्य शल्य चिकित्सा के विपरीत होता है। मरीज बी. बाड़ा, जो बेड़ो थाना के ईंटा चिंद्ररी की रहने वाली हैं और फिलहाल मोराबादी में रहती हैं, पिछले दो-तीन महीनों से पेट दर्द से परेशान थीं। जांच में पता चला कि उन्हें गंभीर बीमारी एक्यूट पेनक्रिएटाइटिस है और उनके पित्ताशय में कई पत्थर हैं जो सामान्य के विपरीत बाएं तरफ स्थित हैं। इको और सीटी स्कैन से यह भी पता चला कि उनका हृदय दाहिनी बजाय बाएँ तरफ है, यह पूरी स्थिति कंप्लीट सूट्स इनवर्सस दर्शाती है। मरीज के पति जोसेफ उरांव जो खेती-किसानी करते हैं, ने अस्पताल प्रशासन और डॉ. अजीत की टीम को धन्यवाद दिया। उनका इलाज आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह नि:शुल्क किया गया। इस ऑपरेशन में एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अजीत कुमार, एनेस्थेटिस्ट डॉ. वसुधा गुप्ता, डॉ. विकास बल्लभ, सिस्टर स्नेहलता, और ओटी स्टाफ सहित संदीप, संतोष, सृष्टि, सुरेश, अमन, विरंजन, कल्पना व नंदिनी की टीम शामिल थी।  

तीन दिन बाद बरामद: गोमिया की मुखिया सपना कुमारी रांची में मिलीं

रांची झारखंड के बोकारो जिले में पिछले 3 दिनों से लापता गोमिया प्रखंड के गुरुडीह पंचायत की मुखिया सपना कुमारी को रांची पुलिस की सहायता से बोकारो पुलिस ने रांची से सुरक्षित बरामद कर लिया है। सपना कुमारी के अचानक गायब होने से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरे पंचायत क्षेत्र में बेचैनी और चिंता का माहौल था। ज्ञातव्य है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मुखिया सपना कुमारी अपने घर लौटी थीं। हालांकि, कुछ देर बाद ही वह घर से दोबारा बाहर निकल गईं और फिर वापस नहीं आईं। देर रात तक जब उनका कोई पता नहीं चला, तो परिजनों ने गोमिया थाना पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। मुखिया की अंतिम बार देखी गई जगहों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सुराग जुटाए गए। जांच में पता चला कि सपना कुमारी संभवत: रांची में हैं। इसके बाद बोकारो पुलिस ने रांची पुलिस से सहयोग मांगा और संयुक्त अभियान चलाकर रांची से उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मुखिया सपना कुमारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिजनों के पास भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू पर गहराई से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनकी लापता होने के पीछे क्या कारण थे। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए राहत की सांस ली है। कई लोगों ने इसे एक सुखद अंत बताया और मुखिया की सुरक्षित वापसी पर खुशी प्रकट की। फिलहाल पुलिस सपना कुमारी से बयान लेकर आगे की जांच की प्रक्रिया पूरी कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।  

तीन साल बाद रांची में क्रिकेट का जलवा, भारत और साउथ अफ्रीका आमने-सामने

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम रांची में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशी का मौका है। अक्टूबर 2022 के बाद यह पहला मैच है जो रांची के मैदान पर खेला जा रहा है। उस समय भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया था। अब इसी इतिहास को दोहराने के लिए दोनों टीमें तैयार हैं। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जनवरी 2026 में भारत दौरे पर आने वाली न्यूजीलैंड टीम के लिए भी रांची को एक अंतरराष्ट्रीय मैच मिलने की संभावना है। ज्ञातव्य है कि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन मैदान में अब तक कुल 6 वनडे मैच हो चुके हैं, जिनमें भारत ने 3 मैच जीते, 2 मैच हारे और 1 मैच रद्द रहा। इसके अलावा यहां 3 टेस्ट मैच और 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी हो चुके हैं। महिला क्रिकेट में भी यह मैदान खास रहा है, जहां 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेलाए गए हैं। साउथ अफ्रीका के इस भारत दौरे में टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों के मैच होंगे। वनडे सीरीज में पहला मैच 30 नवंबर को रांची में होगा, दूसरा 3 दिसंबर को रायपुर में और तीसरा 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में।  

17 अक्टूबर: रांची में आदिवासियों का शोर, कहा – कुछ समाज खुद को आदिवासी दिखा रहे हैं

  रांची झारखंड में कुरमी समुदाय को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर गहराता विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इसके विरोध में राज्यभर के आदिवासी संगठनों ने 17 अक्तूबर को राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान में आदिवासी हुंकार महारैली आयोजित करने का एलान किया है। इस महारैली में लाखों की संख्या में आदिवासियों के जुटने की संभावना है। शनिवार को सिरम टोली सरना स्थल पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा और पूर्व मंत्री देवकुमार धान समेत कई आदिवासी नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन आदिवासियों के अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। गीताश्री उरांव ने कहा कि कुरमी समाज आदिवासियों के संवैधानिक हक, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण, जमीन और गौरवशाली इतिहास पर कब्जा करने की साजिश रच रहा है। कल तक हमें असभ्य और जाहिल कहने वाले आज खुद को आदिवासी साबित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेकिन सभी ऐतिहासिक प्रमाण, मानवशास्त्रीय अध्ययन, डीएनए शोध और लोकुर कमेटी की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि कुरमी जाति आदिवासी/अनुसूचित जनजाति नहीं है। नेताओं ने आरोप लगाया कि कुरमी समाज अपने आपको आदिवासी दिखाने के लिए ऐतिहासिक विद्रोहों में झूठे तरीके से अपने नेताओं को जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुआड़ विद्रोह में रघुनाथ महतो, कोल विद्रोह में बुली महतो और संथाल विद्रोह में चान्कू महतो जैसे नामों को जबरन आदिवासी इतिहास में घुसाया जा रहा है, जबकि यह ऐतिहासिक सच्चाई के साथ छल है। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि 17 अक्तूबर की रैली आदिवासी समाज की एकता और ताकत का प्रदर्शन होगी। उन्होंने मांग की कि एसटी आरक्षण की पात्रता की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित की जाए ताकि कोई भी समुदाय फर्जी इतिहास गढ़कर आदिवासी अधिकारों पर अतिक्रमण न कर सके। आदिवासी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि कुरमी को आदिवासी सूची में शामिल करने का हर प्रयास आदिवासी समाज को हाशिए पर डालने की साजिश है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 17 अक्टूबर को रांची में होने वाली यह हुंकार महारैली आदिवासी एकजुटता और अस्तित्व की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।

सफाई मित्र सम्मान समारोह के साथ खत्म हुआ रांची का स्वच्छता अभियान

रांची झारखंड में रांची नगर निगम ने 17 सितंबर से चलाए गए 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम का समापन बीते गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के शुभ अवसर पर 'सफाई मित्र सम्मान समारोह' के साथ किया। यह अभियान नगर निगम के संयुक्त प्रयास एवं जनता की भागीदारी से विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, जलाशयों, सड़कों, पार्क, नालियों आदि की सफाई में सफल रहा। कार्यक्रम रांची नगर निगम सभागार में आयोजित किया गया जिसमें सफाई मित्रों, सुपरवाइजरों तथा जोनल सुपरवाइजरों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सफाई मित्रों को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और पीपीई किट भी प्रदान की गई। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य उन लोगों की मेहनत और समर्पण को पहचानना था, जो लगातार स्वच्छता बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम का आज अंतिम दिवस है, परंतु यह सफाई का अंत नहीं है। हमें भविष्य में और बेहतर स्वच्छता बनाए रखने की प्रतिज्ञा करनी होगी ताकि रांची शहर और अधिक स्वच्छ और सुंदर बने। गौरव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी जीवनशैली में शामिल करें और शहर की सफाई में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि कूड़ा कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देकर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखना जरूरी है। ऐसा तभी संभव होगा जब हर नागरिक शहर को स्वच्छ बनाने में अपनी जिम्मेदारी समझे। इस कार्यक्रम में उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू, सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक, सैनिटरी सुपरवाइजर, जोनल सुपरवाइजर, वॉर्ड सुपरवाइजर एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे। पूरे स्वच्छता पखवाड़े के दौरान नगर निगम और जन-भागीदारी के माध्यम से शहर के सभी हिस्सों की सफाई की गई।