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टी20 विश्व कप से ऑस्ट्रेलिया की विदाई पर रिकी पोंटिंग ने तोड़ी चुप्पी, कही ये अहम बात

नई दिल्ली पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने आईसीसी टी20 विश्व कप से ऑस्ट्रेलिया के बाहर होने के बाद कहा कि यह बहुत खराब अभियान रहा और मौजूदा टीम में वह चमक नहीं है जो वैश्विक टूर्नामेंट में पिछली टीमों में हुआ करती थी। आईसीसी 'रिव्यू' में पोंटिंग ने कहा कि कागज पर यह टीम उन पिछली ऑस्ट्रेलियाई टीम जैसी प्रभावशाली नहीं दिखती जिन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट में दबदबा बनाया था। पोंटिंग ने कहा, 'जब आप इस ऑस्ट्रेलियाई टीम को कागज पर देखते हैं, तो उसमें वह आभा नजर नहीं आती जो कई अन्य ऑस्ट्रेलियाई टीम में आईसीसी टूर्नामेंट और विश्व कप से पहले दिखाई देती थी।' उन्होंने कहा, 'इन टूर्नामेंटों में आगे बढ़ने और जीतने के लिए आपके सर्वश्रेष्ठ और सबसे अनुभवी खिलाड़ियों को बड़े मौकों पर प्रदर्शन करना होता है। ऑस्ट्रेलिया को वह प्रदर्शन नहीं मिला।' पूर्व कप्तान ने शीर्ष क्रम के निराशाजनक प्रदर्शन की ओर इशारा किया जिसमें तीसरे नंबर पर कैमरन ग्रीन और चौथे नंबर पर टिम डेविड शामिल थे। साथ ही श्रीलंका के खिलाफ मैच में टीम ने आखिरी ओवरों में 20 रन पर छह विकेट गंवा दिए। ऑस्ट्रेलिया सुपर आठ में जगह बनाने में विफल रहा क्योंकि उसे जिम्बाब्वे से 23 रन की उलटफेर भरी हार का सामना करना पड़ा। पोंटिंग का मानना है कि इसी हार ने उनका अभियान लगभग खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, 'यह सचमुच बहुत खराब अभियान रहा। जिस तरह वे जिम्बाब्वे से हारे, यह वही मैच होगा जिसे वे याद करेंगे और सोचेंगे कि इसी मैच से हमारा विश्व कप खत्म हो गया।' ऑस्ट्रेलिया का अभियान चोटों की चिंता से शुरू हुआ। जोश हेजलवुड और पैट कमिंस बाहर हो गए थे जबकि टिम डेविड शुरुआत में उपलब्ध नहीं थे। हालांकि पोंटिंग का मानना है कि जिम्बाब्वे से मिली हार ही सबसे ज्यादा खलेगी। पोंटिंग ने स्वीकार किया कि उन्हें उम्मीद थी कि श्रीलंका को उसके घरेलू मैदान पर हराना कठिन होगा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करने के उनके तरीके की सराहना की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा था कि श्रीलंका को घर में हराना मुश्किल होगा, और वही हुआ। वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहुत अच्छा खेले। उस स्कोर का पीछा करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने बेहतरीन तरीके से लक्ष्य हासिल किया।' पोंटिंग ने कहा कि पूर्व खिलाड़ी निराश जरूर हैं, लेकिन वे मौजूदा टीम की आलोचना नहीं करते। उन्होंने कहा, 'एक पूर्व खिलाड़ी के तौर पर हम उनके हारने पर मौजूदा खिलाड़ियों की आलोचना नहीं करते या उनके बारे में नकारात्मक बातें नहीं कहते। हम सिर्फ अपनी टीम को अच्छा करते देखना चाहते हैं। दुर्भाग्य से पिछले कुछ हफ्तों में ऐसा नहीं हुआ और यह बात उस टीम को स्वीकार करनी होगी।' पोंटिंग ने इस सुझाव को भी खारिज किया कि ऑस्ट्रेलिया टी20 विश्व कप को प्राथमिकता नहीं देता और कहा कि आईसीसी खिताब जीतना ही लक्ष्य होता है।  

गिल को प्लेइंग इलेवन से बाहर देख रिकी पोंटिंग हैरान, बोले– भारत की बेंच स्ट्रेंथ कमाल की

 नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लिए भारत की टीम में शुभमन गिल को जगह नहीं मिली, जो सितंबर 2025 में एशिया कप से पहले टी20 टीम के आधिकारिक तौर पर वाइस कैप्टन बनाए गए थे। खराब फॉर्म की वजह से सिलेक्टर्स ने उनको मेगा इवेंट से ड्रॉप कर दिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर रिकी पोंटिंग चयनकर्ताओं के इस फैसले से हैरान हैं। हालांकि, उन्होंने भारतीय क्रिकेट की भी तारीफ की। उनका कहना है कि जब आप शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को बाहर करते हैं तो पता चलता है कि आपके पास टैलेंट पूल है।   आईसीसी रिव्यू में रिकी पोंटिंग ने शुभमन गिल को ड्रॉप किए जाने को लेकर कहा, “मुझे यकीन नहीं हुआ। मेरा मतलब है, मुझे पता है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनका हालिया फॉर्म बहुत अच्छा नहीं रहा है। पिछली बार जब मैंने उन्हें सच में अच्छा खेलते देखा था, तो वह UK में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज थी, जहां उन्होंने इतनी अच्छी बैटिंग की जितनी मैंने कभी किसी को करते नहीं देखा। मुझे लगता है, पहली बात यह कि मैं हैरान हूं, लेकिन दूसरी बात यह कि, यह इंडियन क्रिकेट की डेप्थ को दिखाता है।” उन्होंने आगे कहा, "अगर आप सोच सकते हैं कि शुभमन गिल जैसे अच्छे खिलाड़ी को वर्ल्ड कप टीम में नहीं चुना गया, तो इससे पता चलता है कि उनके पास कितने अच्छे खिलाड़ी हैं।" चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का ऐलान करते हुए गिल को लेकर कहा था, “हम जानते हैं कि वह कितना अच्छा खिलाड़ी है, लेकिन शायद इस समय वह थोड़े रन नहीं बना पाया है। पिछले वर्ल्ड कप में भी बाहर रहना दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि हम अलग-अलग कॉम्बिनेशन के साथ गए थे, लेकिन यह किसी भी चीज से ज्यादा कॉम्बिनेशन की बात है…जब आप 15 खिलाड़ी चुनते हैं तो किसी को बाहर रहना ही पड़ता है और दुर्भाग्य से, इस समय गिल हैं। हम कॉम्बिनेशन देख रहे हैं। अगर कीपर टॉप पर बैटिंग करने वाला है, तो अभी जितेश है और उसने ज्यादा गलत नहीं किया है, लेकिन हमें कॉम्बिनेशन और टॉप पर कीपर को देखने की जरूरत है।”  

ऑल-टाइम ऑस्ट्रेलियन XI में नहीं चुने गए पोंटिंग; विशेषज्ञों ने इस खिलाड़ी को बताया सबसे कम आंका गया

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तान और कमाल के बल्लेबाज रिकी पोंटिंग जब हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की ऑल टाइम XI चुनने के लिए कहा गया तो उन्होंने 11 खिलाड़ियों की लिस्ट में अलावा अपने साथ खेले कई दिग्गज खिलाड़ियों के नाम लिए। इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लीजेंड डॉन ब्रैडमैन को भी शामिल किया, जिनका टेस्ट का औसत लाजवाब है। हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ऑलटाइम XI से खुदको बाहर रखा। रिकी पोंटिंग की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया ने एक समय पर दुनिया पर राज किया था, ऑस्ट्रेलिया उस दौरान 2003 और 2007 में वर्ल्ड चैंपियन भी बना था।   रिकी पोंटिंग ने कहा "मैं इसमें थोड़ा बायस्ड हो सकता हूं क्योंकि मैं कई चैंपियंस टीम का हिस्सा रहा हूं और कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेला हूं। मैं अपने दो ग्रेट मेट्स (साथी) जस्टिन लैंगर और मैथ्यू हेडन के साथ जाना चाहूंगा जो पारी का आगाज करेंगे। ग्रेट सर डॉन ब्रैडमैन को नंबर-3 पर रखूंगा, उनका टेस्ट में औसत 99 का है। डिमियन मार्टिन को मैं नंबर-4 पर रखूंगा, मुझे लगता है कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले सबसे अंडर रेटेड प्लेयर हैं। उन्हें मैं नंबर-4 पर रखूंगा। नंबर-5 पर मैं माइकल हसी को रखूंगा। नंबर-6 पर मैं अपने ग्रेटेस्ट टीम मेट जो हर फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं एंड्र्यू साइमंस को रखूंगा। एडम गिलक्रिस्ट नंबर-7 पर, शेन वॉर्नर नंबर-8 पर, ब्रेट ली नंबर-9 पर, जेसन गिलेस्पी नंबर-10 पर। और जब आप ऑस्ट्रेलिया के सबसे घटिया बल्लेबाज के बारे में मेरे से पूछेंगे जो मेरे साथ खेला हो, लेकिन वह गेंद से कमाल थे..ग्लेन मैक्ग्रा नंबर-11 पर।" जब रिकी पोंटिंग से 12वें खिलाड़ी के बारे में पूछा गया तो हर किसी को लगा कि वह यहां तो अपना नाम ले लेंगे, लेकिन यहां भी उन्होंने डैरेन लेहमन का नाम लिया। उन्होंने कहा, “12वें खिलाड़ी के रूप में मैं इस ग्रुप में डैरेन लेहमन को जोड़ना चाहूंगा, उनकी फील्डिंग के लिए नहीं बल्कि वह पानी अच्छा पिलाते हैं।”  

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग की पत्नी करती हैं शराब का बिज़नेस, जानिए ब्रांड का नाम

सिडनी  आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक दिग्गज क्रिकेटर की पत्नी का शराब का कारोबार है. लेकिन यह बिल्कुल सच है. दरअसल पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कप्तान रिकी पोंटिंग और उनकी पत्नी रियान कैंटर ने अपने प्रीमियम ब्रांड पोंटिंग वाइन्स के साथ वाइन उद्योग में एक शानदार शुरुआत की है. आइए जानते हैं कैसे हुई इस ब्रांड की शुरुआत.  पोंटिंग वाइन्स की शुरुआत  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रिकी पोंटिंग ने कई क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाई. पहले कमेंट्री, फिर कोचिंग और फिर वाइन मेकिंग. अपनी पत्नी रियाना के साथ मिलकर उन्होंने बेहतरीन वाइन बनाने का फैसला किया. दोनों ने साथ मिलकर पोंटिंग वाइन्स लॉन्च किया. वाइन निर्माता बेन रिग्स का सहयोग  अपने ब्रांड के लिए पोंटिंग ने बेन रिग्स के साथ कोलैबोरेशन किया. बेन रिग्स एक पुरस्कार विजेता ऑस्ट्रेलिया वाइन निर्माता हैं. इन्होंने साथ मिलकर कुछ ऐसी वाइन बनाई जो गुणवत्ता, स्वाद और विरासत का एक अनोखा मेल है. रिकी पोंटिंग ने 2023 में इस ब्रांड को भारत में लॉन्च किया था. हालांकि भारत में से पूरी तरह से पेश करने में टैक्स संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ा. इसी के साथ भारत में लॉन्च होने के बाद से पोंटिंग वाइन्स ने ऑस्ट्रेलिया में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीते हैं. आपको बता दें कि इस वाइन को ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियम वाइन क्षेत्र जैसे की साउथ ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड हिल्स, मैक्लारेन वेल और तस्मानिया में कोल रिवर वैली से अंगूरों का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. पोंटिंग वाइंस प्रीमियम रेड, व्हाइट और रोसे वाइन की रेंज में आती है. क्रिकेट के मैदान से वाइनयार्ड तक की सफलता  इस ब्रांड को वाइन प्रेमियों से अच्छी खासी समीक्षाएं मिली हैं. इसी के साथ रिकी पोंटिंग को इस व्यवसाय से अच्छा खासा मुनाफा हुआ है. यह सिर्फ एक छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक फलता फूलता व्यवसाय है.  रिकी पोंटिंग का क्रिकेट करियर  रिकी पोंटिंग 1999, 2003 और 2007 में ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे और बाद के दो में उन्होंने कप्तानी भी की. उन्होंने 77 टेस्ट मैचों में से 48 में जीत हासिल की है और ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने हुए हैं. रिकी पोंटिंग टेस्ट और वनडे दोनों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक है. इसी के साथ उनका नाम सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाले क्रिकेटर में आता है.