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चंडीगढ़ विवाद पर बड़ा खुलासा: रणदीप सुरजेवाला बोले– ₹1 लाख करोड़ मिले तो हरियाणा पीछे हटेगा

चंडीगढ़ हरियाणा-पंजाब के बीच चंडीगढ़ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया है।  उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड दे दे तो हरियाणा चंडीगढ़ पर दावा छोड़ने को तैयार है। सुरजेवाला ने यह बात सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही।   सुरजेवाला ने कहा कि चंडीगढ़ के मुद्दे पर हरियाणा की स्थिति पूरी तरह साफ है। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ का बंटवारा 60:40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच किया गया था। ऐसे में हरियाणा का चंडीगढ़ पर 40 प्रतिशत कानूनी और सांविधानिक अधिकार बनता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकार स्पष्ट रूप से मौजूद है, तो हरियाणा बिना किसी ठोस विकल्प के अपना हिस्सा क्यों छोड़े।  चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें तिवारी ने चंडीगढ़ को मूल रूप से पंजाब की राजधानी बताया था, सुरजेवाला ने कहा कि मनीष तिवारी अपने दृष्टिकोण से सही हो सकते हैं लेकिन हरियाणा का भी चंडीगढ़ में वैध हिस्सा है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर यह हिस्सा छोड़ने की बात होती है, तो हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।   नेशनल हेराल्ड मामले पर सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड आजादी की लड़ाई और स्वतंत्र पत्रकारिता का प्रतीक है जिसे मौजूदा सरकार बदले और नफरत की राजनीति के तहत खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय को राजनीतिक हथियार बनाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया गया। सुरजेवाला ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 2014 से 2021 तक न तो सीबीआई और न ही ईडी को कोई आपराधिक या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मिला। इसके बावजूद 2021 में जबरन केस दर्ज किया गया, जो कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं पर सीधा हमला करार दिया।

सुरजेवाला का बड़ा आरोप: परिवार की इजाजत के बिना पीजीआई ले जाया गया पूरण कुमार का शव

चंडीगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और IPS वाई पूरन कुमार के आकस्मिक निधन के बाद आज उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।  शुक्रवार रात करीब 10 बजे गृह सचिव सुमिता मिश्रा की IAS अमनीत पी कुमार से बैठक हुई, जिसमें वाई पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम करवाने पर चर्चा की गई। तो वहीं परिवार ने आरोप लगाया है कि शव को शिफ्ट बिना उनकी सहमति के किया गया. परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना उचित कार्रवाई के पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। परिवार के रुख के कारण अब तक अंतिम संस्कार स्थगित है और PGI में शव की सुरक्षा के लिए पुलिस मौजूद है।  कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शोक व्यक्त करने चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा, सांसद दीपेंद्र हुडडा, वरुण मुलाना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री गीता भुक्कल और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह वाई पूरन कुमार के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि तो आप सोच सकते हैं कि आम साधारण व्यक्ति को न्याय कैसे मिलेगा यह ऐसे व्यक्ति जो खुद आईजी पोस्टेड हैं। एडीजीपी रैंक में है आईआईएम अहमदाबाद से निकल कर आए हैं। इस से ज्यादा रैंक लेकर आईपीएस में आए पत्नी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी है । अगर उन्हें न्याय नहीं मिल सकता तो जातिगत भेदभाव के शिकार होकर व्यवस्थागत भेदभाव के शिकार होकर अगर एक वरिष्ठ एडीजीपी अधिकारी को आत्महत्या करनी पड़े तो देश के और खास तौर से हरियाणा प्रदेश के हालात क्या है।  आप अंदाजा लगा सकते हैं क्या कारण है कि एक एडीजीपी रैंक के अधिकारी को पुलिस स्टेशन में मंदिर में दर्शन करने की इजाजत नहीं । क्या कारण है कि एक एडीजीपी रैंक के दलित अधिकारी को पिता की मृत्यु पर घर जाने की इजाजत नहीं क्या कारण है ।