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टीम चयन पर मंथन जरूरी! रवि शास्त्री बोले—एक और स्पिनर के साथ उतरे भारत

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर आठ चरण के पहले मुकाबले में मिली हार भारत के लिये खतरे की घंटी रही है और अब उसे टीम संयोजन पर पुनर्विचार करना होगा। दक्षिण अफ्रीका से रविवार को 76 रन से मिली पराजय के बाद भारत को अब बृहस्पतिवार को जिम्बाब्वे से खेलना है। पिछले टी20 विश्व कप से चले आ रहे 12 मैचों में जीत के सिलसिले पर भी इससे रोक लग गई। शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू के ताजा अंक में कहा , ‘आपने लगातार 12 मैच जीते तो एक खराब दिन तो आना ही है। लेकिन मुझे खुशी है कि यह जल्दी आ गया। यह भारत के लिये जरूरी खतरे की घंटी रहा। इससे अब टीम को रणनीति और संयोजन पर फिर से विचार करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पिछले अनुभव से सबक ले लिया होगा कि चीजों को हलके में नहीं लेना है। एक और मैच हारने से काफी दबाव बन जायेगा।’ शास्त्री ने भारतीय टीम को अतिरिक्त स्पिनर लेकर उतरने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘अक्षर पटेल को वापिस लाना ही होगा। आपको उसके अनुभव की जरूरत है। मैं तो कहूंगा कि अक्षर और वॉशिंगटन सुंदर दोनों खेल सकते हैं क्योंकि किसी दिन कोई गेंदबाज तो खराब फॉर्म में होगा ही। जैसे रविवार को वरूण चक्रवर्ती थे।’ उन्होंने कहा, ‘अक्षर खेलता है तो आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करेगा। पांचवें नंबर पर हार्दिक पांड्या और छठे पर शिवम दुबे हैं। सुंदर सातवें नंबर पर है तो अक्षर पांचवें पर भी आ सकता है। अगर टी20 क्रिकेट में आठ बल्लेबाज भी नहीं चल पा रहे तो कुछ तो गलत है। ऐसे में एक अतिरिक्त गेंदबाज का विकल्प अहम है।’ शास्त्री ने कहा कि अगर 8 नंबर तक बल्लेबाजों के रहने के बाद भी अगर टी20 क्रिकेट में आप सही नहीं कर पा रहे हैं तब तो कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है। इससे आप खुद को एक अतिरिक्त बोलिंग ऑप्शन नहीं दे पा रहे जो कि मैं समझता हूं कि बहुत अहम है। इसका मतलब है कि रिंकू सिंह को बाहर होना पड़ेगा लेकिन अगर वह खेलते हैं तो उन्हें किसी स्पेशलिस्ट बैटर की जगह पर खिलाया जाना चाहिए। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने कहा, ‘कॉमेंट्री सुनते समय अक्षर को बाहर रखने का कारण यह लगा कि विरोधी टीम मे कई खब्बू बल्लेबाज हैं लेकिन दाहिने हाथ के बल्लेबाज भी तो हैं। अक्षर को ऐसे में कप्तान सही समय पर इस्तेमाल कर सकता था।’

शास्त्री की ऐतिहासिक प्लेइंग-5 में रोहित नहीं! पूर्व कोच की पसंद ने छेड़ी नई बहस

नई दिल्ली भारत ने क्रिकेट को कई लीजेंड खिलाड़ी दिए हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने दशकों के हिसाब से वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया है। ऐसे में जब किसी से भारत के टॉप-5 खिलाड़ियों का चयन करने को कह दिया जाए तो यह उनसे लिए लगभग नामुमकिन सा काम होगा। मगर इस नामुमकिन काम को रवि शास्त्री ने संभव करके दिखाया है। उन्होंने हाल ही में भारत के टॉप-5 ऑल टाइम खिलाड़ियों का चयन किया है। हालांकि इस दौरान उन्होंने कई खिलाड़ियों को इस लिस्ट में जगह ना देकर उनके फैंस को निराश किया है।   रवि शास्त्री ने स्टिक टू क्रिकेट पर माइकल वॉन के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “पक्का गावस्कर, हम शुरू करेंगे, 70s, कपिल, सचिन, विराट, पक्का। मैं उस दौर के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों को देख रहा हूं। मुश्किल है। बिशन बेदी भी होते, लेकिन, MS फिर से, MS आएंगे, और फिर बुमराह अभी भी यहां हैं। बुमराह जवान हैं। बुमराह के पास अभी भी क्रिकेट है। मैं उन लोगों की बात कर रहा हूं जिन्होंने लगभग अपना क्रिकेट खत्म कर लिया है। तो ये पांच होंगे।” शास्त्री ने अपने ऑल टाइम 5 भारतीय क्रिकेटर चुनते हुए कहा, “यह सनी, कपिल होंगे, तो मैं 70 के दशक में सनी, 80 के दशक में कपिल, 90 के दशक में सचिन फिर धोनी, विराट को चुन रहा हूं।” वहां मौजूद एलिस्टर कुक ने रवि शास्त्री से पूछा, ‘नंबर वन कौन है? गावस्कर, गॉडफादर?’ रवि शास्त्री ने जवाब में कहा, “मैं कहूंगा बैटिंग में। कपिल, वाह, शानदार क्रिकेटर। और मैं पूरे पैकेज को देखूं तो नंबर वन तेंदुलकर होंगे। उम्मीदों की वजह से, लंबे समय तक खेलने की वजह से, 24 साल तक गेम खेलने की वजह से, 24 साल तक गेम में, और उन्होंने 100-100 रन बनाए, उन्होंने हर दशक के पेस अटैक का सामना किया है।” रवि शास्त्री के ऑल टाइम टॉप-5 भारतीय क्रिकेटर- – सचिन तेंदुलकर। – विराट कोहली। – एमएस धोनी। – सुनील गावस्कर। – कपिल देव। रवि शास्त्री ने इस लिस्ट में कई दिग्गज खिलाड़ियों को जगह ना देकर उनके फैंस से पंगा लिया है। शास्त्री ने रोहित शर्मा को भी इस लिस्ट में शामिल नहीं किया है, जिनकी कप्तानी में भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।  

इंग्लैंड के दिग्गज की बड़ी सलाह: एशेज में मात के बाद रवि शास्त्री को कोच बनाने की उठी मांग

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया में एक और निराशाजनक एशेज दौरे के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम पर दबाव बढ़ता जा रहा है। उन पर लगातार सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ब्रेंडन मैकुलम की जगह रवि शास्त्री को मुख्य कोच बनाने का सुझाव दिया है। मोंटी पनेसर के अनुसार, रवि शास्त्री इंग्लैंड के मुख्य कोच के रूप में एक ऐसा विकल्प साबित हो सकते हैं जो ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराने की मानसिकता रखते हैं।   इंग्लैंड के 11 दिनों के भीतर एशेज हारने और दो टेस्ट शेष रहते हुए 0-3 से पिछड़ने के बाद पनेसर का मानना ​​है कि टॉप लीडरशिप में बदलाव जरूरी है। वे मानते हैं कि रवि शास्त्री इंग्लैंड के मुख्य कोच के लिए पूरी तरह से फिट हैं। पत्रकार रवि बिष्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में पनेसर ने कहा कि इंग्लैंड को ऐसे कोच की जरूरत है जो ऑस्ट्रेलिया को उनकी ही परिस्थितियों में रणनीतिक और मानसिक दोनों तरह से हराने का तरीका जानता हो। पनेसर ने कहा, “आपको सोचना होगा, ऑस्ट्रेलिया को हराने का सही तरीका कौन जानता है? ऑस्ट्रेलिया की मानसिक, शारीरिक और रणनीतिक कमजोरियों का फायदा कैसे उठाया जाए? मुझे लगता है कि रवि शास्त्री को इंग्लैंड का अगला मुख्य कोच बनना चाहिए। ” पनेसर का रवि शास्त्री को इंग्लैंड का मुख्य कोच बनाए जाने का सुझाव पूरी तरह से उनके रिकॉर्ड पर आधारित है। शास्त्री के मुख्य कोच रहते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी जीती। रवि शास्त्री के कार्यकाल में भारत ने पहली बार 2018-19 में इस सीरीज में अपना कब्जा जमाया। साल 2020-21 में भी रवि शास्त्री की कोचिंग में भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में जीत हासिल की। बता दें कि मैकुलम को मई 2022 में इंग्लैंड का मुख्य कोच तब बनाया गया था, जब इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया से 4-0 से एशेज सीरीज हार गया था। कोच बनने के बाद मैकुलम ने कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मिलकर टीम में शुरुआती बदलाव किए थे, जिसका पहले पॉजिटिव रिजल्ट आया था। इंग्लैंड ने मैकुलम की कोचिंग में अपने पहले 11 टेस्ट मैचों में से 10 जीते थे, लेकिन बाद में वह लय थम गई। इंग्लैंड ने अपने अगले 33 मैचों में से 16 में हार का सामना किया है।

रवि शास्त्री ने कहा- गिल की अगुवाई वाली टीम को पांच मैचों की सीरीज में वापसी के लिए तुरंत जवाबी हमला करना होगा

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के लिए मैसेज भेजा है। शास्त्री ने कहा कि शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम को पांच मैचों की सीरीज में वापसी के लिए तुरंत जवाबी हमला करना होगा। टीम इंडिया को पूरे मैच में दबदबा बनाए रखने के बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। रवि शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू से कहा, “भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह तुरंत जवाबी हमला करे। जब आप इस तरह का टेस्ट मैच हारते हैं, एक ऐसा मुकाबला जिसमें आप ज्यादातर समय हावी रहते हैं और फिर आखिरी दिन हार जाते हैं। इंग्लैंड को अपना संयम बनाए रखने के लिए पूरा क्रेडिट मिलता हैं। ऐसे में सीरीज में वापसी करने के लिए बहुत अधिक जज्बे की जरूरत होती है।” उन्होंने आगे कहा, “अभी भी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के दूसरे टेस्ट में खेलने पर सवाल बना हुआ है, क्योंकि उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा रहा है, जबकि टीम इस बात पर भी विचार कर रही है कि स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की मदद के लिए दूसरे स्पिनर को टीम में शामिल किया जाए, या नहीं।” शास्त्री ने कहा, “अब, बुमराह खेलेंगे या नहीं, यह तो कोई नहीं जानता। लेकिन उम्मीद करते हैं कि वह खेलेंगे, क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण टेस्ट मैच है। सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। बस आपको एक बार में एक मैच पर ध्यान देना है। यह पांच मैचों की सीरीज है। भारत वापसी की उम्मीद कर रहा होगा।” रवि शास्त्री का मानना है कि टेस्ट टीम के नए कप्तान शुभमन गिल ने सीरीज के पहले मैच में भारत की हार से बहुत कुछ सीखा होगा। शास्त्री को उम्मीद है कि युवा कप्तान सीरीज के बाकी मैचों में अधिक सक्रिय रहेंगे। रवि शास्त्री ने कहा, “लोग कहते हैं कि वह थोड़ा रिएक्टिव थे। ऐसा तब हो सकता है, जब आप अपना पहला टेस्ट मैच (बतौर कप्तान) खेल रहे हों। खासकर उस वक्त, जब बल्लेबाजी के लिए अच्छी परिस्थितियां हों। आउटफील्ड तेज हो, तो चीजें इस तरह से हो सकती हैं, लेकिन गिल ने इससे बहुत कुछ सीखा होगा। अब जब मौका आएगा तो वह थोड़ा और सक्रिय होना चाहेंगे, जिसका मतलब है कि गेंदबाजों और फील्डर्स को उन्हें सपोर्ट करना होगा। गिल को पता होना चाहिए कि उनकी भूमिका क्या है और उन्हें वहां जाकर उसे अंजाम देना चाहिए।”